रायपुर, एजेंसी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह फैसला पेपर लीक होने के आरोप के चलते लिया गया है। परीक्षा की नई डेट्स जल्द जारी की जाएंगी। NTA ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है।
इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगा। परीक्षा 3 मई को हुई थी। छत्तीसगढ़ में 19 केन्द्र बनाए गए थे। प्रदेश से लगभग 45,000 कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया था। इनमें रायपुर के करीब 9,200 कैंडिडेट्स शामिल थे। उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी।
फीस वापस होगी, दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा
NTA ने जानकारी दी है कि स्टूडेंट्स को दोबारा परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। पिछले एग्जाम सेंटर्स में भी कोई बदलाव नहीं होगा। रीएग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा में शामिल छात्रों की फीस भी वापस की जाएगी।
पेपर छपने से पहले ही नकल गैंग तक पहुंचे
भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि, पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग के पास पहुंच गए थे। इनमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल थे। इस ‘लीक’ के तार सीधे तौर पर जयपुर से जुड़ रहे हैं।
एसओजी ने सोमवार को जयपुर से मनीष नाम के शख्स को पकड़ा है। इसे ही पेपर छपने से पहले सवाल लीक करने का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इसके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
इसके कई और राज्यों में फैले होने की आशंका है। गैंग ने छपने से पहले ही लीक किए सवालों में दूसरे सवाल मिलाकर एक ‘क्वेश्चन बैंक’ तैयार किया। इस काम को मनीष ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।
एसओजी इन सबकी धरपकड़ करने में जुटी है। इस ‘क्वेश्चन बैंक’ को ही परीक्षा देने वाले छात्रों को बांटा गया। इसमें से बायोलॉजी के 90 में से 90 सवाल और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल हूबहू परीक्षा में आए। इसे लेने वाले कई छात्रों से एजेंसी ने पूछताछ की है। इसमें इन्होंने पैसे के लेनदेन की बात स्वीकार की है। एजेंसी इसकी पूरी मनी ट्रेल निकाल रही है।
8 मई को शुरू हुई थी जांच
NTA ने बताया कि 8 मई 2026 को ही इस मामले से जुड़ी कुछ जांचों को केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया था, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जांच एजेंसियों से मिले निष्कर्षों के आधार पर यह तय किया गया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।
राजस्थान में मिले थे हाथ से लिखे गैस पेपर
3 मई को देशभर में NEET UG 2026 की परीक्षा हुई थी। राजस्थान में कई स्टूडेंट्स के पास हाथ से लिखा हुआ गैस पेपर मिला था जिसके सवाल असल परीक्षा से मैच हो रहे हैं।
10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने इंटेल इनपुट पर कार्रवाई करते हुए देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया।
720 में से 600 नंबर के सवाल कॉमन
जांच में सामने आया है कि परीक्षा के 720 में से 600 नंबर के सवाल दो दिन पहले ही सीकर में छात्रों के पास पहुंच गए थे। ये गैस पेपर केरल के एक कॉलेज से MBBS कर रहे स्टूडेंट ने 1 मई को सीकर में अपने एक दोस्त को भेज दिया था।
स्टूडेंट्स तक जो क्वेश्चन बैंक पहुंचा, उसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल हैं। ये सभी हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET UG 2026 के पेपर में आए।
एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष गैस पेपर से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती।
2024 में भी हुआ था पेपर लीक
2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।
NTA के 7 सालः कभी गलत मार्किंग से स्टूडेंट ने सुसाइड किया, कभी कैटेगरी टॉपर को फेल दिखाया
NEET UG 2019: एक ही सवाल के एक से ज्यादा जवाब सही
NTA ने NEET का पहला एग्जाम 2019 में करवाया था। इस एग्जाम में कई सवालों के एक से ज्यादा सही जवाब थे। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद NTA ने नई आंसर-की जारी की। इस एग्जाम में एक अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति ने एग्जाम दिया था।
JEE MAINS 2020: JEE मेंस असम टॉपर की जगह दूसरे कैंडिडेट ने एग्जाम दिया
2020 में JEE MAINS में नील नक्षत्र दास नाम के असम के एक कैंडिडेट की जगह प्रदीप कुमार नाम के एक दूसरे व्यक्ति ने एग्जाम दिया। नील के 99.8% मार्क्स आए। इस मामले में नील, उसके पिता डॉ ज्योतिर्मय दास सहित कुल 7 लोग गिरफ्तार हुए।
NEET UG 2020: NTA ने दिए सिर्फ 6 मार्क्स, सुसाइड के बाद OMR मिलान में 590 मार्क्स
