Connect with us

कोरबा

कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कटघोरा में उत्तर क्षेत्रीय अंतर महाविद्यालय में तीन दिवसीय खेलकूद का शुभारंभ

Published

on

कोरबा/कटघोरा। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कटघोरा जिला कोरबा में तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय अंतर महाविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन 14 नवंबर को 11 बजे मुख्य अतिथि मा तुलेश्वर सिंह मरकाम विधायक पाली तानाखार ने मशाल जलाकर शुभारंभ किया। कार्यक्रम के मुख्य अभ्यागत के रूप में तुलेश्वर सिंह मरकाम की अध्यक्षता, संजय शर्मा-अधिष्ठाता छात्र कल्याण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रेमचंद पटेल विधायक कटघोरा, बोधराम कंवर पूर्व विधायक कटघोरा, रतन मित्तल-अध्यक्ष नगर पालिका परिषद कटघोरा एवं कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. एस .एस. पोर्ते, अधिष्ठाता-डॉ . प्यारेलाल आदिले, जेबीडी कला महाविद्यालय उपस्थित रहे।
मंचस्थ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर फूलमाला अर्पित कर पूजार्चना की गई। तत्पश्चात कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉक्टर पोर्ते द्वारा सभी अतिथियों को फूल माला से स्वागत किया गया।
श्री मरकाम ने खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए कहा हम कटघोरा की धरती पर उपस्थित हुए हैं। अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए इतिहास बनाने के लिए इतिहास रचेंगे। खेलकूद के लिए यहां पहुंचे हैं । जिसमें मानसिक ,शारीरिक एवं बौद्धिक विकास भी होता है। खेलकूद को खेल विधि से खेला जाना चाहिए। इसमें हार जीत का महत्व नहीं होता । सभी खिलाडिय़ों का महत्व होता है।
डॉ . संजय शर्मा कृषि महाविद्यालय रायपुर ने कहा कि हमें बहुत खुशी है कि कृषि महाविद्यालय कटघोरा को अंतर क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता का मेजबानी का अवसर मिल रहा है।
विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि खुशी का विषय है कि कृषि महाविद्यालय को खेलकूद कि मेजबानी का मौका मिला है। खेलकूद में 10 महाविद्यालय के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। विद्यार्थी जीवन में खेलकूद का उतना पता नहीं चलता जितना कि आगे नौकरी में पता लगता है। राज्य या राष्ट्रीय स्तर का खेलकूद का प्रमाण पत्र मिलने से भविष्य में बहुत सहायता मिलती है।
रतन मित्तल ने कहा कि खेल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि विकास का मार्ग है। कोरबा जिला के एक मात्र कृषि महाविद्यालय है, जो कि अपनी अथक मेहनत के बल पर विकास के पथ पर है। पूर्व विधायक बोध राम कंवर ने भी कहा कि कोरबा जिला का मात्र एक ही कृषि महाविद्यालय है जो कि विकास की गति को रफ्तार दे रहा है। हमें बहुत खुशी है महाविद्यालय उन्नति के मार्ग पर चल रहा है । कृषि कॉलेज के डॉ. से पोर्ते ने कहा कि कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केंद्र कटघोरा में अनुसंधान एवं बीज का कार्य करता है। हमें बहुत खुशी है कि खेलकूद प्रतियोगिता में मेजबानी का अवसर मिला है। अंतर खेलकूद प्रतियोगिता में बिलासपुर संभाग के 10 कृषि महाविद्यालय के 400 प्रतिभागी जिसमें 10 खेल कूद शिक्षक उपस्थित हंै। जिसमें सहायक जिला खेल अधिकारी के आर टंडन , व्यायाम शिक्षक – देवेंद्र सिंह राजपूत, अनिल तिवारी,संदीप गौरहा, विशाल दुबे, प्रियंका चौहान ,पीयूष पाण्डेय, विवेकानंद कुशलता पूर्वक खेल का संचालन करवा रहे हैं। आयोजन सचिव डॉक्टर चंद्रेश कुमार ध्रुव ध्रुव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉक्टर आकांक्षा पांडे डॉक्टर भारद्वाज का अथक सहयोग रहा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

