नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की गड़बड़ी पर चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया जाना यह दर्शाता है कि उन्हें केवल अपनी सरकार के अस्तित्व की चिंता है, लाखों छात्रों के भविष्य की नहीं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि वह पहले दिन से ही सीबीएसई की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) और 'सीओईएमपीटी' को अनुबंध दिए जाने के मामले में स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं, क्योंकि देश के युवाओं को सच जानने का अधिकार है। गांधी ने मीडिया की खबरों को साझा किया और लोगों से उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ने का आह्वान किया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ”सीबीएसई ने ओएसएम निविदाएं तीन बार आमंत्रित कीं। पहली बार एक भी बोली नहीं लगी। दूसरी बार कोई भी बोलीदाता पात्र नहीं पाया गया। और अंततः, तकनीकी मानकों को तब तक कमतर किया गया जब तक कि ‘सीओईएमपीटी’ उन्हें पार नहीं कर गई। स्कैनिंग रेजोल्यूशन कम कर दिया गया। रोबोटिक स्कैनर की अनिवार्यता हटा दी गई। सीएमएमआई प्रमाणन स्तर-5 से घटाकर स्तर-3 कर दिया गया। उत्तर पुस्तिकाओं में त्रुटियों के लिए जुर्माने के प्रावधान भी हटा दिये गए।” राहुल गांधी ने कहा, ”भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टीसीएस ने भी तीसरे दौर के लिए अर्हता प्राप्त की थी। लेकिन टीसीएस दौड़ में हार गई और सीओईएमपीटी-एक ऐसी कंपनी जिसका रिकॉर्ड विफलताओं से भरा रहा है-वह जीत गई। और आज सीबीएसई के छात्र किस बात की शिकायत कर रहे हैं? खराब तरीके से स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं, गायब पन्ने और एक खराब मूल्यांकन पोर्टल।”
गांधी ने कहा कि शिक्षकों ने सीबीएसई को चेतावनी दी थी कि ओएसएम प्रणाली को राष्ट्रव्यापी क्रियान्वयन से पहले कम से कम एक या दो साल की अतिरिक्त तैयारी की आवश्यकता है, फिर भी इसे जल्दबाजी में आगे बढ़ा दिया गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने कहा, ”तो मैं फिर से पूछता हूं – कौन चाहता था कि सीओईएमपीटी जीते? किसने धीरे-धीरे मानकों को इतना कम किया कि यह कंपनी इसे पार कर सके?” उन्होंने कहा, “प्रधान जी और सीबीएसई का कहना है कि ‘कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया’। यह कोई जवाब नहीं है, यह जवाबदेही नहीं है। सवाल यह है कि क्या अनुबंध ईमानदारी से उस सर्वश्रेष्ठ कंपनी को दिया गया था जो काम को सही ढंग से कर सकती थी?”
