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कोरबा

सुशासन तिहार के दौरान फील्ड में रहकर किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें-कलेक्टर

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सभी किसानों के ऐग्रिस्टेक पोर्टल में पंजीयन, केसीसी बनाने, ईकेवाईसी, आधार सीडिंग के निर्देश

कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग की विस्तृत समीक्षा
कोरबा। आज कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। उन्होंने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों तथा संबंधित सभी मैदानी अमले को आगामी खरीफ मौसम एवं सुशासन तिहार के संदर्भ में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी सुशासन तिहार के दौरान अनिवार्य रूप से फील्ड में रहेंगे और किसानों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अनुपस्थिति की स्थिति में कड़ी कार्यवाही की जाएगी। खरीफ मौसम की तैयारियों को देखते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों की जानकारी और किसान आईडी निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि विकासखंडवार लक्ष्य के अनुरूप किसान आईडी बनाने का कार्य तेज किया जाए तथा पिछली समीक्षा बैठक के बाद हुई प्रगति का तुलनात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। लंबित मामलों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को ग्रामवार एवं सर्कलवार अद्यतन जानकारी तैयार रखने और समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। एग्रीस्टेक पोर्टल में आने वाली तकनीकी विसंगतियों का विस्तृत विवरण या स्क्रीनशॉट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पटवारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को गाँववार सूची तैयार करने और छूटे हुए किसानों से व्यक्तिगत संपर्क कर ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और लैंड सीडिंग का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी किस्त डीबीटी के माध्यम से केवल उन्हीं कृषकों को मिलेगी जिनका किसान आईडी, लैंड सीडिंग, आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी पूर्ण है, अतः इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
खरीफ 2026 हेतु बीज एवं उर्वरक प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की उपलब्धता, भंडारण, अंकुरण परीक्षण, समिति स्तर पर वितरण और बीज निगम की स्थिति की जानकारी ली। उर्वरक प्रबंधन में यूरिया, डीएपी, एनपीके एवं पोटाश के भंडारण, रैक प्वाइंट से परिवहन व्यवस्था, वितरण गति तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि वर्षा में देरी की स्थिति में वैकल्पिक बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दैचा-सनई के बीज वितरण, हरी खाद प्रोत्साहन, ब्लू-ग्रीन एल्गी उत्पादन तथा उद्यानिकी एवं केव्हीके में उत्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
किसानों के लिए ऋण सुविधा एवं केसीसी सैचुरेशन पर जोर देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नए पात्र किसानों को वस्तु ऋण और केसीसी से जोड़ा जाए। उन्होंने कोऑपरेटिव बैंक, सीसीबी नोडल अधिकारी और ग्रामीण बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सभी किसानों के केसीसी आवेदन प्राप्त कर समितियों में भेजने की प्रक्रिया को तेज करने पर बल दिया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद और बीज के भंडारण का भौतिक सत्यापन करें, पाॅस मशीन के माध्यम से ही संपूर्ण वितरण सुनिश्चित करें, तथा उर्वरक की कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए उड़नदस्ता दल को सक्रिय रखें।
जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने हेतु धान-प्रधान क्षेत्रों में दलहन व तिलहन के क्लस्टर विकसित करने, एमएनईओ एण्ड ओएस, एनएफएसएम और पीएम एण्ड आरकेव्हीवाई योजनाओं के अंतर्गत विविधीकरण लक्ष्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर संतुलित एवं वैकल्पिक उर्वरकों-जैसे एनपीके, एसएसपी, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, जैव उर्वरक तथा हरित खाद को बढ़ावा देने के निर्देष दिए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आगामी खरीफ 2026 में ग्रामवार किसानों का चयन कर हरी खाद वाली फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएं और खरीफ 2027 के लिए जिले में 100 प्रतिशत बीज उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने 10 वर्ष के भीतर विकसित उन्नत किस्मों को बीज उत्पादन एवं वितरण में शामिल करने और वन डिस्ट्रिक्ट वन एरोमेटिक राइस वेरायटी के आधार पर निर्यात-योग्य सुगंधित धान का रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए।
पीएम आशा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को जोड़कर उपार्जन सुनिश्चित करने तथा अगले वर्ष हेतु किसानों को अभी से प्रेरित करने के भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कतार बोनी, रोपाई, डायरेक्ट सीडेड राइस, यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक सहित उन्नत कृषि पद्धतियों को गांव-स्तर पर बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया तथा खाद के भंडारण एवं वितरण पर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

