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छत्तीसगढ़

नक्सली बोले- देवजी को आंध्रप्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया:50 साथी भी पकड़े गए, MMC लीडर अनंत ने कहा- CM-गृहमंत्री के सामने सरेंडर करेंगे

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जगदलपुर,एजेंसी। मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (MMC) के सैकड़ों नक्सली अब सरकार के सामने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने की बात कह रहे हैं। MMC के प्रवक्ता और नक्सली लीडर अनंत ने कहा है कि 1 जनवरी को इस कमेटी के सभी साथी एक साथ सरेंडर करेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की है कि तब तक ऑपरेशन रोके रखें।

अनंत ने इस बारे में एक पर्चा जारी किया। यह पिछले हफ्तेभर में दूसरा पर्चा है। पहले पर्चे में 15 फरवरी तक हथियार डालने की बात कही गई थी, जबकि अब नए पर्चे में 1 जनवरी तक हथियार सरेंडर करने की घोषणा की गई है।

नक्सलियों ने तीनों राज्यों के गृहमंत्री या मुख्यमंत्री के सामने हथियार डालने की बात कही है।

इधर, बस्तर में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने भी एक पर्चा जारी किया है। इसमें कहा गया कि देवजी को आंध्र प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही 50 अन्य नक्सली भी पकड़े गए हैं। इस पर्चे को नक्सली प्रवक्ता विकल्प के नाम से जारी किया गया है।

नक्सली प्रवक्ता ने 18 और 19 नवंबर को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सितारामा राजू जिले में हुई मुठभेड़ को फर्जी बताया और मांग की कि पुलिस जल्द ही देवजी समेत अन्य साथियों को कोर्ट में पेश करें।

नक्सली संगठन का कहना है कि पुलिस ने मुठभेड़ की कहानी बनाई है। हिड़मा समेत उनके अन्य 13 साथियों को पकड़कर मारा गया। 13 नक्सलियों के एनकाउंटर के बाद माओवादियों ने 30 नवंबर को भारत बंद का ऐलान किया है।

बस्तर में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने भी एक पर्चा जारी किया है।

बस्तर में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने भी एक पर्चा जारी किया है।

नक्सलियों ने जारी की खुली फ्रीक्वेंसी

नक्सली अनंत के पर्चे में लिखा है कि हम अपने साथियों से बातचीत करने के लिए एक बाऊफेंग की एक खुली फ्रीक्वेंसी नंबर 435.715 जारी कर रहे हैं। जिसमें 1 जनवरी तक हर दिन सुबह 11 बजे से 11:15 तक हम अपने साथियों से बात करेंगे। दरअसल, ऐसा पहली बार हो रहा है कि नक्सलियों ने अपनी खुली फ्रीक्वेंसी जारी की है।

बाऊफेंग क्या है, यह किस काम आता है?

बाऊफेंग एक छोटा सा हाथ में पकड़ा जाने वाला वॉकी-टॉकी/हैंडहेल्ड रेडियो होता है। जंगल, पहाड़ या शहर की भीड़ में दो लोग बिना मोबाइल नेटवर्क के भी आपस में बात कर सकते हैं।

बिना नेटवर्क के लंबी दूरी तक बातचीत कर सकते हैं। सिक्योरिटी गार्ड, इवेंट मैनेजमेंट, ट्रेकिंग टीमें, पुलिस-फोर्स, वाइल्डलाइफ कामों में सभी उपयोग कर सकते हैं।

बाऊफेंग में विशेष फ्रीक्वेंसी सेट की जाती है। उसी फ्रीक्वेंसी पर दूसरी मशीन हो तो दोनों जुड़कर बात कर सकते हैं। मोबाइल टावर की जरूरत नहीं। कुछ फ्रीक्वेंसी सार्वजनिक होती हैं, कुछ सरकारी और प्रतिबंधित। गलत फ्रीक्वेंसी इस्तेमाल करने पर दिक्कत आ सकती है।

बीजापुर में एक महीने पहले सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश के साथ करीब 140 माओवादियों ने सरेंडर किया था।

बीजापुर में एक महीने पहले सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश के साथ करीब 140 माओवादियों ने सरेंडर किया था।

PLGA सप्ताह नहीं मनाने की कही बात

अनंत ने अपने साथियों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया के दौरान वे अपनी तमाम गतिविधियों को विराम दें। जोश और आवेश में आकर ऐसी कोई हरकत न करें जिससे इसमें व्यवधान उत्पन्न हो जाए। अनंत ने प्रेस नोट में कहा कि मैं एक बार दोहरा रहा हूं कि, इस बार हम PLGA सप्ताह नहीं मनाएंगे।