2020 की NEET UG की परीक्षा में, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की विधि सूर्यवंशी को सिर्फ 6 अंक मिले। विधि ने फांसी लगाकर जान दे दी। बाद में जब विधि के भाई ने पोर्टल पर OMR शीट से मार्क्स का मिलान किया तो उसमें विधि के 590 मार्क्स निकले।
NEET UG 2020: ST कैटेगरी टॉपर को NTA ने फेल किया
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के मृदुल रावत को NTA की तरफ से जारी रिजल्ट में 329 मार्क्स मिले थे। उसने रिजल्ट को चुनौती दी। NTA ने OMR रीचेक के बाद जो स्कोर कार्ड जारी किया उसमें अंकों में मार्क्स 650 लिखे थे, जबकि शब्दों में तीन सौ उन्तीस ही लिखा था। मृदुल के मुताबिक, 650 मार्क्स के आधार पर उन्होंने ST कैटेगरी में टॉप किया था, जबकि जनरल कैटेगरी में उनकी रैंक 3577 थी।
JEE MAINS 2022: एग्जाम में तकनीकी दिक्कत के आरोप
2022 में JEE मेंस के एग्जाम के दौरान NTA पर गड़बड़ी के आरोप लगे। एग्जाम के दौरान कई स्टूडेंट्स को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आंसर की और रेस्पॉन्स शीट में भी दिक्कतें थीं।
JEE MAINS 2024: शिफ्ट में छात्रों के असमान बंटवारे का आरोप
इसी साल जनवरी और फरवरी के महीने में 5 अलग-अलग तारीखों पर सेशन-1 की JEE की परीक्षा हुई। छात्रों का आरोप था कि कुछ शिफ्ट में ज्यादा स्टूडेंट्स होने के चलते उनका परसेंटाइल कम हो गया। हालांकि बाद में NTA द्वारा जारी डेटा के मुताबिक सभी शिफ्ट्स में एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या लगभग एक ही थी।
NEET पेपर लीक के विरोध में NSUI का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका
NEET परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में NSUI का विरोध प्रदर्शन।
NEET परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में मंगलवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक के पास केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने किया।
इस दौरान NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों ने केंद्र सरकार एवं NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों ने केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हेमंत पाल ने कहा कि देशभर के करीब 22.79 लाख विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में हिस्सा लिया था। 3 मई 2026 को परीक्षा आयोजित होने के बाद 7 मई को पेपर लीक की खबरें सामने आईं और अंततः 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। उन्होंने इसे छात्रों और अभिभावकों के साथ बड़ा अन्याय बताया।
NSUI कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक के पास केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और परीक्षा प्रणाली की विफलता के कारण लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
NSUI ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।
मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप
बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।
केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई
ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।
शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 2 महीने पहले हुए युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या की वजह लव अफेयर बताई गई है। देर रात बॉयफ्रेंड अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान उसके भाई ने दोनों को पकड़ लिया।
विवाद के बाद बॉयफ्रेंड भागने की कोशिश कर रहा था, तभी भाई ने फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बहन और बड़े भाई ने लाश ठिकाने लगाने में मदद की। युवक की लाश को गांव की एक बाड़ी में फेंक दिया।
जांच के दौरान डॉग स्क्वाड की टीम आरोपियों के घर के पास पहुंची। डॉग ने घर के दो चक्कर लगाए और इसके बाद मेन गेट पर बैठ गया। पुलिस ने युवती और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार बयान बदलते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए 200 से ज्यादा टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक तकनीक का एनालिसिस किया।
इसके अलावा ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रियाएं भी अपनाई गईं। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव का है।
बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।
पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, अमित भंडारी (25) कोसा गांव रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से लव अफेयर था। संतोषी शादीशुदा थी, इसके बाद भी उसकी और अमित की बातचीत होती थी। वहीं, संतोषी पति से लड़ाई के बाद अक्सर मायके आ जाती थी।
