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कोरबा

सात दिवस के भीतर ज्वॉइन नहीं करने वाले शिक्षकों को नो-वर्क, नो-पेमेंट के  निर्देश

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कलेक्टर ने युक्ति युक्तकरण के तहत पदस्थापना स्थल पर ज्वॉइन नहीं करने पर सर्विस बेक्र करने के दिए निर्देश

बंद पड़ी योजनाओं के खाते बंद होंगे, बची हुई राशि शासन के खाते में जमा करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

आत्मानंद स्कूलों में रिक्त पदों पर पारदर्शिता के साथ भर्ती के निर्देश

समय सीमा की बैठक में विभागीय कामकाज की हुई समीक्षा

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने आज समय सीमा की बैठक लेकर विभागीय कामकाजों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एक माह से अधिक समय के लम्बित प्रकरणों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री वसंत ने राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत अपनाई गई युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया में पदस्थापना वाले विद्यालयों में अब तक ज्वॉइन नहीं करने वाले शिक्षकों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि माननीय न्यायालय में लंबित प्रकरणों को छोड़कर अन्य सभी शिक्षकों को सात दिवस के भीतर संबंधित विद्यालयों में ज्वॉनिंग कराएं। सात दिवस के भीतर ज्वॉइन नहीं करने पर नो वर्क, नो पेंमेंट की कार्यवाही करें। कलेक्टर ने ऐसे शिक्षकों के विरूद्ध सर्विस बेक्र की कार्यवाही के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सभी विभागों को शासन के निर्देशों के तहत कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।  


  कलेक्टर श्री वसंत ने समय सीमा की बैठक में नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर सहित प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन विभागों की शासकीय योजनाएं बंद हो चुकी है, उसके बैंक खाते बंद कराकार शेष राशि को शासन के खाते में जमा कराई जाए। उन्होंने खाता बंद कराकर प्रमाण पत्र भी लेने के निर्देश दिए।  कलेक्टर ने जिले में संचालित पीएम विद्यालय के नये भवन के प्रशासकीय स्वीकृति, आत्मानंद विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती की समीक्षा की। उन्होंने आत्मानंद विद्यालय मेंयोग्य शिक्षकों की भर्ती करने तथा भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे विकास खण्ड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के प्रयोगशालाओं की स्टेटस लेकर अगली बैठक से पूर्व रिपोर्ट प्रस्तुत करें।  


    समय सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने सभी विभागों को ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने सीएसआर अंतर्गत विद्यालय भवन निर्माण की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि गुणवत्ताविहीन निर्माण वाले भवनों का भुगतान न किया जाए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति से पूर्व पोषण पुनर्वास भवन के लिए सीएमएचओं को स्थल चिन्हित करने, बाल सम्प्रेक्षण गृह के शेष कार्यों को 30 सितम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।  कलेक्टर ने शासकीय शिक्षक द्वारा शासकीय भूमि पर किये गये अतिक्रमण को हटाने और उनके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करने, समय पर विद्यालय में विद्यार्थियों को नाश्ता नहीं देने वाले शिक्षक के विरूद्ध कार्यवही के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने धार्मिक स्थल कनकी, मड़वारानी, मातिनदाई मंदिर परिसरों में जनसुविधा एवं पयेजल की व्यवस्था, रेडी टू ईट निर्माण, मेडिकल कॉलेज सड़क मार्ग, सीएचसी परिसर में आवास निर्माण, कस्तूरबा आवासीय विद्यालय से संबंधित कार्य सहित अन्य विषयों की चर्चा कर प्रगति की जानाकरी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, सहित सभी एसडीएम, जिला अधिकारी और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

