नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब पद्म विजेताओं को सम्मानित कर रही थीं, तब उस समय एक अनोखा नजारा देखने को मिला. पारंपरिक मार्शल आर्ट विशेषज्ञ पद्म श्री पुरस्कार ग्रहण करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साष्टांग प्रणाम किया. तुरंत पीएम मोदी अपनी कुर्सी से उठे और सिलंबम विशेषज्ञ के पजनीवेल को उठाया. के पजनीवेल पुडुचेरी के रहने वाले हैं और उन्हें पारंपरिक मार्शल आर्ट के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया.
#WATCH | Silambam exponent K. Pajanivel of Puducherry conferred with the Padma Shri for his contribution in the field of traditional martial arts pic.twitter.com/Sviqc6BPZm— ANI (@ANI) May 25, 2026
दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र को मिला पद्म विभूषण, नम आंखों से हेमा मालिनी ने लिया सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रसिद्ध दिग्गज अभिनेता स्वर्गीय धर्मेंद्र को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने नम आंखों से दिवंगत पति और महान अभिनेता का सम्मान ग्रहण किया. धर्मेंद्र को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया. अभिनेता धर्मेंद्र के अलावा शास्त्रीय संगीतकार एवं वायलिन वादक एन राजम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया. राजम को भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके अहम योगदान के लिए, खासकर ‘गायकी अंग’ शैली के माध्यम से वायलिन प्रस्तुति को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया. राजम ने पंडित ओंकारनाथ ठाकुर से संगीत के गुर सीखे थे.
#WATCH | Delhi | Padma Vibhushan awarded to legendary veteran actor late Dharmendra by President Droupadi Murmu
BJP MP Hema Malini received the honour awarded to her late husband and legendary actor for his contribution in the field of Arts
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञापन जगत के दिग्गज दिवंगत पीयूष पांडे को पद्म भूषण से सम्मानित किया. यह पुरस्कार उनकी पत्नी नीता जोशी ने ग्रहण किया. इसके अलावा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी; चुनौतियों का सामना कर रहे पारंपरिक भारतीय कला ‘अवधान’को पुनर्जीवित करने वाले शतावधानी आर गणेश; कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय सुरेश कुमार कोटक; और उदर रोग विशेषज्ञ कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी को पद्म भूषण से सम्मानित किया.
#WATCH | Delhi | President Droupadi Murmu confers Padma Bhushan on advertising legend late Piyush Pandey
वरिष्ठ पत्रकार कैलाश चंद्र पंत, जिन्होंने पूरे भारत में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए काम किया, को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया. सोलर ग्रुप के चेयरमैन सत्यनारायण नुवाल ने भारत के रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम में अपने योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त किया.
पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता प्रवीण कुमार को पद्म श्री
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर, अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व महानिदेशक के विजय कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किया गया.
विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश
मुंबई,
वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर विदेशी फंड अब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बैंकिंग, आईटी और अन्य अपेक्षाकृत स्थिर सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। AI निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह बदलाव एशियाई बाजारों का निवेश परिदृश्य बदलता दिख रहा है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी इंटरनेशनल, BNP Paribas और M&G Investments जैसे निवेशकों ने दक्षिण कोरिया और ताइवान के AI एवं सेमीकंडक्टर शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू किया है। विश्लेषकों का कहना है कि AI पर हो रहे भारी निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में फंड मैनेजर बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और अन्य अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी बिकवाली का असर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों पर भी दिखा है। निवेशकों की निकासी से दोनों बाजारों में दबाव बना हुआ है और अस्थिरता बढ़ी है।
भारत और चीन विदेशी निवेशकों का केंद्र
दूसरी ओर, भारत और चीन विदेशी निवेशकों के लिए फिर आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। जुलाई के दौरान भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ा है, जिससे आईटी सहित कई प्रमुख सेक्टरों को समर्थन मिला। वहीं, चीन में इंटरनेट कंपनियों और बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल तेज जोखिम वाले AI शेयरों की तुलना में बेहतर मूल्यांकन और स्थिर रिटर्न वाले बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी फोनपे की वित्त वर्ष 2025-26 में एकीकृत परिचालन आय 11.47 प्रतिशत बढ़कर 7,920 करोड़ रुपए हो गई। कंपनी रजिस्ट्रार के पास जमा की गई नियामकीय सूचना में यह जानकारी दी गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में फोनपे ने 815 करोड़ रुपए की परिचालन आय दर्ज की थी। सरकार की तरफ से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उद्योग को यूपीआई डिजिटल प्रोत्साहन (डीआई) राशि अभी तक जारी नहीं किए जाने के कारण इससे संबंधित आय को कंपनी के वार्षिक खातों में शामिल नहीं किया गया है। यह आय वित्त वर्ष 2026-27 के वित्तीय परिणामों में दर्ज होने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2025-26 में सामान्य कारोबारी गतिविधियों के आधार पर फोनपे का शुद्ध घाटा 1,377 करोड़ रुपए रहा, जबकि कंपनी का कुल एकीकृत शुद्ध घाटा 2,792 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। कंपनी को वित्त वर्ष 2025-26 में हुए घाटे में कुछ एकमुश्त खर्च और आय भी शामिल रहे। इनमें कर्मचारी शेयर विकल्प योजना (ईएसओपी) से जुड़ा एकमुश्त खर्च, गैर-नकद परिसंपत्ति मूल्य में कमी, एक सहयोगी कंपनी में आंशिक हिस्सेदारी बेचने से प्राप्त लाभ और बंद किए गए कारोबार से हुआ नुकसान शामिल है।
अब बैंक, बीमा और म्यूचुअल फंड के लिए एक ही कस्टमर ID, अगस्त से शुरू हो सकता है नया सिस्टम
देश के वित्तीय क्षेत्र में ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने के लिए सरकार कॉमन कस्टमर ID सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है। इस व्यवस्था के तहत बैंक, बीमा और भविष्य में म्यूचुअल फंड जैसी सभी वित्तीय सेवाओं के लिए अलग-अलग कस्टमर ID की जरूरत नहीं होगी। शुरुआती चरण में बैंक और बीमा कंपनियां अगस्त से इस सिस्टम को अपनाने की तैयारी कर रही हैं, जबकि बाद में एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
नए सिस्टम का आधार सेंट्रल नो योर कस्टमर (CKYC) होगा। इसके जरिए ग्राहक की सहमति मिलने पर एक बार सत्यापित की गई जानकारी का उपयोग विभिन्न वित्तीय संस्थानों में किया जा सकेगा। इससे बार-बार KYC दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम होगी और ग्राहक अपने रिकॉर्ड भी आसानी से देख सकेंगे।
जानकारों के मुताबिक, इस व्यवस्था पर करीब एक दशक से काम चल रहा है। इसका उद्देश्य सिंगापुर और यूरोपीय देशों की तरह एकीकृत डिजिटल पहचान ढांचा तैयार करना है, जिससे सभी वित्तीय उत्पादों तक पहुंच आसान और तेज हो सके।
नियामकों का मानना है कि कॉमन कस्टमर ID सिस्टम वित्तीय धोखाधड़ी की पहचान और रोकथाम में भी मदद करेगा। अगले चरण में म्यूचुअल फंड और ब्रोकरेज कंपनियों को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सेबी (SEBI) और इरडा (IRDAI) मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि देश में वित्तीय सेवाओं की पहुंच और उपयोग दोनों को बढ़ाया जा सके।