विदेश
रूस ने यूक्रेन पर 700 हवाई हमले किए:गलती से अपने शहर पर गिराया 1000kg का बम, जंग रोकने US-यूक्रेन बातचीत बेनतीजा
कीव/ मास्को,एजेंसी। यूक्रेन में आर्म्ड फोर्सेज डे से पहले रूस ने शनिवार को बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया। यूक्रेन एयरफोर्स के मुताबिक रूस ने 29 ठिकानों पर 653 ड्रोन और 51 मिसाइल दागीं। इनमें से 585 ड्रोन और 30 मिसाइल मार गिराई गईं। इससे 8 लोग घायल हुए।
कई एनर्जी स्टेशन और रेलवे ढांचे को नुकसान पहुंचा। जापोरेजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट कुछ समय के लिए ऑफ-साइट पावर से कट गया, हालांकि रिएक्टर बंद होने के कारण कोई बड़ा खतरा नहीं हुआ। रूस ने भी यूक्रेन पर हवाई हमले करने का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन पर हमले के दौरान गलती से अपने ही एक शहर बेल्गोरोड (यूक्रेन सीमा से करीब 40 किमी दूर) पर FAB-1000 (हाई-एक्सप्लोसिव बम) गिरा दिया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
बम का कुल वजन लगभग 1000 किलो के करीब था। बम पूरी तरह फटा नहीं, लेकिन जमीन पर जोरदार धमाका हुआ और एक बहुत बड़ा गड्ढा बन गया।

रूस के बेल्गोरोड शहर में बम गिरने के बाद इलाके का जायजा लेते सुरक्षाकर्मी।
हमले के बाद यूक्रेनी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच तीन दिनों की वार्ता बिना किसी सफलता के खत्म हो गई। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रम्प के शांति दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर के साथ फोन पर बातचीत की थी।
वहीं, यूरोपीय नेता सोमवार को लंदन में मिलने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अमेरिका की नीयत को लेकर आशंका जता चुके हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका, यूक्रेन को धोखा दे सकता है।

यूक्रेनी फायर पॉइंट की फ्लेमिंगो मिसाइलों का निरीक्षण करते सैन्यकर्मी।
यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ाए
रूस ने भी दावा किया कि उसने रातभर में 116 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। साथ ही यूक्रेन ने रूस के रयाजान तेल रिफाइनरी पर लंबी दूरी के ड्रोन से हमला किया।
यूक्रेनी सेना और रूसी क्षेत्रीय अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। पिछले कुछ महीनों से यूक्रेन रूस के तेल रिफाइनरियों पर लगातार हमले कर रहा है, ताकि रूस का तेल निर्यात आय कम हो।
रूस भारत जैसे देशों को बड़े पैमाने पर तेल बेचता है। यूक्रेन-अमेरिका का आरोप है कि रूस यहीं तेल बेचकर जंग के लिए हथियार और मिसाइल बनाता है।
जेलेंस्की बोले- रूस ने बिजली स्टेशन को निशाना बनाया
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि हमले का टारगेट बिजली स्टेशन और ग्रिड से जुड़े ढांचे थे। हमलों के कारण कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट हुए। फास्टिव (कीव के पास) में एक ड्रोन हमले ने रेलवे स्टेशन को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
IAEA के अनुसार, जापोरेजिया प्लांट रात में कुछ समय के लिए बाहरी बिजली से कट गया। रिएक्टर बंद हैं, लेकिन ईंधन को ठंडा रखने के लिए पावर जरूरी है। प्लांट पर अभी भी रूसी सेना का कब्ज़ा है।