एग्रीस्टेक पोर्टल में करें किसानों का पंजीयन

त्रुटि सुधार, नक्शा बटांकन, विवादित, अविवादित नामान्तरण-बंटवारा में प्रगति लाएं

कलेक्टर ने की राजस्व विभाग की समीक्षा

कलेक्टर अजीत वसंत ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर विवादित और अविवादित नामान्तरण, खाता विभाजन अंतर्गत प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने त्रृटि सुधार के प्रकरणों, नक्शा बटांकन के कार्य को प्राथमिकता में रखकर में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पोर्टल में नये किसान सहित जिन किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है उनका अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पटवारियों द्वारा की जा रही अपू्रवल के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने तीन से पांच वर्ष पुराने प्रकरणों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए लंबित प्रकरणों की संख्या शून्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में अविवादित, विवादित नामान्तरण, बंटवारा, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, ई-कोर्ट, राजस्व न्यालय के लंबित प्रकरण, त्रृटि सुधार, नक्शा बटांकन, फौती नामान्तरण, डिजीटल हस्ताक्षर, आधार प्रविष्टि, किसान किताब, मसाहती ग्राम की स्थिति एवं प्रकाशन, गिरदावरी, फार्मर रजिस्ट्रेशन, वन अधिकार पट्टा सहित अन्य विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दिये गये निर्देशों के तहत किये जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली।  

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 09 कर्मियों के सेवानिवृत्त पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 30.09.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त हुए 09 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन एवं निदेशक (तकनीकी)–संचालन रमेश चंद्र महापात्र के मुख्य आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में कैलाश चंद्र साहू , महाप्रबंधक (खनन), ओएसडी सीएमडी सचिवालय , अजय तिवारी, महाप्रबंधक (खनन), भूमिगत खदान विभाग, विश्वजीत मोइत्रा, उप महाप्रबंधक (उत्खनन) आंतरिक अंकेक्षण विभाग, राजेंद्र कुमार गुजर, सीनियर डीईओ, ए-1 वन विभाग, मुनिराम सतनामी, कार्यालय अधीक्षक निदेशक (मा. सं.) सचिवालय, शुभेंदु चटर्जी, वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक ए-1 गुणवत्ता नियंत्रण विभाग, मिनीश्वर प्रसाद जांगड़े, वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक सुरक्षा विभाग, वृन्दावन, सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक सुरक्षा विभाग तथा तपोधन मिश्रा, फोरमेन इंचार्ज, ग्रेड–ए-1 इंदिरा विहार सब-स्टेशन को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी।
इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के योगदान एवं कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्ज्वल भविष्य की ईश्वर से कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहाँ के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।

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कोरबा

विकसित भारत-जी राम जी के तहत विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने जिला पंचायत में दिया गया प्रशिक्षण

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ग्रामीण बताएंगे गांव के विकास की राह

गाँव स्थानीय जरूरत और संसाधनों के आधार पर बनेगा प्लान

युक्तधारा से परिसंपत्तियों की मैपिंग और वाटर बजट से तय होंगी जल संरक्षण की प्राथमिकताएं

कोरबा, 30 सितम्बर 2026। गांव में क्या चाहिए और विकास की सबसे पहली जरूरत क्या है, अब इसका निर्धारण गांव के लोग, स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर करेंगे। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए बुधवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्यगण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामों के समग्र एवं सतत विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी के तहत विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि योजनाओं में हुए बदलावों और नई व्यवस्थाओं से ग्राम विकास को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग की जाएगी, जबकि वाटर बजट के आधार पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि ग्राम सभा इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होगी। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रोजगार, जल सुरक्षा, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियों से जुड़े कार्यों को एकीकृत योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिले और गांव में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।

युक्तधारा बताएगा कहां है जरूरत और कहां बन सकता है काम

प्रशिक्षण में सहायक परियोजना अधिकारी संदीप डिक्सेना ने मैदानी अमले को विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग, स्थानीय आवश्यकताओं की प्रविष्टि, विकासात्मक अंतराल की पहचान तथा संभावित कार्यस्थलों के चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई गई।

