Connect with us

छत्तीसगढ़

पोषण केंद्र कर्मियों को 6 माह से वेतन नहीं मिला:आर्थिक संकट से गुजर रहे कर्मचारी, भीम रेजिमेंट ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन

Published

on

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के पोषण पुनर्वास केंद्रों में कार्यरत अटेंडर और कुक पिछले 6 माह से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से बकाया वेतन का भुगतान करने और बंद पड़े केंद्रों को फिर से शुरू करने की मांग की है।

भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के संभागीय अध्यक्ष दीपक कुमार मनहर ने बताया कि अकलतरा, पामगढ़, बम्हनीडीह, खरौद सहित जिले के कई पोषण पुनर्वास केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों को मई से अक्टूबर तक का वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से उनके परिवारों के भरण-पोषण में समस्या आ रही है।

नवंबर माह से उनकी ड्यूटी भी बंद कर दी गई है। इसके साथ ही कई पोषण पुनर्वास केंद्रों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ केंद्रों को बंद कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत नए लोगों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

अनुभवी कर्मचारियों को प्राथमिकता और पुनर्नियुक्ति की मांग

मामले में भीम रेजिमेंट ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर जनमेजय महोंबे को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए और उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें पुनः कार्य का अवसर प्रदान किया जाए। साथ ही, सभी लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

खरौद पोषण पुनर्वास केंद्र बंद होने से असर

ज्ञापन में विशेष रूप से खरौद पोषण पुनर्वास केंद्र के बंद होने का भी जिक्र किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र बंद होने से न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हुई है, बल्कि कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण संबंधी सेवाओं पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।

वेतन भुगतान और केंद्र दोबारा शुरू करने की मांग पर आश्वासन

कलेक्टर ने आवेदन स्वीकार कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। कर्मचारियों ने पोषण पुनर्वास केंद्रों को फिर से शुरू कराने, लंबित छह माह का वेतन दिलाने और भविष्य में रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।

Continue Reading

कोरबा

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 : धान उपार्जन हेतु किसान पंजीयन 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक, एग्री-स्टैक आईडी अनिवार्य

Published

on

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने खाद्य सहित संबंधित अधिकारियों के दिये आवश्यक दिशा निर्देश
कोरबा। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने के इच्छुक किसानों के लिए पंजीयन एवं संशोधन की प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक की जाएगी। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों का एग्री-स्टैक पोर्टल में पंजीयन तथा फार्मर आईडी/एग्री-स्टैक आईडी होना अनिवार्य होगा।
जारी निर्देशों के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को वर्ष 2026-27 के लिए भी पंजीकृत माना जाएगा। ऐसे किसानों को नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन यदि उनकी भूमि, खसरा, बैंक विवरण, नामांतरण, बंटवारा, फौती अथवा अन्य कारणों से कोई परिवर्तन हुआ है तो संबंधित समिति/उपार्जन केंद्र में जाकर संशोधन कराना होगा। यह प्रक्रिया विभागीय वेबसाइट fcs.cg.gov.in के ऑनलाइन सोसायटी मॉड्यूल के माध्यम से पूरी की जाएगी।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस वर्ष किसानों को कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल में पृथक पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी, किंतु एग्री-स्टैक आईडी के साथ धान विक्रय हेतु संबंधित सभी खसरों की फार्मर आईडी लिंक होना आवश्यक रहेगा। वन पट्टाधारी, डूबान क्षेत्र के कृषक, शासकीय पट्टेदार, कोटवार, संस्थागत कृषक, अधिया/रेगहा, बटाईदार तथा लीज पर खेती करने वाले कृषकों के लिए भी एग्री-स्टैक में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। ऐसे प्रकरणों में अधिकृत मॉड्यूल के माध्यम से प्राधिकरण और पंजीयन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए शासन द्वारा आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रणाली को इस वर्ष भी लागू रखा गया है। धान विक्रय के समय किसान स्वयं अथवा उनके द्वारा नामांकित नॉमिनी के माध्यम से बायोमेट्रिक आधारित खरीदी प्रणाली के जरिए धान बेच सकेंगे। पंजीयन के दौरान किसान के साथ एक नॉमिनी का आधार विवरण भी दर्ज किया जाएगा। नॉमिनी के रूप में किसान के परिवार के सदस्य अथवा निकट संबंधियों को मान्य किया गया है। खरीदी केंद्रों में संभावित तकनीकी अथवा प्रमाणीकरण संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु ट्रस्टेड पर्सन की नियुक्ति भी कलेक्टर द्वारा की जाएगी।
निर्देशों में कहा गया है कि नवीन किसान पंजीयन, पुराने किसानों के खसरा मैपिंग, बैंक विवरण संशोधन तथा अधिया/रेगहा हेतु नॉमिनी पंजीयन की कार्रवाई 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक की जाएगी। इसी अवधि में वनाधिकार पट्टाधारी, डूबान श्रेणी के कृषकों तथा संस्थागत कृषकों का नवीन पंजीयन भी किया जाएगा। वहीं नॉमिनी संशोधन की सुविधा 1 जुलाई 2026 से धान खरीदी अवधि तक उपलब्ध रहेगी। किसानों की फसल एवं रकबे की प्रविष्टि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से 15 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 तक की जाएगी।
राज्य शासन के दिशा निर्देश के तहत कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने खाद्य अधिकारी, समितियों प्रबंधक सहित संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि किसान पंजीयन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में, पारदर्शी और सुचारु रूप से पूर्ण कराई जाए। साथ ही किसानों की सुविधा के लिए समिति स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान समय पर पंजीयन कर समर्थन मूल्य पर धान विक्रय का लाभ प्राप्त कर सकें।