सुरक्षाबलों के ऑपरेशन को रोकने की अपील

नोट में आगे लिखा हम सरकार से भी यह चाहते हैं कि, इस हफ्ते सुरक्षाबलों के ऑपरेशन को रोकें। पर्चे में लिखा है कि जिस तरह छ्त्तीसगढ़ में सतीश और महाराष्ट्र में सोनू ने सरेंडर किया है, हम भी उसी तरह तीनों राज्यों के किसी मुख्यमंत्री या फिर गृहमंत्री के सामने हथियार डालेंगे।

27 नवंबर को जारी पत्र।

27 नवंबर को जारी पत्र।

22 नवंबर को जारी पत्र।

22 नवंबर को जारी पत्र।

तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 15 फरवरी तक मांगा समय

इसके पहले प्रवक्ता अनंत ने 22 नवंबर को एक प्रेस नोट जारी किया था। जिसमें उसने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सशस्त्र संघर्ष को विराम देने पर विचार करने के लिए 15 फरवरी तक का समय मांगा था। इस बात का एक ऑडियो भी सामने आया था।

करीब 8 मिनट के इस ऑडियो में अनंत की एक पत्रकार से बातचीत है। जिसमें अनंत ये कहते सुनाई दे रहा है- हमारी MMC विशेष जोनल कमेटी भी हथियार छोड़कर सरकार के पुनर्वास और पुनर्मूल्यांकन योजना को स्वीकार करना चाहती है। हम तीनों राज्य सरकारों से अनुरोध करते हैं कि वे हमें वक्त दें।

अनंत ने आगे कहा- हमारी पार्टी जनवादी केंद्रीयता के उसूलों पर चलती है, इसलिए सामूहिक रूप से इस निर्णय को लेने में हमें कुछ वक्त लगेगा। साथियों से संपर्क करने और उक्त संदेश हमारी पद्धति के अनुरूप उन तक पहुंचाने में हमें वक्त चाहिए।

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कोरबा

सीएम हेल्पलाइन 1076 से मिली त्वरित राहत, अधूरी पुलिया बनी तो ग्रामीणों का आवागमन हुआ सुगम

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कुल्हरिया में शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन बहाल

कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभर रही है।
जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तायुक्त,समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है इसका एक प्रेरक उदाहरण जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुल्हरिया में देखने को मिला, जहां सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद अधूरी पाइप पुलिया का निर्माण पूर्ण कर क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर दी गई, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पुनः सुचारु और सुरक्षित हो गया।

ग्राम पंचायत कुल्हरिया निवासी राजकुमार शांडिल्य ने 27 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में टोकन क्रमांक CC260600052681 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मनरेगा योजना के तहत गुलाब घर से प्रधानपारा तक मिट्टी-मुरूम सड़क का निर्माण तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन पाइप पुलिया अधूरी होने के कारण बरसात के दौरान ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत प्राप्त होते ही सीएम हेल्पलाइन केंद्र द्वारा प्रकरण संबंधित एल-1 अधिकारी को तत्काल भेजा गया। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा की टीम ने बिना विलंब ग्राम पंचायत एवं निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर स्थल का निरीक्षण कराया।

जांच में पाया गया कि वर्ष 2022-23 में मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत इस सड़क निर्माण कार्य की कुल लागत 15.52 लाख रुपये थी, जिसमें 10.43 लाख रुपये मजदूरी मद तथा 5.09 लाख रुपये सामग्री मद के लिए स्वीकृत थे। अत्यधिक वर्षा के कारण निर्मित पाइप पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी तथा मिट्टी के कटाव से मार्ग अवरुद्ध हो गया था।

शिकायत के बाद जनपद पंचायत की सक्रिय पहल एवं निर्माण एजेंसी के समन्वित प्रयासों से पाइप पुलिया का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया गया। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कर आवागमन को पुनः सुरक्षित एवं सुचारु बनाया गया। शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया गया।

कार्य पूर्ण होने पर ग्रामवासियों ने संतोष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था की सराहना की।
शिकायतकर्ता राजकुमार शांडिल्य सहित ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्या का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान होने से शासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।

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कोरबा

गौधाम में पशुओं को नियमित दाना-पानी उपलब्ध कराएं, स्वच्छता और स्वास्थ्य देखभाल में न हो कोई कमी – सीईओ जिला पंचायत