प्रशिक्षण में बताया गया कि उपलब्ध संसाधनों और मौजूदा परिसंपत्तियों का आकलन कर विकास कार्यों की आवश्यकता एवं प्राथमिकता का बेहतर निर्धारण किया जा सकेगा। इससे ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्यों का चयन किया जाएगा।

वाटर बजट से तय होगी गांव की जल जरूरत और संरक्षण की प्राथमिकता

प्रशिक्षण में वाटर बजट पर विशेष जोर दिया गया। ग्राम पंचायत में उपलब्ध जल संसाधनों तथा पानी की आवश्यकता का आकलन कर जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इससे गांव की वर्तमान एवं भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

अधिकारियों ने बताया कि सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन और ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों की जरूरतों एवं सुझावों को विकसित ग्राम पंचायत प्लान में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार ग्रामीणों की भागीदारी, स्थानीय संसाधनों का आकलन और वैज्ञानिक तरीके से तैयार वाटर बजट ग्राम पंचायतों की विकास योजना का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से रोजगार सृजन, जल सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना एवं स्थायी परिसंपत्तियों को आपस में जोड़ते हुए कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों में जरूरत आधारित और परिणाममूलक विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रशिक्षण में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं श्रीमती सुष्मिता अनंत, कार्यपालन अभियंता आरईएस श्रीमती यामिनी, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

तोते के पिंजरे में घुसा 5 फीट का नाग:कोरबा में एक तोते का शिकार कर चुका था, दूसरे की बचाई जान, सुरक्षित रेस्क्यू

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कोरबा । कोरबा के मिशन रोड में एक परिवार के लिए दिन की शुरुआत डर और दुख के साथ हुई। परिवार जब अपने पालतू तोतों को देखने पिंजरे के पास पहुंचा तो अंदर करीब 5 फीट लंबा नाग फन फैलाए बैठा था। पिंजरे में मौजूद दूसरा तोता जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था।

पिंजरे में फन फैलाए बैठे नाग का रेस्क्यू - Dainik Bhaskar

पिंजरे में फन फैलाए बैठे नाग का रेस्क्यू

परिवार ने बताया कि उन्होंने दो तोतों को लंबे समय से बच्चे की तरह पाल रखा था। पिंजरे के अंदर देखने पर पता चला कि नाग एक तोते का शिकार कर चुका था। अपने पालतू को इस तरह खोने से परिवार भावुक हो गया, जबकि दूसरे तोते की जान भी खतरे में थी।

बाद में प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया

बाद में प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया

छोटे पिंजरे में फन फैलाए बैठा था नाग

परिवार ने तुरंत नोवा नेचर फाउंडेशन के वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को सूचना दी। जानकारी मिलते ही उन्होंने टीम सदस्य बॉबी श्रीवास को मौके पर भेजा।

बॉबी ने मौके पर पहुंचकर सावधानी से रेस्क्यू शुरू किया। पिंजरा छोटा था और नाग फन फैलाए हुए था, ऐसे में सांप को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद टीम ने सुरक्षित तरीके से नाग को रेस्क्यू कर लिया।

शरीर पर मिले संघर्ष के निशान

रेस्क्यू के दौरान नाग के शरीर पर संघर्ष के निशान भी दिखाई दिए। इससे अंदाजा लगाया गया कि शिकार बना तोता अपनी जान बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष करता रहा होगा। नाग को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। बाद में वन विभाग के नियमानुसार नाग को उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

बोले- सांप का कोई दोष नहीं

नोवा नेचर फाउंडेशन के जितेंद्र सारथी ने कहा कि परिवार के लिए अपने पालतू तोते को खोना बेहद दुखद है। लेकिन प्रकृति के नजरिए से देखें तो यह फूड चेन और इकोसिस्टम का हिस्सा है। सांप अपना भोजन तलाशते हुए पिंजरे में घुसा था, इसलिए इसमें सांप का कोई दोष नहीं है।

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