Connect with us

कोरबा

रजिस्ट्री की दस नई क्रांतियों पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

Published

on

10 क्रांतियों से आमजनों एवं दूर दराज में रहने वाले ग्रामीणों को लाभ मिलेगा – मंत्री देवांगन

अब रजिस्ट्री के बाद होगा स्वतः नामांतरण, अलग से नहीं करनी होगी कोई प्रक्रिया
कोरबा । शासन द्वारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया में किए गए दस नई क्रांतियों पर आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन रहें।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने बहुत अच्छी नीती लाई है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री की 10 क्रातियों से आमजनों एवं दूर दराज में रहने वाले ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। रजिस्ट्री, नामंतरण में जो समस्या आती थी उसे दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 क्रांति लाई है जिससे सरल, सहज और पारदर्शी ढंग से रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण होगा। उन्होंने ने इस क्रांति के लिए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
  जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि शासन द्वारा संचालित योजना सराहनीय है। 10 नई क्रांति बहुत अच्छी पहल है। रजिस्ट्री, नामंतरण एवं अन्य समस्याओं का हल निकालने सरकार का बेहतर प्रयास है। सरलीकरण एवं सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन जनप्रतिनिधियों के पास आमलोग पहुंच कर जमीन से संबंधित विवादों की शिकायत करते है लेकिन अब इन सभी समस्याओं से आम नागरिकों को निजात मिलेगा।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कार्यक्रम संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन की दिशा में यह पहल की गई है, रजिस्ट्री में 10 क्रांतियां लाई गई है। आम जनता को भूमि एवं नामांतरण से होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी। उन्होंने इन क्रांतियों का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर पार्षद नरेंद्र देवांगन, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, संयुक्त कलेक्टर मनोज बंजारे, एसडीएम कोरबा सरोज महिलागे सहित पंजीयन, राजस्व विभाग अधिकारी आदि उपस्थित थे।
रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियांः –
फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन

       पंजीयन साफ्टवेयर को आधार लिंक किया गया है, पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की पहचान आधार रिकार्ड व बायोमेट्रिक के माध्यम से की जाएगी जिससे गलत व्यक्ति को खड़े कराकर पंजीयन नही हो सकेगा। आम जनता को फर्जीवाड़े का शिकार नही होना पड़ेगा और फर्जी रजिस्ट्री की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
रजिस्ट्री खोज एवं डाउनलोड की सुविधा
      आम आदमी वर्षों की जमा पूंजी लगाकर स्वयं का घर खरीदते है, इसलिए संपत्ति खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल आवश्यक है। अभी रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होकर सर्च करना पड़ता है, रजिस्ट्री खोज का प्रावधान होने से खसरा नंबर डालते ही उस खसरे के पूर्व के समस्त लेनदेन की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त हो सकेगी। खसरा नंबर दर्ज कर संपत्ति की पूर्व रजिस्ट्री की जानकारी देखी जा सकती है और रजिस्ट्री दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकते हैं। इससे क्रेताओं को विवादित या बंधक जमीन की जानकारी पहले ही प्राप्त हो जाएगी।
ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र की सुविधा
      भार मुक्त प्रमाण पत्र एक बहुत ही आवश्यक प्रमाणपत्र है जो संपत्ति खरीदने के पूर्व उसकी जानकारी उपलब्ध कराता है। संपत्ति पर ऋण, बंधक या पूर्व विक्रय की स्थिति अब ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र के माध्यम से आसानी से ज्ञात की जा सकती है। कई शासकीय कार्यों एवं बैंक से लोन प्राप्त करने के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है। यह प्रमाणपत्र अब आनलाइन ही प्रदाय किया जा सकेगा।
स्टांप एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान
      पहले रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अलग-अलग जगह और समय पर भुगतान करना पड़ता था। अब स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क को एक साथ लिये जाने के लिए स्टांप एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान सिस्टम तैयार किया गया है। स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क का एक साथ सुविधानुसार क्रेडिट डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन, नेट बैंकिंग अथवा यूपीआई से फीस का भुगतान हो सकेगा।
व्हाट्सएप सर्विसेज
     व्हाट्सएप आज के समय में सर्वाधिक उपयोग हो रहा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। पंजीयन कराने वाले क्रेता-विक्रेता को अपाईन्टमेंट सहित पंजीयन होने तक सभी प्रकार के अपडेट एवं एलर्ट व्हाट्सएप में ही प्राप्त होंगे। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से ही डाउनलोड हो जायेगी। इस सुविधा के माध्यम से फीडबैक एवं शिकायतें भी व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकेंगी।
डिजीलॉकर की सुविधा
      रजिस्ट्री दस्तावेजों को डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पडऩे पर पक्षकार को आसानी से डिजीटल प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो जाए।
रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वतः निर्माण

      जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपर लेस बनाया गया है। ऑनलाईन दस्तावेज प्रारूप का चयन कर पक्षकार और संपत्ति विवरण दर्ज करने पर स्वतः ही दस्तावेज तैयार हो जाएगा। वही दस्तावेज पेपरलेस होकर उप पंजीयक को ऑनलाइन प्रस्तुत होगा।
घर बैठे स्टाम्प सहित दस्तावेज निर्माण
     डिजीडॉक सेवा के माध्यम से किरायानामा, शपथ पत्र, अनुबंध जैसे गैर-पंजीकृत दस्तावेज अब घर बैठे डिजिटल स्टाम्प के साथ ऑनलाइन तैयार किए जा सकते हैं।

