Connect with us

कोरबा

सुगम व्यवस्था, संतुष्ट किसान ऑनलाइन टोकन और समयबद्ध प्रक्रिया से आसान हुआ धान विक्रय

Published

on

पीढ़ियों के विश्वास से सशक्त होता विष्णु सरकार, दादा और पोते ने साथ-साथ देखा तकनीक के सहारे आगे बढ़ता किसान हितैषी तंत्र

कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी और किसान केंद्रित बनाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस प्रणाली से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलने के साथ-साथ हर चरण में सहयोग और सुविधा उपलब्ध हो रही है, जिससे धान विक्रय को लेकर किसानों में भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
कोरबा जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में इन दिनों सक्रियता और सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। किसान तय समय पर केंद्रों में पहुंचकर सहजता से धान का विक्रय कर रहे हैं। समयबद्ध टोकन व्यवस्था, ऑनलाइन पंजीयन, व्यवस्थित तौल, भुगतान की स्पष्ट प्रक्रिया और केंद्रों पर उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं ने पूरी व्यवस्था को सरल बना दिया है। इन प्रबंधों के कारण किसानों को अनावश्यक इंतजार या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था की प्रभावशीलता करमंदी गांव के कृषक नारायण प्रसाद के अनुभव से स्पष्ट होती है। वे आज दूसरी बार अपना धान लेकर भैंसमा उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां इस बार उन्होंने 48 क्विंटल धान विक्रय के लिए लाया। इससे पहले वे पहली पारी में 50.20 क्विंटल धान बेच चुके हैं। इस प्रकार इस खरीफ सीजन में उन्होंने कुल लगभग 98.2 क्विंटल धान का विक्रय किया है। लगभग पांच एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले प्रसाद ने मेहनत और बेहतर प्रबंधन से अच्छी पैदावार प्राप्त की है।


प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक रही। ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था से उन्हें किसी प्रकार की भागदौड़ नहीं करनी पड़ी। उनके पोते सुनील यादव ने टोकन तुंहर ऐप के माध्यम से घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर लिया, जिससे निर्धारित तिथि पर सीधे उपार्जन केंद्र पहुंचकर धान विक्रय संभव हो सका। उन्होंने यह भी साझा किया कि पिछले वर्ष उन्होंने 84 क्विंटल धान का विक्रय किया था और सरकार से समय पर प्राप्त भुगतान का उपयोग उन्होंने खेतों की मरम्मत और कृषि सुधार कार्यों में किया। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम इस वर्ष की बेहतर फसल के रूप में सामने आया। यह अनुभव दर्शाता है कि सरकार की नीतियां किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनकी कृषि क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध हो रही हैं। धान विक्रय के दौरान नारायण प्रसाद और उनके पोते ने उपार्जन केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उनके अनुसार धान विक्रय की सभी प्रक्रिया स्पष्ट रही तथा अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगपूर्ण रहा, जिससे किसानों को सम्मान और विश्वास का अनुभव हुआ। साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय की सराहना करते हुए कहा कि किसान हित में लगातार अनेक प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को मेहनत का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सरकार ने खेती को मजबूत आधार दिया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो और धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। सर्वाधिक समर्थन मूल्य, डिजिटल प्रक्रियाएं और पारदर्शी भुगतान प्रणाली इस दिशा में प्रभावी साबित हो रही हैं। पूरे प्रदेश में संचालित यह व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि सुदृढ़ नीति, सक्रिय प्रशासन और संवेदनशील नेतृत्व के माध्यम से किसानों का विश्वास और सहभागिता लगातार मजबूत हो रही है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

Published

on

कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

Continue Reading

कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

Published

on

मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

Continue Reading

कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

Published

on

कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677