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छत्तीसगढ़

पुलिस ने 4KM पीछा कर पकड़ा यूपी का अवैध धान…:पहले दिन सिर्फ 10% केंद्रों में धान खरीदी, धमतरी में लटका ताला, 10 कर्मचारी बर्खास्त

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। पूरे प्रदेश में 2,739 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी पहले दिन मात्र 10 प्रतिशत यानि 195 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी हुई। इन केंद्रों के माध्यम से 19,464 क्विंटल धान खरीदा गया है।

धान खरीदी के पहले दिन प्रदेश भर से अलग-अलग तस्वीरें सामने आई है। कहीं धान खरीदी केंद्रों में ताले लटके रहे। कहीं अधिकारी-कर्मचारी नहीं पहुंचे। इन सबके बीच कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से टोकन नहीं मिलने पर किसान परेशान नजर आए। कहीं उत्तरप्रदेश से लाया हुआ अवैध धान भी पकड़ाया।

बलरामपुर जिले में पुलिस ने साढ़े 4 किलोमीटर दूर पीछा कर अवैध धान की गाड़ी रुकवाया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। दोनों वाहनों से लगभग 200 बोरी अवैध धान बरामद हुआ है। वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लापरवाही के कारण 4 समितियों के प्रभारी प्रबंधकों की सेवा समाप्त कर दी गई है।

इसके अलावा हड़ताल पर गए सहकारी समिति कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। आरोपों की जांच के बाद सहकारिता विभाग ने कुल 6 पदाधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

धमतरी में तौल मशीन खराब। औपचारिकता निभाई गई।

धमतरी में तौल मशीन खराब। औपचारिकता निभाई गई।

पुलिस ने साढ़े 4 किलोमीटर दूर पीछा कर अवैध धान की गाड़ी को पकड़ा।

पुलिस ने साढ़े 4 किलोमीटर दूर पीछा कर अवैध धान की गाड़ी को पकड़ा।

लापरवाही किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी- रायपुर कलेक्टर

रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने धान खरीदी को लेकर समीक्षा बैठक ली। जहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों में हर संभव व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासन ने एस्मा लागू किया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने धान खरीदी को लेकर समीक्षा बैठक ली।

रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने धान खरीदी को लेकर समीक्षा बैठक ली।

धमतरी में धान खरीदी केंद्र पर लटका ताला

धमतरी जिले में धान खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था देखने को मिली। माकरदोना सोसाइटी में धान खरीदी के पहले दिन केंद्र पर ताला लगा मिला, जिसे किसानों को तोड़ना पड़ा। इस दौरान किसानों ने ही खुद इलेक्ट्रॉनिक कांटे से खरीदी की और औपचारिकता निभाई।

माकरदोना सोसाइटी के गेट और प्रबंधक कक्ष में 15 नवंबर को ताला लटका हुआ था। कई किसान केंद्र पहुंचे लेकिन ताला देखकर लौट गए। तहसीलदार, पटवारी, सरपंच और नोडल अधिकारी बाहर खड़े थे। पूछने पर बताया गया कि चौकीदार चाबी लेकर कहीं चला गया है।

किसानों ने ताला तोड़ा। फिर खरीदी केंद्र में धान बेचने आए।

किसानों ने ताला तोड़ा। फिर खरीदी केंद्र में धान बेचने आए।

राजनांदगांव में धीमी गति से खरीदी हुई

राजनांदगांव में धान खरीदी के पहले दिन कर्मचारियों की हड़ताल और टोकन न मिलने के कारण शुरुआत धीमी रही। जिले के उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्था चरमरा गई, जिससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए कम संख्या में पहुंचे।

कर्मचारियों की हड़ताल के चलते धान खरीदी केंद्रों पर कामकाज प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने राजस्व अमले को खरीदी केंद्रों पर तैनात किया है, लेकिन प्रभारी कर्मचारियों को प्रक्रिया समझने में दिक्कतें आ रही हैं।

कई केंद्रों पर किसानों को टोकन ही नहीं मिल पाए, और जहां टोकन मिले, वहां कर्मचारी गैरहाजिर थे। पहले दिन यहां दो किसानों से 152 कट्टा धान की खरीदी की जा सकी।

