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छत्तीसगढ़

रायगढ़ के 7 गांवों में घुसा महानदी का पानी:गरियाबंद में पुल ढहा, खारून खतरे के निशान से ऊपर, दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट

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रायपुर, एजेंसी। दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे तक कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज (31 जुलाई) से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी। पिछले 24 घंटे में विदर्भ और मध्यप्रदेश में बने डीप डिप्रेशन के असर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश हुई।

लगातार बारिश से रायगढ़ और सारंगढ़ जिलों के बीच बहने वाली महानदी का जलस्तर डेंजर जोन में पहुंच गया है। इससे पुसौर विकासखंड के सुरजगढ़, सिंघपुरी, चंघोरी, बाराडोली, परसापाली और खफरापाली गांव प्रभावित हुए हैं। गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

गुरुवार को गरियाबंद में उदंती नदी पर बन रहा करीब 9 करोड़ रुपए का निर्माणाधीन पुल ढह गया। रायपुर में खारून नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बस्तर में NH-130 पर पुलिया डैमेज होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया।

वहीं दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर लैंडस्लाइड के खतरे से आवाजाही बंद है, जबकि कांकेर में 15.5 करोड़ रुपए की नहर पहली ही बारिश में ढह गई।

रायगढ़ और सारंगढ़ के बीच बहने वाली महानदी का जलस्तर डेंजर जोन में पहुंचा।

रायगढ़ और सारंगढ़ के बीच बहने वाली महानदी का जलस्तर डेंजर जोन में पहुंचा।

गरियाबंद की उदंती नदी पर ओडिशा सरकार 9 करोड़ रुपए की लागत से इस पुल का निर्माण करा रही थी।

गरियाबंद की उदंती नदी पर ओडिशा सरकार 9 करोड़ रुपए की लागत से इस पुल का निर्माण करा रही थी।

दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है।

दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है।

रायपुर में खारून नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा।

रायपुर में खारून नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा।

कांकेर में 15 करोड़ में बनी नहर पहली बारिश नहीं झेल पाई।

कांकेर में 15 करोड़ में बनी नहर पहली बारिश नहीं झेल पाई।

दो दिन बाद मिला ढेकी नदी में बहे बच्चे का शव

सूरजपुर जिले में चपदा गांव में ढेकी नदी में बहे 10 वर्षीय बालक का शव दो दिन बाद गुरुवार शाम को बरामद कर लिया गया। DDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने घटना स्थल से करीब 20-25 किमी दूर कड़ी मशक्कत के बाद शव निकाला।

आरंग के गांव में घुसा बाढ़ का पानी

आरंग क्षेत्र के तटीय गांव निसदा के निचले हिस्सों में जलभराव के बीच एक ही परिवार के 6 सदस्य अपने घर में चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गए। SDRF की टीम ने मोटरबोट के जरिए जान जोखिम में डालकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

गरियाबंद में बाढ़ से टापू बना गौठान

बुधवार रात गरियाबंद का सुहागपुर गौठान बाढ़ के पानी से घिर गया। यहां 5, 3 और 2 साल के तीन मासूम बच्चों समेत एक परिवार करीब 4 घंटे तक फंसा रहा। नगर सेना ने देर रात रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित निकाला गया।

4 दिन बाद मिला उप सरपंच और पत्नी का शव

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लाट नाले में बहे दंपती का शव चार दिन बाद मिला। 26 जुलाई को कार से उफनते नाले को पार करने के दौरान दोनों तेज बहाव में बह गए थे। बुधवार को घटनास्थल से करीब 3 किमी दूर चिखली गांव के पास उनकी कार मिली, जिसके अंदर दोनों के शव बरामद हुए।

बिलासपुर रहा सबसे गर्म

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।

अब तक 12% कम बरसा पानी

छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रदर्शन इस बार जिलों के हिसाब से काफी असमान रहा है। 1 जून से 29 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में औसत 477.8 मिमी (18.8 इंच) बारिश हुई है। जबकि सामान्य बारिश 544.6 मिमी (21.4 इंच) होनी चाहिए थी।

यानी पूरे प्रदेश में 12% की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मानकों के अनुसार यह ‘सामान्य’ श्रेणी में आता है। भले ही राज्य का औसत सामान्य दिख रहा है, लेकिन जिले स्तर पर तस्वीर पूरी तरह अलग है। कहीं सामान्य से 76% अधिक बारिश हुई है तो कहीं 50% तक की कमी दर्ज की गई है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक बारिश वाला जिला

