रायपुर। 1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।
2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है।
3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा।
4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।
5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।
अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।
6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके।
7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है।
गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।
8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।
छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे।
कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा।
मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।
कुल्हरिया में शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन बहाल
कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभर रही है। जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तायुक्त,समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है इसका एक प्रेरक उदाहरण जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुल्हरिया में देखने को मिला, जहां सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद अधूरी पाइप पुलिया का निर्माण पूर्ण कर क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर दी गई, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पुनः सुचारु और सुरक्षित हो गया।
ग्राम पंचायत कुल्हरिया निवासी राजकुमार शांडिल्य ने 27 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में टोकन क्रमांक CC260600052681 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मनरेगा योजना के तहत गुलाब घर से प्रधानपारा तक मिट्टी-मुरूम सड़क का निर्माण तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन पाइप पुलिया अधूरी होने के कारण बरसात के दौरान ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत प्राप्त होते ही सीएम हेल्पलाइन केंद्र द्वारा प्रकरण संबंधित एल-1 अधिकारी को तत्काल भेजा गया। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा की टीम ने बिना विलंब ग्राम पंचायत एवं निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर स्थल का निरीक्षण कराया।
जांच में पाया गया कि वर्ष 2022-23 में मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत इस सड़क निर्माण कार्य की कुल लागत 15.52 लाख रुपये थी, जिसमें 10.43 लाख रुपये मजदूरी मद तथा 5.09 लाख रुपये सामग्री मद के लिए स्वीकृत थे। अत्यधिक वर्षा के कारण निर्मित पाइप पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी तथा मिट्टी के कटाव से मार्ग अवरुद्ध हो गया था।
शिकायत के बाद जनपद पंचायत की सक्रिय पहल एवं निर्माण एजेंसी के समन्वित प्रयासों से पाइप पुलिया का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया गया। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कर आवागमन को पुनः सुरक्षित एवं सुचारु बनाया गया। शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया गया।
कार्य पूर्ण होने पर ग्रामवासियों ने संतोष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था की सराहना की। शिकायतकर्ता राजकुमार शांडिल्य सहित ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्या का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान होने से शासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।
सीईओ प्रतीक जैन ने गौधाम योजना की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश
कोरबा। जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित गौधामों में निराश्रित गौवंश के समुचित संरक्षण, बेहतर रखरखाव एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पंचायत सभागार में गौधाम योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने की।
बैठक में सीईओ श्री जैन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गौधामों में संधारित पशुओं को नियमित रूप से पर्याप्त दाना-पानी उपलब्ध कराया जाए तथा पशु शेड एवं पूरे परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि गौधाम का मूल उद्देश्य निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय, समुचित देखभाल और बेहतर प्रबंधन उपलब्ध कराना है, इसलिए संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
समीक्षा के दौरान गौधाम संचालन के लिए चयनित संस्थाओं के दायित्वों की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर आवश्यकतानुसार बाउंड्रीवाल, पेयजल, विद्युत, पशु शेड, चारा विकास तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाए। साथ ही सभी पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, समय पर टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं का सेवन, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए।
सीईओ ने गौवंशीय नर पशुओं का बधियाकरण कर बैल जोड़ी तैयार करने, मादा पशुओं के नस्ल सुधार, सघन चारा विकास, आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता एवं लेखा-संधारण को भी अनिवार्य बताया। उन्होंने भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा पशु कल्याण, पशु क्रूरता निवारण तथा पशुओं के रखरखाव संबंधी जारी सभी नियमों, अधिनियमों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गौधामों में गोबर एवं गौमूत्र आधारित जैविक खाद, जैविक कीटनाशक तथा अन्य उपयोगी उत्पादों के निर्माण, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही परिसर एवं आसपास स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में गौधामों में आवश्यक अभिलेखों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इनमें पशु संख्या पंजी, पोषण आहार पंजी, रोकड़ बही, औषधि पंजी, टीकाकरण एवं पशु उपचार पंजी, गौधाम कार्यकारिणी बैठक पंजी, दुग्ध उत्पादन पंजी, भंडार पंजी तथा निरीक्षण पंजी का अद्यतन संधारण शामिल है।
उप संचालक, पशुधन विकास विभाग डॉ. सचिदानंद मिश्रा ने बताया कि जिले की ग्राम पंचायत अमरपुर, कपोंट, केराझरिया एवं लेपरा में गौधामों का सुचारु संचालन किया जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, संबंधित गौधामों के अध्यक्ष तथा विभागीय मैदानी अमला उपस्थित रहा।
कटघोरा नगर पालिका में रू.13.60 लाख घोटाले का मामला, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और सीएमओ की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की
कटघोरा नगर पालिका में रू.13.60 लाख घोटाले पर भाजपा का हल्ला बोल, सीएमओ की बर्खास्तगी और उच्चस्तरीय जांच की मांग
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कटघोरा नगर पालिका परिषद में अटल परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण एवं ‘ब्रॉन्ज’ सामग्री की खरीदी में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने नगर पालिका परिषद कटघोरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को तत्काल बर्खास्त कर कठोर कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई है।
यह केवल सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं, जनता के विश्वास के साथ भी गंभीर छल – गोपाल मोदी
गोपाल मोदी ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि विभिन्न समाचार माध्यमों एवं जनसामान्य से प्राप्त जानकारी के अनुसार अटल परिसर में ब्रॉन्ज सामग्री के नाम पर किए गए निर्माण कार्य में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है। आरोप है कि ब्रॉन्ज के स्थान पर निम्न गुणवत्ता की सामग्री अथवा कंक्रीट का उपयोग किया गया, जबकि भुगतान ब्रॉन्ज सामग्री के नाम पर किया गया। इस पूरे मामले में लगभग रू.13.60 लाख की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सत्य सिद्ध होते हैं, तो यह केवल सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी गंभीर छल है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या ठेकेदार सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का साहस न कर सके।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री की विशेषज्ञों से जांच कराई जाए, भुगतान, निविदा प्रक्रिया, मापन पुस्तिका (एम.बी.), बिल, वाउचर एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत वित्तीय जांच हो तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गोपाल मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी प्रशासन की पक्षधर रही है। जनहित और शासन की साख बनाए रखने के लिए इस गंभीर मामले में शीघ्र, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।