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कोरबा

डोंगानाला के स्वसहायता समूह को मिला 21 लाख रुपए का लाभांश

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प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह के निर्देश पर वन विभाग ने किया भुगतान

2.55 करोड़ रुपए के वन औषधि उत्पादों की बिक्री से समूह को हुआ लाभ

कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत डोंगानाला स्थित वन धन विकास औषधि प्रसंस्करण केंद्र से जुड़ी महिला स्वसहायता समूह हरि बोल को वन औषधि उत्पादों के विक्रय से 20 लाख 75 हजार रुपए का लाभांश प्राप्त हुआ है। राशि मिलने से समूह की महिलाओं में खुशी की लहर है और उनके चेहरे उत्साह से खिल उठे हैं।

समूह की सदस्यों ने इस उपलब्धि के लिए प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिनके निर्देश पर वन विभाग द्वारा लाभांश राशि का भुगतान सुनिश्चित किया गया।

उल्लेखनीय है कि वन धन केंद्र के माध्यम से तैयार हर्बल एवं वन औषधि उत्पादों का विक्रय नियमित रूप से किया जा रहा है। मार्ट के अलावा आयुष को भी बड़े पैमाने पर उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र द्वारा आयुष को कुल 2 करोड़ 55 लाख रुपए के हर्बल उत्पादों का विक्रय किया गया, जिसमें हिंग्वाष्टक चूर्ण, शतावरी चूर्ण, अविपत्तिकर चूर्ण, शितोप्लादी चूर्ण एवं अर्जुनत्वक चूर्ण जैसे उत्पाद शामिल हैं।

प्रमुख सचिव श्रीमती सिंह ने 16 अप्रैल 2026 को कोरबा जिले के प्रवास के दौरान वन विभाग को निर्देश दिए थे कि विक्रय से प्राप्त राशि का लाभांश शीघ्रता से संबंधित स्वसहायता समूह को प्रदान किया जाए। उनके निर्देशों के परिपालन में यह राशि समूह के खातों में अंतरित की गई है।

लाभांश प्राप्त होने पर समूह की महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस आय से उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक सशक्त बनेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति भी आभार जताया है।

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दीपका खदान में प्रदूषण पर पर्यावरण संरक्षण मंडल की बड़ी कार्रवाई, औचक निरीक्षण कर SECL को दी कड़ी चेतावनी

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कोरबा/दीपका। दीपका क्षेत्र में कोयला उत्खनन और परिवहन से फैल रहे अत्यधिक प्रदूषण की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आज छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की क्षेत्रीय टीम ने दीपका खदान का औचक निरीक्षण किया, इस दौरान टीम ने भारी अनियमितताएं पाईं और SECL प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए ।

सड़कों पर धूल का गुबार और निष्क्रिय स्प्रिंकलर

लंबे समय से आम जनता और मीडिया के माध्यम से यह बात सामने आ रही थी कि SECL दीपका क्षेत्र में डस्ट कंट्रोल के प्रति लापरवाह बना हुआ है। मंडल ने 2 माह पूर्व भी नोटिस जारी किया था, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर आज 07 मई को टीम ने धरातल पर जांच की निरीक्षण के दौरान ।