रूस ने अगस्त में यूक्रेन के कई रिहाइशी इलाकों पर हमले किए थे।
यूक्रेन-अमेरिका वार्ता बिना ठोस नतीजा खत्म
हमले के बाद यूक्रेनी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच तीन दिनों की वार्ता बिना किसी सफलता के समाप्त हो गई। ये वार्ताएं फ्लोरिडा में हो रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूत और सलाहकार स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी इसमें शामिल हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि विटकॉफ और कुशनर से उन्होंने फोन पर बातचीत की। जेलेंस्की ने बातचीत को सकारात्मक बताया।
दोनों पक्षों ने सुरक्षा गारंटी के ढांचे पर सहमति जताई, लेकिन कोई ठोस समझौता अभी नहीं हुआ। जेलेंस्की ने कहा, “असली शांति तभी होगी, जब रूस गंभीरता दिखाएगा।”
रूस को हत्याएं बंद करनी होगी
अमेरिकी और यूक्रेनी पक्ष ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए रूस को हत्याएं बंद करनी होगी और डी-एस्केलेशन के कदम उठाने होंगे। अभी तक रूस ने कोई बड़ी रियायत नहीं दी है और लगातार बड़े हमले कर रहा है।
जेलेंस्की ने बताया कि जंग कैसे खत्म किया जाए इस पर बात हुई, संभावित समझौतों पर भी चर्चा हुई। साथ ही जेलेंस्की ने बताया कि वह अमेरिका के साथ काम करना जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूरोपीय नेता सोमवार को लंदन में मिलेंगे
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार को लंदन में मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
ये चारों नेता यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी और अमेरिका के नेतृत्व वाली शांति प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे।

राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जैरेड कुशनर से बात की।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति बोले- रूस शांति नहीं चाहता
मैक्रों ने रूसी हमलों की कड़ी निंदा की और कहा, ‘रूस शांति नहीं चाहता, वह लगातार उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा है। हमें रूस पर और दबाव डालना होगा, ताकि वह शांति के लिए मजबूर हो।’ मैक्रों ने जेलेंस्की से फोन पर बात कर एकजुटता जताई।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि यूक्रेन अपना भविष्य खुद तय करेगा और शांति सेना यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी देने में अहम भूमिका निभाएगी। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पहले ही कह दिया है कि यूक्रेन में तैनात कोई भी विदेशी सैनिक हमले का शिकार हो सकते हैं।
मैक्रों बोले थे- अमेरिका यूक्रेन को मजबूर कर सकता है
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका, यूक्रेन को धोखा दे सकता है। जर्मन अखबार डेर श्पीगल के मुताबिक 1 दिसंबर को यूरोपीय नेताओं की एक सीक्रेट वीडियो कॉल लीक हो गई थी।
इसमें जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्ज, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब, नाटो के महासचिव मार्क रूटे, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शामिल थे।
इस दौरान मैक्रों ने शक जताया था कि अमेरिका बिना मजबूत सुरक्षा गारंटी दिए यूक्रेन को क्षेत्र छोड़ने के लिए मजबूर कर सकता है। इस कॉल की रिकॉर्डिंग अखबार के पास पहुंची थी।
नेताओं ने साफ कहा कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दो खास लोगों अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर पर जरा भी भरोसा नहीं है।
जर्मनी के चांसलर मर्ज ने जेलेंस्की से कहा, ‘आने वाले दिनों में बहुत सावधान रहिए, आपके साथ और हमारे साथ खेल खेला जा रहा है।’ फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब और नाटो चीफ रूटे ने भी यही बात दोहराई कि जेलेंस्की को इन दोनों अमेरिकियों के साथ अकेला नहीं छोड़ा जा सकता।
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने इस पूरी खबर को झूठी और गलत जानकारी बताया।

