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SIR पर ममता बोलीं-EC बंगाल को निशाना बना रहा:नाम मिसमैच पर दिए नोटिस वापस लिए जाएं, पहली बार किसी CM ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी

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नई दिल्ली/कोलकाता,एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) मामले पर सुनवाई की। जहां राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वकीलों के साथ मौजूद रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के निशाने पर है। जो काम 2 साल में होना था, उसे 3 महीने में करवाया जा रहा है।

सुनवाई के बाद CJI सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि असली लोग चुनावी सूची में बने रहने चाहिए। ममता की याचिका पर बेंच ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब मांगा।

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री ने कोर्ट में पेश होकर अपनी दलीलें रखीं। मुकदमों में आमतौर पर मुख्यमंत्रियों के वकील या सलाहकार ही पेश होते हैं।

ममता की दलीलें

  • चुनाव से पहले 2 महीने में ऐसा कुछ करने की कोशिश की जा रही है, जो 2 साल में होना था। खेतीबाड़ी के मौसम में लोगों को परेशान किया जा रहा है।
  • 24 साल बाद इसे 3 महीने में पूरा करने की जल्दबाजी क्यों है। 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है। ECI की प्रताड़ना के चलते BLO की जान जा रही है।
  • बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। असम और नॉर्थ ईस्ट में ऐसा क्यों नहीं हो रहा।
  • SIR प्रक्रिया वोटर्स को शामिल करने नहीं बल्कि हटाने के लिए हो रही है। अब तक 58 लाख लोगों के नाम हटाए जा चुके हैं।
  • भाजपा ने माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्ति किए, जो BLO अधिकारों को दरकिनार करते हुए नाम हटा रहे हैं। नाम मिस मैच पर दिए गए नोटिस वापस लिए जाएं।
  • सर बेटी शादी के बाद ससुराल जाती है, वह पति का टाइटल इस्तेमाल कर रही है, यह भी मिसमैच है। कुछ बेटियां जो ससुराल चली गईं, उनके नाम भी डिलीट कर दिए गए।

चुनाव आयोग जवाब

इलेक्शन कमीशन ने कहा- राज्य सरकार से बार-बार मांग करने के बाद SIR के काम के लिए पर्याप्त ग्रुप बी अधिकारी नहीं दिए गए। इस कारण माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने पड़े। सभी नोटिस में कारण होते हैं। जिनके नाम हटे उन्हें अधिकृत एजेंटों को भी लाने की अनुमति दी गई थी।

हमने राज्य सरकार को कई पत्र लिखे हैं कि हमें क्लास 2 अधिकारी दें ताकि ERO को नियुक्त किया जा सके। उन्होंने उस रैंक के लगभग 80 अधिकारी दिए हैं, बाकी निचले रैंक के। इसलिए हमें माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने पड़े। गलती उनकी है। माइक्रो ऑब्जर्वर सही तरीके से नियुक्त किए गए हैं। राज्य सहयोग नहीं कर रहा है, तो कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है। समय की कोई समस्या नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

CJI सूर्यकांत ने कहा- सभी नोटिस वापस लेना अव्यावहारिक है। नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी होने पर चुनाव आयोग नोटिस जारी न करे। चुनाव आयोग अपने अधिकारियों को भी निर्देश दे कि वे संवेदनशील रहें। अगर राज्य सरकार ऐसे लोगों की टीम देती है, जो बांग्ला और स्थानीय बोलियां जानते हों, और वे जांच करके चुनाव आयोग को बताएं कि स्थानीय बोली के कारण गलती है, तो इससे मदद मिलेगी।

स्थानीय बोली के अनुवाद को AI की मदद लेने के कारण अगर ऐसा हो रहा है तो हम समाधान निकालेंगे। इस वजह से असली मतदाता को बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

दिल्ली में 3 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने दावा किया कि उनके पीछे बैठे लोग SIR के पीड़ित हैं।

