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कोरबा

30 एवं 31 को दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी रायगढ़ में: डॉ. गजेंद्र तिवारी आमंत्रित

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कोरबा/पाली। विश्व हिन्दी अधिष्ठान अंतर्गत केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली का पत्र, दिनांक 17.09.2026, सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ का पत्र, दिनांक 30.09.2026 के अनुसार 21वीं सदी का हिन्दी साहित्य:विविध परिदृश्य विषयक सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ परिसर में 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय आयोजन प्रात: 10.30 बजे से प्रारंभ होगा।
उक्त संगोष्ठी में वक्ता/सत्र समीक्षक के रूप में कोरबा के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल पाली के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी को आमंत्रित किया गया है।
इस आशय का पत्र अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक मीनकेतन प्रधान ने डॉ. गजेन्द्र तिवारी को पे्रषित किया है और फोन कर भी उन्हें आमंत्रित किया। डॉ. तिवारी इस दो दिवसीय संगोष्ठी में अपना वक्तव्य देंगे।

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कोरबा

प्रतिभा: शिवाली शर्मा ने की बॉटनी में पीएचडी, गुरू घासीदास विश्व विद्यालय से अवार्ड

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नीट, सेट को भी किया क्वालीफाई, 10वीं में 93.33 एवं 12वीं में 93.4 प्रतिशत के साथ परीक्षा पास
ग्रेजुएशन बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) में 81.93 एवं पीजी एमएससी बॉटनी में 88.08 के साथ किया अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
बिलासपुर। कड़ी मेहनत और लगन के साथ जो भी विद्यार्थी आगे बढ़ता है, उसे लक्ष्य जरूर हासिल होता है, भले ही थोड़ा समय लगे। ऐसे ही कड़ी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने वाली होनहार छात्रा शिवाली शर्मा ने कर दिखाया और प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली ने अपनी मेहनत एवं लगन के बल पर सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ के साथ-साथ सीजी सेेट और माइक्रोबॉयोलॉजी में पीएचडी कर जिले को गौरव प्रदान किया।

प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली शर्मा ने अपना लक्ष्य तय कर आगे बढ़ रही हैं। शासकीय सेवक आर के शर्मा एवं हाऊस वाईफ श्रीमती इंदिरा शर्मा की होनहार पुत्री शिवाली शर्मा ने 2013 में हाई स्कूल सर्टिफिकेट में 93.33 प्रतिशत, हायर सेकेण्डरी सर्टिफिकेट 2015 में 93.4 प्रतिशत अंक हासिल किया। 12वीं में बायोलॉजी विषय लेकर हायर सेकेण्डरी पास की। बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) 2018 में 81.93 अंक अर्जित किया, वहीं एमएससी बॉटनी 2020 में 88.08 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी सफलता का लोहा मनवाया, उन्होंने एमएससी गुरूघासीदास विश्वविद्यालय (सेन्ट्रल युनिवर्सिटी) बिलासपुर से पास किया।
2020 में सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ क्वालिफाईट किया। 2025 में सीजी एसईटी क्वालिफाईट किया वहीं उन्होंने पीएचडी-डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, रिसर्च फिल्ड-माईक्रोबॉयोलॉजी में किया।

Research Topic- Study of Qurum Sensing Regulated Siderophore Production From Soil Rhizosphere Bactria Isolated From Rice Filed of Chhattisgarh.
PHD Suparvisor- Dr. Vibhaynath Tripathi, Assistant Professor-Guru Ghasidas University Bilaspur

पूरा परिवार उच्च शिक्षित
शिवाली शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा नवजागृति उच्चतर माध्यमिक शाला तखतपुर से प्रारंभ की और प्रारंभ से ही लगन और कड़ी मेहनत तथा माता-पिता की प्रेरणा को उज्ज्वल भविष्य के लिए हथियार बनाया। आज वो पीएचडी की उपाधि से शिक्षा और उन्नत कृषि क्षेत्र में काम करने को अपने कैरियर का लक्ष्य बनाया है।
शिवाली शर्मा के पिता लोकनिर्माण विभाग में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं और एक कर्त्तव्यनिष्ठ लोक सेवक हैं। बड़े भाई डॉ. शशांक शर्मा भी फिजिक्स में पीएचडी हैं और उनकी भाभी अल्का शर्मा एमएससी (केमिस्ट्री) बीएएड हैं।
शिवाली शर्मा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति संजीदा हैं और माता-पिता पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते रहें।
बच्चों को आगे बढ़ने प्रोत्साहित करें अभिभावक-डॉ. गजेन्द्र तिवारी

