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छत्तीसगढ़

रायपुर : खेल पुरस्कारों, सम्मानों, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, प्रेरणा निधि और डाइट-मनी के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित

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5 अगस्त तक जमा किए जा सकते हैं आवेदन

विभागीय वेबसाइटhttp//sportsyw.cg.gov.inपर आवेदन प्रारूप उपलब्ध

रायपुर। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नगद राशि, प्रेरणा निधि और डाइट मनी के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं निर्णायक आगामी 5 अगस्त तक निर्धारित प्रारूप में अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की वेबसाइट http//sportsyw.cg.gov.in पर आवेदन के प्रारूप उपलब्ध हैं। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाडियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को ये पुरस्कार दिए जाते हैं। राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के ऐसे खिलाड़ियों को शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों में पदक प्राप्त किया हो या अधिकृत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया हो। 

इसी प्रकार जूनियर वर्ग के उन खिलाड़ियों को शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिन्होंने जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पदक प्राप्त किया हो। विगत 5 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले महिला व पुरूष खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है। प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। 

खेल से जुड़े 55 वर्ष या अधिक उम्र के ऐसे व्यक्ति जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो, या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो, या खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा दी हो, उन्हें शहीद विनोद चौबे सम्मान से अलंकृत किया जाता है। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाती है। इन सभी पुरस्कारों के नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं। नियमों के अंतर्गत पात्रता रखने वाले आवेदकों का प्रावीण्यता के आधार पर पुरस्कार के लिए चयन किया जाएगा।

शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार हेतु 3 लाख रुपए, शहीद कौशल यादव पुरस्कार हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, शहीद विनोद चौबे सम्मान एवं पंकज विक्रम सम्मान हेतु 25-25 हजार रुपए के नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सीनियर एवं जूनियर वर्ग के दलीय खेलों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अंतर्गत ऐसे दलीय खेल जिनमें सदस्यों की संख्या 4 है, उन्हें सीनियर वर्ग में 2 लाख रुपए एवं जूनियर वर्ग में 1 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। ऐसे दलीय खेल जिनमें सदस्यों की संख्या 4 से अधिक है, उनमें सीनियर वर्ग में 5 लाख रुपए तथा जूनियर वर्ग में 3 लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार राशि के साथ ही मानपत्र, अलंकरण फलक, ब्लेजर एवं टाई भी प्रदान की जाएगी।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त विजेताओं को प्रोत्साहनस्वरूप नगद राशि पुरस्कार अलंकरण प्रदान किया जाता है। इसके लिए वर्ष 2025-26 में (1 अप्रैल से 31 मार्च तक के 1 वर्ष) जिन खिलाड़ियों ने सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया है, वे जिला कार्यालय एवं अपने खेल संघों से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

जिन खिलाड़ियों ने अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो, या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया हो, वे खेलवृत्ति (डाइट मनी) के लिए आवेदन कर सकते हैं। खेलवृत्ति हेतु अधिकतम आयु 19 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए खेल संघों द्वारा वर्ष 2025-26 में (1 अप्रैल से 31 मार्च तक के 1 वर्ष) अर्जित की गई उपलब्धि हेतु प्रेरणा निधि के आवेदन जिला कार्यालय या खेल संचालनालय में निर्धारित तिथि तक जमा किए जा सकते हैं। 

खेल पुरस्कारों, नगद राशि, खेलवृत्ति एवं प्रेरणा निधि हेतु आवेदन फॉर्म संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण या विभाग के सभी जिला कार्यालयों एवं राज्य खेल संघों से प्राप्त किए जा सकते हैं। शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संघों के माध्यम से नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य खेल संघों की अनुसंशा सहित प्राप्त किए जाएंगे। पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संचालनालय एवं जिला कार्यालय में खिलाड़ियों से सीधे स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

जिला कार्यालयों या संचालनालय में राज्य खेल संघों से अनुशंसा सहित आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 तक कार्यालयीन समय तक निर्धारित की गई है। आवेदन पत्रों के प्रारूप मयसूचना विभाग की वेबसाईटhttp//sportsyw.cg.gov.inपर उपलब्ध है। पुरस्कार संबंधी आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। विभागीय वेबसाइटhttp//sportsyw.cg.gov.inपर अपलोड किए गए आवेदन ही मान्य होंगे।

पुरस्कार नियमों के प्रावधानों के अनुरूप जिन खिलाड़ियों की मान्यता प्राप्त संघ द्वारा पुरस्कार के लिए अनुशंसा नहीं की गई है, पर तुलनात्मक रूप से उनकी उपलब्धि अधिक है, वे तत्संबंधी विवरण प्रस्तुत कर निर्धारित प्रारूप में अपने व्यक्तिगत विवरण की जानकारी 5 अगस्त 2026 तक कार्यालयीन समय में सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय या विभाग के जिला कार्यालयों में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं।

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छत्तीसगढ़

कच्ची शराब के ठिकानों पर पुलिस की दबिश:जांजगीर के कोटमी सोनार के उद्यान मोहल्ले में कार्रवाई, सामग्री नष्ट, आरोपी फरार

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा के कोटमी सोनार क्षेत्र में पुलिस ने अवैध कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। 22 और 23 अगस्त को उद्यान मोहल्ले में पुलिस ने दबिश दी। पुलिस के पहुंचते ही शराब बनाने में शामिल कुछ लोग मौके से फरार हो गए। टीम ने शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया।