गांधी ने कहा कि 18.5 लाख बच्चों का भविष्य एक ऐसी कंपनी के हाथों में सौंप दिया गया, जो केवल तब अर्हता प्राप्त कर सकी जब उसके लिए नियमों में ”ढील दी गई।” उन्होंने कहा, ”सवाल पूछने के कारण मुझ पर हमला करने वाले भाजपा मंत्रियों के लिए – मैंने पहले दिन से ही स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। इसे (जांच को) सीबीएसई से लेकर सीओईएमपीटी को दिए गए हर अनुबंध तक विस्तारित करें। हमारे युवाओं को सच्चाई जानने का हक है।” गांधी ने कहा, “मोदी जी, सीबीएसई की गड़बड़ी पर आपकी चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ आपकी निष्क्रियता देश को बताती है कि आपको वास्तव में किसकी परवाह है – लाखों छात्रों के भविष्य की नहीं, बल्कि सिर्फ अपनी सरकार के अस्तित्व की।”
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि उनसे यह खुलासा हुआ है कि सीबीएसई ने इस साल की कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली प्रदान करने वाले ठेकेदारों के लिए प्रस्तावों के वास्ते अपने अनुरोध में तकनीकी शर्तों को लगातार नरम किया। रमेश ने अन्य चिंताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यूनतम ‘स्कैनिंग रेजोल्यूशन’ को 300 डीपीआई से घटाकर 200 डीपीआई कर दिया गया और अनिवार्य ‘कैपेबिलिटी मैच्योरिटी मॉडल इंटीग्रेशन’ (सीएमएमआई) प्रमाणन को स्तर-5 से घटाकर स्तर-3 कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जुर्माना के प्रावधानों को इस तरह बदला गया कि उनका ध्यान त्रुटियों के बजाय गति पर केंद्रित हो गया। उन्होंने कहा कि साथ ही, उत्तर पुस्तिकाओं की ‘स्पाइन’ (बाइंडिंग) काटे बिना स्कैन करने की शर्त हटा दी गई और रोबोटिक स्कैनर के प्रावधान को भी खत्म कर दिया गया।
जयराम रमेश ने शेयर किया पोस्ट
रमेश ने अपने पोस्ट में कहा, “अंतिम ‘आरएफपी’ अगस्त 2025 में जारी किया गया था, जो सीबीएसई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं से केवल छह महीने पहले था। हम पहले से ही जानते हैं कि ओएसएम को लागू करने की जल्दबाजी में क्षेत्रीय केंद्रों पर प्रायोगिक परियोजना आयोजित करने के सीबीएसई बोर्ड के समझदारी भरे सुझाव को नजरअंदाज कर दिया गया था।” उन्होंने आरोप लगाया कि स्पष्ट रूप से, सीबीएसई की कार्रवाई में अनावश्यक जल्दबाजी तथा गुणवत्ता एवं छात्र-केंद्रित प्रावधानों को कमजोर करने की झलक मिलती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस वर्ष से ही ओएसएम को अपना लिया जाए। कांग्रेस नेता ने अपनी पोस्ट में प्रश्न किया, ”कई सवाल उठते हैं- ‘आरएफपी’ में तकनीकी शर्तों को क्यों कमजोर किया गया? क्या यह निविदा के लिए बोली लगाने वाले ठेकेदारों के कहने पर किया गया था? सीबीएसई ने उन प्रावधानों (उच्च स्कैनिंग रिज़ॉल्यूशन, गलत तरीके से स्कैन की गई प्रतियों के लिए जुर्माना आदि) को क्यों कमजोर किया जो त्रुटियों को कम कर सकते थे और छात्रों व मूल्यांकनकर्ताओं की सहायता कर सकते थे? किस तरह का दबाव था?”
रमेश ने यह सवाल भी उठाया कि क्षेत्रीय स्तर पर प्रायोगिक परियोजना के जरिए गहन जांच किए बिना और तकनीकी बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता से समझौता करके ‘ओएसएम’ को अपनाने में इतनी जल्दबाजी दिखाने के पीछे क्या कारण था। उन्होंने सवाल किया, “क्या सीओईएमपीटी की पृष्ठभूमि की जांच की गई थी, जिसे अंततः सीबीएसई ने अनुबंध दिया? क्या सीबीएसई ने इस तथ्य पर विचार किया कि सीओईएमपीटी का नाम पहले ‘ग्लोबारेना’ था और वह विवादों में घिरी रही थी? क्या मोदी सरकार के राजनीतिक आकाओं की ओर से यह सुनिश्चित करने का दबाव था कि ठेका सीओईएमपीटी को ही मिले?”
