30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित
महतारी वंदन की राशि से बहनें मनाएंगी रक्षाबंधन का पर्व, घर-परिवार की खुशियों में बढ़ेगा आर्थिक संबल
रायपुर, 22 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।
रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशी रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।
हर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारा सूरजपुर जिले की श्रीमती तेज कुमारी, श्रीमती मंजू रजवाड़े, श्रीमती पुनिया प्रजापति, श्रीमती शहनाज बेगम, श्रीमती गणेश्वरी प्रजापति, श्रीमती मेनका रजवाड़े और श्रीमती लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।
बचत से स्वरोजगार तक की नई राह महतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है। मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की श्रीमती अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूडि़यों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की श्रीमती गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की श्रीमती राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।
भविष्य की सुरक्षा का भी भरोसा कोरबा की श्रीमती शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की श्रीमती हेमंत बंजारे, मोहला जिले की श्रीमती देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की श्रीमती अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।
30 किस्तों ने बनाया भरोसे का मजबूत आधार 1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।
महतारी वंदन से खुशहाल परिवार, सशक्त मातृशक्ति महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी को मजबूत करने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च को बढ़ावा दिया है। महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ा है। रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त इस बदलाव की एक सुखद तस्वीर पेश कर रही है। प्रदेश की बहनें इस राशि से राखी और मिठाई खरीदने के साथ अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते हुए भाई-बहन के स्नेह का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगी। महतारी वंदन योजना की यह कहानी केवल आर्थिक सहायता की कहानी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई ताकत मिल रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची राशि उनके लिए ’‘विष्णु भैया का उपहार’’ बनकर पर्व की खुशियों को और खास बना रही है।
कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। ग्राम पंचायत पसान विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के स्वामी आत्मानंद स्कूल में वरिष्ठ जन एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, सेवा कार्य करने वाले मितानिन, सेवानिवृत शिक्षक, वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह शामिल हुए। इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती ज्योत्सना चरण दास महंत उपस्थित थीं। इस अवसर पर उपाध्यक्ष-जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा प्रकाश चंद्र जाखड़, प्रताप सिंह मरावी- मंडल अध्यक्ष, सरपंच, ग्राम पंचायत पसान सहित ग्राम वासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
डीईओ को भवन के लिए तत्काल प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए डॉ. पवन सिंह ने कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा की प्राथमिक शाला वीजाघूंटरा ग्राम पंचायत जामकछार संकुल केंद्र गडरा में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने आकास्मिक निरीक्षण करते हुए पिछले 1 वर्षों से बरामदा में कक्षा पहली से पांचवी तक की पढ़ाई हो रही पढ़ाई को संज्ञान में लिया और तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी टी पी उपाध्याय को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए निर्देशित किया कि भवन निर्माण की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव पारित करने हेतु सामान्य सभा की बैठक में रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उक्त विद्यालय में दो शिक्षक मौजूद मिले और वहां की दर्ज संख्या 45 थी। छोटे-छोटे बच्चे पढ़ाई करते हुए नजर आए। साथ ही साथ मध्यान्ह भोजन एक किनारे में ही समूह द्वारा बनाया जा रहा था।
कोरबा/पाली। कोरबा जिले के होनहार पर्वतारोही हरीश पोर्ते ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। उसने देश के लद्दाख हिमालय रेंज की पर्वत खंड कांग यात्से 2 में सफल चढ़ाई कर शिखर पर तिरंगा फहराया है।
कोरबा जिले के पाली ब्लॉक निवासी हरीश कुमार पोर्ते पिता विशाल सिंह पोर्ते ग्राम लोहड़िया (बतरा) देश के कुशल और साहसी पर्वतारोही मे शामिल हो रहा है। जिसने दृढ़ निश्चय की बदोलत पिछले 2 माह में दो बड़ी पर्वत श्रृंखला की चोटी पर तिरंगा फहराया है। हरीश ने बीते 4 जुलाई 2026 को, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में स्थित बेहद चुनौतीपूर्ण और दुर्गम माउंट यूनाम (ऊंचाई: 6,111 मीटर / 20,049 फीट) पर सफलतापूर्वक फतह हासिल की थी, और इस महिने माउंट कांग-यात्से 2 लद्दाख क्षेत्र में फतह हासिल किया है। य़ह मार्खा घाटी मार्ग पर स्थित है। यह पर्वत दो चोटियों में विभाजित है। माउंट कांग-यात्से I (जो पूर्वी दिशा में 6400 मीटर की ऊंचाई पर है) और माउंट कांग-यात्से 2 (जो पश्चिमी दिशा में 6200 मीटर की ऊंचाई पर है) दोनों चोटियाँ चढ़ाई के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण हैं। कांग-यात्से 2 की चढ़ाई मोरेन और ढीली चट्टानों से भरी हुई है। शिखर से काराकोरम और ज़ांस्कर पर्वतमाला की अंतहीन श्रृंखला दिखाई देती है। हरीश ने बताया लद्दाख से कांग यात्से 2 का सफर आसान नहीं था और रास्ते में मौसम भी काफी खराब रहा, लेकिन अपनी टीम के अटूट हौसले और सही मार्गदर्शन की बदौलत शिखर पर तिरंगा फहराया इस यात्रा में मिग्मा शेरपा (नेपाल): जिनके अनुभव और मार्गदर्शन ने हर कदम पर हौसला बढ़ाया, साथ ही बलजीत मैम जिन्होंने इस पूरी यात्रा में अपना निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन दिया और वीरेंद्र भाई जिन्होंने मात्र 21 वर्ष की उम्र में पिछले साल माउंट एवरेस्ट फतह किया था। उनके मार्गदर्शन और ऊर्जा से आगे बढ़ने की बहुत प्रेरणा मिली। उन्होंने इस यात्रा में सफलता के लिए जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास की बदौलत ही वह इतने बड़े मंच तक पहुँच पाया और सपनों को साकार कर ने एक कदम आगे बढ़ाया है।