Connect with us

कोरबा

अखबार पढ़कर बने IPS, अब मोबाइल की स्क्रीन में क्यों खो रही है युवा पीढ़ी?

Published

on

कोरबा। कभी अखबार केवल खबरों का पुलिंदा नहीं, बल्कि घर की रोजाना पाठशाला हुआ करता था। सुबह की चाय के साथ अखबार पढ़ना लाखों परिवारों की दिनचर्या का हिस्सा था। बच्चे अखबार की सुर्खियां पढ़ते थे, युवा देश-दुनिया की घटनाओं को समझते थे और बुजुर्ग संपादकीय तथा सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते थे।
इसी अखबार ने अनेक युवाओं को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दी। आज हरियाणा के आईपीएस अधिकारी सिद्धांत जैन भी अखबार पढ़ने की इसी संस्कृति से जुड़ी अपनी प्रेरक कहानी बताते हैं। उनका कहना है कि वह अपनी दादी से प्रेरित होकर अखबार पढ़ते थे और अखबार पढ़ते-पढ़ते उनके भीतर देश-दुनिया को जानने तथा कुछ बड़ा करने की इच्छा पैदा हुई। इसी प्रेरणा ने उन्हें IPS बनने की दिशा में आगे बढ़ाया।
हरियाणा में सिद्धांत जैन IPS अधिकारी के रूप में विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और वर्तमान में हिसार के एसपी के रूप में कार्यरत हैं।
सिद्धांत जैन की यह बात आज की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ा संदेश है—जिस अखबार को हम आज मोबाइल की एक छोटी-सी स्क्रीन के सामने महत्वहीन समझने लगे हैं, वही अखबार कभी किसी युवा के सपने को दिशा दे सकता है।
दादी की प्रेरणा से अखबार तक और अखबार से IPS तक
सिद्धांत जैन का उदाहरण यह बताता है कि प्रेरणा हमेशा किसी बड़े मंच से नहीं मिलती। कई बार घर का कोई बुजुर्ग, माता-पिता या शिक्षक हमारे जीवन की दिशा बदल देता है।
उनकी दादी का अखबार पढ़ने के प्रति लगाव उनके लिए प्रेरणा बना। अखबार के पन्ने पलटते-पलटते देश, समाज, प्रशासन और घटनाओं को समझने की आदत बनी। धीरे-धीरे पढ़ने की यही आदत ज्ञान में बदली और ज्ञान ने लक्ष्य को मजबूत किया।
यही अखबार की असली ताकत है।
अखबार सिर्फ यह नहीं बताता कि आज क्या हुआ। वह यह भी बताता है कि क्यों हुआ, उसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा और उससे भविष्य में क्या बदलाव आ सकते हैं।
आज मोबाइल है, लेकिन पढ़ने का समय नहीं
आज युवा के हाथ में दुनिया की तमाम जानकारी मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध है। सोशल मीडिया पर हर सेकंड नई खबर, वीडियो और पोस्ट सामने आती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या हर सूचना ज्ञान होती है?
सोशल मीडिया हमें वही दिखाता है जिसमें हमारी रुचि होती है। अखबार हमें उन विषयों से भी परिचित कराता है जिनके बारे में शायद हम स्वयं कभी खोज न करें।
एक दिन अखबार पढ़ने से राजनीति की खबर मिलेगी, दूसरे दिन अर्थव्यवस्था समझ आएगी, तीसरे दिन विज्ञान की कोई नई उपलब्धि सामने आएगी और किसी अन्य दिन किसी गांव की समस्या, किसी किसान की परेशानी या किसी विद्यार्थी की सफलता की कहानी पढ़ने को मिलेगी।
यानी अखबार हमारी जानकारी का दायरा लगातार बढ़ाता रहता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए अखबार बेहद महत्वपूर्ण
UPSC, HPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अखबार विशेष रूप से उपयोगी है।
करंट अफेयर्स, सरकारी योजनाएं, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, अर्थव्यवस्था, न्यायपालिका, विज्ञान, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों की जानकारी नियमित रूप से अखबार पढ़ने से मजबूत होती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अखबार विद्यार्थी को घटना के पीछे का कारण और उसके प्रभाव को समझने की आदत डालता है।
यही आदत आगे चलकर इंटरव्यू और निबंध लेखन में भी काम आती है।
अखबार सोचने वाला नागरिक बनाता है
अखबार पढ़ने वाला व्यक्ति केवल खबर जानकर आगे नहीं बढ़ता। वह सवाल पूछता है।
यह फैसला क्यों हुआ?
इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
सरकार की नीति का असर क्या होगा?
समाज की इस समस्या का समाधान क्या है?
