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कोरबा

परसराम का बना पक्का मकान, अब बारिश में नहीं होना पड़ता परेशान

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पीएम आवास योजना ने कई मुसीबतों से दिया छुटकारा

कोरबा। गांव में सब्जी बेचकर किसी तरह जीवन यापन करने वाले परसराम पटेल की जिंदगी बहुत मुसीबत से घिरी हुई थी। 75 साल के परसराम पटेल ने कई बार सोचा कि वह कच्चे मकान को तोड़कर पक्का मकान बनवा ले लेकिन गरीबी की वजह से वह पक्का मकान तो दूर की बात अपने कच्चे मकान को भी ठीक से मरम्मत नहीं कर पाता था। कच्चे मकान में जिंदगी की लंबी उम्र गुजार चुके परसराम सहित उनके घर वाले बारिश के दिनों में अक्सर परेशान रहते थे क्योंकि बारिश होते ही खपरैल वाले छत से पानी की बूंदे इतनी ज्यादा गिरती थी कि घर का जरूरी सामान बारिश में भीग जाता था और बहुत से सामान खराब हो जाते थे। यह एक मात्र समस्या नहीं थी, घर की दीवारें भी बारिश के पानी से उखड़ जाती थी। उन्हें अपना जरूरी काम छोड़कर उखड़ी हुई दीवारों को मरम्मत करना पड़ता था और घर के खपरैल को ठीक करना पड़ता था। परसराम को जब मालूम हुआ कि प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों का पक्का मकान बन रहा है तो उन्होंने भी संपर्क साधा। पीएम आवास योजना में अपना नाम चयन हो जाने की खबर पाकर परसराम पटेल खुश तो था लेकिन जब तक उनके खाते में राशि नहीं आई थी तब तक बैचेन भी था और सोचता था, पता नहीं राशि देंगे भी की नहीं। उन्हें जब पीएम आवास योजना के लिए राशि मिली तो उनके खुशियों का ठिकाना न रहा। पहली किश्त आते ही उनका भरोसा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर बढ़ गया। उन्होंने सरकार पर अपना विश्वास बढ़ाते हुए कुछ और पैसे लगाकर पीएम आवास को बड़ा बनाने की ठानी। आखिरकार समय के साथ उन्हें पूरी किश्त मिली और पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है। अब इन पक्के और मजबूत मकानों में वह सुकून से अपनी पत्नी इतवारा बाई और अपने बच्चे नाती-पोती के साथ रह रहे हैं। उधर पीएम आवास योजना से पक्का मकान पाकर बहुत खुश परसराम और उनकी पत्नी श्रीमती इतवारा बाई शासन प्रशासन को धन्यवाद देते नहीं थकती।


  करतला विकासखंड के अंतर्गत दूरस्थ ग्राम जामपानी में निवास करने वाले परसराम पटेल ने बताया कि पीएम आवास योजना से उन्होंने गांव में पक्का मकान बनवाया है। उन्होंने बताया कि वह बहुत गरीब है और आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वह अपना खुद का पक्का मकान बनवा सके। उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना में नाम आने के बाद पहली किस्त मिली तो उन्होंने घर बनाने का काम शुरू किया। हितग्राही ने बताया कि वह जिस कच्चे मकान में रहता था वह बहुत ही जर्जर था। बारिश के आने से पहले वह हर साल इसकी मरम्मत कराता था। मरम्मत की वजह से उन्हें अपने अन्य जरूरी काम छोड़कर इसमें समय देना पड़ता था। कई दशक बीत जाने के बाद भी उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं हुई कि वह कच्चा मकान को पक्का मकान में तब्दील कर सके। उन्होंने बताया कि बारिश के दिनों में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। बारिश की वजह से खपरैल से पानी टपकता था। पानी की वजह से अक्सर उनके घर के जरूरी सामान खराब हो जाते थे। परसराम ने बताया कि पक्का मकान बन जाने के बाद उनकी बड़ी समस्या दूर हो गई है। पक्के मकान में उनके साथ उनकी पत्नी और बच्चे और पोते-पोती निवास करते हैं। परसराम पटेल की पत्नी श्रीमती इतवारा बाई बताती है कि बारिश के दिनों में कच्चे मकान से बहुत मुसीबत का सामना करना पड़ता था। दीवारें उखड़ जाने की वजह से उन्हें मिट्टी लाकर छबाई करनी पड़ती थी। अब पक्के मकान की वजह से बारिश के दिनों में भी चैन से रह पा रहे हैं।

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कोरबा

बांकीमोंगरा नगर पालिका में नई टीम की कमान: जानें कौन हैं 4 नए एल्डरमैन और शहर के विकास का पूरा रोडमैप,,देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकीमोंगरा :– नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के प्रशासनिक गलियारे में हलचल तेज है। शहर के समग्र विकास और जन-समस्याओं के त्वरित समाधान को नई दिशा देने के लिए 4 नए एल्डरमैनों की नियुक्ति के बाद उनका औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो गया।

कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व/SDM) द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाए जाने के साथ ही बांकीमोंगरा के विकास का नया खाका खिंचना शुरू हो गया है।

नई जिम्मेदारी: इन चार चेहरों पर टिका भरोसा

शहर के विकास और जनसेवा की डोर अब जिन 4 नवनियुक्त एल्डरमैनों के हाथों में सौंपी गई है, वे हैं:

🔹 श्रीमती राखी अग्रवाल

🔹 जितेन्द्र सिंह

🔹 देव यादव

🔹 निराकार नाहक

शपथ ग्रहण के बाद अतिथियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर सभी का भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया।

VVIPs की मौजूदगी: मंच पर जुटी सत्ता और संगठन की ताकतकार्यक्रम केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं था, बल्कि मंच से नगर के भावी विकास का खाका भी पेश किया गया।

कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन (वाणिज्य, उद्योग, आबकारी एवं श्रम) ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

प्रेमचंद पटेल (विधायक, कटघोरा) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

श्रीमती सोनी विकास झा (अध्यक्ष, नपा बांकीमोंगरा) एवं श्रीमती गायत्री कंवर (उपाध्यक्ष) की गरिमामय मौजूदगी रही।

कार्यक्रम में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्रीमती ज्योत्सना टोप्पो, भाजयुमो के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, भाजपा मंडल अध्यक्ष उदय शर्मा, पालिका के समस्त पार्षदों सहित क्षेत्र के सामाजिक व व्यापारिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

मुख्य अतिथियों के बड़े बयान: किस पर रहेगा फोकस?

लखनलाल देवांगन (कैबिनेट मंत्री): “एल्डरमैन नगर विकास की मजबूत कड़ी हैं। आप सभी को जनसेवा की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं को पहुँचाना है। बांकीमोंगरा के विकास के लिए खजाना हमेशा खुला रहेगा!

प्रेमचंद पटेल (विधायक): “प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जुगलबंदी से ही बांकीमोंगरा में विकास की रफ्तार दोगुनी होगी।

श्रीमती सोनी विकास झा (अध्यक्ष): “नगर की सफाई, बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाएँ हमारी पहली प्राथमिकता हैं। नई टीम के साथ काम करने में और मजबूती मिलेगी।

विकास झा (नेता): “बांकीमोंगरा के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको एक टीम की तरह काम करना होगा।”

आगे क्या? नवनियुक्त एल्डरमैनों के आने से नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली में गति आने की संभावना जताई जा रही है। शहर के आम नागरिकों को उम्मीद है कि बुनियादी सुविधाओं जैसे—सड़क, पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट्स की समस्याओं का अब त्वरित समाधान हो सकेगा।

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कोरबा

कोरबा में एकलव्य आवासीय स्कूल में छात्रों का हंगामा:विधायक-जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर प्रिंसिपल हटाने की मांग, कार्रवाई के दिए निर्देश

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। शाला प्रवेश उत्सव से लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अहमद खान को हटाने की मांग की। छात्रों ने भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना घटिया और अस्वच्छ भोजन दिया जाता है। आरोप है कि बरसात के पानी से खाना बनाया जाता है और भोजन में कई बार कीड़े भी निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट और खाद्य सामग्री भी दिखाई, जिनकी तारीखें मिटाई गई थीं।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल

छात्रों ने बताया कि कई बच्चे खाज-खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल रहा। आरोप यह भी लगाया गया कि छात्रों को एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां दी जा रही हैं।

अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी

अभिभावकों ने प्राचार्य के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 240 छात्रों के अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग के लिए अलग-अलग दिनों में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार विद्यालय आना पड़ता है। साथ ही छात्रों को बाहर से जरूरत का सामान लाने पर रोक लगाने का भी आरोप लगाया गया।

शिक्षकों की मारपीट का मामला भी उठा

प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट में कुछ छात्र भी घायल हो गए थे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।

विधायक ने दिए जांच के निर्देश

छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

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बाइक गुम होने के तनाव में युवक ने दी जान:कोरबा में नशे की हालत में खोई थी बाइक, कमरे में फंदे पर मिला शव

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कोरबा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम बलगीखार में सोमवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक कंवर के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार दीपक कंवर अविवाहित था और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता था। कुछ दिन पहले वह दर्री क्षेत्र गया था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में उसकी बाइक कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाइक नहीं मिली, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था।

सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला शव

परिजनों के मुताबिक, रविवार (26 जुलाई) देर रात दीपक नशे की हालत में घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसका शव पंखे से लटकता मिला।

घर में मचा कोहराम

घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बांकी मोंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई की।

सुसाइड नोट नहीं मिला

पुलिस की जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए हैं।

पुलिस कर रही जांच

परिजनों ने पुलिस को बताया कि बाइक गुम होने के बाद से दीपक काफी परेशान रहता था और बार-बार उसी बात का जिक्र करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

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