नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, CCTNS/IT पोर्टल्स के अनुपालन तथा NDPS व गो-तस्करी पर कड़े प्रहार के दिए निर्देश
बिलासपुर/कोरबा।दिनांक 01.09.2026 को राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरि. पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा बैठक में रजनेश सिंह उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर, शशि मोहन सिंह, उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़, भोजराम पटेल, वरि. पुलिस अधीक्षक मुंगेली, सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक, जिला कोरबा, मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही,प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, जिला सक्ती, विजय पाण्डेय पुलिस अधीक्षक, जिला जॉजगीर-चाम्पा, सुनील शर्मा पुलिस अधीक्षक, जिला सारंगढ़, श्रीमति सुरेखा चौबे अति० पुलिस अधी० पुमनि० कार्यालय बिलासपुर, श्रीमति मधुलिका सिंह, अति०पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, पंकज पटेल अति० पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, श्रीमति नुपुर उपाध्याय SDOP कोटा, विवेक शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक, रेंज पु.म.नि. कार्यालय बिलासपुर तथा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) व विशेष नोडल प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों की इस उच्चस्तरीय बैठक मे आईजी राम गोपाल गर्ग बिलासपुर रेंज द्वारा नए कानूनों के क्रियान्वयन, न्याय प्रणाली को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक व तकनीकी दिशा-निर्देश, न्याय संहिता डैशबोर्ड की प्रगति, CCTNS व IT पोर्टल्स के अनुपालन, गंभीर अपराधों के प्रभावी नियंत्रण तथा ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल साक्ष्य संकलन (ई-साक्ष्य) तथा अन्य दिशा निर्देशों की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु एवं जारी दिशा-निर्देश नये कानूनों का क्रियान्वयन एवं न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता : नए आपराधिक कानूनों (BNSS/BNS) के प्रभावी क्रियान्वयन, न्याय प्रणाली को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्वरित बनाने हेतु न्याय संहिता डैशबोर्ड की प्रगति, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-साक्ष्य (डिजिटल साक्ष्य संकलन) के उपयोग की विस्तृत समीक्षा की गई। BNSS समय-सीमा (60 व 90 दिवस) एवं चालानीकरण : थानों की पेंडेंसी को शून्य के स्तर पर लाने हेतु पुराने मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत 60 एवं 90 दिवस की वैधानिक समय-सीमा के भीतर चालान/खात्मा दाखिल करने का लक्ष्य तय कर सभी राजपत्रित अधिकारियों को साप्ताहिक मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया।
IT टूल्स एवं CCTNS/डिजिटल पोर्टल्स का शत-प्रतिशत उपयोग: MedLEaPR (डिजिटल एमएलआर/पीएमआर) : स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर हस्तलिखित पर्चियों के स्थान पर 100% ऑनलाइन/डिजिटल एमएलआर व पीएमआर रिपोर्ट का उपयोग अनिवार्य किया गया। e-Sign एवं GeM पोर्टल : विवेचकों के डिजिटल हस्ताक्षर आधार-आधारित कराने तथा शिकायतकर्ताओं के ई-साइन हेतु थानों में डिजिटल पेन/इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर अनिवार्य करने निर्देशित किए गए। e-Sakshya, e-Forensic एवं e-Malkhana : डिजिटल साक्ष्य संकलन को 100% ई-साक्ष्य पोर्टल से जोड़ने, जब्ती माल का प्रेषण केवल ई-फॉरेंसिक से करने तथा थाना/जिला स्तर पर ई-मालखाना प्रणाली को पारदर्शी व बारकोड युक्त बनाने के निर्देश दिए गए। CCTNS व VCNB अद्यतन : CCTNS में इंटीग्रेटेड इन्वेस्टिगेशन फॉर्म्स (IIF 1 से 11) एवं ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) की प्रविष्टियों को राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश दिए गए। एनडीपीएस (NDPS) मामलों में कड़ाई व वित्तीय विवेचना: ANTF की मौके पर