इस सीजन में अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा। यहां 769.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 76% अधिक है। यह प्रदेश का इकलौता जिला है, जहां बहुत अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई।

एक-तिहाई जिले अभी भी सामान्य बारिश से काफी पीछे

33 जिलों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 1 जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त वर्षा दर्ज की गई। 5 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। 16 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही।

11 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। किसी भी जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा की कमी नहीं रही।

रायपुर संभाग ने संभाला राज्य का औसत

हाल के दिनों में रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, जांजगीर, बालौदा बाजार और आसपास के जिलों में हुई लगातार भारी बारिश ने राज्य की औसत बारिश को बेहतर बनाया है। अगर मध्य छत्तीसगढ़ में तेज बारिश नहीं होती, तो पूरे प्रदेश की मौसमी वर्षा सामान्य से कहीं अधिक कम रहती।

आगे क्या?

मौसम विभाग के अनुसार, हाल में सक्रिय रहे डीप डिप्रेशन के कारण मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हुई, लेकिन इसके पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है।

ऐसे में जिन जिलों में अब भी 30 से 50 प्रतिशत तक वर्षा की कमी है, वहां आने वाले अगस्त के मानसून पर नजर रहेगी। अगले कुछ सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो इन जिलों में वर्षा घाटा और बढ़ सकता है।

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कोरबा

बिहान उत्पादों को मिली नई पहचान, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया ‘हसदेव नेचुरल्स’ ब्रांड का अनावरण

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स्व सहायता समूह की दीदियों के उत्पाद अब ‘हसदेव नेचुरल्स’ ब्रांड से होंगे बाजार में पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर

ब्रांडिंग से स्थानीय उत्पादों के विपणन को मिलेगा बढ़ावा, ग्रामीण महिलाओं की आजीविका और आत्मनिर्भरता होगी मजबूत

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव 2026 में बिहान स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। राज्य शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लखन लाल देवांगन ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टॉल में बिहान की दीदियों द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों के लिए *‘हसदेव नेचुरल्स’ ब्रांड का अनावरण किया। इस ब्रांड परियोजना के लिए के लिए जिला खनिज न्यास मद से वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इस ब्रांड के अंतर्गत महिला स्व सहायता समूह के द्वारा जिले में पिछले तीन महीने से उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है।

इस पहल से स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों को एक साझा ब्रांड के माध्यम से बाजार में नई पहचान मिलेगी। साथ ही उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, विपणन एवं बिक्री के अवसर बढ़ेंगे। इससे ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलने के साथ उनकी आय में वृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी नई संभावनाएं विकसित होंगी।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत जिले में कराए जा रहे विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत संचालित गतिविधियों तथा बिहान स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की इस पहल को महत्वपूर्ण बताया।

हसदेव नेचुरल्स’ ब्रांड का शुभारंभ ग्रामीण महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने और महिला स्वावलंबन को नई गति देने की दिशा में कोरबा जिले की एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर नगर निगम श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, आयुक्त नगर निगम आशुतोष पांडे सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

स्वच्छता दीदी बहनों का जिला भाजपा मंत्री गायत्री केशरवानी ने किया सम्मान

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शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनके समर्पण, मेहनत और सेवा भावना को किया नमन

रायगढ़ (किरोड़ीमलनगर)। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के पावन एवं गौरवशाली अवसर पर नगर पंचायत किरोड़ीमलनगर में स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली स्वच्छता दीदी बहनों के सम्मान में एक आत्मीय एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला भाजपा मंत्री श्रीमती गायत्री केशरवानी एवं छाया विधायक महेश साहू ने स्वच्छता दीदी बहनों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया तथा उनके निष्ठापूर्ण कार्यों, समर्पण और सेवा भावना के प्रति आभार व्यक्त किया।