प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं पाली स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी ने शिवाली शर्मा की सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों का बेहतर कैरियर सिर्फ शिक्षा के माध्यम से बन सकता है और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर अभिभावक को प्रेरित करना चाहिए। शिवाली शर्मा युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जिन्होंने लगातार कई उपलब्धियां हासिल कर यह बता दिया कि अभिभावकों की प्रेरणा, गुरूजनों का मार्गदर्शन एवं लक्ष्य हासिल करने की ललक और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है।
मेरे पापा मेरे प्रेरणाश्रोत-शिवाली

अपनी उपलब्धि पर शिवाली शर्मा ने कहा कि पापा हमेशा कहा करते हैं कि बेटियां ज्यादा प्रतिभावान होती हैं और तुम असंभव को भी संभव करने की ताकत रखती हो। अपना लक्ष्य तय करो और उसे जुनून बना लो, कड़ी मेहनत करो और अनुशासन के साथ सभी काम समय पर करो। पापा की हर बात को मैंने गांठ बांध ली और कड़ी मेहनत के साथ अपना लक्ष्य पाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और भाई के प्रोत्साहन के साथ एक-एक कदम आगे बढ़ती गई और सफलता मिलती गई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि प्रयास कभी न छोड़ें, मंजिल जरूर मिलेगी।
हर काम को संभव कर दिखाती है शिवाली- आर के शर्मा

शिवाली शर्मा की सफलता पर पिता भावुक हुए और कहा कि बेटियां घर की शान और मान दोनों होती हैं, वे असंभव को संभव करने की माद्दा रखती हैं। बेटियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, फिर वे अपने स्वर्णिम भविष्य का रास्ता खुद तय कर लेती हैं। शिवाली, हर काम को संभव कर दिखाती है और बचपन से ही पढ़ाई के प्रति ऐसी रूचि रखती थी, लक्ष्य लेकर आगे बढ़ती रही और अपना लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत के साथ यह सफलता अर्जित की और हमें शिवाली पर गर्व ही नहीं अभिमान भी है। उसकी सफलता से पूरा परिवार आल्हादित है।

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कोरबा

कौशिल्या देवी साय कोरबा पहुंची: छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने किया अभिनंदन

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कोरबा। आज 28 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी, आदिवासी कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाज सेविका श्रीमती कौशिल्या देवी साय कोरबा के अल्प प्रवास पर पहुंची। वे एक शो रूम के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुईं। कोरबा पहुंचने पर छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू के नेतृत्व में श्रीमती कौशिल्या देवी साय का अभिनंदन किया और बुके देकर उनका हृदय से स्वागत किया। इस अवसर पर संघ के जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू सहित जिला सचिव जयकुमार नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, मीडिया प्रभारी रामायण सिंह, अनिल गिरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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कोरबा

SECL दीपका प्रबंधन और भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बीच सार्थक वार्ता, मांगों पर त्वरित कार्रवाई का मिला ठोस आश्वासन

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जीपीएस बाध्यता समाप्त कर लंबित मुआवजा, Rs.5 लाख अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा

1986 से रोजगार से वंचित परिवारों की पुनः समीक्षा, स्वरोजगार के लिए Rs.20 लाख तक की निविदा सीमा और समान अवसर देने की मांग

आंदोलन नहीं, संवाद और समाधान प्राथमिकता—सपुरन कुलदीप (अध्यक्ष)

कोरबा/दीपका। एसईसीएल दीपका क्षेत्र के सभागार में महाप्रबंधक (CGM) शरद तिवारी खनन परीयोजना अधिकारी (GM) नागेन्द्र साहू भू-राजस्व अधिकारी सुशील साहू एवं लैंड एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप के नेतृत्व में भूविस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामों के प्रतिनिधियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णयकारी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मुआवजा पुनर्वास रोजगार आजीविका और विस्थापित गांवों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की गई ।

बैठक में समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी बसंत कुमार कंवर, विजय पाल सिंह तंवर, अनुसुईया राठौर, रविन्द्र जगत, दीपक कुमार यादव, ललित महिलांगे, ईश्वर आमरेक्सन, रामप्यारी चैनपुर, सरपंच विनोद टेकाम, राजेश जगत, ग्रामीणों में चंदलाल, जगदीश, परवेश, सुरेश, परदेशी, समय, हीरा सिंह, मंगली बाई, संजू, अमित कुमार, सनीज कुमार, मिलौतिन बाई, राय सिंह, दुर्गेश, सरिता धीवर, हरनारायण सहित ग्राम सुवाभोड़ी मलगांव झाबर सिरकी खुर्द बेलटिकरी एवं चैनपुर सहित अन्य अर्जित ग्रामों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।