कांग्रेस नेता रमेश ने कहा, ”सीबीएसई को पाक साफ होना चाहिए और वेंडर के चयन, आरएफपी में किए गए संशोधनों, ओएसएम को अपनाने में दिखाई गई जल्दबाजी के कारणों और परीक्षाओं से पहले आयोजित बोर्ड बैठकों के विवरण से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए। शायद मंत्री प्रधान कीचड़ उछालने और राजनीति करने के बजाय इन सवालों के जवाब दे सकते हैं।”
कोरबा/बांकीमोंगरा। लंबे समय से बदहाल सड़कों की समस्या से जूझ रहे बांकीमोंगरा नगरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। नगर पालिका परिषद ने सड़क सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए डामरीकरण कार्यों की शुरुआत कर दी है। कटाईनार के वार्ड क्रमांक 13 और 14 में सड़क डामरीकरण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने पूजा-अर्चना कर विकास कार्यों का शुभारंभ किया। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष ने घोषणा की कि आगामी 1 नवंबर 2027 से पहले नगर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
कटाईनार से शुरुआत, दूसरे वार्डों की सड़कों की भी बदलेगी तस्वीर
नगर के कई वार्डों और कॉलोनियों में सड़कें लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं। खराब सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए प्रथम चरण में कटाईनार के वार्ड 13 एवं 14 में डामरीकरण कराया जा रहा है। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर अन्य वार्डों की खराब सड़कों को भी दुरुस्त करने की योजना है।
भूमिपूजन कार्यक्रम में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा, पार्षद अश्वनी मिश्रा, पार्षद श्रीमती रम्भा हेम सिंह कंवर, एल्डरमैन श्रीमती राखी अग्रवाल, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजयुमो छत्तीसगढ़ विकास झा, भाजपा मंडल अध्यक्ष उदय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विधिवत पूजा-अर्चना की।
विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं हो : विधायक
इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। बांकीमोंगरा में लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या बनी हुई थी। डामरीकरण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।
अन्य वार्डों में भी चरणबद्ध तरीके से होंगे काम : सोनी विकास झा
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा ने कहा कि बांकीमोंगरा को विकास की दिशा में आगे ले जाना परिषद का संकल्प है। जिन वार्डों में सड़कें खराब हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर डामरीकरण कराया जाएगा। कटाईनार के वार्ड 13 और 14 से इसकी शुरुआत की गई है। आगे अन्य वार्डों में भी जरूरत के अनुसार सड़क सुधार के कार्य कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नगरवासियों को बेहतर सड़क, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना परिषद की प्राथमिकता है। इसके साथ ही आगामी राज्य स्थापना दिवस के अवसर को विशेष बनाने के लिए 1 नवंबर 2027 से पहले नगर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
सड़क की मजबूती बनाए रखने नागरिकों से सहयोग की अपील
पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजयुमो छत्तीसगढ़ विकास झा ने कहा कि नगर के विकास में जनप्रतिनिधियों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने वार्डवासियों से निर्माण कार्य में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क बनने के बाद कुछ दिनों तक उस पर पानी का छिड़काव या पानी का बहाव न होने दें, ताकि डामरीकरण की गुणवत्ता और मजबूती बनी रहे। उन्होंने कहा कि उद्देश्य सिर्फ सड़क बनवाना नहीं, बल्कि उसे लंबे समय तक टिकाऊ बनाना भी है।
वार्डवासियों की पुरानी मांग हुई पूरी : पार्षद
पार्षद अश्वनी मिश्रा ने कहा कि वार्ड के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि जर्जर सड़कों का डामरीकरण कराया जाए। भूमिपूजन के साथ कार्य शुरू होना वार्डवासियों के लिए खुशी की बात है। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और सड़क की बदहाल स्थिति से राहत मिलेगी। उन्होंने वार्ड की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही।
