शिलॉन्ग/मेघालय,एजेंसी। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस की आरोपी उसकी पत्नी सोनम और कथित प्रेमी राज कुशवाह के बीच पुलिस शिकंजे में आने के बाद दरार आना शुरू हो गई है। दोनों एक-दूसरे को राजा की हत्या का मास्टरमाइंड बता रहे हैं।
मेघालय के ईस्टर्न रेंज के DIG डेविस एनआर मारक ने कहा- दोनों में से कौन मास्टरमाइंड है? इसका खुलासा तब होगा, जब उनका आमना-सामना कराया जाएगा। अभी उनसे अलग-अलग पूछताछ कर रहे हैं।
11 जून को सोनम समेत पांचों आरोपियों को शिलॉन्ग में कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने सोनम समेत सभी आरोपियों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। पुलिस इनसे अलग-अलग कमरों में पूछताछ कर रही है। एक बार सभी के बयान दर्ज होंगे, तब इन्हें वेरिफाई करने के लिए आरोपियों का आमना-सामना कराया जाएगा।
हत्या में शामिल होने की बात सभी ने कबूल की
सोनमऔर राजा समेत पांचों आरोपियों से मेघालय पुलिस टुकड़ों-टुकड़ों में पूछताछ कर चुकी है। ईस्टर्न रेंज के DIG डेविस एनआर मारक ने बताया कि अब पांचों से ऑफिशियल पूछताछ होगी। इससे पहले जो पूछताछ हुई है, उसमें सभी ने हत्या में शामिल होने की बात कबूल की है।
जहां तक मास्टरमाइंड की बात है तो सोनम ने बताया कि राज के कहने पर उसने पति राजा का मर्डर किया, जबकि राज का कहना है कि सोनम ने ही हत्या की पूरी प्लानिंग की थी।
सोनम के पास 4 फोन थे… एक ही मिला, 3 गायब
शिलॉन्ग पुलिस के अधिकारियों ने ये कन्फर्म किया है कि सोनम के पास हनीमून के दौरान 4 मोबाइल फोन थे। इनमें से केवल एक मोबाइल ही बरामद हुआ है, बाकी तीन फोन सोनम ने ठिकाने लगा दिए हैं। DIG मारक कहते हैं कि CDR एनालिसिस में SIT को सोनम के पास अलग-अलग मोबाइल होने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
पूछताछ के दौरान सोनम से बाकी तीन फोन के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। फोन की जानकारी मिलने के बाद इनका डेटा रिकवर करने की कोशिश करेंगे। ये फोन इस पूरे हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने की अहम कड़ी हैं। साथ ही टेक्निकल सबूत भी हैं।
CCTV फुटेज में भी सोनम दो फोन का इस्तेमाल करती नजर आ रही है।
हत्या से पहले शिपारा होम स्टे में छोड़ा मंगलसूत्र
22 मई की रात को राजा रघुवंशी और सोनम शिलॉन्ग के जिस शिपारा होम स्टे में ठहरे थे, सुबह साढ़े पांच बजे चेकआउट के समय सोनम ने एक बैग उसी होम स्टे में ही छोड़ दिया था। पुलिस जब होम स्टे संचालक से पूछताछ करने पहुंची थी, तब संचालक ने इस बैग के बारे में बताया था। पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली तो इसमें सोनम का मंगलसूत्र और सोने की अंगूठी मिली।
उस वक्त पुलिस को अंदाजा था कि शादी की सबसे अहम निशानी को इस तरह छोड़ने के पीछे राजा को नापसंद करने की साइकोलॉजी हो सकती है। तब तक राजा की लाश पुलिस ने बरामद नहीं की थी। 2 जून को जब राजा की लाश बरामद हुई और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पक्का हुआ कि उसकी धारदार हथियार से हत्या की गई है, तो पुलिस की जांच का फोकस सोनम पर शिफ्ट हुआ।
सारे सबूतों को देखने के बाद पुलिस को समझ आया कि सोनम ने जानबूझकर मंगलसूत्र और अंगूठी छोड़ी थी, ताकि जब राजा की हत्या के बाद वह बदहवास हालत में घर पहुंचे तो सभी को बता सके कि लुटेरों ने राजा की हत्या की। उसका मंगलसूत्र और अंगूठी छीन ली। हालांकि, पुलिस सोनम से पूछताछ के बाद इस बात को और पुख्ता करेगी।
मेघालय का शिपारा होम स्टे, इसी जगह पर सोनम और राजा 22 मई की रात रुके थे।
जिस स्कूटी से साथ पहुंचे थे, उसी से 12 किमी दूर आई
राजा रघुवंशी ने जो स्कूटी किराए पर ली थी, उसमें GPS ट्रैकर भी लगा था। ट्रैकर से पुलिस को ये समझने में मदद मिली कि ये स्कूटी 22 और 23 मई को किन-किन स्थानों से होकर गुजरी थी। इस रूट पर विशाल और आकाश की स्कूटी भी ट्रैक हुई।