प्रशासन को क्या करना चाहिए?
यही सवाल एक सामान्य पाठक को जागरूक नागरिक बनाते हैं।
लोकतंत्र में जागरूक नागरिक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। जिसे अपने आसपास की समस्याओं, सरकार के निर्णयों और समाज में हो रहे बदलावों की जानकारी होती है, वह बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा सकता है।
अखबार भाषा का शिक्षक भी है
आज बच्चों और युवाओं की भाषा पर मोबाइल की शॉर्टकट भाषा का प्रभाव दिखाई देने लगा है।
अखबार पढ़ने से शब्द भंडार बढ़ता है, वाक्य निर्माण बेहतर होता है और विचारों को व्यवस्थित ढंग से व्यक्त करने की क्षमता विकसित होती है।
जो विद्यार्थी रोज अखबार पढ़ता है, उसमें धीरे-धीरे पढ़ने, समझने, लिखने और बोलने का आत्मविश्वास बढ़ता है।
स्थानीय अखबार क्यों जरूरी है?
राष्ट्रीय घटनाओं के साथ-साथ स्थानीय अखबार पढ़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
आपके शहर में सड़क की स्थिति क्या है?
पानी और बिजली की समस्या कहां है?
अस्पतालों में क्या सुविधाएं हैं?
स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति क्या है?
प्रशासन कौन-से विकास कार्य कर रहा है?
आपके क्षेत्र के लोगों की समस्याएं क्या हैं?
इन सवालों के जवाब स्थानीय अखबार में मिलते हैं।
जो व्यक्ति अपने शहर और गांव की खबर नहीं जानता, वह अपने समाज की समस्याओं को कैसे समझ पाएगा?
अखबार पढ़ने के प्रमुख फायदे
अखबार पढ़ने से—
सामान्य ज्ञान बढ़ता है।
करंट अफेयर्स मजबूत होते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलती है।
भाषा और शब्द भंडार बेहतर होता है।
लेखन क्षमता विकसित होती है।
तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच मजबूत होती है।
देश-दुनिया की समझ बढ़ती है।
सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी मिलती है।
स्थानीय समस्याओं की जानकारी मिलती है।
नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता आती है।
बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित होती है।
आत्मविश्वास बढ़ता है।
बातचीत का स्तर बेहतर होता है।
सही सवाल पूछने की क्षमता पैदा होती है।
निर्णय लेने और विचार बनाने की क्षमता मजबूत होती है।
हर घर में फिर लौटे अखबार की संस्कृति
आज जरूरत मोबाइल छीनने की नहीं, बल्कि मोबाइल और अखबार के बीच संतुलन बनाने की है।
हर घर में सुबह कम से कम 20-30 मिनट अखबार पढ़ने की आदत डाली जा सकती है।
माता-पिता स्वयं अखबार पढ़ेंगे तो बच्चे भी प्रेरित होंगे। घर में खबरों पर चर्चा होगी तो बच्चों में सवाल पूछने और अपनी राय रखने की आदत विकसित होगी।
और कौन जाने, इसी अखबार की किसी खबर से किसी बच्चे को कोई ऐसा विचार मिल जाए जो उसके पूरे जीवन की दिशा बदल दे।
सिद्धांत जैन की दादी ने उन्हें अखबार पढ़ने के लिए प्रेरित किया। अखबार उनके लिए सिर्फ कागज के पन्ने नहीं रहे, बल्कि ज्ञान और सपनों की सीढ़ी बन गए। आज वही युवा देश की पुलिस सेवा में IPS अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहा है।
यह कहानी हर माता-पिता और हर युवा के लिए संदेश है।
मोबाइल से सूचना मिल सकती है, लेकिन पढ़ने की आदत ही ज्ञान को गहराई देती है।
रील कुछ सेकंड का मनोरंजन दे सकती है, लेकिन एक अच्छा लेख आपकी सोच बदल सकता है।
मोबाइल आपको खबर दिखा सकता है, लेकिन अखबार आपको खबर को समझने, उस पर विचार करने और सवाल उठाने का अवसर देता है।
इसलिए आज से एक संकल्प होना चाहिए—
हर घर में अखबार आए।
हर परिवार में अखबार पढ़ा जाए।
हर युवा रोज कुछ नया पढ़े।
और हर बच्चे को सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने की दिशा भी मिले।
क्योंकि हो सकता है कि आज अखबार का एक पन्ना पढ़ने वाला कोई बच्चा कल का IAS, IPS, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या देश का बड़ा नेता बने।
सिद्धांत जैन की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है कि अखबार के पन्नों से निकली प्रेरणा जिंदगी की दिशा बदल सकती है।

