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छत्तीसगढ़

कांकेर : प्रदेश सरकार की सकारात्मक व विकासपरक सोच से जिले में हो रहे नवाचार : साव

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उप मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर, वित्तीय साक्षरता लैब और कोया बाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान का किया लोकार्पण

 प्रदेश सरकार की सकारात्मक व विकासपरक सोच से जिले में हो रहे नवाचार : श्री साव
 प्रदेश सरकार की सकारात्मक व विकासपरक सोच से जिले में हो रहे नवाचार : श्री साव

कांकेर। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेल और युवा कल्याण तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज जिला मुख्यालय  कांकेर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कोमलदेव शासकीय जिला चिकित्सालय परिसर में ट्रामा सेंटर तथा ओपीडी एवं अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इसके अलावा पुत्री शाला परिसर का जीर्णोद्धार कर वित्तीय साक्षरता लैब और कचहरी परिसर स्थित मावा मोदोल कोचिंग संस्थान प्रांगण में कोया बाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान का भी लोकार्पण जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव ने किया।

 प्रदेश सरकार की सकारात्मक व विकासपरक सोच से जिले में हो रहे नवाचार : श्री साव

आज दोपहर कोया बाना आदिवासी संस्कृति संग्रहालय के लोकार्पण पश्चात नगरवासियों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि कांकेर जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा क्योंकि यहां कुल 11 करोड़ 21 लाख रूपए के विभिन्न निर्माण कार्यों और नवाचारों का लोकार्पण हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सकारात्मक और विकासपरक सोच ही परिणाम है कि जिले में इतनी तादाद में विकास की झलकियां देखने को मिल रही हैं। वहीं आने वाली पीढ़ी को आदिवासी संस्कृति और विरासत को करीब से जानने के लिए कोया बाना जैसे बहुउद््देशीय संग्रहालय का आज लोकार्पण हुआ। श्री साव ने कहा कि कांकेर जिले को सहेजने और संवारने का काम शासन, प्रशासन और जिले के जनप्रतिनिधि के द्वारा परस्पर समन्वय के साथ किया जा रहा है। उन्होंने नगरवासियों को इन संस्थानों का लाभ उठाने की अपील की।

विशिष्ट अतिथि की आसंदी से कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने अपने उद्बोधन में  कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव के नेतृत्व में कांकेर जिले को लगातार सौगातें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की इच्छाशक्ति से बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद अब यहां सतत् विकास देखने को मिल रहा है। इसके अलावा सरकारें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यहां की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को संजोने व संवर्धन करने हर संभव प्रयासरत है, जिसका उदाहरण कोया बाना संग्रहालय है जो युवाओं को उनकी प्राचीन परंपरा और सभ्यता से अवगत कराएगा। कार्यक्रम के अंत में उप मुख्यमंत्री एवं अन्य मंचस्थ अतिथियों ने मासिक पत्रिका नवांकुर और हल्बा जनजाति की लोक संस्कृति नामक पुस्तिका का विमोचन किया। विदित हो कि कोया बाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान में गोड़ी पाठशाला का संचालन और सांस्कृतिक लाइब्रेरी की स्थापना, आदिवासी पुरातत्व संग्रहालय एवं युवाओं के लिए रेडियो स्टूडियो की स्थापना की गई है। उक्त संस्थान की स्थापना जिला खनिज न्यास निधि मद से 30 लाख रूपए की लागत से की गई है। 

ट्रामा सेंटर और अतिरिक्त अस्पताल भवन का किया लोकार्पण

इसके पहले उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कोमलदेव शासकीय जिला चिकित्सालय में आधुनिक तकनीक से लैस ट्रामा सेंटर और ओपीडी एवं अतिरिक्त अस्पताल भवन का लोकार्पण किया। उक्त ट्रामा सेंटर की स्थापना 01 करोड़ 41 लाख 35 हजार रूपए की लागत से डीएचएस एवं डीएमएफ मद से की गई है, जहां गंभीर मरीजों का उपचार उन्नत चिकित्सा पद्धति से तात्कालिक रूप से हो सकेगा। इसी तरह डीएमएफ मद से 08 करोड़ 42 लाख रूपए की लागत से ओपीडी एवं अतिरिक्त अस्पताल भवन का भी लोकार्पण उप मुख्यमंत्री श्री साव के द्वारा किया गया। इन चिकित्सा अधोसंरचनाओं के निर्माण से मरीजों को विभिन्न सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने ट्रॉमा यूनिट में भर्ती मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत कर हालचाल जाना।
     वित्तीय साक्षरता लैब में बच्चे खेल-खेल में बनेंगे जागरूक उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव ने कांकेर प्रवास के दौरान आज पोस्ट ऑफिस के समीप पुराने पुत्रीशाला परिसर में वित्तीय साक्षरता लैब का लोकार्पण किया। उक्त लैब का निर्माण पुराने शाला भवन का जीर्णोद्धार कर किया गया है। डीएमएफ मद से कुल 65 लाख रूपए की लागत से उक्त लैब का निर्माण आधुनिकीकृत ढंग से किया गया है, जहां पर विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को वित्तीय सशक्तिकरण, सायबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता तथा व्यावसायिक निवेश कंपनी अधिनियम की जानकारी, जीएसटी, टीडीएस एवं कर प्रणाली की समझ और शेयर मार्केट से परिचय व शासन की योजना एवं आर्थिक बजट की जानकारी सहित बैंकिंग प्रणाली और निवेश आदि की वित्तीय जानकारी मिलेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले सहित नागरिक महेश जैन, दिलीप जायसवाल एवं नगर के पार्षद, जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिक उपस्थित थे।

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सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र:छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख नए पीएम आवास मंजूर, 2 लाख परिवारों का एकसाथ गृह प्रवेश

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सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।

इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।

चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।

चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।

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CGPSC केस, भूपेश के OSD रहे एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार:दावा- उत्कर्ष चंद्राकर के साथ वॉट्सऐप चैट मिली, ED को 6 दिन की रिमांड

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।

ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।

बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।

इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।

अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल

जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।

जानिए क्या है CGPSC घोटाला

यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।

एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेताओं को दिल्ली बुलाया गया:राष्ट्रीय सचिव की रेस में कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा, तीनों का हुआ इंटरव्यू

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।

दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।

छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी

तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।

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