पूर्णिया,एजेंसी। PM नरेंद्र मोदी ने सोमवार यानी 15 सितंबर को बिहार के लिए 40 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू किए। उन्होंने पूर्णिया एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया।
एयरपोर्ट के बाद पूर्णिया के SSB ग्राउंड में प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा- कांग्रेस और राजद से बिहार के सम्मान के साथ पहचान को भी खतरा है। ये लोग बिहार की तुलना बीड़ी से करते हैं।’
SIR का जिक्र किए बिना PM ने कहा- ‘राजद और कांग्रेस घुसपैठियों को बचाने के लिए यात्राएं निकाल रही हैं। प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन घुसपैठियों पर ताला लगाना NDA की पक्की जिम्मेदारी है।’
बिना नाम लिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘जो मेरे पहले यहां के चक्कर काटकर गए, उन्हें मखाना का नाम भी नहीं पता होगा।’
वे मंच तक खुली गाड़ी से लोगों का अभिवादन करते हुए पहुंचे। इस दौरान उनके साथ CM नीतीश कुमार और डिप्टी CM सम्राट चौधरी भी थे।
इससे पहले नीतीश कुमार का संबोधन हुआ। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से PM को खड़े होकर प्रणाम करने को कहा। मुख्यमंत्री के कहने पर लोग खड़े हुए और उन्हें प्रणाम किया।
PM मोदी की 5 बड़ी बातें
SIR पर विपक्ष को घेरा: कांग्रेस और राजद से न सिर्फ बिहार के सम्मान को खतरा है। बिहार की पहचान को भी खतरा है। वोट बैंक का स्वार्थ है कि कांग्रेस और राजद के लोग घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। नारे लगा रहे हैं। यात्राएं निकाल रहे हैं। ये बिहार के संसाधन और सुरक्षा दोनों को दांव पर लगाना चाहते हैं।
जंगलराज की याद दिलाई: कांग्रेस और राजद बीते 2 दशकों से सत्ता से बाहर है। इसमें अहम भूमिका बिहार माताओं-बहनों की है। राजद के राज में हत्या, बलात्कार होते थे। हमारी सरकार में वही महिलाएं लखपति दीदी और ड्रोन दीदी बन रही हैं।
परिवारवाद पर निशाना साधा: कांग्रेस और राजद को सिर्फ अपने परिवार की चिंता करते हैं। मोदी के लिए आप सब ही मोदी का परिवार हैं, इसलिए मोदी कहता है, सबका साथ-सबका विकास। ये लोग क्या कहते हैं। अपने परिवार का साथ, अपने परिवार का विकास।
22 सितंबर से GST एकदम कम हो जाएगी: इस साल दिवाली और छठ से पहले हमारी सरकार में बड़ा उपहार दिया है। आज से ठीक 7 दिन बाद नवरात्र के पहले दिन 22 सितंबर से देश में GST एकदम कम हो जाएगी। आपकी रोजमर्रा के जरूरत की चीजों पर GST कम की गई है। इससे माताओं बहनों का रसोई का खर्च बहुत कम होने वाला है।
RJD-कांग्रेस के कुशासन से सीमांचल पिछड़ा: देश के विकास के लिए बिहार का विकास जरूरी है। बिहार के विकास के लिए पूर्णिया और सीमांचल का विकास जरूरी है। RJD-कांग्रेस के कुशासन का सबसे ज्यादा नुकसान सीमांचल को उठाना पड़ा है। बिहार की डबल इंजन की सरकार किसानों की आय बढ़ाने का काम कर रही है।
PM के पूर्णिया दौरे से जुड़ी तस्वीरें
PM ने पूर्णिया एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया।
उद्घाटन के बाद एयरपोर्ट का डिजाइन देखते PM मोदी।
एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद PM मोदी खुली गाड़ी से लोगों का अभिवादन करते हुए मंच पर पहुंचे।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने PM को मखाने की माला पहनाई।
नीतीश बोले- हमारी पार्टी के कुछ नेताओं ने गड़बड़ की थी
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने PM मोदी के सामने कहा , ‘पहले की सरकार ने कोई काम नहीं किया। बीच में गड़बड़ हो गया था। अब ये कभी संभव नहीं है कि गड़बड़ हो जाए। हमारी पार्टी के कुछ नेता गड़बड़ कर देते थे। अब मेरे इधर-उधर जाने का सवाल ही नहीं उठता है।’
नीतीश बोले- खड़े होकर PM को प्रणाम करो
संबोधन के दौरान नीतीश ने PM की तारीफ की। इस दौरान उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से खड़े होकर PM मोदी को प्रणाम करने के लिए कहा। नीतीश ने कहा, ‘बिहार के लिए प्रधानमंत्री जी ने इतना काम किया है, ज्यादा संख्या में खड़े होकर इनको एक बार प्रणाम कीजिए, खड़ा होकर प्रणाम कीजिए।’
इस दौरान नीतीश लोगों से कहने लगे, ‘काहे बैठे हुए हो, ए खड़ा हो…वहां बैठे हुए हो, खड़ा हो…खड़ा होकर प्रणाम करो। इसके बाद लोग खड़े होकर प्रधानमंत्री को प्रणाम करने लगे। PM भी खड़े हुए और हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।
नीतीश ने लोगों से खड़े होकर PM मोदी को प्रणाम करने को कहा।
