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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट मीटिंग…100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती होगी:कर्मचारियों को मिलेगा शॉर्ट टर्म लोन, दिव्यांगजनों के लिए राहत, मुख्य सचिव ने किया पदभार ग्रहण

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रायपुर,एजेंसी। मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता महानदी भवन में कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में सभी 14 मंत्री शामिल हुए। मीटिंग में 3 प्रमुख फैसले लिए गए। दिव्यांगजन के कल्याण के लिए 24.50 करोड़ रुपए की बकाया राशि एकमुश्त चुकाने का निर्णय लिया गया है। 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती करने का फैसला भी लिया गया है।

साथ ही शासकीय सेवकों को आकस्मिक वित्तीय जरूरत पर वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है। वहीं इस बैठक में अमिताभ जैन को विदाई और नवनियुक्ति मुख्य सचिव का स्वागत किया गया। साथ ही उन्होंने पदभार ग्रहण किया।

शासकीय सेवकों को अल्पावधि ऋण सुविधा

सरकारी कर्मचारियों की अचानक आने वाली वित्तीय जरूरतों को देखते हुए उन्हें वेतन के विरुद्ध अल्पकालिक ऋण देने का फैसला लिया गया है। यह ऋण बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से दिया जाएगा। वित्त विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है। पात्र बैंक/संस्थाओं से एमओयू (समझौता पत्र) करने का प्रारूप भी मंजूर किया गया।

दिव्यांगजनों के हित में बड़ा फैसला

राज्य सरकार ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त-विकास निगम (NDFDC) की 24.50 करोड़ रुपए की बकाया ऋण राशि एकमुश्त चुकाने का निर्णय लिया है। यह राशि NDFDC की ओर से राज्य के दिव्यांगों को 3% ब्याज दर पर शिक्षा और स्वरोजगार के लिए दिए गए ऋण से संबंधित है।

स्पेशल एजुकेटर्स की सीधी भर्ती में नियमों में छूट

स्कूल शिक्षा विभाग में 100 स्पेशल एजुकेटर की सीधी भर्ती के लिए नियमों में एक बार के लिए छूट दी गई। भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए, चयन परीक्षा के बजाय मेरिट के आधार पर भर्ती की अनुमति दी गई। यह फैसला दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।

मुख्य सचिव के स्तर पर बदलाव

मुख्य सचिव अमिताभ जैन (IAS 1989 बैच) के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। विकास शील (IAS 1994 बैच) को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया और उनका स्वागत किया गया।

9 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए थे प्रमुख निर्णय

शहीद एएसपी आकाश राव गिरेपूंजे की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति

  • 9 जून 2025 को सुकमा में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरेपूंजे की पत्नी श्रीमती स्नेहा गिरेपूंजे को राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी।

राज्य की सौर ऊर्जा नीति में संशोधन

  • नई संशोधित सौर ऊर्जा नीति 2030 तक लागू रहेगी या नई नीति जारी होने तक मान्य होगी।
  • सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब राज्य की औद्योगिक नीति में प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा।
  • निवेशकों को कई रियायतें और प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जैसे:
  • ब्याज पर अनुदान
  • पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों के लिए)
  • जीएसटी की प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम व बड़े उद्योगों के लिए)
  • बिजली शुल्क और स्टाम्प शुल्क में छूट
  • परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर अनुदान
  • भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट
  • भूमि बैंक से जमीन लेने पर रियायत
  • अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में छूट
  • दिव्यांगों को रोजगार देने पर अनुदान
  • मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज

लोक सेवा आयोग अध्यक्ष की नियुक्ति

  • रीता शांडिल्य, जो वर्तमान में लोक सेवा आयोग की सदस्य और कार्यकारी अध्यक्ष हैं, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने का अनुमोदन।

वरिष्ठ मीडिया कर्मियों की सम्मान निधि में बढ़ोतरी

इसकी घोषणा साल 2025-26 के बजट में की गई थी।

सेवानिवृत्त मीडिया कर्मियों को मिलने वाली सम्मान राशि अब 10,000 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 20,000 रुपए प्रतिमाह कर दी गई है।

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कोरबा

“सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत कोरबा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, लूट के मामले का खुलासा

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लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चौकी मानिकपुर में लूट की घटना का त्वरित खुलासा किया गया है।

