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कोरबा

मजबूत कृषक परिवार से नाता फिर भी सादगी व सरलता की मिसाल रहे कृष्णा गुरुजी

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23 फरवरी : 88वीं जयंती पर विशेष
कोरबा । अविभाजित बिलासपुर व कोरबा के सबसे बड़ी तहसील कटघोरा के ग्राम भिलाई बाजार के कृषक परिवार में जन्मे कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्व. कृष्णालाल जायसवाल जिन्होंने सागर यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर कोरबा व कटघोरा को अपना कर्म क्षेत्र बनाकर सेवा के लिए शिक्षा का अलग जगाते हुए राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया वे एक सेवाभावी राजनेता के साथ साथ जमीनी कार्यकर्ता के अलावा सहज व सरल व सर्वहारा वर्गों को साथ लेकर चलने वाले स्वाभिमानी जनसेवक की भूमिका में अपना जीवन समर्पित कर रखे थे। कृष्णा गुरुजी के नाम से पूरे क्षेत्र में ख्याति प्राप्त कृष्णालाल जायसवाल सदैव जनहित के लिए काम किया और उनका स्नेह के अलावा आत्मीय सानिध्य सभी छोटों-बड़ों के अलावा सभी दल के लोगो को मिला। कृष्णा गुरुजी कोरबा के प्रथम जनपद अध्यक्ष रहते हुए गरीब बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किया और उच्च शिक्षा के लिए पहले विद्यालय की स्थापना की साथ ही विद्यालय में अवैतनिक अध्यापक की भूमिका का निर्वहन किया। उनके शिक्षा के प्रति अभूतपूर्व समर्पण को देखते क्षेत्र के लोगों ने उन्हें कृष्णालाल से कृष्णा गुरुजी बना दिया। कोरबा के सबसे बड़े मध्यम वर्गीय परिवार खाासकर श्रमिक बस्तियों के होनहार विद्यार्थियों के लिए स्थापित आदिम जाति कल्याण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरबा को उनके शिक्षा के प्रति समर्पण को देखकर राज्य शासन ने स्व. कृष्णालाल जायसवाल स्मृति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजली दी। कृष्णा गुरुजी शिक्षा व राजनीति के क्षेत्र में आगे आकर सेवा करने वालों को सदैव प्रेरित करने वाले कृष्णा गुरुजी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है सभी की मदद करना व जरूरतमंदों की सेवा करना मदद करना कृष्णा गुरूजी का ध्येय रहा। अपने लंबे राजनीतिक यात्रा के दौर में राष्ट्रीय व प्रदेश के नेताओं का प्रिय बने रहे कृष्णालाल जायसवाल गुरुजी को सभी दलों के लोगों का समर्थन मिलता रहा है। यही कारण है कि आज भी कृष्णा गुरुजी को लोग सच्चे मन व अपार श्रद्धा से याद करते हैं। 23 फरवरी 2025 को उनकी 88वीं जयंती पर क्षेत्र के लोग श्रद्धांजलि दे रहें हैं। भिलाई बाजार, सुमेधा व गांधी चौक-पुरानी बस्ती कोरबा में निवासरत रहे कृष्णा गुरुजी को कोरबा ही नहीं कटघोरा क्षेत्र के लोग बड़ी श्रद्धा से याद करते हैं। कृष्णा गुरुजी का सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ$कर हिस्सेदारी रही है। समाज को एकजुट करना और सबको मिल-जुलकर एक रहना उनकी प्रेरणाओं में शामिल रहा है।

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कोरबा

इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा में स्वास्थ्य जागरूकता की अनूठी पहल

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विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, नियमित देखभाल के लिए किया गया जागरूक

कोरबा/चैतमा। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा द्वारा सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय परिसर में विशेष दंत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण किया गया।
शिविर में मैक्स डेंटल केयर के दंत चिकित्सक डॉ. राहुल मिश्रा एवं डॉ. शिखा एक्का ने विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों की जांच की तथा दांतों की स्वच्छता, नियमित ब्रश करने की सही विधि, खान-पान में सावधानी और दांतों से संबंधित समस्याओं से बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। विद्यार्थियों को स्वस्थ दांतों के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए नियमित रूप से दंत परीक्षण कराने की सलाह भी दी गई।

विद्यालय के डायरेक्टर राकेश मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर को प्राचार्य संतोष देवनाथ एवं एडमिनिस्ट्रेटर कुणाल महापात्र की निगरानी में व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के साथ स्वस्थ दांत भी विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य का महत्वपूर्ण आधार हैं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में हेडमास्टर जयराम सर सहित शिक्षिकाओं सुषमा कैवर्त, अंजलि महंत, कीर्ति भारिया एवं अन्य सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सक्रिय सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा द्वारा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास को भी प्राथमिकता देते हुए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ऐसे उपयोगी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