पुलिस को ग्रामीणों से लगातार सूचना मिल रही थी कि, उद्यान मोहल्ले में बड़ी मात्रा में महुआ से कच्ची शराब बनाई जा रही है। बताया गया कि यह मोहल्ला देशी शराब दुकान के पास है। आरोप है कि वन विभाग द्वारा लगाए गए पेड़ों की आड़ में अवैध शराब बनाने का काम किया जा रहा था।

एक सप्ताह से लगातार गश्त और दबिश

पुलिस सहायता केंद्र कोटमी सोनार की टीम पिछले करीब एक सप्ताह से क्षेत्र में लगातार गश्त और दबिश दे रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों के गांव से चले जाने की भी जानकारी सामने आई है।

अवैध शराब और जुए पर कार्रवाई जारी

ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस सहायता केंद्र में सब इंस्पेक्टर विनोद जाटवर की पदस्थापना के बाद से अवैध शराब बिक्री, शराब कोचियों और जुए के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। पुलिस की गश्त बढ़ने से अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों पर संरक्षण देने का आरोप

कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि अवैध शराब से जुड़े लोगों को संरक्षण देने और पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

नशे से दूर रहने के लिए जागरूकता भी

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देशन में जिले में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अवैध शराब बनाने वाले परिवारों को मुख्यधारा से जुड़ने, बच्चों को शिक्षा दिलाने और नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने कार्रवाई जारी रखने की मांग की

कोटमी सोनार में पुलिस सहायता केंद्र खुलने के बाद गांवों में पुलिस की पहुंच बढ़ी है। पेट्रोलिंग टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। ग्रामीणों ने अवैध शराब और जुए के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखने की मांग की है।

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कोरबा

शारदा टेलीकॉम का संचालक चेतन चौधरी गिरफ्तार

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कोरबा। कोरबा में नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत के आरोप में सिटी कोतवाली पुलिस ने 67 वर्षीय व्यवसायी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी की पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई है, जो शहर के पावर हाउस रोड स्थित शारदा टेलीकॉम का संचालक है।

मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

विरोध करने पर गाली-गलौज का आरोप

पुलिस के अनुसार, 16 वर्षीय किशोरी ने शिकायत में आरोप लगाया कि चेतन चौधरी उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज भी की जाती थी। घटना से परेशान किशोरी ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद परिजनों ने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। मामला पॉक्सो एक्ट से जुड़ा होने के कारण पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई, लेकिन एफआईआर के बाद वह फरार हो गया।

अग्रिम जमानत की अर्जी हुई खारिज

फरारी के दौरान आरोपी ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने कोर्ट के समक्ष मामले की गंभीरता और नाबालिग पीड़िता से जुड़े होने का हवाला दिया।

दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी का अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।

शहर में छिपे होने की सूचना पर घेराबंदी

मंगलवार (25 अगस्त) को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी शहर में ही छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है। पीड़िता के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा की 3 बच्चियों की उल्टी-दस्त से मौत:2 ने इंदौर, तीसरी ने इटारसी में दम तोड़ा

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इटारसी/जांजगीर-चांपा, एजेंसी। मध्य प्रदेश में छत्तीसगढ़ की 3 बच्चियों की उल्टी-दस्त से मौत हो गई। इंदौर के बेटमा थाना क्षेत्र में फूड पॉइजनिंग के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन 2 बच्चियों ने इंदौर और तीसरी ने इटारसी में दम तोड़ दिया। तीनों एक ही परिवार की थीं।

बेटमा पुलिस के मुताबिक, तीनों बच्चियों की उम्र 10, 8 और 5 साल बताई गई है। इनमें से दो ने इंदौर में दम तोड़ा, जबकि तीसरी की तबीयत छत्तीसगढ़ ले जाते समय बिगड़ गई। उसे इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। तीनों बच्चियां मूल रूप से जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ की रहने वाली थीं।

छत्तीसगढ़ की 3 बच्चियों की उल्टी-दस्त से मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ की 3 बच्चियों की उल्टी-दस्त से मौत हो गई।

रात में खाना खाने के बाद तीनों की तबीयत बिगड़ी

परिजन के मुताबिक, पीथमपुर की एलएनटी कंपनी में कार्यरत नरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी अमरोतिन के परिवार ने रात करीब 2 बजे दाल, चावल, रोटी और सब्जी खाई थी। खाना खाने के तुरंत बाद उनकी तीनों बेटियों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए।

तबीयत बिगड़ने पर बच्चियों को अस्पताल ले जाया गया। इंदौर के अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दो बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन दोनों के शव एंबुलेंस से पैतृक गांव जांजगीर-चांपा ले जाने के लिए रवाना हुए।

बिना पोस्टमॉर्टम कराए सौंप दिया गया शव

परिजन का आरोप है कि इंदौर के अस्पताल में दोनों बच्चियों के शवों को बिना पोस्टमॉर्टम कराए उन्हें सौंप दिया गया। इसी दौरान एंबुलेंस में साथ मौजूद तीसरी बेटी की तबीयत भी बिगड़ गई। उसे रास्ते में इटारसी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

मौत की वजह पोस्टमॉर्टम और बिसरा रिपोर्ट से होगी स्पष्ट

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तीनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है। संदिग्ध फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि तीनों की तबीयत खाना खाने के तुरंत बाद बिगड़ी थी।

TI सौरभ पांडे ने बताया कि तीनों लड़कियों का पोस्टमॉर्टम इटारसी में किया जाएगा। इसके बाद, शव उनके परिवारों को सौंप दिए जाएंगे। मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और बिसरा जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

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