प्रार्थी योगेश कुमार कंवट, निवासी तिलकेजा दरी मोहल्ला, थाना उरगा, दिनांक 25.03.2026 को अपने जीजा के घर मानिकपुर आया था। दिनांक 26.03.2026 को रात्रि लगभग 02:00 बजे वापस जाते समय मानिकपुर बाजार के पास कुछ अज्ञात आरोपियों द्वारा उसे रोककर हाथ-मुक्का से मारपीट करते हुए उसकी हीरो एचएफ डीलक्स मोटर सायकल एवं नगदी रकम 2000 रुपये लूटकर फरार हो गए।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली चौकी मानिकपुर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें अभिरक्षा में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपीगण का विवरण:–

  1. फैजल अहमद अंसारी उर्फ अमन, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।
  2. विजय चौहान, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।

आरोपियों से पृथक-पृथक मेमोरण्डम कथन लेकर उनके कब्जे से लूट की मशरूका, जिसमें एक पुरानी इस्तेमाल की गई मोटर सायकल (हीरो एचएफ डीलक्स), मोटर सायकल क्रमांक CG 11 AB 8037 एवं नगदी राशि बरामद की गई।

बरामद सामग्री को विधिवत गवाहों के समक्ष जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

कोरबा पुलिस द्वारा “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत क्षेत्र में अपराध नियंत्रण हेतु निरंतर सख्त कार्यवाही जारी रहेगी एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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कोरबा

“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोतवाली पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही

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डीजे विवाद में चाकूबाजी की घटना का खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में दिनांक 25 मार्च 2026 को थाना कोतवाली, जिला कोरबा क्षेत्रांतर्गत डीजे को लेकर हुए विवाद में प्रार्थी संदीप भास्कर के कूल्हे पर चाकू मारने की घटना सामने आई थी। उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली में आरोपीगण के विरुद्ध धारा 109(3), 296, 351(3), 115(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

आरोपियों का नाम पता:—

  1. संतोष बाबा पिता पंचराम वैष्णव, उम्र 18 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
  2. शिव यादव पिता छोटेलाल, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
  3. पुरुषोत्तम सोनी उर्फ पांडू पिता जयराम, उम्र 21 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती।

तीनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना करना स्वीकार किया गया। उनके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त चाकू जप्त किया गया। प्रकरण में धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है।
उक्त सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

♦️“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस द्वारा अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है तथा आगे भी यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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कोरबा

ग्रामीणों के आंदोलन के आगे झुका प्रबंधन, SECL गेवरा और PNC कंपनी का खदानबंदी समाप्त, 13 को तत्काल और 7 को 8 अप्रैल तक रोजगार का मिला लिखित आश्वासन

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कोरबा/गेवरा। SECL गेवरा परियोजना के प्रभावित ग्राम नरईबोध और गेवरा क्षेत्र के ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज गेवरा खदान और आउटसोर्सिंग कंपनी PNC के कार्यों को पूरी तरह ठप कर दिया।पुनर्वास, मुआवजा, बसाहट और वैकल्पिक रोजगार की मांग को लेकर सुबह 9:00 बजे से शुरू हुआ, यह उग्र प्रदर्शन दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहा, जिससे परियोजना का कार्य लगभग 4 घंटे तक बाधित रहा ।

मुख्य घटनाक्रम

  • नारेबाजी और घेराव:- भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और CISF के जवान मुस्तैद रहे ।
  • प्रशासनिक मध्यस्थता:- आंदोलन को समाप्त कराने के लिए तहसीलदार और SECL के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों, कंपनी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई ।
  • सहमति और समाधान:- वार्ता के दौरान PNC कंपनी में 13 भू-विस्थापितों को तत्काल प्रभाव से रोजगार में बहाल करने का निर्णय लिया गया। वहीं शेष 7 भू-विस्थापितों को उनका बी-फॉर्म (B-Form) और मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात 8 अप्रैल 2026 तक कार्य पर रखने का लिखित आश्वासन दिया गया ।
  • लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

एसईसीएल गेवरा के अधिकारियों और नायब तहसीलदार द्वारा लिखित में आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रही गोमती केवट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी 20 लोगों की जॉइनिंग और अन्य मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो भविष्य में पुनः उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।

इस समझौते के बाद खदान और PNC कंपनी में कार्य पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गया है ।

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