दिल्ली में 3 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने दावा किया कि उनके पीछे बैठे लोग SIR के पीड़ित हैं।

ममता के पास LLB की डिग्री, आवेदन में कहा- SC के तौर-तरीके समझती हूं

ममता बनर्जी के इलेक्शन एफिडेविट के अनुसार उन्होंने 1979 में कोलकाता यूनिवर्सिटी से MA करने के बाद, जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज (कोलकाता) में LLB कोर्स में एडमिशन लिया था। 1982 में उनका LLB पूरा हो गया था। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने और बहस करने की अनुमति मांगने के लिए एक अंतरिम आवेदन भी दायर किया है।

अपने आवेदन में ममता ने कहा है कि आर्टिकल 32 रिट में याचिकाकर्ता होने के नाते वह मामले से पूरी तरह वाकिफ हैं। वे कहती हैं कि पश्चिम बंगाल की CM और TMC अध्यक्ष होने के नाते वह SC के तौर-तरीकों को समझती हैं और स्थापित नियमों के अनुसार ही व्यवहार करेंगी।

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जम्मू-कश्मीर में जैश के 2 आतंकियों का एनकाउंटर :उधमपुर में गुफा में छिपे थे, सेना ने ग्रेनेड से उड़ाया, अमेरिकन M4 राइफल और AK-47 बरामद

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उधमपुर,एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बुधवार को सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया। दोनों आतंकवादी गुफा में छिपे हुए थे। सेना ने गुफा को ग्रेनेड से विस्फोट कर उड़ा दिया। एनकाउंटर का वीडियो भी सामने आया है।

इसके बाद एक आतंकवादी का शव गुफा के बाहर था, जबकि दूसरे आतंकी का शव गुफा के अंदर काफी गहराई में मिला। इस ऑपरेशन में जैस का टॉप कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया भी मारा गया। वो इलाके में कई साल से सक्रिय था।

मुठभेड़ मंगलवार को शाम 4 बजे शुरू हुई थी। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के पास से M4 कार्बाइन, AK-47 असॉल्ट राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है।

आतंकियों के एनकाउंटर की तस्वीरें…

दोनों आतंकी गुफा से छिपकर फायरिंग कर रहे थे।

दोनों आतंकी गुफा से छिपकर फायरिंग कर रहे थे।

सुरक्षा बलों ने गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया।

सुरक्षा बलों ने गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया।

यह मुठभेड़ करीब 20 घंटे चली। सुरक्षाबलों ने इलाकों को पूरी तरह से घेर लिया।

यह मुठभेड़ करीब 20 घंटे चली। सुरक्षाबलों ने इलाकों को पूरी तरह से घेर लिया।

ऑपरेशन ‘किया’ के तहत सेना की कार्रवाई

व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF का यह जॉइंट आपरेशन था। इसके तहत इलाके की घेराबंदी की गई। इसे ऑपरेशन ‘किया’ नाम दिया गया।

मुठभेड़ मंगलवार को शाम 4 बजे शुरू हुई। आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की। करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को गोली लगी, लेकिन वह अपने साथी के साथ गुफा के अंदर जाकर छिप गया।

मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे आतंकियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर गुफा से बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान फिर से फायरिंग हुई और तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। इसके बाद अतिरिक्त सुरक्षाबलों को इलाके में भेजा गया और घेराबंदी और कड़ी कर दी गई।

सुरक्षा बलों ने बुधवार को आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए।

ऑपरेशन त्राशी-1 अभी भी जारी

उधमपुर के साथ-साथ किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 भी चल रहा है। यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था।

ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान पिछले 15 दिनों में आतंकियों के साथ चार बार मुठभेड़ हो चुकी है। 18 जनवरी को हुए पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई।

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गाजियाबाद-मोबाइल गेम की लत, 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं:उम्र 12-14-16 साल, सुसाइड नोट में लिखा- सॉरी मम्मी-पापा, गेम नहीं छोड़ पाएंगे

