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छत्तीसगढ़

3-बार बदली कचरे से गैस बनाने वाले प्लांट की जमीन:दुर्ग में जहां गया, वहीं हुआ विरोध, जामुल-कुरुद के बाद अब खेरधा में भी आपत्ति

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। दुर्ग-भिलाई शहर के कचरे से ईंधन बनाने वाली जिस परियोजना को सरकार स्वच्छ ऊर्जा और रोजगार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वही अब लगातार विवादों में घिर गई है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का प्रस्तावित कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट पिछले 2 सालों में तीन अलग-अलग स्थानों तक पहुंच चुका है।

पहले जामुल, फिर कुरुद और अब खेरधा में इसकी स्थापना की तैयारी की जा रही है। हर बार स्थानीय लोगों के विरोध के बाद प्रशासन को नई जगह तलाशनी पड़ी। अब 17 जुलाई को खेरधा में प्लांट की बाउंड्री वॉल के लिए खुदाई शुरू कराई गई।

इसकी जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और जेसीबी मशीन का काम रुकवा दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बाद ग्रामीण धरने पर बैठ गए और परियोजना का विरोध शुरू कर दिया।

उनका आरोप है कि जिस जमीन पर प्लांट बनाया जा रहा है, वह गांव की चारागाह भूमि है और ग्राम पंचायत की मंजूरी और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना निर्माण कार्य शुरू किया गया है।

मार्च 2024 में हुई थी परियोजना की शुरुआत

इस परियोजना की शुरुआत मार्च 2024 में हुई थी। उस समय छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण, भिलाई नगर निगम और भारत पेट्रोलियम के बीच समझौता हुआ था। योजना के तहत शहर के गीले कचरे से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

सरकार ने इसे स्वच्छ ऊर्जा, कचरे के वैज्ञानिक निपटान और रोजगार सृजन से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना बताया था। अलग-अलग समय पर इस परियोजना में 60 करोड़ से 100 करोड़ रुपए तक के निवेश की बात भी सामने आई।

पहले जामुल, फिर कुरुद और अब खेरधा में विरोध

शुरुआत में सीबीजी प्लांट को जामुल के ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास स्थापित करने का प्रस्ताव था। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि रिहायशी इलाके के पास प्लांट बनने से भविष्य में पूरे शहर का कचरा यहां आएगा। इससे बदबू, ट्रकों की आवाजाही और प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ेंगी। विरोध के चलते यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।

इसके बाद प्रशासन ने कुरुद क्षेत्र को नए विकल्प के रूप में चुना। यहां 29 जनवरी 2025 से महिलाओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपने वार्ड में सीबीजी प्लांट नहीं चाहते।

कुरुद में भी विरोध के बाद प्रशासन को फिर नई जगह तलाशनी पड़ी। इसके बाद ग्राम खेरधा की जमीन चिन्हित कर परियोजना पर काम शुरू करने की कोशिश की गई। 17 जुलाई को बाउंड्री वॉल के लिए खुदाई शुरू होते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और काम रुकवा दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर प्लांट बनाया जा रहा है, वह गांव की चारागाह भूमि है। उनका यह भी कहना है कि ग्राम पंचायत की मंजूरी और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना निर्माण कार्य शुरू किया गया है।

पंचायत से NOC नहीं मिली

ग्राम सरपंच जितेंद्र कुमार टंडन का कहना है कि गांव की जमीन पर बिना पंचायत के प्रस्ताव और एनओसी के काम शुरू करना सही नहीं है। अगर यहां प्लांट बना तो शहर का कचरा गांव तक पहुंचेगा, जिससे बदबू और प्रदूषण की समस्या बढ़ेगी। इसी वजह से ग्रामीणों ने जेसीबी मशीनों का काम रुकवा दिया और धरने पर बैठ गए।

कोर्ट के आदेश के अनुसार हो रही कार्रवाई- जिला प्रशासन

वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि निर्माण की कार्रवाई कलेक्टर और सक्षम न्यायालय के आदेश के अनुसार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को समझाने की कोशिश की जा रही है और सभी जरूरी नियमों का पालन किया जाएगा। हालांकि ग्रामीण अभी भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और निर्माण कार्य फिलहाल रुका हुआ है।

