खेल
IPL 2026…रायपुर आ सकते हैं शाहरुख खान:RCB अपने 2 घरेलू मैच खेलेगी, एक मुंबई और दूसरा मुकाबला KKR से, शेड्यूल जारी
रायपुर, एजेंसी। रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने 2 घरेलू मैच खेलेगी। RCB का एक मुकाबला 10 मई को मुंबई इंडियंस के साथ होगा, वहीं दूसरा मुकाबला 13 मई को कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2026 के दूसरे चरण का शेड्यूल जारी कर दिया है।
ग्रुप स्टेज के बचे हुए 50 मुकाबले 13 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच खेले जाएंगे। ये मैच देश के 12 शहरों- बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर, धर्मशाला, रायपुर और न्यू चंडीगढ़ में होंगे। रायपुर के मैदान पर विराट कोहली तो उतरेंगे ही, अब KKR के ओनर शाहरूख खान भी रायपुर आ सकते हैं।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने 2 घरेलू मैच रायपुर में खेलेगी। (फाइल इमेज)
आगामी आईपीएल मैचों को देखते हुए शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों की सुविधाओं में बड़ा इजाफा होने जा रहा है। गोल्ड और प्लैटिनम श्रेणी की सीटों में पहले से कहीं ज्यादा बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे मैच देखने का अनुभव और शानदार हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ की ओर से वीआईपी सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी चल रही है। गोल्ड और प्रीमियम टिकट वाली सीटों में इजाफा किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट प्रेमी इन श्रेणियों में मैच का मजा ले सकें।
हालांकि स्टेडियम की मौजूदा बैठक व्यवस्था में नई सीटें जोड़ने की गुंजाइश सीमित है, फिर भी आधा दर्जन से ज्यादा नई वीआईपी सीटों की विशेष व्यवस्था करने पर काम चल रहा है। साथ ही, वीआईपी मेहमानों के लिए अलग से सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
सुरक्षा और सुविधा पर विशेष फोकस
छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के मुताबिक, शेड्यूल के जारी होने के बाद आरसीबी की मैनेजमेंट टीम एक बार फिर रायपुर आएगी और स्टेडियम में चल रही तैयारियों का जायजा लेकर अंतिम प्लान तैयार करेगी। इस बार आरसीबी प्रबंधन ने दर्शकों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
पिछली बार चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए इस बार पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ की स्थिति न बने। रायपुर में भारी संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचते हैं, इसलिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। खासतौर पर स्टार खिलाड़ी विराट कोहली की लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत रखा जाएगा।

छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के मुताबिक सुरक्षा और सुविधा पर विशेष फोकस रहेगा।
रायपुर को मैच मिलने के पीछे बड़े कारण-
पहले ही कर दिया था वादा
जब IPL 2026 की तैयारी चल रही थी, तब एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर अनिश्चितता थी। जून 2025 में RCB की IPL जीत के बाद हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद कर्नाटक सरकार ने स्टेडियम पर प्रतिबंध लगा दिया था।
सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता होने पर RCB ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ और राज्य सरकार से बात की थी और 2 मैच रायपुर में खेलने का पहले ही वादा कर लिया था। बाद में चिन्नास्वामी को मंजूरी मिल गई, लेकिन RCB ने रायपुर वाला वादा निभाने का फैसला किया।
RCB के CEO राजेश मेनन ने कहा कि जब अनिश्चितता थी तब जो कमिटमेंट किया गया, उसे पूरा करना जरूरी है। इससे फैंस और आयोजकों में भ्रम भी नहीं फैलेगा।
रायपुर की तैयारियां अच्छी
रायपुर स्टेडियम पहले भी IPL मैच होस्ट कर चुका है (2016 में दिल्ली डेयरडेविल्स का होम वेन्यू रहा)। RCB अधिकारियों ने दिसंबर 2025 में स्टेडियम का निरीक्षण किया और सुविधाओं से प्रभावित हुए। छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरा सहयोग दिया।
2016 में हुआ था आखिरी IPL मैच
2016 में रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में IPL 2016 के दो मैच खेले गए थे, जो कि दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के घरेलू मैच थे। इन मैचों में दिल्ली का सामना सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) से हुआ था, जो 20 मई और 22 मई 2016 को खेले गए थे। इसके बाद से ही छत्तीसगढ़ के क्रिकेट फैंस IPL की वापसी का इंतजार कर रहे थे।

रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम।
BCCI के अधीन स्टेडियम, सभी सुविधाओं से लैस
अब रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पूरी तरह बीसीसीआई के अधीन है और अंतरराष्ट्रीय मानकों की सभी सुविधाओं से लैस है। ऐसे में न सिर्फ IPL मुकाबलों का आयोजन संभव हुआ है, बल्कि बड़े सितारों के खेलने की संभावना भी बढ़ गई है।
विराट कोहली को एक्शन में देखने की उम्मीद
RCB के मैच रायपुर में होने से क्रिकेट प्रेमियों को विराट कोहली समेत पूरी टीम को एक्शन में देखने का मौका मिलेगा। वहीं मुंबई इंडियंस से रोहित शर्मा, सूर्या कुमार यादव और हार्दिक पांड्या जैसे स्टार प्लेयर भी खेलते हुए दिखेंगे। KKR के साथ मुकाबला होने से शाहरुख खान के भी रायपुर आने की उम्मीद है।
खेल
खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स,तैराकी में छत्तीसगढ़ को 2 मेडल:100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में निखिल ने ब्रॉन्ज़, अनुष्का ने सिल्वर जीता, कर्नाटक-ओडिशा को मिला गोल्ड
रायपुर,एजेंसी। त्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत तैराकी स्पर्धाओं में बुधवार को 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (पुरुष और महिला वर्ग) का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। प्रतियोगिता के दौरान स्विमिंग पूल पर खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
छत्तीसगढ़ को तैराकी में 2 मेडल मिले हैं। 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में निखिल ने ब्रॉन्ज़ और अनुष्का ने सिल्वर मेडल जीता है, जबकि कर्नाटक और ओडिशा को गोल्ड मेडल मिला है। इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड के अनुसार, फाइनल में अलग-अलग राज्यों के तैराकों ने भाग लिया, जिसमें कर्नाटक, असम, महाराष्ट्र, मेघालय और छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन खास रहा।

आज उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें कुल 7 खेलों का आयोजन किया जाएगा।
प्रमुख परिणाम
- कर्नाटक के मनीकांत एल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1:07.41 मिनट में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया।
- छत्तीसगढ़ के निखिल जल्को ने 1:11.77 मिनट के समय के साथ अच्छा प्रदर्शन किया।
- महाराष्ट्र के पलाश मंगई ठाकुर भी मुकाबले में मजबूत दावेदार रहे।
- अन्य प्रतिभागियों में असम और मेघालय के तैराकों ने भी प्रतिस्पर्धा को कड़ा बनाया।
ट्राइबल गेम में छत्तीसगढ़ को 2 मेडल मिले
पदक तालिका पुरुष
- स्वर्ण पदक: मनीकांत एल (कर्नाटक)- 1:07.41
- ब्रॉन्ज़ पदक: निखिल जल्को (छत्तीसगढ़) — 1:11.77
- कांस्य पदक: पलाश मंगई ठाकुर (महाराष्ट्र) — 1:11.69
पदक तालिका महिला
- स्वर्ण पदक: रिंकी मुर्मू (ओडिशा) — 1:25.81
- रजत पदक: अनुष्का भगत (छत्तीसगढ़) — 1:29.10
- कांस्य पदक: राखी नोतिया (त्रिपुरा) — 1:34.70
सेम इवेंट महिला वर्ग
इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड के अनुसार, फाइनल रेस में ओडिशा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, गोवा और मेघालय की खिलाड़ियों ने भाग लिया। रेस के दौरान अंत तक मुकाबला खुला रहा और समय के मामूली अंतर ने परिणाम तय किए।
प्रमुख परिणाम
- ओडिशा की रिंकी मुर्मू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1:25.81 मिनट में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया।
- छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने 1:29.10 मिनट के समय के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया।
- ओडिशा की अंजली मलिक ने 1:37.74 मिनट के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
अन्य प्रतिभागियों का प्रदर्शन
- त्रिपुरा की रश्मि नोतिया ने 1:34.70 मिनट का समय दर्ज किया।
- मेघालय और गुजरात की खिलाड़ियों ने भी फाइनल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

मध्य प्रदेश से आए मेहमानों का पुष्प भेंट कर और नृत्य के माध्यम से स्वागत किया गया।

तमिलनाडु से आए खिलाड़ियों का पुष्प भेंट कर स्वागत।

स्वागत के बाद खिलाड़ी थिरके।
प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल तय
जानकारी के मुताबिक, कुश्ती प्रतियोगिता अंबिकापुर में आयोजित होगी। एथलेटिक्स का आयोजन जगदलपुर में किया जाएगा। अंबिकापुर में ही मलखंब प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के 180 खिलाड़ी लेंगे भाग
इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के लगभग 180 खिलाड़ी भी हिस्सा लेने जा रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनके खेल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके प्रदर्शन और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल और खिलाड़ियों दोनों के लिए नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाला साबित होगा। इसे राज्य के लिए एक सौभाग्यपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री मांडविया बोले- आदिवासी बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मांडविया ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद जरूरी है। सरकार का फोकस है कि प्रतिभाओं की जल्दी पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिले और राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल किया जाए।
23 दिसंबर को लोगो हुआ और मैस्कॉट हुआ लॉन्च
बतादें कि 23 दिसंबर को बिलासपुर के दिवंगत बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट ‘मोरवीर’ लॉन्च किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।

खेल
रायपुर : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर, राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा- उपमुख्यमंत्रीअरुण साव
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 गेम-चेंजर, खेलों में करियर बनाने का बड़ा मंच ओलंपियन
करीब 3,800 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा; छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों के 100 से अधिक खिलाड़ी
प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित होंगी
कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर

रायपुर। बुधवार 25 मार्च से शुरू हो रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह तैयार है और राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव का मानना है कि यह “राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा बढ़ावा देगा।” खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री साव ने मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स भारतीय खेल इतिहास में एक “मील का पत्थर” साबित होगा।
श्री साव ने बताया कि, “हमने पहले सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर किए हैं। अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर हम एक बड़े मंच पर कदम रख रहे हैं, जो हमारी क्षमताओं की परीक्षा भी लेगा और उन्हें नई ऊंचाई देगा।”उन्होंने कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए निस्संदेह एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन है। यह हमारे खेल प्रतिभा और बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती देगा। साथ ही, यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान करेगा।”

श्री साव ने बताया कि, “राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के साथ खेलने और उन्हें देखने का अनुभव छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए बेहद समृद्ध करने वाला होगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह आयोजन राज्य के खेल तंत्र और खिलाड़ियों दोनों के लिए बड़ी ताकत साबित होगा।”
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे और कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे।
करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी।
भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।”
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।”
मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है।
दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।”
राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड धावक और भारत के उभरते एथलेटिक्स स्टार अनिमेष कुजूर ने साई मीडिया से कहा, “भारत में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेल पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन और भी खास बन जाता है। मैं सरकार के इस प्रयास की सराहना करता हूं, जिसने देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है।”
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई) द्वारा नियुक्त कोच नजर रखेंगे। श्री तिर्की ने कहा, “हमारे सभी आदिवासी खिलाड़ी और बच्चे खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएं, देश के लिए खेलें और अपना करियर बनाएं। प्रधानमंत्री का 2036 ओलंपिक और विकसित भारत का विज़न है कि हमारा देश एक युवा और खेल राष्ट्र बने। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन हमारा देश एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में उभरेगा।”
खेल
नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026…अलग-अलग राज्यों से 500 खिलाड़ी रायपुर पहुंचे:अरुण साव बोले-3 हजार से ज्यादा प्लेयर लेंगे हिस्सा, भोजन समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में आयोजित होने जा रहे नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। देशभर से खिलाड़ियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं के लिए मैदान पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं और सभी आवश्यक खेल उपकरण भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी पहुंच चुके हैं। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अवसर है कि उसे इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी मिली है। इसके लिए खेल मंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने बताया कि देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3 हजार से अधिक खिलाड़ी और खेल अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले हैं। खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने, आवास, भोजन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। खिलाड़ियों का आगमन लगातार जारी है।
इस खेल महाकुंभ का शुभारंभ कल शाम किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के साथ राज्य के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें कुल सात खेलों का आयोजन किया जाएगा।

मध्य प्रदेश से आए मेहमानों का पुष्प भेंट कर और नृत्य के माध्यम से स्वागत किया गया।

तमिलनाडु से आए खिलाड़ियों का पुष्प भेंट कर स्वागत।

स्वागत के बाद खिलाड़ी थिरके।
प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल तय
अरुण साव ने बताया कि प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल भी तय कर दिए गए हैं। कुश्ती प्रतियोगिता अंबिकापुर में आयोजित होगी। एथलेटिक्स का आयोजन जगदलपुर में किया जाएगा। अंबिकापुर में ही मलखंब प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

खेल मंत्री साव ने बताया कि 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3 हजार से अधिक खिलाड़ी और खेल अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले हैं।
500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंचे
अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंच चुके हैं। आज शाम तक अधिकांश खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के पहुंचने की संभावना है। तैयारियों की निगरानी के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के 20 से अधिक अधिकारी पिछले पांच दिनों से रायपुर में मौजूद हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।
छत्तीसगढ़ के लिए सीख और अनुभव का अवसर
यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अनुभव लेकर आएगा। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किस प्रकार किया जाता है और उसकी तैयारियां कैसे होती हैं, इसका प्रत्यक्ष अनुभव राज्य को प्राप्त होगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ में सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।
अब नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी से राज्य को बड़े स्तर के आयोजन का अनुभव मिलेगा, जिससे भविष्य में और भी बड़े खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त होगा।
छत्तीसगढ़ के 180 खिलाड़ी लेंगे भाग
इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के लगभग 180 खिलाड़ी भी हिस्सा लेने जा रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनके खेल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके प्रदर्शन और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल और खिलाड़ियों दोनों के लिए नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाला साबित होगा। इसे राज्य के लिए एक सौभाग्यपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री मांडविया बोले- आदिवासी बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मांडविया ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद जरूरी है। सरकार का फोकस है कि प्रतिभाओं की जल्दी पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिले और राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल किया जाए।
23 दिसंबर को लोगो हुआ और मैस्कॉट हुआ लॉन्च
बतादें कि 23 दिसंबर को बिलासपुर के दिवंगत बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट ‘मोरवीर’ लॉन्च किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।
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