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कोरबा

भूविस्थापितों ने 4 घण्टे खदान बंद एवं एसईसीएल गेवरा मुख्यालय का घेराव कर किया उग्र प्रदर्शन

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अर्जन के बाद जन्म, छोटे खातेदारों को रोजगार एवं आउट सोर्सिंग कंपनियों में प्रभावितों को रोजगार देने की मांग को लेकर किसान सभा ने किया प्रदर्शन घेराव

खदान बंद और प्रदर्शन के बाद बिलासपुर मुख्यालय में बैठक कर समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया प्रबंधन ने

समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 30 दिसंबर को कुसमुंडा में खदान बंद आंदोलन

कोरबा। एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा क्षेत्र के प्रभावित गांव के भू विस्थापितों ने छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में अर्जन के बाद जन्म,छोटे खातेदारों को रोजगार एवं लंबित रोजगार की प्रकरणों का निराकरण कर सभी खातेदारों को रोजगार देने,आउट सोर्सिंग कार्यों में प्रभावित गांव के बेरोजगारों को 100% रोजगार देने की मांग को लेकर सुबह से ही गेवरा खदान के अंदर तीन जगहों में कोल उत्पादन बंद कर दिया एवं रैली निकाल कर एसईसीएल गेवरा मुख्यालय के दोनों मुख्य द्वार को बंद कर घेराव प्रदर्शन किया। एसईसीएल द्वारा प्रभावितों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने पर प्रदर्शनकारी द्वारा अनिश्चितकालीन बैठने की घोषणा कर नारेबाजी करने लगे। घेराव को रोकने के लिए दो मुख्य गेट में बेरिकेटिंग की गई थी।आंदोलन से पीछे नहीं हटने पर एसईसीएल ने लिखित में बिलासपुर मुख्यालय में बैठक आयोजित कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, उसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। आंदोलन का नेतृत्व जवाहर सिंह कंवर और दीपक साहू ने किया।

किसान सभा ने कहा कि मांगो पर आगे सकात्मक पहल नहीं हुआ तो 30 दिसंबर को कुसमुंडा क्षेत्र में प्रदर्शन और खदान बंद किया जायेगा। किसान सभा ने आगे के आंदोलन के लिए नोटिस पहले ही अधिकारियों को थमा दिया।

किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा की सभी भू विस्थापित किसानों जिनकी जमीन एसईसीएल ने अधिग्रहण किया है, उन सभी खाते पर भू विस्थापितों को स्थाई रोजगार एसईसीएल को देना होगा। विकास परियोजना के नाम पर गरीबों को सपने दिखा कर करोड़ों लोगों को विस्थापित किया गया है, अपने पुनर्वास और रोजगार के लिये भू विस्थापित परिवार आज भी भटक रहे हैं। अब गुमराह करने का प्रयास एसईसीएल बंद करे नहीं तो आगे खदानों में और उग्र आंदोलन होगा।

किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि पुराने लंबित रोजगार को लेकर एसईसीएल गंभीर नहीं है। किसानों को छोटे बड़े खातेदार के नाम पर बांटा जा रहा है। किसानों की एकता में फुट डालने का काम एसईसीएल और आउट सोर्सिंग कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। छोटे खातेदारों को रोजगार से वंचित किया गया है और आउट सोर्सिंग कार्यों में भी प्रभावितों को प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाया है।

भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के दामोदर श्याम,रेशम यादव, सुमेंद्र सिंह ने कहा कि1978 से लेकर 2004 के मध्य कोयला खनन के लिए जमीन को अधिग्रहित किया गया है, लेकिन तब से अब तक विस्थापित ग्रामीणों को न रोजगार दिया गया है, न पुनर्वास ऐसे प्रभावितों की संख्या सैकड़ों में है, सभी को रोजगार देना होगा।

खदान बंद और घेराव में मुख्य रूप से जनपद सदस्य नेहा तंवर,दिग्विजय, पुनी राम,विजय, शरद,बग्गू सिंह,त्रिवेंद्र,सूरज,सरपंच रलिया विष्णु सिंह बिंझवार,पूर्व सरपंच बेबी सिंह तंवर,रमेश पोड़ी, संतोष राठौर भटोरा,विनोद,राजेंद्र,तुलेश,हीरा सिंह,सोनू,विवेक दास,भीम, बबिता,राजकुमारी,सुकृता, इंदु, फुल सुंदरी,दीनानाथ,नरेश,नारायण,डूमन,चंद्रशेखर के साथ बड़ी संख्या में चारों क्षेत्र के भू विस्थापित उपस्थित थे।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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