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कोरबा

SECL Achieves Record 1401 Rake Coal Dispatch in August

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korba/Bilaspur. In August 2025, South Eastern Coalfields Limited (SECL) set a new record by dispatching 1401 rakes of coal. This figure is about 34.45 percent higher compared to August 2024, when 1042 rakes were dispatched.

From the company’s mega projects, 268 rakes were dispatched from Gevra, 202 from Dipka, and 271 from Kusmunda to various thermal power plants across the country. Raigarh area also made a remarkable contribution by dispatching 248 rakes of coal.

During the current financial year 2025–26, from April to August 2025, the company has dispatched a total of 7699 rakes of coal, which is 8.21 percent higher compared to the same period last year. In overall coal transport through railways, a growth of 9.4 percent has been recorded in FY 2025–26.

The rapidly progressing FMC (First Mile Connectivity) projects in SECL have played a crucial role in achieving this milestone. Rail-based coal dispatch is not only more efficient but also economically and environmentally advantageous.

Currently, 17 FMC projects with a combined capacity of 233 million tonnes per annum (MTPA) are being implemented in SECL. Out of these, 9 projects (151 MTPA) have already been commissioned, while the remaining 8 projects (82 MTPA) are at various stages of progress and are expected to be completed within the next 2–3 years.

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कोरबा

सीईओ जिला पंचायत ने पाली के ग्राम पंचायतों का किया सघन निरीक्षण

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निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश

महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर

कोरबा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने जनपद पंचायत पाली के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री आवास सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं मैदानी अमले को स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान श्री जैन ने मदनपुर में प्राथमिक शाला चिताघुटरी में निर्माणाधीन किचन गार्डन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधूरे प्रधानमंत्री आवासों के हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण में आ रही समस्याओं की जानकारी ली तथा लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। विद्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों में किचन गार्डन विकसित कर स्थानीय स्तर पर पोषण एवं हरित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

चैतमा में महतारी सदन एवं रेजिडेंशियल आवास का निरीक्षण करते हुए दोनों कार्यों को सितंबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समूह शेड तथा मुर्गी-बकरी पालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।

बारीउमराव में जर्जर प्राथमिक शाला भवन के स्थान पर नवीन भवन की आवश्यकता के संबंध में सरपंच द्वारा अवगत कराया गया। सीईओ ने आंगनबाड़ी भवन का कार्य सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं सुरका में विद्यालय के समीप पुलिया निर्माण की मांग पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भेजने तथा पीडीएस भवन के लिए भी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया।

पहाड़गांव में पीडीएस भवन एवं पंचायत भवन के निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर दोनों कार्य सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए शेष आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए हितग्राहियों से समन्वय करने को कहा गया।

सपलवा में सरपंच द्वारा नवीन प्राथमिक शाला भवन राहा, आंगनबाड़ी भवन राहा, नवीन माध्यमिक शाला भवन तथा हाई स्कूल सपलवा में अहाता निर्माण सहित अस्पताल में सौर ऊर्जा व्यवस्था की मांग से अवगत कराया गया। सीईओ ने संबंधित प्रस्तावों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

रामा-कछार में पीडीएस भवन एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए दोनों कार्यों को सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरपंच द्वारा पुलिया निर्माण की मांग से भी अवगत कराया गया, जिस पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान सीईओ प्रतीक जैन ने ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित भारत -जी राम जी के तहत कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। इनमें वर्क शेड, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन सहित ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया। चैतमा में मुर्गी-बकरी पालन हेतु सामुदायिक शेड तथा महिला स्व-सहायता समूहों के लिए शेड का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। बारीउमराव एवं सुरका में पुलिया निर्माण तथा पीडीएस भवन के प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा गया।

सीईओ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से जोड़कर उनकी आयवर्धक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी परिणाम प्राप्त हो सकें।

निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत पाली के सीईओ मोहनीश देवांगन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।

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कोरबा

वीबी-जी राम जी योजना से जिले के 600 से अधिक स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय

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240 बालिका शौचालय, 15 मुक्तिधाम और 161 डिफंक्ट बोरवेल के कार्य स्वीकृत

जिले में जल सरंक्षण एवं जल संवर्धन के कार्यों को दी गई है प्राथमिकता

891 कृषि डबरी,86 परकोलेशन टैंक,33 नवीन तालाब आदि किए गए हैं स्वीकृत

कोरबा। विकसित भारत-जी राम जी योजना (विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले में ग्रामीण अधोसंरचना और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जा रही है। जिले के 600 से अधिक शासकीय स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें प्रथम चरण में 240 बालिका शौचालयों के निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 15 मुक्तिधाम एवं 161 डिफंक्ट बोरवेल के कार्यों को भी मंजूरी दी गई है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित नवीन तालाब, डबरी, परकोलेशन टैंक और कंटूर ट्रेंच जैसी संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इन कार्यों से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने के साथ गांवों में जल उपलब्धता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सभी पांच विकासखंडों के स्कूल शामिल

बालिका शौचालय निर्माण के लिए जिले के सभी पांच विकासखंडों के शासकीय स्कूलों को शामिल किया गया है। स्वीकृत कार्यों के तहत करतला विकासखंड के 28, कोरबा के 64, कटघोरा के 18, पाली के 68 तथा पोड़ी-उपरोड़ा के 62 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। शेष चिन्हित स्कूलों में भी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

स्कूलों में बालिका शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।

जल संरक्षण कार्यों को मिली गति

‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत जिले में 891 कृषि डबरी, 86 परकोलेशन टैंक, 21 कंटूर ट्रेंच तथा 33 नवीन तालाब निर्माण के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन संरचनाओं के निर्माण से वर्षा जल के संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं आजीविका गतिविधियों के लिए जल की उपलब्धता मजबूत होगी।

योजना के तहत ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप पीडीएस भवन, स्व-सहायता समूहों के वर्कशेड सहित अन्य मूलभूत अधोसंरचना के विकास और विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

125 दिनों तक रोजगार का प्रावधान

विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही टिकाऊ एवं उपयोगी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है।

जल संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण सड़क, तालाब, जल संरचनाओं तथा अन्य सामुदायिक एवं ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से गांवों में रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही आजीविका संवर्धन और महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

रोजगार के साथ गांवों में बनेंगी स्थायी परिसंपत्तियां

विकसित भारत-जी राम जी योजना मांग आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण अकुशल श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ गांवों में जल संरक्षण, जल संवर्धन तथा पीडीएस भवन, एसएचजी वर्कशेड जैसी उपयोगी एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण कर ग्रामीण विकास को गति देना है।

नई स्वीकृतियों के माध्यम से स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, मुक्तिधाम निर्माण, डिफंक्ट बोरवेल के सुधार तथा जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

केंद्र-राज्य की 60:40 हिस्सेदारी

विकसित भारत-जी राम जी योजना के वित्तपोषण में केंद्र और राज्य की 60:40 हिस्सेदारी निर्धारित है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ जल संरक्षण, जल संवर्धन और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा जिले में योजना के अंतर्गत नए कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

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कोरबा

664.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

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कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 664.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
   अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 718.9 मिलीमीटर, अजगरबहार 480.5, भैंसमा, 621.1, करतला 641.9, बरपाली 701.8, कटघोरा 673.5 दीपका 750.5, दर्री 782.8, पाली 718, हरदीबाजार 555.2, पोंड़ी-उपरोड़ा 684, और पसान तहसील में 647.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

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