इस बीच 29 जून को गांव की एक बाड़ी में युवक का शव मिला। उसकी पहचान अमित के रूप में हुई। अमित 27 जून से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक की मदद ली। इसमें 200 से ज्यादा मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच की गई। संदिग्धों से ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट भी कराया गया।
घर की दीवार पर मिले खून के धब्बे
पुलिस ने घटना को दोबारा करके भी जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की फिर से जांच की। बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग विमला ने भी जांच में अहम सुराग जुटाने में मदद की। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने हत्यारे के घर के 2 चक्कर लगाने के बाद वहीं घर के सामने बैठ गई।
इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां खून के धब्बे मिले। फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने लेकर जांच की, जिसमें इंसान की खून होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों भाई-बहनों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।
अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)
तीनों भाई-बहनों से पूछताछ में खुला राज
पुलिस के मुताबिक, संतोषी अपने मायके आई हुई थी। 27-28 अगस्त की दरमियानी रात अमित और संतोषी ने करीब 1:30 बजे तक फोन पर बात की। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म करके घर लौटा।
घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन को अमित के साथ देखा। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट हुई और अमित का सिर पीछे की दीवार से टकरा गया। इससे दीवार पर खून का निशान भी लगा।
फावड़े से सिर और छाती पर किया वार
पुलिस के अनुसार, अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल-112 की टीम भी मौजूद थी। लोगों के जागे होने के कारण आरोपी शव को दूसरी जगह नहीं ले जा सके।
बहन ने शव छिपाने में की मदद
पुलिस के मुताबिक, संतोषी सिंह ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में बजरंग की मदद की। अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित को तलाशने का नाटक किया। वे अमित के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।
आधी रात को शव दूसरी जगह ले गए
पुलिस के अनुसार, 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर बजरंग और पप्पू ने अमित के शव को गांव के बीच स्थित दूसरे स्थान पर ले जाकर रख दिया। ऐसा उन्होंने हत्या का संदेह खुद पर आने से बचाने के लिए किया।
न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल
फिलहाल, आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया है। इसके अलावा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी भी जब्त की गई है। आरोपी बहन और भाइयों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने सबरिया डेरा में छापा मारकर बड़ी मात्रा में महुआ लहान और शराब बनाने का सामान बरामद किया।
मौके पर मिले 52 बोरी महुआ लहान, 18 बड़े बर्तन, चूल्हा, 10 जरकिन और करीब 80 पैकिंग पाउच को पुलिस ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है।
नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए
महंगे दाम पर शराब बेचने की मिली थी शिकायत
पुलिस के मुताबिक, कोटमीसोनार क्षेत्र के सबरिया डेरा और धनवार डेरा में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और उसे महंगे दाम पर बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एसडीओपी अकलतरा डॉ. मैखलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू की टीम ने कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब बनाने के लिए तैयार किया गया महुआ लहान और बड़ी मात्रा में उपकरण मिले। पुलिस ने सभी को मौके पर नष्ट कर दिया।
सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले
चार और गांवों में भी दबिश
पुलिस ने इसके अलावा अकलतरा थाना क्षेत्र के पीपरसत्ती, कोटमीसोनार, लटिया और बम्हनीन में भी अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ दबिश दी। यह कार्रवाई 8 सितंबर की सुबह की गई।
पुलिस के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब के संबंध में शिकायतों और मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।
दुकान और घर से मिली 26 प्लेन शराब
पीपरसत्ती में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिलीप कुमार उर्फ पप्पू कुमार नायक (52) की दुकान और घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान 26 नग प्लेन देशी शराब बरामद की गई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।