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कोरबा

हाथियों के झुंड ने रौंदी फसल, दंतैल ने तोड़ा मकान:केंदई-एतमानगर-जटगा से पसान पहुंचे 30 हाथी, मोहनपुर और बनिया में अलग-अलग झुंड

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कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में हाथियों की सक्रियता बढ़ गई है। केंदई, एतमानगर और जटगा रेंज में घूम रहे करीब 30 हाथियों का झुंड अब पसान क्षेत्र के लैंगी, मोहनपुर और बनिया पहुंच गया है। हाथी अलग-अलग झुंडों में बंटकर पांच से ज्यादा स्थानों पर घूम रहे हैं।

बीती रात हाथियों ने कई ग्रामीण इलाकों में खेतों में लगी धान की फसल रौंद दी। अब हाथी दिन में भी फसल खा रहे हैं और रात के समय गांवों के आसपास पहुंच रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।

झुंड से अलग दंतैल ने कच्चा मकान तोड़ा

झुंड से अलग हुए एक दंतैल हाथी ने मोहनपुर और पोड़ीकला के बीच जंगल में थुहानाला के पास रात में ग्रामीण के कच्चे मकान को कई जगह से तोड़ दिया। घटना के समय मकान मालिक परदेशी अपने परिवार के साथ एक ही कमरे में डरे हुए दुबके रहे।

हाथी के हमले से मकान को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात रही कि घटना में किसी की जनहानि नहीं हुई।

अकेले घूम रहे दंतैल से ज्यादा खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों का बड़ा झुंड आमतौर पर गांव के ज्यादा करीब नहीं आता। सबसे ज्यादा खतरा झुंड से अलग होकर घूमने वाले दंतैल हाथियों से बना हुआ है। पसान रेंज में सक्रिय हाथियों के दल में दो अकेले हाथी भी शामिल हैं, जो झुंड से अलग घूम रहे हैं। इनके लगातार स्थान बदलने के कारण वन विभाग के सामने इनकी निगरानी चुनौती बनी हुई है।

गांवों में मुनादी, जंगल नहीं जाने की सलाह

हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। हाथियों की मौजूदगी वाले गांवों में टीम की ओर से मुनादी कराई जा रही है।

ग्रामीणों को जंगल और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा रात में अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। विभाग की टीम हाथियों की लोकेशन पर लगातार नजर रख रही है।

करतला रेंज में भी 9 हाथी पहुंचे

इधर, कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी 9 हाथी बेहरसुआं क्षेत्र में पहुंच गए हैं। ये हाथी पहले लबेद के आसपास घूम रहे थे।

वहीं, चिकनीपाली के पहाड़ पर 9 हाथियों का एक और दल अभी भी मौजूद है। इस तरह जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों में हाथियों की लगातार मौजूदगी बनी हुई है, जिससे वन विभाग को निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है।

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कोरबा

कोरबा के घर में घुसा सांप,महिला को डसने का शक:कॉमन वुल्फ स्नेक का रेस्क्यू, सर्प मित्र ने बताया- यह जहरीला नहीं

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कोरबा। कोरबा के मानिकपुर इलाके में आधी रात एक घर में सांप घुसने से हड़कंप मच गया। रात करीब 3:30 बजे बिस्तर पर सांप देखकर घर की महिला चीखने लगी। परिजनों को आशंका हुई कि सांप ने महिला को डस लिया है। इसके बाद मोहल्ले में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस सिपाही हितेश राव ने तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के जितेंद्र सारथी को सूचना दी। सारथी ने पहले महिला को अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद वे खुद मौके पर पहुंचे और सावधानी से सांप को पकड़ लिया।

करैत जैसा दिखता है, लेकिन जहरीला नहीं

रेस्क्यू के बाद सांप की पहचान कॉमन वुल्फ स्नेक के रूप में हुई। रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी के मुताबिक, यह सांप जहरीला नहीं होता। उन्होंने बताया कि इसका रंग-रूप करैत जैसा दिखाई देता है, इसलिए कई बार लोग इसे जहरीला समझ लेते हैं।

सांप को लेकर अस्पताल पहुंचे रेस्क्यूअर

सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद जितेंद्र सारथी सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर से मिलकर स्पष्ट किया कि पकड़ा गया सांप जहरीला नहीं था। यह जानकारी मिलने के बाद महिला और उसके परिवार ने राहत की सांस ली।

डॉक्टरों ने भी महिला की हालत ठीक बताई। घटना के बाद समय पर सूचना देने और रेस्क्यू टीम तक बात पहुंचाने में सिपाही हितेश राव की भूमिका की भी सराहना की जा रही है।

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