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छत्तीसगढ़

मुंगेली : जमीन पर बैठकर सुनी अचानकमार क्षेत्र के लोगों की फरियाद

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प्रमुख सचिव और कलेक्टर ने चौपाल लगाकर जमीनी हकीकत की पड़ताल, मौके पर दिए समाधान के निर्देश

जमीन पर बैठकर सुनी अचानकमार क्षेत्र के लोगों की फरियाद
जमीन पर बैठकर सुनी अचानकमार क्षेत्र के लोगों की फरियाद

मुंगेली। मुंगेली जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शासन की संवेदनशीलता और जनसरोकारों का प्रेरणादायी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कलेक्टर कुन्दन कुमार ग्राम शिवलखार पहुंचे और जमीन पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। वनांचल के ग्रामीणों से हुए इस आत्मीय संवाद ने प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी को पूरी तरह कम कर दिया। प्रमुख सचिव ने ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनी तथा उनके त्वरित निराकरण के लिए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख सचिव के समक्ष रखीं। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनांचल क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुंच प्रभावी रूप से सुनिश्चित की जाए तथा जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाए। आवास योजना से संबंधित एक ग्रामीण महिला की शिकायत पर प्रमुख सचिव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। इस दौरान प्रमुख सचिव ने मोबाइल मेडिकल यूनिट का अवलोकन भी किया और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दौरान डीएफओ अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी एसडीएम अजीत पुजारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

गोपाल मोदी के नेतृत्व में संगठन विस्तार को नई मजबूती, मनोज राठौर बने RTI प्रकोष्ठ के जिला संयोजक

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कोरबा। भारतीय जनता पार्टी संगठन ने सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ में महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए मनोज राठौर को जिला संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव की सहमति एवं भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी की अनुशंसा से मनोज राठौर को यह महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया गया है।

मनोज राठौर की नियुक्ति से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। संगठन ने विश्वास जताया है कि वे सूचना के अधिकार अधिनियम के माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

भाजपा जिला संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मनोज राठौर को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगा।

मनोज राठौर ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का वे पूरी निष्ठा, सक्रियता एवं समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे तथा जनहित और संगठन के उद्देश्यों को प्राथमिकता देते हुए कार्य करेंगे।

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कोरबा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा, जनसेवा और समर्पण का प्रतीक : नारायण चंदेल

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कोरबा। भाजपा जिला कार्यालय कोरबा में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफलतम 25 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा समूचे देश में चलाये जाने वाले विशेष “सेवा संकल्प अभियान” के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन राष्ट्र एवं जनसेवा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

नारायण चंदेल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा भाव, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने का व्यापक जन अभियान है। इस अभियान के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दिया’, ‘सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘सेवा स्मरण’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी’, ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इसी विशेष अवसर को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने इस वर्ष सेवा पखवाड़े को व्यापक स्वरूप प्रदान करते हुए एक माह तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रथम के संकल्प को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ता इसी सेवा भाव को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाएंगे।

17 सितम्बर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, कोरबा में व्यापक तैयारियां – गोपाल मोदी

जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से आरंभ हो रहे “सेवा संकल्प अभियान”, जो निरंतर एक माह 17 अक्टूबर तक समूचे देश में चलाया जायेगा इसी के तहत कोरबा जिले मे बड़े पैमाने पर इस महा अभियान की तैयारी की जा रही है।

पत्रकार वार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन , भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी , महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत , प्रदेश कार्य समिति सदस्य जागेश लांबा , प्रदेश मंत्री सुश्री रितु चौरसिया जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, एमआईसी मेंबर नरेंद्र देवांगन, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार, मंत्री चंचला राठौर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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कोरबा

मानिकपुर खदान विस्तार से प्रभावित ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से लगाई गुहार

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25 सितंबर की जनसुनवाई से पहले मुआवजा, रोजगार एवं पुनर्वास की लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग
कोरबा, 13 सितंबर। SECL की मानिकपुर ओपन कास्ट कोल परियोजना के विस्तार को लेकर आगामी 25 सितंबर 2026 को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई से पहले प्रभावित 8 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने SECL मानिकपुर प्रभावित (भू-विस्थापित) समिति के बैनर तले पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात की। ग्रामीणों ने कलेक्टर, कोरबा के नाम संबोधित ज्ञापन की प्रति पूर्व मंत्री को सौंपते हुए आग्रह किया कि जनसुनवाई से पहले उनकी वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कराया जाए।

ग्रामीणों ने बताया कि मानिकपुर खदान की प्रस्तावित क्षमता में वृद्धि से अनेक गांवों और परिवारों पर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ रहा है। भिलाई खुर्द क्रमांक 1, 2 एवं 3, बरबसपुर, कर्रानाला, कदमहाखार, इमलीडुग्गू, रामपखरा, मानिकपुर, दादरखुर्द, ढेलवाडीह एवं कुदरी बस्ती सहित आसपास के प्रभावित परिवारों की भूमि, मकान और आजीविका परियोजना से जुड़ी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण अथवा विस्थापन केवल जमीन का मामला नहीं है, बल्कि पूरे परिवार की आजीविका और भविष्य का प्रश्न है। वर्षों से अपनी जमीन पर निर्भर परिवारों के सामने विस्थापन के बाद बच्चों की शिक्षा, परिवार के भरण-पोषण और स्थायी आय की व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने न्यायसंगत एवं लंबित मुआवजे का शीघ्र भुगतान, पात्र प्रभावित परिवारों को रोजगार, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) की समुचित व्यवस्था, छूटे हुए मकानों एवं परिवारों का पुनः सर्वेक्षण तथा पात्रता के अनुसार सभी प्रभावितों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं SECL प्रबंधन से आग्रह किया कि 25 सितंबर को जनसुनवाई आयोजित करने से पहले इन लंबित मुद्दों पर स्पष्ट एवं ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि परियोजना विस्तार की प्रक्रिया में उनकी सहमति एवं आपत्तियों को केवल औपचारिकता न माना जाए, बल्कि प्रत्येक प्रभावित परिवार की वास्तविक स्थिति को समझकर समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का लाभ क्षेत्र और प्रदेश को मिलना महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास की कीमत उन परिवारों को नहीं चुकानी चाहिए जिन्हें अपनी जमीन, घर और आजीविका का त्याग करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों के मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से जुड़े अधिकारों का न्यायपूर्ण समाधान होना चाहिए।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जनसुनवाई तभी सार्थक होगी, जब प्रभावित ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं और आपत्तियों को गंभीरता से सुना और उनका समाधान करने की दिशा में ठोस पहल की जाए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने में वे पूरा सहयोग करेंगे तथा जब भी आवश्यकता होगी, प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़े रहेंगे।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन और SECL प्रबंधन जनसुनवाई से पूर्व उनकी लंबित समस्याओं पर सकारात्मक पहल करते हुए ऐसा समाधान सुनिश्चित करेंगे, जिससे परियोजना का विकास भी आगे बढ़े और विस्थापित परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित हो।

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