2027 के राज्य स्थापना दिवस से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा में नगर पालिका अध्यक्ष सोनी विकास झा ने दोहराया कि 1 नवंबर 2027 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस से पहले नगर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस को भव्य और गरिमामय तरीके से मनाने की तैयारी भी की जाएगी।
भूमिपूजन कार्यक्रम में आसपास के जनप्रतिनिधि, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कोरबा। शराब पीने के लिए जबरन रुपये वसूलने की कोशिश और विरोध करने पर मारपीट करने का मामला बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में सामने आया है। रास्ते में रोककर 500 रुपये मांगने वाले युवकों ने रकम देने से इनकार करने पर दो लोगों के साथ जमकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में कार्रवाई करते हुए बांकीमोंगरा पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, घटना 30 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। सूरज कुमार बिंझवार अपने साथी दिनेश कुमार बिंझवार के साथ बांकीमोंगरा स्थित देसी शराब दुकान से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने पूछताछ के बाद शराब पीने के लिए 500 रुपये की मांग की।
रुपये देने से मना करना दोनों के लिए भारी पड़ गया। आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए उनके साथ मारपीट की। पीड़ितों को हाथ-मुक्कों और बेल्ट से पीटा गया। इतना ही नहीं, उन्हें जमीन पर पटककर भी हमला किया गया।
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
घटना के संबंध में सूरज कुमार बिंझवार ने 1 नवंबर को बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 226/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 119(1) और 191(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी समीर कुर्रे के कब्जे से मारपीट में इस्तेमाल किया गया एक बेल्ट भी बरामद किया है।
चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने 2 नवंबर 2026 को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
समीर कुर्रे, उम्र 19 वर्ष, पिता रमेश कुर्रे, निवासी मेला मैदान, मोंगरा बस्ती।
आशीष कुमार पाटले, उम्र 29 वर्ष, पिता विनोद कुमार पाटले, निवासी मोंगरा बस्ती।
अमन कुमार कुर्रे, उम्र 24 वर्ष, पिता शत्रुघ्न कुर्रे, निवासी मोंगरा बस्ती।
विकास कार्यों की झांकियों ने आकर्षित किया लोगों का ध्यान
कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन
विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, चेक एवं अधिकार अभिलेख किए वितरित
कोरबा, 03 नवंबर 2026। कोरबा नगर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर ओपन ऑडिटोरियम मैदान में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव 2026 में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित स्टॉल लगाए गए। स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं, जिले में संचालित विकास कार्यों और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने सभी विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सहायता राशि, चेक, सामग्री एवं अधिकार अभिलेख वितरित किए।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को सुपोषण किट वितरित की गई। वहीं सक्षम योजना के अंतर्गत दुर्गा पढ़ना-बढ़ना स्व सहायता समूह, मोहलाइनभाठा कटघोरा को 4 लाख रुपये, माला स्व सहायता समूह, चोढ़ा हरदीबाजार को 3 लाख रुपये तथा ऊषा बाई, नगोईबछेरा पोड़ी उपरोड़ा को 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया। वन विभाग द्वारा फसल क्षति के मुआवजे के तहत ग्राम बैगामार की लक्ष्मी को 7,917 रुपये, लीलगर के हितग्राही को 11,698 रुपये एवं कार्तिक को 8,184 रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए। वहीं भू-अभिलेख शाखा द्वारा स्वामित्व योजना के अंतर्गत तहसील भैंसमा की दिलहरण बाई एवं गंगोत्री बाई, ग्राम पंडरीपानी के सुधराम, ग्राम कुरुडीह के बलराम, ग्राम बिंझरी के बेचू सिंह तथा ग्राम अजगरबहार के लवभूषण सिंह सहित अन्य हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किए गए।
