रायपुर ,एजेंसी। महाराष्ट्र में 6600 करोड़ के बिटकॉइन घोटाले के मामले में ED की टीम ने छत्तीसगढ़ में छापेमारी की है। रायपुर के गौरव मेहता के घर पर टीम घुसी है। बताया जा रहा है कि गौरव मेहता सारथी एसोसिएट्स ऑडिट फर्म का कर्मचारी है। उसी के ठिकानों पर ED की टीम जांच कर रही है।
दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच हो रही इस कार्रवाई से एक दिन पहले पुणे के पूर्व IPS अधिकारी रवींद्र नाथ पाटिल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बिटकॉइन घोटाले का पैसा इस्तेमाल हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया था कि गौरव मेहता से सुप्रिया सुले और नाना पटोले ने संपर्क किया था। चुनाव में इस्तेमाल के लिए घोटाले से बिटकॉइन के बदले नकदी मांगी थी।
रायपुर के गौरव मेहता के घर पर ED की टीम तलाशी ले रही है।
राधिका खेड़ा ने भूपेश बघेल पर बोला हमला
वहीं बिटकॉइन घोटाला मामले में बीजेपी प्रवक्ता ने सोशल मीडिया एक्स पर भूपेश बघेल पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अरे रे रे…झूठे आरोप गढ़ने के लिए बिजली से भी तेज़ कूद पड़े। बिना सबूत टर्र-टर्र करना आपकी पुरानी आदत है।
राधिका खेड़ा ने लिखा कि हिम्मत है तो अपने और ‘गौरव मेहता’ के काले रिश्तों पर भी ट्वीट कर दो पर आप तो सिर्फ़ मियां मिट्ठू बन गाल बजाने में ही माहिर है, सही कहा ना?
भाजपा ने किए थे सवाल
पुणे के पूर्व IPS अधिकारी के बयान के बाद भाजपा ने मंगलवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने डीलर, अमिताभ गुप्ता, सुप्रिया सुले, नाना पटोले की बातचीत का ऑडियो शेयर की थी उन्होंने पूछा था कि डीलर जिनकी बात कर रहा है, वे बड़े लोग कौन हैं?
BJP ने जो वॉइस नोट शेयर किए, उनमें क्या है…
इसमें सारथी एसोसिएट्स ऑडिट फर्म के कर्मचारी गौरव मेहता का पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता को भेजा गया वॉइस नोट है।
गौरव अंग्रेजी में कह रहा है- हमने पाटिल और घोडे (पाटिल के सहयोगी) के नाम से 4 क्रिप्टो वॉलेट बनाए थे। इन वॉलेट से लेन-देन हुए थे। अगर कोई जांच होती है, तो इसमें वही दो लोग (पाटिल और घोडे) फंसेंगे। मेरा यकीन करें, कोई भी हम तक नहीं पहुंच सकता
दूसरा ऑडियो: इसमें गौरव मेहता को भेजे गए सुप्रिया सुले के 3 वॉइस नोट हैं।
सुप्रिया अंग्रेजी में कह रही हैं- गौरव आप हमें जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। हमें कैश पहले चाहिए। दूसरे नोट में सुप्रिया कहती हैं- आपका कोई भी आदमी जवाब नहीं दे रहा है। हमसे गेम मत खेलो। पैसों का क्या हुआ। गुप्ता ने कहा था- सारे पैसे आपके पास हैं। तुरंत फोन करें। चुनाव चल रहे हैं और हमें पैसों की जरूरत है।
तीसरे नोट में कह रही हैं- बॉस आप क्यों सारे बिटकॉइन कैश में कन्वर्ट नहीं करवा रहे हैं। उनकी कीमत भी फेवरेबल है। हमें फंड की जरूरत है। आप इन्क्वायरी की चिंता मत करो। जब हम सत्ता में आएंगे तो संभाल लेंगे। आप इसे करो बस।
तीसरा ऑडियो: इसमें पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता को भेजा गया नाना पटोले का वॉइस नोट है।
नाना, अमिताभ पर दबाव बनाते हुए पूछ रहे हैं- अमिताभ, पैसे का क्या हुआ। कल पूछा था न? ऐसी मजा-मस्ती मत करो।
चौथा ऑडियो : इसमें पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता के गौरव मेहता को भेजे गए 4 वॉइस नोट हैं।
पहले नोट में अमिताभ कह रहे हैं- गौरव आप मेरे और भाग्यश्री के साथ हुई सारी चैट, बिटकॉइन, BHR से जुड़ा डेटा डिलीट करें। दूसरे नोट में अमिताभ कह रहे हैं- अगले हफ्ते 100 करोड़ की जरूरत है। तैयार रखें। विनोद भी आपको 25 करोड़ देगा, कुछ बड़ा होने वाला है।
आपकी तरफ से गड़बड़ नहीं होनी चाहिए। तीसरे नोट में अमिताभ बोल रहे हैं- गौरव, हमें अगले हफ्ते तक 50 करोड़ चाहिए। इसे दुबई में किसी को डिलीवर करना होगा। कृपया अपने दोस्त से कहें कि वह नकदी तैयार रखे। चौथे नोट में अमिताभ कहते हैं- हमें अगले हफ्ते कुछ और बिटकॉइन चाहिए, अपने खरीदार से कहें तैयार रहें।
सुप्रिया बोलीं- आरोप झूठे, EC-साइबर क्राइम से शिकायत की
पूर्व IAS के आरोप के बाद सुप्रिया ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग और साइबर क्राइम से की है। सुप्रिया ने X पर पोस्ट में लिखा- वोटिंग से एक रात पहले, मतदाताओं को गुमराह करने के लिए झूठी खबर फैलाने के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
हमने बिटकॉइन के दुरुपयोग के झूठे आरोपों के खिलाफ चुनाव आयोग और साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई है। इसके पीछे की मंशा पूरी तरह से साफ है। यह निंदनीय है कि भारत के संविधान के तहत बने लोकतंत्र में ऐसी चीजें हो रही हैं।
सुप्रिया ने लिखा- ये सब अटकलें और झूठ हैं
सुप्रिया ने लिखा- मैं सुधांशु त्रिवेदी के सभी आरोपों का खंडन करती हूं। ये सब अटकलें और झूठ हैं। मैं भाजपा के किसी भी नेता के साथ सार्वजनिक मंच पर बहस के लिए तैयार हूं, समय और तारीख भी वही चुनें।
बारामती सांसद ने यह भी लिखा- यह भयावह है कि सुधांशु त्रिवेदी ने इस तरह के निराधार आरोप लगाए हैं, फिर भी इसमें हैरानी नहीं है, क्योंकि साफतौर पर यह चुनाव से एक रात पहले झूठ फैलाने का मामला है।
क्या होता है बिटकॉइन?