Continue Reading

कोरबा

Teachers play a vital role in nation-building and shaping the personality of students: Hon’ble Governor Shri Ramen Deka

Published

on

Dronacharya Sangam Teacher Felicitation Ceremony held at SECL DAV School, Bilaspur

Bilaspur/Korba. A Dronacharya Sangam Teacher Felicitation Ceremony was organised at SECL DAV School, Bilaspur. Hon’ble Governor of Chhattisgarh, Shri Ramen Deka, graced the programme as the Chief Guest.

The programme commenced with the garlanding of the portrait of Dr. Sarvepalli Radhakrishnan, the second President of India and eminent educationist, by Hon’ble Governor Shri Ramen Deka and other dignitaries. The guests also remembered his invaluable contribution to the field of education.

During the ceremony, teachers from all DAV schools functioning under the various operational areas of SECL were felicitated for their outstanding contribution and dedication.

Addressing the gathering, Hon’ble Governor of Chhattisgarh, Shri Ramen Deka, said that student life is an important phase in an individual’s life, during which teachers play a significant role in shaping students’ knowledge, personality and future. He said that the lessons imparted by teachers continue to influence students throughout their lives.

He told the students that there are no shortcuts to success and that consistent hard work, discipline and dedication are essential to achieve success. He encouraged students to stay away from procrastination and laziness and emphasised that the process of learning should never end. An individual should always remain willing to learn something new.

The Hon’ble Governor said that one should not think about what society has done for us, but rather reflect on what we have done for society. He called upon students to understand their responsibilities towards society and the nation and to utilise their knowledge and abilities to make a positive contribution.

The ceremony was attended by Shri Sunil Jain, Commissioner, Bilaspur Division; Shri Biranchi Das, Director (Human Resources), SECL; Shri Himanshu Jain, Chief Vigilance Officer, SECL; Shri K. Parthipan, Principal, SECL DAV Bilaspur; Smt. Maulika Mukherjee, ARO, DAV Bilaspur Region; and Smt. Suchitra Sharma, Principal, SECL DAV Korba, among other dignitaries. Collector Shri Sanjay Agrawal, Senior Superintendent of Police Shri Rajnesh Singh, along with senior officials of SECL and the District Administration, were also present on the occasion.

Continue Reading

कोरबा

शिक्षक समाज के निर्माण और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं : राज्यपाल रमेन डेका

Published

on

एसईसीएल डीएवी विद्यालय बिलासपुर में आयोजित हुआ द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह

बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल डीएवी विद्यालय, बिलासपुर में द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल छत्तीसगढ़ रमेन डेका उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के शुभारंभ में भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर राज्यपाल रमेन डेका एवं अन्य अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया गया।

समारोह में एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों के अंतर्गत संचालित सभी डीएवी विद्यालयों के शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि राज्यपाल छत्तीसगढ़, रमेन डेका ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण चरण होता है और इस दौरान शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व एवं भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक से प्राप्त सीख का प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन आवश्यक है। उन्होंने कार्य को टालने की प्रवृत्ति और आलस्य से दूर रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। व्यक्ति को सदैव कुछ नया सीखने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि समाज ने हमारे लिए क्या किया, बल्कि यह विचार करना चाहिए कि हमने समाज के लिए क्या किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग सकारात्मक योगदान के लिए करने का आह्वान किया।

समारोह में बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील जैन, एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, एसईसीएल डीएवी बिलासपुर के प्राचार्य के. पार्थिपन, डीएवी बिलासपुर क्षेत्र की क्षेत्रीय सहायक अधिकारी श्रीमती मौलिका मुखर्जी तथा एसईसीएल डीएवी कोरबा की प्राचार्य श्रीमती सुचित्रा शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह तथा एसईसीएल एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा भाजपा की बैठक में पवन साय ने दिए संगठन मजबूती के मंत्र, बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के निर्देश

Published

on

शक्ति केंद्रों से बूथों तक गूंजा संगठन मजबूती का संकल्प, पवन साय ने किया मार्गदर्शित

कोरबा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भाजपा जिला कार्यालय, टीपी नगर में जिला स्तरीय संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने शक्ति केंद्र एवं बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर पदाधिकारियों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि पार्टी की वास्तविक ताकत उसका बूथ स्तर का कार्यकर्ता है। उन्होंने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे शक्ति केंद्रों और बूथों तक नियमित संपर्क, बेहतर समन्वय एवं सक्रिय भागीदारी के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करें। उन्होंने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के समन्वय तथा पार्टी की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

बैठक में संभाग प्रभारी रामू रोहरा, सह संभाग प्रभारी अभिषेक शुक्ला, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह, जिला प्रभारी अनिल केशरवानी, जिला सह प्रभारी बृजेन्द्र शुक्ला, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजूदेवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा एवं जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय सहित भाजपा के पदाधिकारी, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के संयोजक शामिल हुए।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677