सेवा संकल्प अभियान के तहत दीपका एवं छुरी कला में विशेष शिविर कल

Published

on

कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आम नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 01 अक्टूबर से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहें।
इसी क्रम में 02 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका कार्यालय एवं नगर पंचायत छुरीकला अंतर्गत बस स्टैंड छुरी के समीप शिविर आयोजित किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठायें।

Continue Reading

कोरबा

कीचड़ भरे रास्ते से मिली राहत, डोंगानाला के बिरहोर परिवारों तक पहुँची पक्की सड़क

Published

on

पीएम जनमन के अंतर्गत लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से अटल चौक से जंगल पारा तक बना 2.38 किलोमीटर मार्ग
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। विकासखंड पाली के दूरस्थ ग्राम डोंगानाला के जंगल पारा में रहने वाले बिरहोर परिवारों के लिए बारिश का मौसम बड़ी परेशानी लेकर आता था। अटल चौक से बस्ती तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था और बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे। अब प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत बनी पक्की सड़क ने उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान कर दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अटल चौक से जंगल पारा तक लगभग 2.38 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मार्ग में सीसी सड़क के साथ डामर सड़क भी बनाई गई है। इससे बस्ती में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लगभग 40 परिवारों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।
बस्ती के सुनहर सिंह बिरहोर बताते हैं कि पक्की सड़क बनने से अब आने-जाने में आसानी होती है। गीता बाई के अनुसार उन्हें रास्ते में पहले जैसी परेशानी नहीं होती और बच्चे भी आसानी से स्कूल आ-जा सकते हैं। गाँव के किसान पुनो राम पटेल पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बारिश में रास्ते पर घुटनों तक कीचड़ हो जाता था। अब पक्की सड़क बनने से उस परेशानी से राहत मिली है।
जंगल पारा के परिवारों के लिए यह सड़क स्कूल और आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने का सुगम रास्ता बन गई है। बारिश के दिनों में जिस मार्ग से गुजरना कठिन था, उसी पर अब ग्रामीण अधिक आसानी से आ-जा रहे हैं।

Continue Reading

कोरबा

धान की एक फसल से आगे बढ़कर वर्ष में दो से तीन फसलें ले रहे गुरुचरण मरार

Published

on

उद्यानिकी विभाग की सहायता से अपनाई ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग और उन्नत खेती
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नगौई बछेरा निवासी किसान गुरुचरण मरार पहले परंपरागत तरीके से धान की खेती करते थे। वर्ष में एक ही फसल लेने के कारण खेती से होने वाली आय सीमित थी। सिंचाई का साधन नहीं था और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य मशीनें किराये पर लानी पड़ती थीं। ऐसे में छह सदस्यीय परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन होता था।
गांव के भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने श्री मरार को विभागीय योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी, नगौई में आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग तथा ग्राफ्टेड बैंगन रोपण के लिए कुल 46 हजार रुपये का विभागीय अनुदान मिला।
इन संसाधनों और विभागीय मार्गदर्शन की मदद से श्री मरार ने खेती के तरीके में बदलाव किया। अब वे वर्ष में दो से तीन फसलें लेते हैं और वर्तमान में भिंडी की खेती से भी आय अर्जित कर रहे हैं। विभाग को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी अनुमानित वार्षिक आय पहले लगभग 45 हजार रुपये थी, जो अब लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी है। वे गांव के अन्य किसानों को भी खेती से जुड़ी जानकारी देते हैं।
श्री मरार कहते हैं कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी मिलने पर उनका आधुनिक खेती के प्रति उत्साह बढ़ा। वे आगे भी विभागीय मार्गदर्शन लेकर खेती करना चाहते हैं और मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677