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सीईओ प्रतीक जैन ने गौधाम योजना की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

कोरबा। जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित गौधामों में निराश्रित गौवंश के समुचित संरक्षण, बेहतर रखरखाव एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पंचायत सभागार में गौधाम योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने की।

बैठक में सीईओ श्री जैन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गौधामों में संधारित पशुओं को नियमित रूप से पर्याप्त दाना-पानी उपलब्ध कराया जाए तथा पशु शेड एवं पूरे परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि गौधाम का मूल उद्देश्य निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय, समुचित देखभाल और बेहतर प्रबंधन उपलब्ध कराना है, इसलिए संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

समीक्षा के दौरान गौधाम संचालन के लिए चयनित संस्थाओं के दायित्वों की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर आवश्यकतानुसार बाउंड्रीवाल, पेयजल, विद्युत, पशु शेड, चारा विकास तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाए। साथ ही सभी पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, समय पर टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं का सेवन, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए।

सीईओ ने गौवंशीय नर पशुओं का बधियाकरण कर बैल जोड़ी तैयार करने, मादा पशुओं के नस्ल सुधार, सघन चारा विकास, आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता एवं लेखा-संधारण को भी अनिवार्य बताया। उन्होंने भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा पशु कल्याण, पशु क्रूरता निवारण तथा पशुओं के रखरखाव संबंधी जारी सभी नियमों, अधिनियमों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गौधामों में गोबर एवं गौमूत्र आधारित जैविक खाद, जैविक कीटनाशक तथा अन्य उपयोगी उत्पादों के निर्माण, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही परिसर एवं आसपास स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में गौधामों में आवश्यक अभिलेखों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इनमें पशु संख्या पंजी, पोषण आहार पंजी, रोकड़ बही, औषधि पंजी, टीकाकरण एवं पशु उपचार पंजी, गौधाम कार्यकारिणी बैठक पंजी, दुग्ध उत्पादन पंजी, भंडार पंजी तथा निरीक्षण पंजी का अद्यतन संधारण शामिल है।

उप संचालक, पशुधन विकास विभाग डॉ. सचिदानंद मिश्रा ने बताया कि जिले की ग्राम पंचायत अमरपुर, कपोंट, केराझरिया एवं लेपरा में गौधामों का सुचारु संचालन किया जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, संबंधित गौधामों के अध्यक्ष तथा विभागीय मैदानी अमला उपस्थित रहा।

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कोरबा

गोपाल मोदी का बड़ा हमला: कटघोरा नगर पालिका में कथित ₹13.60 लाख घोटाले की निष्पक्ष जांच और सीएमओ की बर्खास्तगी की मांग

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कटघोरा नगर पालिका में रू.13.60 लाख घोटाले का मामला, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और सीएमओ की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की

कटघोरा नगर पालिका में रू.13.60 लाख घोटाले पर भाजपा का हल्ला बोल, सीएमओ की बर्खास्तगी और उच्चस्तरीय जांच की मांग

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कटघोरा नगर पालिका परिषद में अटल परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण एवं ‘ब्रॉन्ज’ सामग्री की खरीदी में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने नगर पालिका परिषद कटघोरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को तत्काल बर्खास्त कर कठोर कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई है।

यह केवल सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं, जनता के विश्वास के साथ भी गंभीर छल – गोपाल मोदी

गोपाल मोदी ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि विभिन्न समाचार माध्यमों एवं जनसामान्य से प्राप्त जानकारी के अनुसार अटल परिसर में ब्रॉन्ज सामग्री के नाम पर किए गए निर्माण कार्य में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है। आरोप है कि ब्रॉन्ज के स्थान पर निम्न गुणवत्ता की सामग्री अथवा कंक्रीट का उपयोग किया गया, जबकि भुगतान ब्रॉन्ज सामग्री के नाम पर किया गया। इस पूरे मामले में लगभग रू.13.60 लाख की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सत्य सिद्ध होते हैं, तो यह केवल सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी गंभीर छल है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या ठेकेदार सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का साहस न कर सके।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री की विशेषज्ञों से जांच कराई जाए, भुगतान, निविदा प्रक्रिया, मापन पुस्तिका (एम.बी.), बिल, वाउचर एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत वित्तीय जांच हो तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गोपाल मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी प्रशासन की पक्षधर रही है। जनहित और शासन की साख बनाए रखने के लिए इस गंभीर मामले में शीघ्र, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।

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