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छत्तीसगढ़

रायपुर : अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों के लिए ‘श्रेष्ठ योजना’ हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए देश के श्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में मिलेगा प्रवेश अवसर

रायपुर। अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों को देश के सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार की “श्रेष्ठ योजना” (Scheme for Residential Education for Students in High Schools in Targeted Areas – SHRESHTA) के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के लिए 3000 नए विद्यार्थियों का चयन किया जाता है, जो कक्षा 12वीं तक की शिक्षा पूरी करते हैं। स्कूलों का आबंटन योग्यता और विद्यार्थियों की प्राथमिकता के आधार पर आनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से किया जाता है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022-23 से संचालित यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश का अवसर प्रदान करती है। इसके लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा “राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (श्रेष्ठ)” (NETS) का आयोजन किया जाता है। आगामी परीक्षा दिसंबर 2025 में संभावित है।

श्रेष्ठ योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष सर्वोत्तम निजी आवासीय विद्यालयों का चयन का मापदंड ऐसे विद्यालय हैं जो न्यूनतम पाँच वर्षों से सतत रूप से संचालित हों, पिछले तीन वर्षों में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कम से कम 75 प्रतिशत या उससे अधिक उत्तीर्णता दर प्राप्त कर चुके हों, तथा जिनके पास कक्षा 9वीं और 11वीं में अतिरिक्त रूप से कम से कम 10 अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को समायोजित करने हेतु आवश्यक एवं उपयुक्त बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हों।

इस योजना के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थियों को शिक्षण एवं छात्रावास शुल्क का पूरा व्यय भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। विद्यार्थियों को किसी प्रकार का शुल्क या अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता। साथ ही, शैक्षणिक समायोजन में सहायता हेतु ‘ब्रिज कोर्स’ के लिए वार्षिक शुल्क का 10% तक का प्रावधान है।

योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन NTA की वेबसाइट पर किया जा सकता है। आवेदन सुधार हेतु विंडो 1 से 2 नवंबर 2025 तक खुली रहेगी। विस्तृत दिशा-निर्देश एवं सार्वजनिक सूचनाhttps://cdnbbsr.s3waas.gov.inपर उपलब्ध हैं।

राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में स्कूलों, वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि पात्र विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के इस अवसर का लाभ उठा सकें।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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