महिलाएं खड़े होकर इस तरह से प्रधानमंत्री को प्रणाम करने लगीं।
PM भी मंच से खड़े हुए और हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।
नीतीश से बात, पप्पू यादव के साथ ठहाके लगाए
PM मोदी मंच पर नीतीश कुमार के साथ बात करते भी नजर आए।
इस दौरान पप्पू यादव ने PM से कुछ कहा तो वे ठहाके लगाते दिखाई दिए।
1 वंदे भारत, 3 अमृत भारत ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई
प्रधानमंत्री करीब 3 घंटे पूर्णिया में रहे। उन्होंने 1 वंदे भारत और 3 अमृत भारत ट्रेन को भी हरी झंडी भी दिखाई।
नई दिल्ली, एजेंसी। फेस्टिव सीजन चल रहा है। इस दौरान लोग अपने घर जाने की तैयारियां करते हैं। अपने घर जाने के लिए लोग ट्रेन से जाते हैं। यदि आप अक्टूबर के महीने में ट्रेन का सफर करने वाले हैं, तो थोड़ा सावधान हो जाए। असल में सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक, खास ‘टिकट चेकिंग अभियान’ चलाने जा रहा है।
आइए आपको बताते हैं रेलवे के ये नए नियम क्या हैं और आपको ट्रैवल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।
कम से कम एक ओरिजिनल ID होना है जरूरी
इस अभियान के चलते सबसे बड़ा नियम है ‘वन टिकट, वन ओरिजिनल आईडी’। रेलवे के अधिकारियों ने साफ कहा है कि अब सफर के समय सिर्फ टिकट होना ही काफी नहीं है, बल्कि आपके पास अपना ओरिजिनल पहचान पत्र होना जरुरी है।
उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपने परिवार के चार लोगों के लिए एक ही टिकट बुक किया है, तो उन चारों में से कम से कम किसी एक व्यक्ति के पास उसका ओरिजिनल आईडी कार्ड होना बहुत जरुरी है। यदि चेकिंग के दौरान असली आईडी नहीं दिखा पाए, तो टीटीई उस पर यात्रा करने वाले सभी लोगों को बिना टिकट मान सकता है और आप पर जुर्माना लग सकता है।
कोटा और ई-पास वालों के लिए नियम सख्त
रेलवे के मुताबिक, अगर आप किसी खास कोटे या कंसेशन पर सफर कर रहे हैं? यदि हां, तो आपको अपनी पात्रता को साबित करने के लिए सभी दास्तावेज ओरिजिनल ही साथ रखें। इतना ही नहीं, जो लोग रेलवे के ई-पास या पीटीओ का इस्तेमाल करके यात्रा करने पर, आपको असली पहचान पत्र दिखाना होगा। उनकों इस बात का ध्यान देना होगा कि ट्रेन में बैठने से पहले उनका ई-पास संबंधित अथॉरिटी से सही तरीके से एक्सचेंज करा लिया गया हो।
जनरल टिकट वालों की भी होगी हाई-टेक चेकिंग
दरअसल, यह चेकिंग अभियान सिर्फ स्लीपर या एसी कोच तक ही नहीं, बल्कि आप जनरल डिब्बे में सफर कर रहे हैं, तो आप वहां भी चेकिंग स्टाफ टिकटों की असलियत जांचेगा। वहीं, जरुरत पड़ने पर रेलवे अधिकारी टीटीई ऐप की मदद से किसी भी टिकट को तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं।
भारतीय रेलवे क्यों कर रहा है इतनी सख्ती
सेंट्रल रेलवे ने बताया है कि, इसके पीछे मकसद है सिस्टम में होने वाली धोखाधड़ी को खत्म करना है, जाने इसके मुख्य कारण है-
– भारतीय रेलवे में होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकना।
– वहीं, रिजर्वेशन की सुविधाओं का जो लोग गलत फायदा उठाते हैं, उन लोगों को पकड़ना।
– इसके अलावा, पास और कंसेशन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना।
– सही यात्रियों की पहचान करना और टिकटों की वैधता जांचना।
चेकिंग में कौन-कौन से पहचान पत्र चलेंगे?
इस बीच, रेलवे ने उन दास्तावेजों की एक लिस्ट भी दी है, जिन्हे आप सफर के दौरान अपनी पहचान साबित करने के लिए दिखा सकते हैं ये ओरिजनल आईडी-
-आधार कार्ड -वोटर आईडी कार्ड -पासपोर्ट या पैन कार्ड -ड्राइविंग लाइसेंस – केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले फोटो और सीरियल नंबर वाला कार्ड – मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज का फोटो वाला स्टूडेंट आईडी कार्ड – किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक, जिस पर आपकी फोटो लगी हो। – बैंक का क्रेडिट कार्ड जिस पर आपकी लैमिनेटेड फोटो हो।
नई दिल्ली, एजेंसी। आमतौर पर शेयर बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुले रहते हैं। मार्केट में शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। कई बार किसी खास मौके, पर्व और त्योहार पर भी बाजार बंद होता है। कल से लगातार तीन दिन शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। शुक्रवार (02 अक्टूबर) को गांधी जयंती है, ऐसे में BSE और NSE बंद रहेंगे। इसके बाद शनिवार और रविवार की नियमित छुट्टी के कारण बाजार अब सीधे सोमवार, 5 अक्टूबर को खुलेगा।
2 अक्टूबर को क्यों बंद रहेगा बाजार?
महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को देशभर में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाई जाती है। इसी के चलते भारतीय शेयर बाजार में भी इस दिन ट्रेडिंग नहीं होगी। निवेशकों को शुक्रवार को इक्विटी, डेरिवेटिव्स समेत बाजार से जुड़े कारोबार के लिए बाजार बंद मिलेगा।
2026 में शेयर बाजार की प्रमुख छुट्टियां
अवसर
तारीख
दिन
दशहरा
20 अक्टूबर
मंगलवार
दिवाली बलिप्रतिपदा
10 नवंबर
मंगलवार
गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व
24 नवंबर
मंगलवार
क्रिसमस
25 दिसंबर
शुक्रवार
आज बाजार में रही गिरावट
आज (1 अक्टूबर) शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 0.79 फीसदी यानी कि 570.59 अंक गिरकर लाल निशान में 71,909.70 पर बंद हुआ। इस दौरान इसके 30 शेयरों में से केवल 6 में बढ़त दिखी, जबकि 24 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें इन्फोसिस में सबसे अधिक 4.02 फीसदी की तेजी और मारुति में सबसे ज्यादा गिरावट 4.59 फीसदी नजर आई।
वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 0.88 फीसदी यानी 198.50 अंक लुढ़ककर 22,421.95 पर बंद हुआ। इसके 50 शेयरों में से 13 में तेजी और 37 में गिरावट दर्ज की गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने त्योहारों के मौसम में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और उचित कीमत सुनिश्चित करने के लिए डीलर के पास चीनी रखने की सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी। यह सीमा 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी और डीलर अधिकतम 15 दिन तक का स्टॉक रख सकेंगे। इसके साथ ही, खाद्य मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम में क्षेत्र विशेष की जरूरतों को देखते हुए स्टॉक सीमा 2,000 क्विंटल होगी।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि एक अक्टूबर से नए चीनी सत्र की शुरुआत के साथ त्योहारी अवधि में ग्राहकों को उचित कीमत पर चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है। मंत्रालय ने कहा, ”चीनी की मात्रा और उसे रखने की अवधि सीमित करके सरकार का उद्देश्य आपूर्ति शृंखला में चीनी की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के लिए इसकी लगातार उपलब्धता बनाए रखना है।”
कोलकाता और असम के लिए अलग सीमा
कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम के लिए अलग स्टॉक सीमा उस क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय की गई है। मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता… उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदता है और पूर्वी भारत के साथ पूर्वोत्तर राज्यों को भी इसकी आपूर्ति करता है।
मंत्रालय ने कहा कि असम के लिए सीमा तय करते समय भौगोलिक परिस्थितियों, परिवहन सुविधाओं और पूर्वोत्तर के उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखा गया है। उसने कहा कि संशोधित नियमों का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला में चीनी के अनावश्यक भंडारण को रोकना और मिलों से डीलर के जरिये अंतिम उपभोक्ता तक इसकी सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
भंडारण और जमाखोरी पर रोक का उद्देश्य
यह कदम जमाखोरी, सट्टेबाजी और डीलर द्वारा स्टॉक जमा करने पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है। इससे पहले अगस्त में सरकार ने डीलर के लिए देशभर में 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा तय की थी। यह सीमा एक अगस्त से 30 नवंबर तक लागू की गई थी। इसके तहत चीनी मिलने की तारीख से अधिकतम 30 दिन तक स्टॉक रखने की अनुमति थी। बाद में 15 सितंबर से यह सीमा घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी गई।
चीनी के खुदरा दाम में 15% गिरावट
मंत्रालय के मुताबिक, चीनी का औसत खुदरा मूल्य अगस्त के उच्चतम स्तर से अब 15 प्रतिशत घट चुका है और आपूर्ति शृंखला में कम कीमतों का लाभ मिलने के साथ इसमें आगे भी गिरावट आने की उम्मीद है। मिलों की कीमतों में करीब 28 प्रतिशत की गिरावट आई है और वे पिछले तीन सप्ताह से स्थिर हैं।
सरकार ने कहा कि चीनी मिलों, डीलर, थोक विक्रेताओं और अन्य बाजार प्रतिभागियों को चीनी की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करनी चाहिए और जमाखोरी एवं सट्टेबाजी रोकनी चाहिए। थोक और खुदरा विक्रेताओं से मिलों की कीमतों में आई तेज गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक ‘तत्काल’ पहुंचाने को कहा गया है।