मौजूदगी : प्रक्रियात्मक त्रुटियों को समाप्त करने हेतु मादक पदार्थ जब्ती की कार्रवाई के दौरान ANTF प्रभारी या प्रशिक्षित अधिकारी की मौके पर उपस्थिति में विधिसम्मत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। वाहनों की संयुक्त इन्वेंट्री व संपत्ति कूर्की : मादक पदार्थ परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री बनाने, PIT-NDPS व SAFEMA के तहत आदतन तस्करों की संपत्ति कूर्की हेतु ठोस प्रस्ताव भेजने के आदेश दिए गए। गो-तस्करी के संगठित गिरोहों पर नकेल : अंतरराज्यीय तस्कर गिरोहों के विरुद्ध ‘एंड-टू-एंड’ बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर वित्तीय विवेचना करने, आदतन तस्करों की गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने, संपत्ति अटैच करने तथा Collector Court से समन्वय स्थापित कर जब्त वाहनों का त्वरित राजसात व सार्वजनिक नीलामी कराने के निर्देश दिए गए। अंतर्राज्यीय सीमा से लगे मार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए।
आईजी रामगोपाल गर्ग का विशेष निर्देश: पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि रेंज में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, तकनीकी पोर्टल्स के शत-प्रतिशत उपयोग और अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाने हेतु नियमित मॉनिटरिंग और कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। CCTNS व IT पोर्टल्स के अनुपालन में शिथिलता, विवेचनात्मक त्रुटियों के कारण होने वाली दोषमुक्ति तथा चालान प्रस्तुति की वैधानिक समय-सीमा के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी है।
17 सितम्बर:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर विशेष लेख
देश में जितने भी महान व्यक्तित्व हुए हैं, उनका जन्म कहीं न कहीं से शुभ नक्षत्र और देवपुरूषों की जयंती से जुड़ा हुआ है। 17 सितम्बर को आदिशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती होती है। 17 सितम्बर को ही देश को सशक्त नेतृत्व देने वाले सक्षम प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर भाई मोदी का भी जन्मदिन है। पूरे भारतवर्ष में भाजपा 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक माह तक सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न रचनात्मक कार्यों को अंजाम देगा। प्रथम दिन 17 सितम्बर को संध्या गोधूली बेला में भाजपा कार्यकर्ता देश के कोने-कोने में आशीर्वाद का दीया जलाएंगे। यह शाम ऐतिहासिक होगी और दिवाली की तरह यह शाम भी जगमग होगी। 17 सितम्बर 1950 में गुजरात के वडनगर में दामोदर दास मोदी-हीरा बेन के घर में एक बालक का जन्म हुआ, जो आगे चलकर देश का प्रधानमंत्री बना। संघर्षों से रहा नाता नरेन्द्र दामोदर भाई मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में जनता ने यूं ही राजतिलक नहीं किया, बल्कि उनका बचपन से लेकर युवा कार्यकाल तक का काल संघर्षों से भरा रहा। रेलवे स्टेशन में चाय बेचने वाले परिवार से निकल कर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक और भाजपा संगठन में बतौर कार्यकर्ता के रूप में मोदी जी ने राजनीति के गुर सीखे और संघर्षों का रास्ता तय करते हुए माँ भारती की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया और आज एक साथ सबसे लम्बे समय तक प्रधानमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति बन गए। 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने गुजरात माडल देश को दिया, उनके कार्यकाल में गुजरात विकास के नए सोपानों को तय किया और मोदी जी ने गुजरात माडल ऑफ डेवलपमेंट को देश के सामने रखा। 2014 में पहली बार और फिर 2019 तथा 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनकर नया इतिहास रच दिया। अब तक के उनके कार्यकाल को सख्त फैसलों वाला कहा जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में धारा 370, अनुच्छेद 35ए को हटाना, नोट बंदी, पूरे देश में जीएसटी लागू, पाक के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करना प्रमुख फैसले थे। उनकी योजनाओं में स्वच्छ भारत मिशन ने देश की तस्वीर ही बदल दी। जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, डीजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्ट अफ इंडिया से सीधा लाभ जनता को मिला। आज मोदी वैश्विक नेता बन चुके हैं। यूं कहें तो संकल्प से शिखर तक रही उनकी यात्रा।