राजनांदगांव में धान खरीदी के पहले दिन केंद्र में सन्नाटा रहा।

राजनांदगांव में धान खरीदी के पहले दिन केंद्र में सन्नाटा रहा।

दुर्ग संभाग में 7 कर्मचारी बर्खास्त

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी से पहले सहकारी समितियों के कर्मचारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जिससे प्रदेशभर में धान खरीदी प्रक्रिया सीधे प्रभावित हो रही है। दुर्ग संभाग सहित सात जिलों से रोजाना लगभग ढाई हजार कर्मचारी दुर्ग के मानस भवन के पास धरना स्थल पर एकत्र हो रहे हैं।

इसी बीच, जिला प्रशासन ने धान खरीदी में गायब कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, जिसके तहत 7 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इस कार्रवाई से आंदोलन और आक्रामक हो गया है।

दुर्ग संभाग में हड़ताल पर गए 7 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।

दुर्ग संभाग में हड़ताल पर गए 7 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।

बलरामपुर में उत्तरप्रदेश से लाया अवैध धान जब्त

बलरामपुर जिले में पुलिस ने साढ़े 4 किलोमीटर दूर पीछा कर अवैध धान की गाड़ी को पकड़ा है। जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हुई है। इस दौरान उत्तरप्रदेश से 2 पिकअप गाड़ी में कुछ लोग अवैध धान लेकर पहुंचे थे।

सूचना मिलने पर 15 नवंबर की सुबह साढ़े 3 बजे पुलिस की टीम पीछा करते हुए 2 पिकअप वाहनों को रोका और तलाशी ली। जांच में दोनों वाहनों से लगभग 200 बोरी अवैध धान बरामद हुआ। वाहन चालकों के पास वैध दस्तावेज नहीं थे। जिसके बाद दोनों गाड़ियों को जब्त कर थाने में सुपुर्द कर दिया गया है। जिले में 2 दिनों में 410 बोरी अवैध धान पकड़ाया है।

अवैध धान परिवहन के खिलाफ बलरामपुर पुलिस की कार्रवाई।

अवैध धान परिवहन के खिलाफ बलरामपुर पुलिस की कार्रवाई।

सारंगढ़ में 4 प्रभारी प्रबंधकों की सेवा समाप्त

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पहले दिन धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जिले की 4 समितियों के प्रभारी प्रबंधकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। यह आदेश 15 नवंबर को प्राधिकृत अधिकारी ने जारी किया है।

जिन प्रभारी प्रबंधकों की सेवा समाप्त की गई है, उनमें प्राथमिक कृषि सहकारी समिति मर्यादित पवनी के रामेश्वर साहू, समिति भटगांव के राजेश कुमार आदित्य, समिति धनगांव के दयाराम यादव और समिति जोरा के गिरजा शंकर साहू शामिल हैं।

2 हजार आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था

कई जिलों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विधिवत पूजा-अर्चना कर धान खरीदी की शुरुआत की गई। सहकारी समितियों के कर्मचारियों की आंशिक हड़ताल के बावजूद शासन ने तेजी से कदम उठाते हुए 2,739 आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था की, जिससे खरीदी प्रभावित नहीं हुई।

सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्य को निरंतर जारी रखा। उपार्जन से जुड़े कर्मचारियों को ESMA के तहत अधिसूचित कर खरीदी को निर्बाध रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

धान खरीदी केंद्रों में जनप्रतिनिधी मौजूद रहे।

धान खरीदी केंद्रों में जनप्रतिनिधी मौजूद रहे।

ऑनलाइन टोकन दे रही सरकार

इस साल खरीदी को अधिक पारदर्शी बनाने ऑनलाइन टोकन और तुंहर टोकन प्रणाली लागू है। 15 नवंबर को जारी 2,029 टोकन में से 1,912 तुंहर टोकन से लिए गए। किसानों की सुविधाओं के लिए केन्द्रों में पानी, छाया, शौचालय और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है।

बिलासपुर के धान खरीदी केंद्र में डिप्टी सीएम अरुण साव मौजूद रहे।

बिलासपुर के धान खरीदी केंद्र में डिप्टी सीएम अरुण साव मौजूद रहे।

सरकार ने जारी किया टोलफ्री नंबर

नोडल अधिकारियों और हेल्पलाइन 1800-233-3663 को भी सक्रिय रखा गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खरीदी कार्य को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए।

प्रदेश में 2,739 उपार्जन केंद्र बनाए गए

छत्तीसगढ़ में 2,739 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां से किसानों से धान खरीदी की जाएगी। यह प्रक्रिया 15 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। एक एकड़ खेत से अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी की जाएगी। केंद्रों में मापक यंत्र, तौल कांटा, बारदाने, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