किरोड़ीमल नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष अतुल शर्मा ,समस्त पार्षदगण,एल्डरमैन ,महिला महिला मोर्चा की बहने, वरिष्ठ कार्यकर्तागण,देवतुल्य कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती गायत्री केशरवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस हम सभी के लिए गौरव, सम्मान और प्रदेश की विकास यात्रा को स्मरण करने का विशेष अवसर है। इस महत्वपूर्ण दिन पर उन कर्मठ महिलाओं का सम्मान करना अत्यंत सराहनीय है, जो प्रतिदिन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में अपना योगदान दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता दीदी बहनें समाज की वास्तविक कर्मयोगी हैं। सुबह से लेकर दिनभर तक वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए नगर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके अथक परिश्रम के कारण ही हमारा नगर स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण की ओर अग्रसर होता है। उनका योगदान केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वे स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

श्रीमती गायत्री केशरवानी ने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को इन बहनों के श्रम और सम्मान का महत्व समझना चाहिए। स्वच्छता का कार्य केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है। नगर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नागरिकों को भी स्वच्छता दीदी बहनों का सहयोग करना चाहिए तथा कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने की आदत अपनानी चाहिए।

इस अवसर पर स्वच्छता दीदी बहनों ने भी अपने सम्मान के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आभार जताया। शॉल एवं श्रीफल भेंटकर किए गए इस सम्मान से उनके कार्यों के प्रति समाज में सम्मान और प्रोत्साहन का संदेश गया।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती गायत्री केशरवानी ने सभी स्वच्छता दीदी बहनों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि नगर की स्वच्छता और सुंदरता में अपना अमूल्य योगदान देने वाली इन बहनों का सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल

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सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

 आकाशगंगा के स्काईडाइवर्स और गरुड़ कमांडोज ने भी दिखाया अदम्य साहस

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर सेंध लेक में आयोजित भव्य एयर-शो बना आकर्षण का केंद्र

 तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

रायपुर, 2 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर नवा रायपुर का आसमान आज भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के भव्य एयर-शो में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। इस अवसर पर आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जांबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और उत्कृष्ट समन्वय से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, हैरतअंगेज हवाई करतबों, आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
    राज्यपाल रमेन डेका ने भारतीय वायु सेना के जांबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है। उन्होंने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कामना की, कि हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जांबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
अनुशासन, आपसी विश्वास और टीम भावना का अनुपम उदाहरण है सारंग टीम
    राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब भले ही देखने में सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और     असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रदर्शन युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने, अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और सामूहिक प्रयासों से सफलता हासिल करने की प्रेरणा देता है।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
आकाशगंगा के जांबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण
    एयर-शो का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जांबाजों ने अपने पैराशूट को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का परिचय दिया। निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप पैराशूट को नियंत्रित करते हुए स्काईडाइवर्स ने सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। उनके इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे और सफल लैंडिंग के बाद पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता और दृढ़ता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।
गरुड़ कमांडोज ने किया रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन    
    आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के बाद भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने अपने अदम्य साहस और विशेष ऑपरेशन की दक्षता का परिचय दिया। कमांडोज ने एयर-शो से पहले आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट लैंडिंग कर दर्शकों को रोमांचित किया। इसके पश्चात एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया गया। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुंचने की अपनी दक्षता प्रदर्शित की। सेंध लेक के सामने कमांडोज ने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के कौशल का परिचय दिया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। उनके अनुशासित और साहसिक प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन और क्रॉसओवर करतब ने थाम दीं दर्शकों की सांसें
    एयर-शो का सबसे प्रमुख आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और रोमांचकारी हवाई करतब प्रस्तुत किए। पायलटों ने अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ हेलीकॉप्टरों को उड़ाकर अपने अद्भुत कौशल का परिचय दिया।
    आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए। प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों का बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाला रोमांचकारी ‘क्रॉसओवर’ करतब विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। इस करतब में पायलटों के मन की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और आपसी तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।
सारंग के कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’, दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना
    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया। आसमान से गूंजे इस उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जांबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण दर्शकों के लिए विशेष रूप से यादगार बन गया।
तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान
    हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने ‘वंदे मातरम्’ गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा, हेलीकॉप्टरों का अद्भुत तालमेल और देशभक्ति गीत की गूंज ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ एयर-शो का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप को निकट से देखने का अवसर प्रदान किया।
विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम
    उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है। सारंग टीम जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार 1500 हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान कर चुकी है।
    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित यह भव्य एयर-शो प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव और उत्साह का अवसर बना। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों ने राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बना दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित सांसदगण, विधायकगण, निगम-मंडल के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

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