काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाके में पहली बार इंटरनेशनल मीडिया को जाने की इजाजत दी गई है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रॉयटर्स समेत कई विदेशी मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग का दौरा कराया।
यह इलाका 26 अगस्त को पानी, कीचड़ और मलबे की तेज लहर की चपेट में आया था। चीन और नेपाल को मिलाकर इस आपदा में 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि 5,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
तिब्बत-नेपाल हादसे से जुड़े फोटोज
तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और मलबे से हुई तबाही की जानकारी देते चीनी अधिकारी।
तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आपदा की जानकारी देते चीनी वैज्ञानिक सु पेंगचेंग, साथ में चीन-नेपाल सीमा का नक्शा।
तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर चीनी झंडे के पास मलबे में लोगों की तलाश करते बचावकर्मी।
तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मलबे की तलाश करते बचावकर्मी।
चीन-नेपाल सीमा पर बाढ़ में बह गई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर मलबा हटाते बचावकर्मी।
चीन ने पहली बार विदेशी मीडिया को दिखाई तबाही
दौरे के दौरान पत्रकारों ने प्रभावित इलाके में चल रहे बचाव अभियान को देखा। नारंगी रंग की वर्दी पहने बचावकर्मी खुदाई मशीनों, फावड़ों और जमीन के नीचे तलाश करने वाले रडार की मदद से लोगों और शवों को खोज रहे हैं।
आपदा से पहले यहां चीन की पांच मंजिला कस्टम्स बिल्डिंग थी, लेकिन अब उसका कोई निशान नहीं बचा है। करीब 20 मीटर ऊंचा बॉर्डर गेट भी मलबे में दब गया है। वहां सिर्फ पास के पानी के टावर का एक हिस्सा दिखाई दे रहा है।
जहां पहले बॉर्डर गेट था, वहां चीन का झंडा लगाया गया है। आसपास का पूरा इलाका भूरे-काले मलबे से ढका हुआ है। बचावकर्मी चेतावनी वाले बोर्ड के पीछे लगातार खुदाई कर रहे हैं।
तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनाए गए ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए थे।
नेपाल आर्मी बोली- सुरंगों में बड़ी सफलता मिलने तक रेस्क्यू जारी
नेपाल आर्मी ने कहा है कि बाढ़ से खराब हुई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में सर्च और रेस्क्यू का काम तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिलती।
मेजर जनरल सुभाष जंग थापा ने सोमवार को कहा कि सुरंगों के अंदर तेजी से तलाशी और बचाव का काम चल रहा है। सरकार के रोकने का फैसला लेने तक जवान अपना काम जारी रखेंगे।
नेपाल आर्मी के अनुमान के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में करीब 121 लोग फंसे हो सकते हैं।
भारत-नेपाल की टीमें चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने RSP चीफ से बातचीत की
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चीफ रवि लामिछाने को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन कर भोटेकोशी बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया।
रुबियो ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मुश्किल समय में नेपाली जनता और नेपाल सरकार के साथ खड़ा है।
लामिछाने ने रुबियो को बताया कि भोटेकोशी बाढ़ के बाद राहत, बचाव और लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल सरकार अपने सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।
चीन का दावा- नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से शुरू हुई तबाही
26 अगस्त को नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, मिट्टी और मलबे की तेज लहर चीन की सीमा तक पहुंची। इसने ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग को पूरी तरह तबाह कर दिया।
हादसे के वीडियो में पानी, मिट्टी और मलबे की काली लहर तेजी से बॉर्डर क्रॉसिंग की ओर बढ़ती दिखाई देती है। लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने का ज्यादा समय नहीं मिला।
चीन का कहना है कि हादसे की शुरुआत नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से हुई थी। इसके बाद चीन ने प्रभावित इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया।
शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट-टैटू का रिकॉर्ड
मलबे से मिले शवों की पहचान के लिए बचाव दल फिंगरप्रिंट और टैटू जैसे पहचान वाले निशानों का रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। मौके से अब तक 993 निजी सामान भी मिले हैं, जिनसे लापता लोगों की पहचान में मदद मिल सकती है।
हालांकि, लापता विदेशी नागरिकों के परिवार और उनके देशों के राजनयिक चीन से ज्यादा जानकारी साझा करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने नागरिकों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही।
रॉयटर्स से बातचीत में चार देशों के प्रतिनिधियों ने कहा कि चीन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि बरामद शवों की DNA जांच कैसे होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि बॉर्डर की CCTV और चेहरे पहचानने वाली फुटेज से शवों की पहचान की जाएगी या नहीं और क्या यह जानकारी परिवारों को दी जाएगी।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ को लेकर दी गई जानकारी पारदर्शी और समय पर है। मंत्रालय ने दूसरे देशों और एजेंसियों के साथ काम करने की तैयारी भी जताई है।
नेपाल-तिब्बत के बीच कारोबार और कैलाश यात्रा का अहम रास्ता
ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग चीन के तिब्बत और नेपाल के बीच कारोबार और आवाजाही का अहम रास्ता है।
2015 के भूकंप में पूर्व की तरफ मौजूद दूसरे रास्ते को नुकसान पहुंचने के बाद ग्यिरोंग नेपाल और तिब्बत के बीच कारोबार और लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता बन गया था।
इस रास्ते से चीन से नेपाल की ओर इलेक्ट्रिक वाहनों समेत कई तरह का सामान भेजा जाता था। नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी यह अहम रास्ता है।
चीन अब इस बॉर्डर क्रॉसिंग को दोबारा बनाने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इसे फिर से बनाया गया तो डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
तबाही से पहले ग्योरोंग पोर्ट दिखने में ऐसा था।
पहले भी ग्लेशियर की बाढ़ से बंद हुआ था बॉर्डर
ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग इससे पहले भी पिछले साल जुलाई से जनवरी तक बंद रहा था। उस समय ग्लेशियर से आई बाढ़ के कारण रास्ता बंद करना पड़ा था।
इस घटना के बाद ग्लेशियर और उनसे बनने वाली झीलों की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी।
चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक, तिब्बत और आसपास के इलाकों में 3,000 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें हैं। इनमें से 187 को ज्यादा जोखिम वाली झीलों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इनकी निगरानी जमीन पर और दूर से सेंसर की मदद से की जाती है।
चीन के आपातकालीन बचाव मुख्यालय के उप प्रमुख नोरबू त्सेरिंग ने कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए निगरानी और समय रहते चेतावनी देने की व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।
चीन में 43 की मौत, 519 लोग अब भी लापता
चीनी अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तक चीन की तरफ 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि 519 लोग लापता थे। इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में 49 भारतीय भी हैं।
लापता विदेशी नागरिकों में कई तीर्थयात्री हैं, जो नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश की यात्रा पर गए थे।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।
तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।
इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।
इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।
पुरी ने कहा-
पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?
नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम
निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।
हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल
यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।
इसमें लिखा है-प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।
करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।
उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।
उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।
उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।
कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां
साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं
सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया। सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है। कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण
इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है। उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां
501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।
जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया। चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…। दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित
हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना। काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों। जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल
जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे। शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय
क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।
नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।