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दिल्ली हाईकोर्ट बोला- हॉस्टल हादसे के लिए नगर निगम जिम्मेदार:सरकार भी जवाबदेही से नहीं बच सकती, बिल्डिंग मालिक हिरासत में, अब तक 7 की मौत

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली हॉस्टल मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं।

कोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की हालत बेहद दयनीय और खराब है। सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एनएचआरसी (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

वहीं, पुलिस ने हॉस्टल के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था।

हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 12 लोगों को बचाया गया है। इनमें 5 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेश पूरा हो चुका है।

हॉस्टल हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। हॉस्टल 5 मंजिला इमारत में था, जो करीब 40 साल पुरानी थी। दिल्ली नगर निगम (MCD) के रिकॉर्ड में इस इमारत को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।

हादसे से लेकर रेस्क्यू तक की तस्वीरें

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को दोपहर 1.30 बजे बिल्डिंग गिरी

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को दोपहर 1.30 बजे बिल्डिंग गिरी

हादसे के बाद चारों तरफ मलबा बिखर गया। एक आदमी धूल के बीच खड़ा दिख रहा है।

हादसे के बाद चारों तरफ मलबा बिखर गया। एक आदमी धूल के बीच खड़ा दिख रहा है।

रेस्क्यू टीम हादसे के बाद बिल्डिंग के मलबे को हटाने में जुटी है। अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

रेस्क्यू टीम हादसे के बाद बिल्डिंग के मलबे को हटाने में जुटी है। अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए दमकल, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए दमकल, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

राहुल बोले- कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है

राहुल गांधी ने सोमवार को X पर लिखा कि हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न – हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाजी होती है, कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।

उन्होंने कहा कि 12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की।

दिल्ली सरकार ने कार्रवाई का आदेश दिया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन घटना के बाद सख्त और व्यापक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

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देश

एमपी में जहरीली शराब से पिता-बेटा समेत 22 मौतें:112 की हालत बिगड़ी, सागर-भोपाल में भर्ती, शराब ठेकेदार समेत 30 पर केस, 10 गिरफ्तार

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सागर, एजेंसी। सागर में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। मरने वालों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। 112 लोग ऐसे हैं, जिनकी जहरीली शराब पीने से हालत बिगड़ी है। उन्हें सागर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मामले में शराब बेंचने वाले ठेकेदार समेत 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से 10 को अरेस्ट कर लिया गया है।

सोमवार सुबह महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी ने दम तोड़ा। इससे पहले एयरलिफ्ट कर भोपाल लाए गए राम प्रसाद लोधी की रविवार देर रात को मौत हुई थी। उनके पिता गोविंद लोधी ने भी रविवार को दम तोड़ दिया था। रामप्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी सागर में भर्ती है। वहीं, दोपहर में गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह (35), खटोरा निवासी गोपाल आदिवासी (40) और देश कुमार लोधी, निवासी मुड़ना पैरा की भी मौत हुई है।

नकली शराब पीने से बीमार करीब 112 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

नकली शराब पीने से बीमार करीब 112 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

परिजन बोले- शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत

जहरीली शराब से मरने वाले महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि चाचा ने कल शाम को शराब पी थी‌‌, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। वहीं, श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने कहा- हम मामा के घर गमी में गए थे। मां घर में अकेली थी।

उन्होंने गांव में किसी से मंगवाकर शराब पी ली। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सुबह उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।

एक शख्स ने पूछा था- जहरीली शराब तो नहीं है

बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था।

जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से नया सस्ता ब्रांड भेजा है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। अनूप ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीनी है। राजेंद्र ने पूछा कि नकली जहरीली शराब तो नहीं है।

दुकानदार जुझार ने कहा- 20 रुपए सस्ती मिलेगी

शराब दुकानदार जुझार लोधी ने कहा- ब्रांड वही है और इसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। उसने कहा कि यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपए में एक क्वार्टर देशी शराब खरीदी और पी।

रात में घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर किया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत हुई।