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गाजियाबाद,एजेंसी। गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी।

उनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल है। पिता के मुताबिक, तीनों बेटियों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। वे हर वक्त एक साथ रहती थीं। एक साथ नहाती थीं और टॉयलेट जाती थीं। इस कदर गेम की लत थी कि स्कूल भी छोड़ दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का दावा है कि नोट में लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।”

घटना भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों मोबाइल से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में आत्महत्या की गई, इसकी जांच की जा रही है।

रात 2 बजे तीनों बहनें हाथ पकड़कर बालकनी से कूद गईं। थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गई।

रात 2 बजे तीनों बहनें हाथ पकड़कर बालकनी से कूद गईं। थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गई।

पिता ने दो शादियां कीं, शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं

तीनों बच्चियों के नाम निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) हैं। पिता चेतन गुर्जर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। वह मूल रूप से दिल्ली के खजूरी के रहने वाले हैं। परिवार में 2 पत्नी, 7 साल का बेटा और चार बच्चियां थीं। साथ में साली भी रहती है।

चेतन ने दो शादियां की हैं। पहली पत्नी से बच्चे नहीं होने पर उन्होंने उसकी बहन यानी साली से दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी से निशिका और प्राची का जन्म हुआ। इसके बाद पहली पत्नी से भी एक बेटी पैदा हुई। फिर दूसरी पत्नी से एक और बेटी-बेटा भी हुए हैं।

जिस फ्लैट में परिवार रहता है, उसमें तीन कमरे और एक हॉल है। घटना के वक्त चेतन दोनों पत्नियों के साथ एक कमरे में सो रहे थे। साली, 3 साल की बेटी और 7 साल का बेटा भी उसी कमरे में थे। बच्चियां दूसरे कमरे में सोई थीं। तीसरे कमरे में केवल राधा-कृष्ण की एक तस्वीर लगी है। इसी कमरे की बालकनी से तीनों ने छलांग लगाई।

पिता ने पुलिस अफसरों को रोते हुए घटना के बारे में बताया।

पिता ने पुलिस अफसरों को रोते हुए घटना के बारे में बताया।

पुलिस बोली- बच्चियां 80 फीट की ऊंचाई से कूदी थीं

घरवालों ने बताया- बेटियों ने पहले कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया, फिर कूद गईं। हम लोग आवाज सुनकर दौड़े। देखा तो कमरा बंद था। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। देखा तो बेटियां वहां नहीं थीं। फिर दौड़कर नीचे पहुंचे। देखा तो बेटियां नीचे पड़ी हुई थीं।

SP अतुल कुमार सिंह ने बताया- पुलिस को रात 2:18 बजे सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जिस ऊंचाई से तीनों बच्चियां कूदीं, वहां से जमीन की दूरी 80 फीट है। तीनों बच्चियां जमीन पर पड़ी मिलीं और गंभीर रूप से घायल थीं। उन्हें एंबुलेंस से लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

यह सुसाइड का एक पेज है। इसमें लिखा है कि इस डायरी को पढ़ लीजिए। इसमें सब कुछ सच लिखा हुआ है।

यह सुसाइड का एक पेज है। इसमें लिखा है कि इस डायरी को पढ़ लीजिए। इसमें सब कुछ सच लिखा हुआ है।

पिता बोले- 3 साल से गेम खेलती थीं, कहती थीं- कोरिया जाना है

पिता चेतन ने बताया कि बेटियों ने लिखा, “सॉरी पापा, हम गेम नहीं छोड़ सके। कोरियन गेम हमारी जिंदगी, हमारी जान है।” वह कहते हैं, “बेटियां 3 साल से गेम खेल रही थीं। 2 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। दिनभर गेम खेलती रहती थीं। आसपास के लोगों से बात भी नहीं करती थीं। अक्सर कहती थीं कि हम लोगों को कोरिया जाना है।”