रेशम उद्योग एवं खादी ग्रामोद्योग के अंतर्गत कोसा उत्पादन से जुड़े सहकारी समितियों को कोसा फल के भुगतान हेतु राशि वितरित की गई। इसमें रेशम उद्योग सहकारी समिति मर्यादित करतला को 34,464 रुपये, रेशम उद्योग सहकारी समिति मर्यादित तिवरता को 19,574 रुपये, आदर्श आदिवासी सहकारी कोसा कृमिपालन उद्योग सहकारी समिति कुदारीखार को 47,142 रुपये, कोसा कृमिपालन उद्योग सहकारी समिति मर्यादित पाली को 2,06,339 रुपये, रेशम उद्योग सहकारी समिति तिवरता को 58,723 रुपये, आदर्श आदिवासी सहकारी कोसा कृमिपालन उद्योग सहकारी समिति कुदारीखार को 8,12,730 रुपये, आदर्श आदिवासी कोसा कृमिपालन सहकारी समिति मर्यादित कोरबा को 2,94,521 रुपये, आदिवासी कोसा उद्योग प्राथमिक सहकारी समिति तुमान को 1,66,216 रुपये तथा कोसा कृमिपालन रेशम उद्योग सहकारी समिति मर्यादित ढेलवाडीह को 1,55,547 रुपये की राशि प्रदान की गई।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को तिवड़ा एवं चना बीज का वितरण किया गया। इसमें ग्राम खरमोरा के कृषक जगत सिंह, जगमोहन सिंह एवं सम्मान सिंह को एक-एक बोरी तिवड़ा, ग्राम दादरखुर्द के शैलेन्द्र सिंह एवं ग्राम करमंदी के महेश को तिवड़ा, ग्राम रिस्दी के पंचराम को चना तथा ग्राम खरमोरा के प्रदीप सिंह को चने की बोरी प्रदान की गई। इसके साथ ही ग्राम रिस्दी के कृषक श्रवण सिंह पिता देवचरण को पावर वीडर तथा गजरा बस्ती बांकीमोंगरा के कृषक श्री पन्नालाल को पावर रीपर प्रदान किया गया।
पशुधन विभाग द्वारा विभिन्न हितग्राहियों को 15-15 हजार रुपये के डेमो चेक वितरित किए गए। इनमें ग्राम हरदीबाजार के जितेंद्र यादव, ग्राम नेवशा के शिव प्रसाद, ग्राम धतुरा के ईवन लाल कौशिक, ग्राम रेकी के भैया राम यादव तथा ग्राम सराईसिंगार के आशीष कुमार शामिल हैं।
एनटीपीसी द्वारा जरूरतमंद हितग्राहियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इसमें प्रगतिनगर निवासी मीनाक्षी को कृत्रिम पैर, एमपी नगर निवासी अरहान खान को कृत्रिम हाथ, अयोध्यापुरी निवासी नजमा बेगम को हियरिंग एड तथा इंद्रानगर निवासी जलील खान को कृत्रिम अंग प्रदान किया गया। नगर पालिक निगम द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास की चाबियां भेंट की गईं। वहीं आदिवासी विकास विभाग द्वारा आदिवासी संस्कृति के संरक्षण पर आधारित झांकी प्रस्तुत की गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उपयोगी उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। समूह की महिलाओं ने मिलेट्स कोदो, कुटकी एवं रागी से तैयार छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के साथ ठेठरी, खुरमी, चीला आदि के स्टॉल भी लगाए। उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग द्वारा किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी में शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए बदलाव तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से जिले में कराए गए विकास कार्यों को छायाचित्रों के जरिए प्रदर्शित किया गया। मंत्री श्री देवांगन ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी ली। स्टॉल में आम नागरिकों को निःशुल्क वितरित की जाने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित जनमन सहित अन्य पत्रिकाओं, ब्रोशर एवं पाम्पलेट के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा आग्नेय शस्त्रों की प्रदर्शनी लगाकर आम नागरिकों को उनके उपयोग एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा हर्बल उत्पादों एवं वन औषधियों का प्रदर्शन किया गया।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा के महत्व को प्रदर्शित करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर शुगर, रक्तचाप सहित अन्य स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मेडिकल मोबाइल बस के माध्यम से भी नागरिकों को विभिन्न रोगों की जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की गई।
जिला स्तरीय राज्योत्सव में विभागीय स्टॉलों एवं प्रदर्शनों के माध्यम से नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, पात्रता एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त हुई। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता एवं सामग्री वितरण के साथ यह आयोजन जिले में संचालित विकास कार्यों और विभागीय गतिविधियों को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना।
इस अवसर पर विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन उपस्थित रहे।