बंडा में नकली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।

बंडा में नकली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।

पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की FIR

पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।

ग्रामीण बोले- ततरवारा गांव से होती थी शराब की सप्लाई

नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई जा रही है। यहां से आसपास के गांवों में शराब की सप्लाई होती है।

ग्रामीणों के मुताबिक, शराब बनाने के काम में कई प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हैं। उनकी दहशत के कारण ग्रामीण खुलकर नाम लेने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस भी ततरवारा गांव में शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है।

बंडा के मॉर्चुरी कक्ष में शव ले जाने के लिए लगी वाहनों की कतार।

बंडा के मॉर्चुरी कक्ष में शव ले जाने के लिए लगी वाहनों की कतार।

10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रहे

सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में बंडा और विनायका थाने में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।

उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बंडा के ग्राम बमूरा भेड़ा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बंडा के ग्राम बमूरा भेड़ा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

जीतू पटवारी बमूरा भेड़ा गांव में मृतकों के परिजन से मिले।

जीतू पटवारी बमूरा भेड़ा गांव में मृतकों के परिजन से मिले।

जीतू पटवारी का दावा- 50 से ज्यादा लोगों की मौत

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- इस त्रासदी के कारण कई परिवारों में मातम छा गया है, जहां छोटे-छोटे बच्चों और बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। पटवारी ने दावा कि जहरीली शराब से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

पटवारी बोले- SP पर तत्काल FIR हो

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने SP अनुराग सुजानिया के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि मुरैना में हुई जहरीली शराब त्रासदी के दौरान भी वे SP थे। अब सागर में भी ऐसी घटना हुई है। पटवारी ने SP पर तत्काल FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की।

कमलनाथ बोले- दवा से लेकर शराब तक सब जहरीला बिक रहा

पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- जहरीली शराब से 22 मौतें गंभीर है। जिन शराब ब्रांड पर पहले सवाल उठे थे, सरकार की जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। छिंदवाड़ा में जहरीला कफ सिरप, इंदौर में जहरीला पानी और अब सागर में जहरीली शराब से मौतें बताती हैं कि प्रदेश में दवा से लेकर शराब तक सब कुछ जहरीला बिक रहा है। यह सब सरकार की मिलीभगत से हो रहा है।

गांव की गली-गली में बिखरी पड़ी शराब की बोतलें।

गांव की गली-गली में बिखरी पड़ी शराब की बोतलें।

शराब में मेथेनॉल की मिलावट पाई गई

बताया गया कि जहरीली शराब का स्रोत जांच का विषय है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई थी। इसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।

मेथेनॉल एक तरह का जहरीला अल्कोहल

मेथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर औद्योगिक कामों में किया जाता है, जैसे सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ केमिकल बनाने में। शराब में मेथेनॉल की मिलावट” का मतलब है कि शराब में ऐसा जहरीला केमिकल पाया गया, जिसे पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है और जान भी जा सकती है।

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देश

तबाही के 11 दिन बाद तिब्बत पहुंचा इंटरनेशनल मीडिया:चीनी विदेश मंत्रालय ने दौरा कराया, नेपाल बाढ़ हादसे में अभी भी 5000 लोग लापता

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काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाके में पहली बार इंटरनेशनल मीडिया को जाने की इजाजत दी गई है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रॉयटर्स समेत कई विदेशी मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग का दौरा कराया।

यह इलाका 26 अगस्त को पानी, कीचड़ और मलबे की तेज लहर की चपेट में आया था। चीन और नेपाल को मिलाकर इस आपदा में 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि 5,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।

तिब्बत-नेपाल हादसे से जुड़े फोटोज

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और मलबे से हुई तबाही की जानकारी देते चीनी अधिकारी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और मलबे से हुई तबाही की जानकारी देते चीनी अधिकारी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आपदा की जानकारी देते चीनी वैज्ञानिक सु पेंगचेंग, साथ में चीन-नेपाल सीमा का नक्शा।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आपदा की जानकारी देते चीनी वैज्ञानिक सु पेंगचेंग, साथ में चीन-नेपाल सीमा का नक्शा।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर चीनी झंडे के पास मलबे में लोगों की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर चीनी झंडे के पास मलबे में लोगों की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मलबे की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मलबे की तलाश करते बचावकर्मी।