थाना चौक से श्रमिक चौक तक की सड़क का जायजा लिया गया ।
खराब पड़े स्प्रिंकलर और अनुपयोगी व्हील वाशिंग सिस्टम को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गई ।
ठेकेदारी प्रथा के तहत किए जा रहे पानी छिड़काव की खानापूर्ति को बंद कर इसे प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए ।

रेलवे साइडिंग में मिलीं भारी अनियमितताएं

चैनपुर-गांधीनगर से सटी दीपका रेलवे साइडिंग में टीम ने पाया कि कोयले को गीला किए बिना ही सूखा लोड किया जा रहा था, इस लापरवाही के कारण पूरा क्षेत्र धूल के गुबार में समाया रहता है। पर्यावरण मंडल ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए एक माह के भीतर स्प्रेगन और स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया है।

कोहरे की तरह छाया रहता है कोल डस्ट – शेत मसीह

निरीक्षण के दौरान मौजूद पर्यावरण विभाग के सांसद प्रतिनिधि शेत मसीह ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि दीपका क्षेत्र में कोयला परिवहन के कारण कोल डस्ट की ऐसी चादर बिछी रहती है, मानो पूरा शहर कोहरे से ढका हो, यह आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित में प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण दल की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी, सांसद प्रतिनिधि शेत मसीह, SECL दीपका के पर्यावरण एवं सिविल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं हुआ तो आगामी दिनों में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ।

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कोरबा में रेलवे नियमों के उल्लंघन के 863 मामले:चेन पुलिंग, महिला और दिव्यांग कोच में यात्रा पर हुई कार्रवाई, वसूला जुर्माना

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कोरबा। कोरबा में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने यात्रियों द्वारा नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2025 और 2026 के दौरान रेलवे नियमों की अनदेखी करने वाले यात्रियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई, जिसमें चेन पुलिंग, महिला कोच और दिव्यांग कोच में गलत तरीके से सफर करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया गया।

रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों को बेवजह चेन पुलिंग न करने की चेतावनी देता रहा है। कोरबा रेलवे पुलिस ने चेन पुलिंग के मामलों में 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि जुर्माना नहीं भरने पर जेल भेजने का भी प्रावधान है।

चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश न करने की सलाह दी जा रही है

चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश न करने की सलाह दी जा रही है

चेन पुलिंग पर सख्ती, 33 मामलों में वसूला जुर्माना

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 और 2026 में चेन पुलिंग के कुल 33 मामलों में 33 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।

महिला और दिव्यांग कोच में सफर करने वालों पर कार्रवाई

आरपीएफ ने महिला कोच में अवैध रूप से सफर करने वाले पुरुष यात्रियों पर भी कार्रवाई की। इस दौरान कुल 3 लाख 36 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित कोच में यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों से 15,800 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

जागरूकता के बाद भी नहीं मान रहे यात्री

रेलवे द्वारा लगातार यह प्रचार किया जाता है कि-

  • बिना टिकट यात्रा न करें
  • बेवजह चेन पुलिंग न करें
  • पुरुष महिला कोच में सफर न करें
  • दिव्यांग कोच में अनधिकृत यात्रा न करें
  • स्टेशन और ट्रेन में गंदगी न फैलाएं

इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ रही है।

महिला कोच में अवैध रूप से सफर करने वाले पुरुष यात्रियों पर भी कार्रवाई की।

महिला कोच में अवैध रूप से सफर करने वाले पुरुष यात्रियों पर भी कार्रवाई की।

फाटक पार करने वालों पर भी नजर

आरपीएफ थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि बंद रेलवे फाटक के नीचे से निकलने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं और कुछ की जान भी जा चुकी है।

इसे रोकने के लिए रेलवे पुलिस जुर्माने के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चला रही है।

स्टेशन पर स्वच्छता और सुरक्षा पर फोकस

रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गंदगी फैलाने वाले यात्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अलावा, यात्रियों को समय पर स्टेशन पहुंचने और चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश न करने की सलाह दी जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

आरपीएफ का संदेश: नियमों का पालन करें

रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।

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