ट्रम्प, जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं ने 18 अगस्त को अमेरिका में बैठक की थी।
पुतिन बोले थे- हम यूरोप से जंग के लिए तैयार
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने मंगलवार को यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर यूरोप ने रूस के खिलाफ युद्ध शुरू किया, तो रूस पूरी तरह से जवाब देने के लिए तैयार है।
पुतिन ने कहा कि रूस यूरोप से युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर यूरोप युद्ध शुरू करता है तो मामला इतना जल्दी खत्म होगा कि बातचीत करने वाला कोई नहीं बचेगा।
पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन में रूस पूरी तरह युद्ध नहीं लड़ रहा है, बल्कि सर्जिकल ऑपरेशन जैसी सीमित कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यूरोप के साथ सीधा युद्ध हुआ तो हालात अलग होंगे और रूस पूरी ताकत से जवाब देगा।
2022 से जारी रूस-यूक्रेन जंग
रूस-यूक्रेन जंग फरवरी, 2022 में शुरू हुआ था। दोनों देशों के बीच जंग की बड़ी वजह रूस का यूक्रेनी जमीन पर कब्जा है।
रूस ने यूक्रेन के लगभग 20% क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। युद्ध के कारण हजारों नागरिक और सैनिक मारे गए हैं और लाखों यूक्रेनियन विस्थापित हुए हैं। जून 2023 तक, करीब 80 लाख यूक्रेनी लोग देश छोड़कर भाग चुके हैं।
ट्रम्प ने युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के नेताओं के साथ बैठक की थी। हाल ही में, उन्होंने पुतिन के साथ अलास्का में बैठक की, जो 80 वर्षों में किसी रूसी नेता की पहली अलास्का यात्रा थी।
विदेश
अमेरिका में ईरानी स्लीपर सेल एक्टिव, तेहरान से बस “Go” का इंतजार ! FBI और DHS हाई अलर्ट पर
वाशिंगठन, एजेंसी। मध्य-पूर्व में बम और मिसाइलें गरज रही हैं, लेकिन अमेरिका के भीतर खामोशी में एक और खतरा पनप रहा है। ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेहरान से कथित “गो सिग्नल” मिलने पर स्लीपर सेल या कट्टरपंथी समर्थक बदले की कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक किसी ठोस आतंकी साजिश की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क मोड में है।
देशभर में FBI और DHS की बड़ी तैनाती
Federal Bureau of Investigation (FBI) और United States Department of Homeland Security (DHS) ने काउंटर-टेरर टीमों को सक्रिय कर दिया है। FBI निदेशक काश पटेल (Kash Patel) के नेतृत्व में जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस जैसे शहरों में चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। पूर्व DHS सलाहकार चार्ल्स मैरीनो ने चेतावनी दी है कि “10, 15 या 20 लोगों का कोई सेल एक साथ या लगभग एक साथ हमला कर सकता है -यह संभव है।”
वर्ल्ड कप पर मंडराता काला साया
आगामी FIFA World Cup को “नेशनल स्पेशल सिक्योरिटी इवेंट” घोषित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्टेडियम जैसे MetLife Stadium आतंकियों के लिए हाई-विजिबिलिटी टारगेट हो सकते हैं। मैरीनो ने 2008 के 2008 Mumbai attacks जैसी समन्वित, बहु-स्थान हमलों की आशंका जताई।सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार खतरा ‘लोन वुल्फ’ से लेकर संगठित सेल तक कई स्तरों पर हो सकता है। ईरान समर्थित संगठित स्लीपर सेल खुद से कट्टरपंथी बने “लोन वुल्फ”, ऑनलाइन प्रचार से प्रेरित हमलावर ईरान से जुड़े संगठनों से Islamic Revolutionary Guard Corps, Hezbollah और Hamas पर विशेष नजर रखी जा रही है।
ऑस्टिन गोलीबारी की जांच
टेक्सास के ऑस्टिन में हाल की एक गोलीबारी भी जांच के दायरे में है। संदिग्ध के कपड़ों पर कथित रूप से ईरानी प्रतीक थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह व्यक्तिगत रूप से प्रेरित हमला था या अंतरराष्ट्रीय तनाव से जुड़ा हुआ
खतरे की असली चुनौती
अधिकारियों ने कांग्रेस को बताया है कि अभी तक अमेरिका पर किसी पूर्व-नियोजित ईरानी हमले की ठोस खुफिया जानकारी नहीं है। लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अनिश्चितता ही सबसे बड़ा खतरा है। “जब आप संभावना का प्रतिशत भी तय नहीं कर सकते, तो वही सबसे डरावनी स्थिति होती है,” एक पूर्व अधिकारी ने कहा। अमेरिका के भीतर फिलहाल शांति है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। बड़े सार्वजनिक आयोजन, भीड़भाड़ वाले स्थल और राष्ट्रीय प्रतीकात्मक स्थान आने वाले हफ्तों में कड़ी सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
विदेश
बेरूत में हमलों के बीच पैसेंजर प्लेन ने उड़ान भरी
तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का आज चौथा दिन है। इजराइली और अमेरिकी सेनाओं ने मंगलवार को भी ईरान के अहम ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले किए। उसने गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बर्बाद करने का दावा भी किया।
शनिवार को शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई की मौत हो चुकी है। अमेरिका-इजराइल तीन दिन में 2000 से ज्यादा बम गिरा चुके हैं। इससे ईरान में 787 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं।
हमलों के बीच पर्व, प्रार्थना