पुलिस को ये भी पता चला कि 23 मई को दोपहर करीब 2 बजे राजा की हत्या कर दी गई, तब भी ये स्कूटी शिलॉन्ग रूट पर सोहरा गांव के पास तक आई। इसे विशाल और आकाश ने सड़क किनारे छोड़ दिया। उस स्कूटी में चाबी भी लगी मिली थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों के साथ सोनम भी इसी स्कूटी से आई थी। पुलिस ने इसके सबूत भी जुटा लिए हैं।
यही वो स्कूटी है, जिसे राजा और सोनम ने किराए पर लिया था।
अब जानिए, 8 दिन की रिमांड में पुलिस क्या-क्या करेगी
सोनम, राज कुशवाह, विशाल चौहान, आकाश और आनंद से अलग-अलग पूछताछ की जाएगी। अब तक उन्होंने जो बातें पुलिस को बताई हैं, उन्हें क्रॉस चेक करते हुए स्टेटमेंट दर्ज होंगे।
अलग-अलग स्टेटमेंट के आधार पर पुलिस उन बिंदुओं की पहचान करेगी, जिनमें बयान मेल नहीं खा रहे हैं।
सोनम से बाकी 3 मोबाइल फोन जब्त करने की कोशिश होगी। ये पूरे केस की अहम कड़ी हैं।
सोनम और राज कुशवाह का आमना-सामना कराया जाएगा, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो कि किसका क्या रोल रहा है?
घटनास्थल पहुंचकर मर्डर का रीक्रिएशन भी कराया जाएगा, ताकि कोर्ट में ये बताया जा सके कि किस तरह से मर्डर किया गया था।
हत्यारों को कितना पैसा दिया, इसकी जांच बाकी
अब तक पूछताछ में पता चला है कि 20 मई को राज, आनंद, विशाल और आकाश शिलॉन्ग जाने के लिए इंदौर स्टेशन पहुंचे, तो राज ने खुद जाने से मना कर दिया था और ट्रेन में नहीं बैठा। राज ने जो सिम विशाल को दे दी, इसी से उसकी बातचीत सोनम से हुई थी। विशाल ने सोनम को ये भी बताया था कि राज उनके साथ नहीं आया। वह तो हम लोगों को भी आने से रोक रहा था।
इस पर सोनम नाराज हुई थी और उसने कहा था कि प्लान के मुताबिक ही पूरा काम होना चाहिए। राजा की हत्या के लिए सोनम ने 50 हजार रुपए की सुपारी दी थी। हालांकि, शिलॉन्ग पुलिस द्वारा इसकी तस्दीक करना बाकी है। पुलिस को सोनम के अलग-अलग बैंक अकाउंट की जानकारी भी मिली है। पुलिस इनकी डिटेल्स खंगाल रही है।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।
तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुरी ने कहा-
पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल
यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।
इसमें लिखा है-प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।
करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।
उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।
उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।
उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां
साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं
सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया। सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है। कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण
इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है। उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां
501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।
जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया। चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…। दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित
हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना। काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों। जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे। शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय
क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।
नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।