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कोरबा

चित्रा टॉकीज प्रांगण में बिखरेंगे रंग, गोपाल मोदी के संग होली का उमंग

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रंगों के पावन पर्व पर होली की भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने जिलेवासियों को दी शुभकामनाएं

कोरबा। रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी द्वारा 4 मार्च 2026, बुधवार को होली मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम चित्रा टॉकीज प्रांगण, कोरबा में प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगा।इस आयोजन का उद्देश्य रंगों के इस पावन पर्व पर समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द, भाईचारे और एकता का संदेश देना है। समारोह में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं शहरवासी शामिल होंगे। इस होली मिलन समारोह में उपस्थितजन एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देंगे तथा आपसी समरसता का संदेश प्रसारित करेंगे।

भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने दी होली की शुभकामनाएं

रंगों के पावन पर्व होली के इस खास अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें पुराने मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कह कि रंगों का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

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कोरबा

होली खेलें पर जरा संभलकर, त्वचा और बालों का रखें खास ध्यान- त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जय

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कोरबा। होली रंगों का त्योहार है। इसे बड़े ही उत्साह और हर्ष के साथ मनाया जाता है। पहले पारंपरिक होली फूलों, सूखे गुलाल, और पानी के साथ मनाई जाती थी, लेकिन अब सिंथेटिक रंगों ने इसकी जगह ले ली है। जिसका दुष्प्रभाव न केवल हमारी त्वचा तथा बाल, आंखों में भी पड़ता हैं यह हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। होली की मस्ती के साथ-साथ उत्सव के दौरान अपनी त्वचा और बालों की देखभाल करना भी महत्वपूर्ण है। इसलिए इस होली में कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह एनकेएच के त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. जय बावने देतें हैं।
डॉ. जय बताते हैं कि होली से एक दिन पहले अपनी त्वचा को ढेर सारे मॉइस्चराइजर से हाइड्रेट करें। अच्छी तरह से हाइड्रेटेड त्वचा नाजुक नहीं होती है जो आसानी से क्षतिग्रस्त नहीं होगी। होली के दिन अपने बालों में नारियल का तेल, शरीर पर बेबी ऑयल और होंठों पर लिप बाम लगाएं एवं अपनी त्वचा को सुरक्षित रखें। तेल लगाने के बाद सनस्क्रीन लगाना न भूलें। कपड़े पूरी बाजू के पहनें ताकि त्वचा को नुकसान कम से कम हो। अपने नाखूनों की सुरक्षा के लिए नेल पॉलिश लगाएं। होली के दिन भी खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें।
होली के बाद त्वचा और बालों की देखभाल के टिप्स देते हुए डॉ. जय बतातें हैं कि एक बार जब रंग थोड़ा फीका हो जाए, तो त्वचा को हाइड्रेट और मॉइस्चराइज करने के लिए मेडिकल फेशियल करवाना चाहिए। यह आपको आकर्षक लुक वापस पाने में मदद करेगा। अगर आपको लगता है कि आपकी त्वचा हल्की फट रही है, तो एलोवेरा जेल या लैक्टोकैलेमाइन लोशन लगाएं, लेकिन अगर दाने बने रहते हैं, तो बिना किसी देरी के त्वचा विशेषज्ञ से मिलें। बालों को धोने से पहले सप्ताह में एक बार प्राकृतिक हेयर मास्क का उपयोग करें। डॉ. जय सुझाव देते हैं कि होली खेलने में अधिक पानी, फूलों की पंखुड़ियों और ऑर्गेनिक रंग का उपयोग करना बेहतर है। डॉ. जय बावने त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट विशेषज्ञ एडीसी लैब निहारिका और न्यू कोरबा हॉस्पिटल में नियमित रूप से उपलब्ध रहते है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : रंगों में घुले प्रेम और सौहार्द का त्योहार है होली : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी होली की शुभकामनाएँ

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा है कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता का संचार करता है तथा भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देता है।उन्होंने कामना की कि यह होली सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि त्योहार मनाते समय प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, जल संरक्षण का ध्यान रखें तथा पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपना सक्रिय सहयोग दें।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में आनंद और सौहार्द का उत्सव बनती है तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत करती है।

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