‘बीच वाली बेटी टास्क देती थी, बाकी दोनों बात मानती थीं’

चेतन कहते हैं, “कभी हम उनके कमरे में चले जाते तो वहां से तीनों दूसरे कमरे में चली जाती थीं। बेटी प्राची गेम में डेथ कमांडर की भूमिका निभाती थी। वह दोनों को टास्क देती थी। दोनों बेटियां उसकी हर बात मानती थीं। तीनों बेटियां हर वक्त एक साथ रहती थीं। एक साथ ही टॉयलेट जाती थीं। नहाती भी साथ ही थीं।”

यह वही बॉलकनी है। जहां से तीनों ने सुसाइड किया। तीनों ने पहले स्टूल रखा, फिर एक-एक करके बालकनी से कूद गईं।

यह वही बॉलकनी है। जहां से तीनों ने सुसाइड किया। तीनों ने पहले स्टूल रखा, फिर एक-एक करके बालकनी से कूद गईं।

‘अपने बच्चों को मोबाइल गेम न खेलने दें’

पिता चेतन कहते हैं, “मेरी बच्चियों के साथ बहुत बुरा हुआ। कोई भी मां-बाप अपने बच्चों को मोबाइल गेम न खेलने दें। कौन-सा टास्क दिया जा रहा है, इसका पता नहीं चलता। अगर मुझे पता होता कि किस तरह के टास्क दिए जा रहे हैं, तो हम उन्हें गेम खेलने ही नहीं देते। सुसाइड नोट में बच्चियों ने आत्महत्या और गेम के संबंध में बताया है।”

यह वही स्पॉट है, जहां तीनों बहनें कूदी थीं। पुलिस ने जगह को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं।

यह वही स्पॉट है, जहां तीनों बहनें कूदी थीं। पुलिस ने जगह को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं।

यह वही कमरा है, जिसमें बच्चियां रहती थीं।

यह वही कमरा है, जिसमें बच्चियां रहती थीं।

हादसे के बाद परिवार वालों ने घर का दरवाजा तोड़ा। देखा तो बेटियां नहीं थीं। फिर दौड़कर नीचे पहुंचे। वहां तीनों खून से लथपथ पड़ी हुईं मिलीं।

हादसे के बाद परिवार वालों ने घर का दरवाजा तोड़ा। देखा तो बेटियां नहीं थीं। फिर दौड़कर नीचे पहुंचे। वहां तीनों खून से लथपथ पड़ी हुईं मिलीं।

एडिशनल कमिश्नर केशव चौधरी ने बताया-

तीनों लड़कियां कोरियन कल्चर से प्रभावित थीं। मोबाइल एडिक्ट थीं। कोरियन गेम एडिक्ट होने की पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने मोबाइल देने से रोका था, इसी से नाराज होकर सुसाइड का कदम उठाया।

कोरियन लव गेम के बारे में जानिए

कोरियन लव गेम एक ऑनलाइन गेम है। यह इंटरनेट पर चलने वाले ऐसे ऑनलाइन चैट सिस्टम का नाम है, जिसमें सामने वाला खुद को कोरियन या विदेशी लड़का-लड़की बताकर बात शुरू करता है। यह गेम सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए फैलता है।

शुरुआत में सामने वाला दोस्ती और प्यार की बातें करता है। आसान-आसान टास्क दिए जाते हैं, ताकि भरोसा बन जाए। धीरे-धीरे टास्क बढ़ते जाते हैं। मानसिक दबाव बनने लगता है। कई मामलों में बात न मानने पर डराया जाता है। इससे खेलने वाला व्यक्ति तनाव में आ जाता है और उसका व्यवहार बदलने लगता है।

गाजियाबाद की इसी भारत सिटी में हादसा हुआ। तीनों बच्चियां और उनका परिवार यहां बी-1 टॉवर में रहता है।