पिछले साल कुरुद में वार्ड की महिलाओं ने किया था विरोध प्रदर्शन।

पिछले साल कुरुद में वार्ड की महिलाओं ने किया था विरोध प्रदर्शन।

खेरधा में हो चुका है जमीन का आवंटन

इधर निगम के अफसरों की मानें तो खेरधा में ही प्लांट स्थापित होगा। खेरधा में जमीन का आवंटन हो चुका है। जनसंपर्क अधिकारी खिलेश्वर साहू ने बताया कि यह कार्रवाई कलेक्टर और सक्षम न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है।

परियोजना सभी आवश्यक प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया। हालांकि विरोध के कारण फिलहाल निर्माण कार्य रुक गया है।

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कोरबा

SECL और प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ भू-विस्थापितों ने आज अंडीकछार में महासम्मेलन कर कई अहम निर्णय व प्रस्ताव पारित किये

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40 वर्षों बाद भी रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के ग्रामीण

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले संपन्न हुआ महासम्मेलन

कोरबा/दीपका। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL और स्थानीय प्रशासन की तानाशाहीपूर्ण नीतियों के कारण दीपका क्षेत्र के भू-विस्थापित परिवारों का जीवन संकट में आ पड़ा है भूमि अर्जन और विस्थापन के 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी विस्थापितों की समस्याओं का अंत नहीं हो सका है और रोजगार व पुनर्वास की मांगें आज भी अधर में लटकी हुई हैं एसईसीएल प्रबंधन की इस वादाखिलाफी और उपेक्षा के विरोध में ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के तत्वाधान में आज 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार को प्रातः 11:00 बजे ग्राम पंचायत अंडीकछार स्थित टिनठिकिया स्थान पर एक विशाल भू-विस्थापित महासम्मेलन का आयोजन किया गया ।

इस महासम्मेलन में दीपका क्षेत्र के अर्जित एवं पुनर्वासित गांवों सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के प्रभावित ग्रामीण युवा बुजुर्ग और महिलाएं एकजुट होकर एसईसीएल प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरें ।

महासम्मेलन के मुख्य मुद्दे

ग्राम सुवाभोड़ी की प्रमुख मांगें पर लंबित मुआवजा एवं परिसंपत्तियों का अविलंब भुगतान 5 लाख की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि बसाहट पात्रता दस्तावेजों में व्याप्त नाम व जाति संबंधी त्रुटियों का तत्काल सुधार स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार का अधिकार के विषयों पर विशेष चर्चा पर प्रस्ताव पारित किया गया !

इसके साथ ही पुनर्वासित क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाएं सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर बेलटिकरी ग्रामीणों को भूमि पट्टे का आवंटन पक्की सड़कें नाली पुल-पुलिया गार्डन सामुदायिक भवन मुक्तिधाम तालाब और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं लंबित मुआवजा व पुनर्वास नीति के तहत सभी पात्रताओं का पारदर्शी निपटारा भू-विस्थापित कोटा टेंडर व स्वरोजगार अधिकार वैकल्पिक स्वरोजगार हेतु निर्धारित 5 लाख की टेंडर सीमा को बढ़ाकर 20 लाख स्थानीय भू-विस्थापित ठेकेदारों के साथ किए जा रहे भेदभाव को तुरंत समाप्त के संबंध में भी निर्णय व प्रस्ताव पारित किये गये !

संगठन का आह्वान

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने दीपका क्षेत्र के समस्त प्रभावित ग्रामों के निवासियों माताओं-बहनों बुजुर्गों और विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे अपने हक और अधिकार की इस निर्णायक लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा वर्षों से अपनी जमीन देकर देश को रोशन करने वाले किसान आज अपने ही हक के लिए तरस रहे हैं एसईसीएल की इस तानाशाही रवैये को अब बर्दाश्त नहीं की जायेगा और महासम्मेलन में अन्य समस्याओं का भी ऐतिहासिक निर्णय व प्रस्ताव लिया गया तथा इसी मंच से एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ आगामी लड़ाई व संघर्ष की तैयारी की जाएगी !