चीन-नेपाल सीमा पर बाढ़ में बह गई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर मलबा हटाते बचावकर्मी।

चीन-नेपाल सीमा पर बाढ़ में बह गई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर मलबा हटाते बचावकर्मी।

चीन ने पहली बार विदेशी मीडिया को दिखाई तबाही

दौरे के दौरान पत्रकारों ने प्रभावित इलाके में चल रहे बचाव अभियान को देखा। नारंगी रंग की वर्दी पहने बचावकर्मी खुदाई मशीनों, फावड़ों और जमीन के नीचे तलाश करने वाले रडार की मदद से लोगों और शवों को खोज रहे हैं।

आपदा से पहले यहां चीन की पांच मंजिला कस्टम्स बिल्डिंग थी, लेकिन अब उसका कोई निशान नहीं बचा है। करीब 20 मीटर ऊंचा बॉर्डर गेट भी मलबे में दब गया है। वहां सिर्फ पास के पानी के टावर का एक हिस्सा दिखाई दे रहा है।

जहां पहले बॉर्डर गेट था, वहां चीन का झंडा लगाया गया है। आसपास का पूरा इलाका भूरे-काले मलबे से ढका हुआ है। बचावकर्मी चेतावनी वाले बोर्ड के पीछे लगातार खुदाई कर रहे हैं।

तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनाए गए ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए थे।

तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनाए गए ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए थे।

नेपाल आर्मी बोली- सुरंगों में बड़ी सफलता मिलने तक रेस्क्यू जारी

नेपाल आर्मी ने कहा है कि बाढ़ से खराब हुई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में सर्च और रेस्क्यू का काम तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिलती।

मेजर जनरल सुभाष जंग थापा ने सोमवार को कहा कि सुरंगों के अंदर तेजी से तलाशी और बचाव का काम चल रहा है। सरकार के रोकने का फैसला लेने तक जवान अपना काम जारी रखेंगे।

नेपाल आर्मी के अनुमान के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में करीब 121 लोग फंसे हो सकते हैं।

भारत-नेपाल की टीमें चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।

भारत-नेपाल की टीमें चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने RSP चीफ से बातचीत की

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चीफ रवि लामिछाने को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन कर भोटेकोशी बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया।

रुबियो ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मुश्किल समय में नेपाली जनता और नेपाल सरकार के साथ खड़ा है।

लामिछाने ने रुबियो को बताया कि भोटेकोशी बाढ़ के बाद राहत, बचाव और लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल सरकार अपने सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।

चीन का दावा- नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से शुरू हुई तबाही

26 अगस्त को नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, मिट्टी और मलबे की तेज लहर चीन की सीमा तक पहुंची। इसने ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग को पूरी तरह तबाह कर दिया।

हादसे के वीडियो में पानी, मिट्टी और मलबे की काली लहर तेजी से बॉर्डर क्रॉसिंग की ओर बढ़ती दिखाई देती है। लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने का ज्यादा समय नहीं मिला।

चीन का कहना है कि हादसे की शुरुआत नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से हुई थी। इसके बाद चीन ने प्रभावित इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया।

शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट-टैटू का रिकॉर्ड

मलबे से मिले शवों की पहचान के लिए बचाव दल फिंगरप्रिंट और टैटू जैसे पहचान वाले निशानों का रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। मौके से अब तक 993 निजी सामान भी मिले हैं, जिनसे लापता लोगों की पहचान में मदद मिल सकती है।

हालांकि, लापता विदेशी नागरिकों के परिवार और उनके देशों के राजनयिक चीन से ज्यादा जानकारी साझा करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने नागरिकों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही।

रॉयटर्स से बातचीत में चार देशों के प्रतिनिधियों ने कहा कि चीन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि बरामद शवों की DNA जांच कैसे होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि बॉर्डर की CCTV और चेहरे पहचानने वाली फुटेज से शवों की पहचान की जाएगी या नहीं और क्या यह जानकारी परिवारों को दी जाएगी।