गाजियाबाद की इसी भारत सिटी में हादसा हुआ। तीनों बच्चियां और उनका परिवार यहां बी-1 टॉवर में रहता है।

ब्लू व्हेल गेम से भी बच्चों की जान गई, भारत में बैन

  • ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में देशभर से कई बच्चे जान गंवा चुके हैं। ब्लू व्हेल चैलेंज गेम को सुसाइड गेम भी कहा जाता है।
  • यह एक ऑनलाइन गेम है, जिसमें पार्टिसिपेंट को एक चैलेंज दिया जाता है। इस गेम में 50 स्टेप्स हैं, जो धीरे-धीरे कठिन होते जाते हैं। इस गेम में एक एडमिनिस्ट्रेटर और पार्टिसिपेंट शामिल होता है।
  • एडमिनिस्ट्रेटर 50 दिन की अवधि के दौरान रोजाना एक टास्क सौंपता है।
  • शुरुआत में ये टास्क सिंपल होते हैं, लेकिन आखिरी स्टेप्स में खुद को नुकसान पहुंचाने के साथ कठिन होते जाते हैं और कई पार्टिसिपेंट के सुसाइड पर जाकर खत्म होते हैं।
  • इस गेम को भारत सरकार ने 2017 में बैन कर दिया।

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विपक्ष के सांसदों का हंगामा, लोकसभा कल तक स्थगित:PM मोदी की स्पीच टली, शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने वाले थे प्रधानमंत्री

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नई दिल्ली,एजेंसी। विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के चलते बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही 4 बार स्थगित हुई, जिसके बाद शाम 5 बजे सदन को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। हंगामे के कारण पीएम नरेंद्र मोदी का आज शाम 5 बजे होने वाले राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर संबोधन भी टल गया।

संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई है। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेण रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं।

वहीं, लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है।

निशिकांत की कोट की गई किताबों में एडविना एंड नेहरू, रेमिनिसेंस ऑफ द नेहरू एज, द रेड साड़ी, एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर समेत दूसरी किताबें और नोट्स दिखाए। आज फिर चेयर की तरफ विपक्षी सांसदों ने पेपर उड़ाए।

विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। सुबह सदन सिर्फ 5 मिनट चला और 12 बजे तक स्थगित हुआ। इसके बाद 12 बजे हंगामा होने पर दोपहर 2 बजे तक और 2 बजे दोबारा शुरू होकर 8 मिनट में ही रुक गया। शाम 5 बजे फिर शुरू होने के बाद भी हंगामे के चलते लोकसभा को कल सुबह 11 बजे तक स्थगित करना पड़ा।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार-कांग्रेस पर लिखी किताबें कोट कीं।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार-कांग्रेस पर लिखी किताबें कोट कीं।

निशिकांत दुबे ने बोफोर्स गेट समेत अन्य किताबों को कोट किया है।

निशिकांत दुबे ने बोफोर्स गेट समेत अन्य किताबों को कोट किया है।

विपक्षी सांसदों ने चेयर की तरफ आज भी पेपर उछाले। कल इसी हरकत पर 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया था।

विपक्षी सांसदों ने चेयर की तरफ आज भी पेपर उछाले। कल इसी हरकत पर 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया था।

पीयूष गोयल ने कहा- अमेरिका और भारत की ट्रेड डील ऐतिहासिक

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में अमेरिका से टैरिफ डील पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि डील ऐतिहासिक है। भारत के कृषि और खाद्य क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा गया है। यह डील भारत के विकास में बेहद फायदेमंद होगी।

गोयल के भाषण के दौरान विपक्षी सांसद हंगामा करते रहे। विपक्ष ने ‘LoP (राहुल गांधी) को बोलने दो’, नरेंद्र मोदी-सरेंडर मोदी और ‘डरता है डरता है नरेंद्र मोदी डरता है’ के नारे लगाए। विपक्ष के हंगामें पर लोकसभा को दोपह 2 बजे तक स्थगित किय गया।

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