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कोरबा

टी.पी. नगर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में शाम 3 बजे होगी बैठक, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल करेंगे संबोधित

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कोरबा। कांग्रेस संगठन द्वारा जिले में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों को लेकर 23 अक्टूबर, शुक्रवार को शाम 3 बजे टी.पी. नगर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, कोरबा में जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है।
बैठक को छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल संबोधित करेंगे। बैठक में जिले में संगठन की गतिविधियों, सेक्टर, मंडल, वार्ड एवं बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय एवं मजबूत बनाने तथा आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सभी मंडल अध्यक्षों, सेक्टर प्रभारियों, वार्ड अध्यक्षों, बूथ पदाधिकारियों सहित कांग्रेस के समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस संगठन द्वारा विभिन्न वार्डों में सेक्टर स्तर की बैठकों का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी क्रम में 23 अक्टूबर को अलग-अलग क्षेत्रों में सेक्टर बैठकों के पश्चात जिला स्तर पर यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होकर संगठनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की है।
दिनांक 29 अक्टूबर को AICC द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक नवज्योत पटनायक और पी.सी.सी. पर्यवेक्षक एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री व् खरसिया विधायक उमेश पटेल द्वरा कोरबा जिला के कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कांग्रेस पार्टी के संगठन एवं मोर्चा से सम्बंधित समस्त पधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को बैठक में उपस्थित रहना अनिवार्य रहेगा.

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कोरबा

वोट बचाओ–देश बचाओ अभियान को गति देने बिहार जाएंगे जयसिंह अग्रवाल

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शिवहर, सीतामढ़ी एवं मधुबनी पूर्व-पश्चिम जिलों के कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ करेंगे संगठनात्मक बैठक
कोरबा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा चलाए जा रहे दो माह के राष्ट्रव्यापी “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बिहार के शिवहर, सीतामढ़ी तथा मधुबनी पूर्व एवं मधुबनी पश्चिम संगठनात्मक जिलों का केंद्रीय पर्यवेक्षक (AICC Observer) नियुक्त किया गया है।
AICC के निर्देशानुसार श्री अग्रवाल शीघ्र ही बिहार के इन जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे प्रत्येक जिले में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, वरिष्ठ पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों, बूथ लेवल एजेंटों (BLA), फ्रंटल संगठनों एवं अभियान से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा करेंगे तथा आगामी कार्यक्रमों की जिम्मेदारियां तय करेंगे।
बैठकों में विशेष रूप से मतदाता सूची के सत्यापन, SIR के माध्यम से हटाए गए या प्रभावित मतदाताओं की पहचान, “Vote Rakshak” पोर्टल के उपयोग, बूथ स्तर पर सत्यापन, ग्राम स्तरीय चौपालों तथा जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा की जाएगी। श्री अग्रवाल यह भी सुनिश्चित करेंगे कि AICC द्वारा निर्धारित कार्यक्रम प्रत्येक जिले में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ संचालित हों।
अभियान के आगामी चरण में 25 अक्टूबर से “वोट बचाओ–देश बचाओ चौपाल” का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रेस वार्ता, ब्लॉक स्तर की बैठकें, बूथ लेवल एजेंटों एवं “Vote Rakshak” कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण तथा बूथवार मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद गांव-गांव चौपाल आयोजित कर प्रभावित एवं हटाए गए मतदाताओं की जानकारी एकत्रित की जाएगी।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची केवल कागज का दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के अधिकार और उसकी राजनीतिक भागीदारी का आधार है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटता है अथवा चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता होती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि AICC द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे तथा बिहार के संबंधित जिलों में कांग्रेस संगठन के सभी स्तरों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान को बूथ और गांव के स्तर तक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी समन्वय, अनुशासन और पूरी सक्रियता के साथ अभियान में जुटें तथा हर पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा को अपना संगठनात्मक दायित्व समझकर कार्य करें।

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