बिटकॉइन एक प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी है, जिसे वर्चुअल करेंसी और डिजिटल करेंसी भी कहा जाता है। डॉलर या रुपए जैसी करेंसी की तरह क्रिप्टोकरेंसी से भी लेन-देन किया जा सकता है। दुनिया में इस वक्त 4 हजार से ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी चलन में हैं।
बिटकॉइन इनमें सबसे पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी है। हर बिटकॉइन ट्रांजैक्शन ब्लॉकचेन के जरिए पब्लिक लिस्ट में रिकॉर्ड होता है। जो डिसेंट्रलाइज तरीके से अलग-अलग यूजर्स द्वारा किया जाने वाला रिकॉर्ड मेंटेनेंस सिस्टम है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धेय स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित रहा। जनजातीय समाज के हितों की रक्षा, उनके स्वाभिमान और सामाजिक जागरण के लिए उन्होंने आजीवन कार्य किया। समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जूदेव जी का छत्तीसगढ़ की माटी और यहां के लोगों से गहरा आत्मीय जुड़ाव था। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में उन्होंने समाज को संगठित करने, लोगों में आत्मविश्वास जगाने और उनकी आवाज को मजबूती देने का महत्वपूर्ण कार्य किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जूदेव जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकार और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढि़यों को समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।
इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव, प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया आत्मीय अभिनंदन
भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में डॉ. द्विवेदी का योगदान उल्लेखनीय: मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. द्विवेदी का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के बीच भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य तथा सिनेमा सहित विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा और टेलीविजन ने हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने सृजन के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जन-जन तक पहुंचाया है। उनके द्वारा ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों को गंभीर शोध, संवेदनशीलता और सशक्त प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारने का कार्य उल्लेखनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘चाणक्य’ का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य के व्यक्तित्व, उनके राष्ट्रबोध और राजनीतिक दर्शन को डॉ. द्विवेदी ने जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, उसने देशभर के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़ी ऐसी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता, विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।
डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री श्री साय के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, साहित्य और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। राज्य की लोककला, लोकसाहित्य और गौरवशाली विरासत में सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव तथा प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित थे।
कोरबा निवासी 02 लोगों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट के मामले में पुलिस की कार्रवाई
कोरबा पुलिस की अपील—अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम एवं मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें
कोरबा। पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय से म्यूल अकाउंट (Mule Account) के संबंध में प्राप्त निर्देशों के पालन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।
इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा अलग अलग बैंक खातों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दो अलग अलग अपराधों में दो खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खाता धारक महेंद्र कुमार धीवर निवासी मानस नगर, कोरबा एवं के प्रभाकर राव निवासी कृष्ण नगर कोरबा द्वारा अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग हेतु दिए जाने की बात सामने आई। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि संबंधित बैंक खाते होल्ड हो गए हैं।
प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना वर्तमान में जारी है।
म्यूल अकाउंट के विरुद्ध कोरबा पुलिस की कार्रवाई
साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अथवा पहले से संचालित बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किया जाता है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।
साइबर अपराध में प्रयुक्त ऐसे खातों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।
कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील
साइबर अपराधी लोगों को कमीशन अथवा अन्य प्रकार के लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर अथवा सिम का उपयोग साइबर अपराधों में कर सकते हैं। अतः नागरिक निम्न सावधानियां बरतें—
अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें।
अपना एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
अपना मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें।
किसी व्यक्ति द्वारा कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही जाए तो सतर्क रहें।
अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें।
किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने बैंक एवं पुलिस को सूचित करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में राशि प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर अथवा नकद निकालकर न दें।
कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम अथवा मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर स्वयं को साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।