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कोरबा

कोरबा में रेलवे नोटिस के खिलाफ प्रदर्शन:मुख्य चौक पर सैकड़ों लोगों ने दिया धरना, विस्थापन और मुआवजे की मांग

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कोरबा। कोरबा शहर के इंदिरा नगर बस्ती में रेलवे की ओर से लगभग 250 परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किए जाने के बाद रेल प्रबंधन के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ गया है। अपनी मांगों को लेकर बस्ती के सैकड़ों लोगों ने मंगलवार को शहर के मुख्य चौक (पवन टाकीज के पास) पर धरने पर बैठ गए।

इससे चौक के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रेलवे ने इंदिरा नगर बस्ती के लगभग 250 परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस दिया है। इस कार्रवाई की शुरुआत सोमवार को हुई, जब रेलवे अधिकारियों ने इन घरों पर खाली कराने के लिए निशान लगाए।

इसके विरोध में सोमवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने स्टेशन परिसर का घेराव कर प्रदर्शन किया था। सोमवार के प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने मंगलवार को अपनी रणनीति बदली और शहर के मुख्य चौक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

सैकड़ों की संख्या में लोग धरने पर बैठ गए, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और चौक के चारों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। प्रदर्शनकारियों ने समस्या निराकरण नहीं होने पर कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी दी है।

सीमांकन, मुआवजा और विस्थापन की मांग

वार्ड पार्षद तामेश अग्रवाल ने बताया कि लोगों की मांग है कि वे मकान तभी खाली करेंगे, जब रेलवे की ओर से पहले सही सीमांकन किया जाए और विस्थापन (Rehabilitation) की प्रक्रिया पूरी की जाए। जबकि प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि उन्हें रेलवे की ओर से तत्काल मुआवजा (Compensation) और रहने के लिए वैकल्पिक जगह या विस्थापन दिया जाए।

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने बताया कि पूर्व में भी रेलवे की ओर से अतिक्रमण हटाए जाने पर प्रभावितों को मुआवजा राशि दी गई थी। उन्होंने मांग की कि इन परिवारों को भी मुआवजा दिया जाए। जिन घरों को हटाने का नोटिस दिया गया है, उन्हें पहले रहने के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए।

आश्वासन के बाद धरना खत्म, कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

इधर, धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। पार्षद ने बताया कि बस्ती के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया है। अगर मांगें पूरे नहीं होती है तो आने वाले दिनों में कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

जिला प्रशासन के समक्ष रखे जाएंगे बातें- नायब तहसीलदार

नायब तहसीलदार दीपक पटेल ने बताया कि बस्ती वासियों ने ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांग है कि पहले विस्थापन और मुआवजा दिया जाए, तब जाकर रेलवे कार्रवाई करें। इस मामले में जिला प्रशासन के समक्ष बातें रखे जाएंगे और रेलवे को अवगत कराया जाएगा। फिलहाल, अभी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होगी। कार्रवाई से पहले प्रशासन को सूचना रेलवे के की ओर से दी जाएगी।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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