इजराइल में यहूदी पर्व पुरिम ( Purim) मनाया जा रहा है। इस मौके पर तेल अवीव में मंगलवार को एक बम शेल्टर में स्थानीय लोगों ने बुक ऑफ ईथर का पाठ किया और तोराह स्क्रॉल उठाया। यह पर्व प्राचीन फारस में यहूदियों के नरसंहार से बचाए जाने की स्मृति में मनाया जाता है।
हमलों के बीच संदेश

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नह्यान और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हामदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम दुबई मॉल में खरीदारी कर रहे लोगों के बीच घूमते नजर आए। यह घटना ऐसे समय में हुई जब देश ने ईरान की तरफ से लॉन्च किए गए ड्रोन और हवाई हमलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है।
जंग के बीच मजबूरी

लेबनान की राजधानी बेरूत में इजराइली हवाई हमलों के बीच पैसेंजर विमान को उड़ान भरते हुए देखा गया। यह पता नहीं चला कि वह कहां जा रहा था। कहा गया इस विमान से बेरूत में फंसे लोगों को निकाला गया।

UN की शरणार्थी एजेंसी UNHCR के मुताबिक, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद लेबनान में कम से कम 30,000 लोग अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शिफ्ट हो गए हैं।
हमलों में विरासत खत्म

इजराइल ने ईरान के 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस पर हमला किया है। हमले में इसका कुछ हिस्सा डैमेज हो गया। वहां रखी गई कीमती और ऐतिहासिक चीजों को पहले ही सुरक्षित जगह पर रख दिया गया था, इसलिए वे बच गईं। साल 2013 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया था।
विदेश
ईरान से बात करेंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन:मिडिल ईस्ट देशों पर हमला रोकना मकसद, सऊदी क्राउन प्रिंस और कतर के अमीर से चर्चा कर चुके
तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। ईरान से जारी जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान से बातचीत करेंगे। इसका मकसद मिडिल-ईस्ट देशों पर हो रहे हमलों को रोकना और बढ़ते तनाव को कम करना है।
पुतिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने संघर्ष के गंभीर परिणामों को लेकर चिंता जताई।
क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन खाड़ी देशों की चिंताओं को सीधे तेहरान तक पहुंचाएंगे और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात को स्थिर करने की कोशिश करेंगे।
हालिया हमलों में ईरान ने सऊदी रिफाइनरी, UAE के फुजैराह एनर्जी सेंटर और कतर के रस लाफान LNG फैसिलिटी को निशाना बनाया। इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है।
जंग में ईरान का नुकसान…
- 4 दिन में 787 लोगों की मौत हो चुकी है।
- 153 शहरों को निशाना बनाया गया।
- कुल 504 जगहों पर 1,039 हमले हुए।
- यह जानकारी ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने दी है।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…

ईरान के हमले से UAE में भारी नुकसान हुआ। सैटेलाइट इमेज में दुबई के पॉम बीच की हमले से पहले और बाद की तस्वीर।

इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम का सोमवार रात ईरानी मिसाइल को गिराने का फुटेज।

ईरान की सरकारी मीडिया ने मिसाइल लॉन्च का नया फुटेज जारी किया है।

ईरान पर हमले के दौरान अमेरिकी सैनिक। सोर्स- इजराइली मीडिया वाइनेट।

ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया है। यहां हमले के बाद धुआं उठता नजर आया।

ईरान के सनंदज शहर पर हमला हुआ है। इसमें दो लोग मारे गए हैं।
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