कोरबागेवरा/दीपका/। कोयला मजदूर सभा (HMS) के SECL गेवरा–दीपका एवं CEWS गेवरा क्षेत्रों में वर्ष 2026 के यूनियन सदस्यता सत्यापन के आंकड़ों ने संगठन के जनाधार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में HMS की सदस्यता में रिकॉर्ड तोड़ 1,107 सदस्यों की भारी गिरावट दर्ज की गई है ।
सदस्यता सत्यापन 2025 बनाम 2026
वर्ष 2025 में जहाँ HMS को 1,326 श्रमिकों का मजबूत समर्थन हासिल था, वहीं वर्ष 2026 में यह आंकड़ा सिमटकर मात्र 219 रह गया है ।
क्षेत्रवार तुलनात्मक आंकड़े
गेवरा प्रोजेक्ट 562 (2025) ➔ 146 (2026) (कमी 416) गेवरा क्षेत्रीय कार्यालय 147 (2025) ➔ 21 (2026) (कमी 126) CEWS–गेवरा 50 (2025) ➔ 03 (2026) (कमी 47) दीपका क्षेत्र 567 (2025) ➔ 49 (2026) (कमी 518) कुल योग 1,326 से घटकर 219 (कुल कमी 1,107)
बैठकों और अपीलों का नहीं दिखा कोई असर
सत्यापन के दौरान यूनियन संगठन के केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व पदाधिकारियों की उपस्थिति व कई दौर की बैठकों के बावजूद आंकड़ों में कोई सुधार नहीं हो सका ।
स्थानीय नेतृत्व और जनाधार पर उठे सवाल
दीपका क्षेत्र के क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा अपने समाज व सहकर्मियों से की गई अपीलों का भी कोई असर नहीं पड़ा, अपने ही गृह क्षेत्र दीपका में सदस्यता 567 से गिरकर 49 पर आ जाने को लेकर विज्ञप्ति में तीखा व्यंग्य करते हुए, इसे अपने ही घर में औंधे मुंह गिरने जैसा बताया गया है और उनके जनाधार पर सवाल खड़े किए गए हैं ।
रू.11.07 लाख का वित्तीय घाटा
प्रति सदस्य रू.1,000 सदस्यता शुल्क के आधार पर वर्ष 2025 में जहाँ संगठन को रू.13.26 लाख का राजस्व मिला था, वहीं 2026 में यह घटकर मात्र रू.2.19 लाख रह गया है। इसके चलते HMS को सीधे तौर पर रू.11.07 लाख का सीधा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है ।
कोरबा। कोरबा में मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने युवक को गिरफ्तार किया है। पत्थर लगने से इंजन में मौजूद लोको पायलट घायल हो गया था। आरोपी की पहचान दीपका के कृष्णानगर निवासी रोशन तिवारी (26) के रूप में हुई है। उसे बिलासपुर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
घटना 10 सितंबर की रात करीब 2 बजे की है। मालगाड़ी नंबर एन बॉक्स/15 जूनाडीह से दीपका एसईसीएल साइडिंग की ओर जा रही थी। दीपका बाजार फाटक के पास अचानक इंजन पर पत्थर फेंका गया। पत्थर लगने से लोको पायलट को चोट लगी।
रेलवे एक्ट की धारा 153 में दर्ज हुआ केस
घटना के बाद RPF पोस्ट कोरबा में रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान RPF ने दीपका पुलिस की मदद से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूली पत्थर फेंकने की बात
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रोशन तिवारी, पिता स्व. दुर्गा प्रसाद तिवारी, निवासी वार्ड नंबर 07, कृष्णानगर दीपका बताया। RPF के अनुसार, उसने पूछताछ में पत्थर फेंकने की बात कबूल की। आरोपी ने बताया कि घटना के समय वह शराब के नशे में था और इसी हालत में उसने मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंका।
15 सितंबर को कोर्ट में पेश किया, जेल भेजा गया
आरोपी को पहले से दर्ज मामले में गिरफ्तार कर 15 सितंबर 2026 को बिलासपुर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
RPF ने लोगों से की पत्थरबाजी नहीं करने की अपील
RPF ने लोगों से रेलवे ट्रैक और ट्रेनों के आसपास पत्थरबाजी जैसी हरकतें नहीं करने की अपील की है। इससे रेल कर्मचारी घायल हो सकते हैं और बड़ा रेल हादसा भी हो सकता है।