बैठक में उठे मुख्य मुद्दे एवं माँगें

  1. सुवाभोड़ी के 64 परिवारों का लंबित मुआवजा:- सुवाभोड़ी के स्वीकृत 64 परिवारों के मकान व परिसंपत्तियों का भुगतान जीपीएस (GPS) की बाध्यता के कारण अटका हुआ है समिति ने इस बाध्यता को तत्काल समाप्त कर पात्र परिवारों को शीघ्र भुगतान की मांग की ।
  2. पुनर्वास राशि एवं अतिरिक्त प्रोत्साहन:-
  3. Rs.10 लाख की निर्धारित बसाहट राशि के अतिरिक्त देय Rs.5 लाख की प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान किया जाए ।
  4. मकान ध्वस्तीकरण के समय बालिग हो चुके युवक-युवतियों को नियमानुसार पृथक बसाहट का लाभ मिले ।
  5. पेड़-पौधे शौचालय बाउंड्रीवाल पटाव जैसी छूटी हुई परिसंपत्तियों का अविलंब मुआवजा दिया जाए ।
  6. मृत व्यक्तियों के नाम स्वीकृत राशि का भुगतान उनके वैध वारिसों को पारदर्शी तरीके से किया जाए ।
  7. 1986 के लंबित रोजगार मामलों की समीक्षा:- 1986 में अर्जित भूमि के बदले कई परिवार अलग-अलग खातों को जोड़ने के कारण रोजगार से वंचित रह गए समिति ने मांग की कि तत्कालीन प्रावधानों के तहत इन मामलों का पुनर्मूल्यांकन कर पात्र भूविस्थापितों को तत्काल रोजगार दिया जाए।
  8. स्थानिक व्यवसाय व निविदा सीमा में वृद्धि:- भूविस्थापितों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए निविदाओं (Tenders) की सीमा Rs.5 लाख से बढ़ाकर Rs.20 लाख की जाए तथा स्थानीय ठेकेदारों से विभागीय स्तर पर हो रहे भेदभाव को समाप्त कर समान अवसर दिए जाएं ।
  9. पुनर्वास ग्रामों में बुनियादी सुविधाएं व पर्यावरण सुरक्षा:- विस्थापित गांवों में पक्की सड़क स्वच्छ पेयजल सुदृढ़ नाली स्ट्रीट लाइट और स्वास्थ्य-शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएं साथ ही खनन से उत्पन्न पर्यावरणीय दुष्प्रभावों पर नियंत्रण के उपाय किए जाएं ।

प्रबंधन का सकारात्मक रुख और आश्वासन

एसईसीएल दीपका के महाप्रबंधक शरद तिवारी ने समिति द्वारा प्रस्तुत सभी मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया उन्होंने कहा भूविस्थापित परिवार अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किसी आंदोलन का इंतजार न करें वे सीधे मुझसे मिलकर अपनी बात रख सकते हैं प्रबंधन स्वयं पुनर्वास ग्रामों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेगा और निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करेगा ।

संवाद से समाधान का पक्षधर है संगठन—सपुरन कुलदीप

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समिति अकारण विरोध या आंदोलन के पक्ष में नहीं है बल्कि निरंतर संवाद और समयबद्ध समाधान चाहती है ।

उन्होंने आगे कहा देश की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक प्रगति के लिए भूविस्थापितों ने अपनी जमीन घर और आजीविका की बलि दी है ऐसे में उनकी जायज मांगों और बुनियादी अधिकारों की पूर्ति करना प्रबंधन का प्राथमिक नैतिक व कानूनी दायित्व है हमें उम्मीद है कि प्रबंधन केवल आश्वासनों तक सीमित न रहकर इन प्रस्तावों पर त्वरित और ठोस निर्णय लेगा।

यह बैठक पूर्व में समिति द्वारा आयोजित ग्रामीण बैठकों से प्राप्त समस्याओं के आधार पर एसईसीएल प्रबंधन द्वारा बुलाई गई थी जिसमें प्रभावित ग्रामीणों को अपनी बात रखने का पारदर्शी मंच मिला ।

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