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ को लेकर दी गई जानकारी पारदर्शी और समय पर है। मंत्रालय ने दूसरे देशों और एजेंसियों के साथ काम करने की तैयारी भी जताई है।

नेपाल-तिब्बत के बीच कारोबार और कैलाश यात्रा का अहम रास्ता

ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग चीन के तिब्बत और नेपाल के बीच कारोबार और आवाजाही का अहम रास्ता है।

2015 के भूकंप में पूर्व की तरफ मौजूद दूसरे रास्ते को नुकसान पहुंचने के बाद ग्यिरोंग नेपाल और तिब्बत के बीच कारोबार और लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता बन गया था।

इस रास्ते से चीन से नेपाल की ओर इलेक्ट्रिक वाहनों समेत कई तरह का सामान भेजा जाता था। नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी यह अहम रास्ता है।

चीन अब इस बॉर्डर क्रॉसिंग को दोबारा बनाने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इसे फिर से बनाया गया तो डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

तबाही से पहले ग्योरोंग पोर्ट दिखने में ऐसा था।

तबाही से पहले ग्योरोंग पोर्ट दिखने में ऐसा था।

पहले भी ग्लेशियर की बाढ़ से बंद हुआ था बॉर्डर

ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग इससे पहले भी पिछले साल जुलाई से जनवरी तक बंद रहा था। उस समय ग्लेशियर से आई बाढ़ के कारण रास्ता बंद करना पड़ा था।

इस घटना के बाद ग्लेशियर और उनसे बनने वाली झीलों की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी।

जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी।

चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक, तिब्बत और आसपास के इलाकों में 3,000 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें हैं। इनमें से 187 को ज्यादा जोखिम वाली झीलों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इनकी निगरानी जमीन पर और दूर से सेंसर की मदद से की जाती है।

चीन के आपातकालीन बचाव मुख्यालय के उप प्रमुख नोरबू त्सेरिंग ने कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए निगरानी और समय रहते चेतावनी देने की व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।

चीन में 43 की मौत, 519 लोग अब भी लापता

चीनी अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तक चीन की तरफ 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि 519 लोग लापता थे। इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में 49 भारतीय भी हैं।

लापता विदेशी नागरिकों में कई तीर्थयात्री हैं, जो नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश की यात्रा पर गए थे।

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दिल्ली में 5 मंजिला हॉस्टल गिरा, 1 की मौत:दावा– बेसमेंट में खुदाई जारी थी, मलबे में दबा युवक दोस्त से फोन पर बोला- बचा लो

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें एक स्टूडेंट की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं।

बिल्डिंग में हॉस्टल चलता था। चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त छात्र कमरों में थे और बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। 5 का रेस्क्यू कर लिया गया है। हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि मलबे में कितने बच्चे फंसे हैं।

मौके पर मौजूद एक युवक ने भास्कर रिपोर्टर को बताया कि उसका एक दोस्त मलबे में दबा है। वह बार-बार फोन करके कह रहा है कि मुझे बचा लो।

घटना दोपहर 1:30 बजे की है। स्थानीय लोग हथौड़े से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं। मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गई हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलबे के बगल में एक और बिल्डिंग गिरने की हालत में है। लेकिन लोगों को वहां से निकाल लिया गया है।

एक आदमी मलबे में दबा है। लोग उसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

एक आदमी मलबे में दबा है। लोग उसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानीय तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ हथौड़े से मलबा हटाने लगे।

बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानीय तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ हथौड़े से मलबा हटाने लगे।

जिस गली में यह हादसा हुआ, वह बहुत पतली है। आसपास कई ऊंची बिल्डिंग मौजूद हैं।

जिस गली में यह हादसा हुआ, वह बहुत पतली है। आसपास कई ऊंची बिल्डिंग मौजूद हैं।

बिल्डिंग का पूरा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है।

बिल्डिंग का पूरा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है।

बिल्डिंग गिरने से नीचे खड़ी गाड़ियां भी मलबे की चपेट में आ गईं।

बिल्डिंग गिरने से नीचे खड़ी गाड़ियां भी मलबे की चपेट में आ गईं।

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