घर बैठे रजिस्ट्री     दस्तावेज निर्माण, स्टाम्प भुगतान और रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होकर घर से ही पूर्ण की जा सकती है। अभी यह सेवा 10 प्रकार के दस्तावेजों जैसे-रेंट एग्रीमेंट, मोर्गेज डीड आदि में शुरू की गई है।
रजिस्ट्री के साथ होगा स्वतः नामांतरण
      रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्ण होते ही संबंधित क्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड में स्वतः दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से नामांतरण आवेदन, शुल्क या लंबी प्रतीक्षा की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे नागरिकों के समय, प्रयास और खर्च तीनों की बचत होगी। अब तक अचल संपत्ति खरीदने के लिए पंजीयन कराने के बाद उसके बाद उसे राजस्व रिकार्ड में अद्यतन कराना पड़ता रहा हैं, नामांतरण की इस प्रक्रिया में महीने लग जाते थे, इस बीच वही संपत्ति अन्य को बेच दिये जाने पर पीड़ित पक्षकारों को न्याय के लिए भटकना पड़ता था। अब पंजीयन के तुरंत बाद ही स्वतः नामांतरण होने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि आम जनता को फर्जीवाडे का शिकार भी नही होना पड़ेगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

Continue Reading

कोरबा

रायपुर : संजू की स्वर्णिम जीत पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने थपथपाई पीठ, कहा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा उनके अनुभव का लाभ

Published

on

परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा
परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

रायपुर/कोरबा 29 सितम्बर 2026। एशियन गेम्स-2026 में महिला कबड्डी में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने रायपुर लौटने के बाद उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान संजू देवी की उपलब्धि पर उनका अभिनंदन कर हौसला बढ़ाया। उन्होंने संजू की माता श्रीमती अमरीका बाई और पिता रामजी का भी अभिनंदन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संजू देवी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भारत के साथ छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने संजू से एशियन गेम्स के अनुभव और उनकी टीम के स्वर्ण पदक तक के अजेय सफर की जानकारी ली। श्री साव ने उनसे प्रतियोगिता के दौरान मिले अनुभवों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
श्री साव ने संजू का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला उनका अनुभव केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेगा। इस अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ के अन्य खिलाड़ियों को भी मिलेगा। श्री साव से संजू देवी की मुलाकात के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो भी मौजूद थीं।

Continue Reading

कोरबा

जाति जनगणना और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने राष्ट्रपति के नाम ओबीसी कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

Published

on

कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी वर्ग के जिला अध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू (शहर) राजेश श्रीवास (ग्रामीण) तथा प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामसुंदर सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि जनगणना जाति के आधार पर की जाए और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड, वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू ने बताया कि ओबीसी कांग्रेस द्वारा रैली निकाली गई और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई है कि जनगणना जाति के आधार पर सुनिश्चित की जाए और वैज्ञानिक, प्रमाणित एवं नीतिनिर्माण में उपयोगी जाति जनगणना हेतु ओबीसी श्रेणी मानकीकृत जाति सूची, प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में लिखा गया है कि अगामी जनगणना में जातियों की गणना की पद्धति से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया जा रहा है। जाति जनगणना सामाजिक न्याय का ऐतिहासिक माध्यम तभी बन सकती है, जब देश की प्रत्येक जाति एवं समुदाय की सही, वैज्ञानिक और एकरुप गणना हो।
केवल किसी व्यक्ति से उसकी जाति पूछ लेना पर्याप्त नहीं है। यह भी सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि एक ही प्रमाणित जाति के अलग-अलग नाम, पर्यायवाची नाम, क्षेत्रीय नाम तथा उच्चारण एवं वर्तनी के अंतर के कारण उसे अनेक अलग-अलग जातियों के रूप में दर्ज न कर दिया जाए।

समस्या: एक जाति-अनेक नाम
भारत की सामाजिक संरचना अत्यंत विविध है। एक ही जाति अथवा समुदाय को अलग-अलग राज्यों, क्षेत्रों और भाषाओं में अलग-अलग नामों, उपनामों, परंपरागत व्यवसाय-सुचक नामों तथा वर्तनी से जाना जा सकता है। ज्ञापन में कहा गया है केन्द्र एवं राज्य सरकारों की आधिकारिक सूचियों तथा अन्य प्रमाणित अभिलेखों के आधार पर प्रत्येक राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के लिए वैज्ञानिक कास्ट मास्टर लिस्ट तैयार की जाए।
किसी भी दो नामों को केवल समानता के अधार पर स्वत: एक जाति न मानी जाए। उनका एकीकरण आधिकारिक दस्तावेजों, ऐतिहासिक एवं मानव शास्त्रीय प्रमाणों एवं विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद ही किया जाए।
जाति जनगणना की अंतिम पद्धति तय करने से पहले एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। इसके अलावा ज्ञापन में कई विषयों पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया गया है।

CamScanner 09-29-2026 19.31
CamScanner 09-29-2026 19.31
CamScanner 09-29-2026 19.31
CamScanner 09-29-2026 19.31

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677