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छत्तीसगढ़

रायपुर : महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने लिया बड़ा फैसला

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प्रदेश में सुशासन की दिशा में बड़ा सुधार- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी खरीदी की राशि सीधे खातों में मिलेगी

महिला एवं बाल विकास विभाग में साड़ी खरीदी की केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पारदर्शी और जवाबदेही प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

प्रधानमंत्री के सुशासन की संकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं हमारी सरकार-मंत्री श्रीमती राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास विभाग में साड़ी खरीदी की केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय
महिला एवं बाल विकास विभाग में साड़ी खरीदी की केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन की संकल्पना को साकार करने के लिए लगातार बड़े सुधारात्मक कदम उठा रही है। राज्य सरकार अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए शासन की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर नवाचार कर रही है। 

महिला एवं बाल विकास विभाग में साड़ी खरीदी की केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं पसंद की साड़ी चयन करने की स्वतंत्रता
      महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विभाग में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी सुधार का निर्णय लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए साड़ी की संचालनालय स्तर पर होने वाली केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब साड़ी खरीदी के लिए निर्धारित राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। हाल के दिनों में साड़ी खरीदी प्रक्रिया को लेकर सामने आए विभिन्न मुद्दों तथा प्राप्त सुझावों का गंभीरता से परीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। यह कदम न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुरूप साड़ी चयन करने की स्वतंत्रता भी प्रदान करेगा।

डायरेक्ट बेनिफिट के माध्यम से राशि का ट्रांसफर
      महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच है कि शासन की राशि अधिकतम रूप से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लक्षित व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि बिचौलियों और अनावश्यक प्रक्रियाओं की कोई गुंजाइश न रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी प्रदेश में अनेक पारदर्शी और तकनीक आधारित सुधार लागू कर सुशासन का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। विभाग का यह निर्णय उसी सोच का विस्तार है। 

साड़ी का रंग एवं डिज़ाइन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी
       मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभाग को निर्देशित किया है कि साड़ी का डिज़ाइन पूर्ववत रखा जाए तथा अंतिम स्वरूप आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से परामर्श के बाद निर्धारित किया जाए। साड़ी का रंग एवं डिज़ाइन विभागीय स्तर पर निर्धारित कर उसकी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरे प्रदेश में एकरूपता बनी रहे। वहीं साड़ी के कपड़े जैसे कॉटन, सिंथेटिक अथवा अन्य विकल्पों का चयन स्थानीय स्तर पर स्वयं कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं कर सकेंगी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों के प्रति विभाग पूरी तरह संवेदनशील
       मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विभाग में वर्षों से चली आ रही व्यवस्थाओं की भी सतत समीक्षा की जा रही है और जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी वहां हितग्राहियों के हित में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। श्रीमती राजवाड़े आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों के सम्मान, सुविधा और अधिकारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा उनके हितों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित
       उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को उनकी पहचान और एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म प्रदान करने का प्रावधान है, जिसके लिए प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित है। प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग का यह निर्णय प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण आधारित प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे न केवल व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी बल्कि हितग्राहियों को निर्णय लेने का अधिकार भी मिलेगा और शासन की राशि का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचेगा।

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छत्तीसगढ़

वनमंत्री की पत्नी को 20-करोड़ का प्लॉट देने का आरोप:कांग्रेस बोली- कम कीमत की जमीन देकर प्रीमियम लैंड लिया, स्कीम निरस्त की जाए

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित जमीन आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर प्लॉट्स की जानकारी अपलोड होने के बाद कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने कचना की जमीन के बदले मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्लॉट दिए जाने का आरोप लगाया है।

उनके मुताबिक प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई गई है। उन्होंने आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव से इसकी जांच कराने और योजना को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है और दावा-आपत्ति आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट देने का दावा

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता का आरोप है कि डॉक्यूमेंट के अनुसार साय कैबिनेट के मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप की कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिया जा रहा है। यह प्लॉट 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट का है।

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, यह प्लॉट प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि भविष्य में यहां जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट हो सकती है। इस हिसाब से उन्होंने प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई है।

कांग्रेस नेता का दावा है कि कंपनी के पास कचना के नालापारा इलाके में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके मुताबिक, इस जमीन तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क है। इसलिए इसकी बाजार कीमत कुछ लाख रुपए ही थी।

डॉ. गुप्ता का आरोप है कि नगर विकास योजना में कचना की इस जमीन को शामिल करने के बाद कंपनी को इसके बदले सड्डू में अलग प्लॉट दिया जा रहा है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

एक किलोमीटर दूर प्लॉट मिलने पर उठाए सवाल

डॉ. राकेश गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर और ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 का हवाला दिया है। उनका कहना है कि नियम के मुताबिक नया भूखंड मूल जमीन या उसके आसपास के इलाके में दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की कचना वाली जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट दिया जा रहा है, जो मूल जमीन से करीब एक किलोमीटर दूर है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

प्रमुख सड़क से हटाकर अंदरूनी प्लॉट देने का आरोप

डॉ. राकेश गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य भू-स्वामियों को एमआर-43 जैसी प्रमुख सड़क पर मिलने वाले भूखंडों के बजाय योजना के अंदरूनी हिस्सों में जमीन दी गई। उन्होंने पूरे भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

इन आरोपों पर मंत्री केदार कश्यप की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि दावा आपत्ति आने पर मामले में जांच कराई जाएगी।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 19 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार:नई पोस्टिंग भी मिली, 10 दिन में ज्वाइन करना होगा, किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी है। प्रमोशन के साथ ही इन अधिकारियों की नई पदस्थापना भी की गई है। कुछ अधिकारियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है। जबकि कुछ को वर्तमान जिले में ही नई जिम्मेदारी दी गई है।

पदोन्नत अधिकारियों को वर्तमान जगह से कार्यमुक्त होने के दिन से 10 दिन के भीतर नई पदस्थापना वाली जगह पर कार्यभार संभालना होगा। तय समय में ज्वाइन नहीं करने पर पदोन्नति आदेश अपने आप निरस्त माना जाएगा।

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