Continue Reading

कोरबा

षष्ठम विधानसभा का दशम् सत्र 13 जुलाई से

Published

on

अधिकारी-कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध

कोरबा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी षष्ठम् विधानसभा के दशम् सत्र आगामी 13 जुलाई से प्रारंभ होकर 17 जुलाई तक रहेगा। जिसमें विधानसभा प्रश्नों का उत्तर निर्धारित समयावधि में शासन/वरिष्ठ कार्यालय की ओर भेजा जाना आवश्यक है। इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय  कोरबा  द्वारा आदेश जारी कर सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश जारी दिनांक 23 जून से 17 जुलाई 2026 तक कलेक्टर के अनुमति के बिना मुख्यालय से बाहर नहीं जायेंगे।

Continue Reading

कोरबा

निजी कोचिंग संस्थानों से मांगी गई जानकारी

Published

on

जिले के सभी कोचिंग संस्थानों को 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश

कोरबा। उच्चतम न्यायालय के आदेश तथा छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा द्वारा जिले में संचालित समस्त निजी कोचिंग संस्थानों से आवश्यक जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा सभी संबंधित संस्थानों को पत्र प्रेषित कर समय-सीमा के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार निजी कोचिंग संस्थानों से संस्थान के पंजीयन, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था, शिकायत निवारण तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण, अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाएगी। यह जानकारी शासन एवं संबंधित प्राधिकरणों को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया के अंतर्गत संकलित की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थान निर्धारित प्रपत्र में वांछित जानकारी पत्र प्राप्ति के 7 दिवस के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोरबा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। प्रतिवेदन में संस्थान का नाम, पता, संचालक का नाम, मोबाइल नंबर, पंजीयन संबंधी विवरण, विद्यार्थियों की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, शिकायत निवारण समिति/प्रकोष्ठ की जानकारी, मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण हेतु किए गए उपाय तथा अन्य आवश्यक बिंदुओं का उल्लेख किया जाना आवश्यक होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि यह कार्रवाई विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा, संस्थागत पारदर्शिता तथा कोचिंग संस्थानों में आवश्यक मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। सभी निजी कोचिंग संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। निर्धारित समयावधि में जानकारी प्रस्तुत नहीं करने वाले संस्थानों के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677