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कोरबा

SECL Director (Technical) Operations, Shri N. Franklin Jayakumar Recommended for the post of CMD, NCL*

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Bilaspur/Korba. South Eastern Coalfields Limited (SECL) extends its heartfelt congratulations to Shri N. Franklin Jayakumar, Director (Technical) (Operations), SECL, on being recommended by the Public Enterprises Selection Board (PESB) for the post of Chairman-cum-Managing Director (CMD), Northern Coalfields Limited (NCL) on 08 July 2026.

A distinguished mining professional with over three decades of experience across coal and lignite mining, Shri Jayakumar first joined SECL as Director (Technical) (Project & Planning) in February 2024 and assumed charge as Director (Technical) (Operations) on 01 January 2025.

Prior to joining SECL, he served as Executive Director – Coal Coordination & Project Head, Talabira II & III OCP, NLC India Limited, after holding several key leadership positions in NLC India. Earlier in his career, he served The Singareni Collieries Company Limited for 18 years, gaining extensive experience in highly mechanized underground and opencast mining. He also successfully led operations at a 5 MTPA coal mine in Indonesia for five years, bringing valuable international mining expertise.

A Mining Engineering graduate from the College of Engineering, Guindy, Anna University, Chennai, Shri Jayakumar has further earned a Post Graduate Diploma in Environmental Engineering & Management from the Central University, Hyderabad, and an MBA (Human Resource Management) from Alagappa University, Tamil Nadu. He is also a First Class Mine Manager’s Certificate of Competency holder, awarded by the Directorate General of Mines Safety (DGMS), and a Fellow of the Institution of Engineers (India).

Beyond operational excellence, Shri Jayakumar has made significant contributions to mine safety, skill development, and strategic policy initiatives. He has served as a Board Member of the Skill Council for Mining Sector (SCMS), held leadership responsibilities in the Tamil Nadu Mines Safety Association, and contributed to the Ministry of Coal’s Crisis Management Plan, forming part of India’s National Disaster Management framework.

The entire SECL family congratulates Shri N. Franklin Jayakumar on this well-deserved recognition and wishes him continued success in his leadership journey.

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कोरबा

साइबर जागृति अभियान जिले में लगातार जारी : द्वितीय सप्ताह में विभिन्न वित्तीय संस्थाओं में हो रहे है जागृति कार्यक्रम

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कलेक्टोरेट सभागार में विभिन्न बैंकों की जिलास्तरीय बैठक संपन्न

विभिन्न साइबर फ्रॉड, UPI फ्रॉड, बैंक फ्रॉड सहित विभिन्न विषयों पर दी जा रही है महत्वपूर्ण जानकारी

कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 25.08.2026 को थाना कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो , रजगामार, चैतमा द्वारा विभिन्न बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक तथा सार्वजनिक क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दीपका के यूको बैंक, कटघोरा के SBI बैंक , बांगो के लमना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महिला थाना के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक दर्री एवं शासकीय विद्यालय गोपालपुर, हरदीबाजार के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, बालको के ग्रामीण बैंक तथा ICICI बैंक, उरगा के SBI बैंक तथा ग्रामीण बैंक , टी पी नगर के PNB बैंक, कोतवाली के SBI पुराना बस स्टैंड, करतला के SBI बैंक, पसान के SBI कियोस्क सेंटर में पुलिस टीम द्वारा नागरिकों को UPI फ्रॉड, साइबर अपराध के संबंध में जानकारी दी गई।

सभी को OTP, UPI PIN, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने तथा अनजान लिंक, फर्जी कॉल, संदिग्ध APK फाइल एवं फर्जी वेबसाइट से सावधान रहने की समझाइश दी गई।

कोरबा पुलिस की अपील

कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। समय पर की गई शिकायत साइबर ठगी की राशि को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं, जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

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कोरबा

15 घंटे टापू पर फंसे 3 दोस्तों का रेस्क्यू:देवपहरी वाटरफॉल पिकनिक मनाने गए थे, धमतरी में चेकडैम बहा, 2 दिन बारिश का अलर्ट

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कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में नदी के तेज बहाव के बीच टापू पर फंसे 3 दोस्तों को 15 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों पिकनिक मनाने पहुंचे थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वे बीच में फंस गए। रातभर टापू पर रहने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे तीनों का रेस्क्यू किया।

धमतरी जिले के हरदी गांव में वाटरशेड परियोजना के तहत बन रहा एक चेकडैम बारिश के कारण टूट गया। लगभग 42 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस चेकडैम का एक हिस्सा ढह गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

पिछले 24 घंटे में बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में कुछ जगह भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इधर, कोरबा में सोमवार दोपहर से हुई तेज बारिश के कारण दादर नाला, मानिकपुर, डिपरा पारा बाईपास और पोड़ीबहार नाला उफान पर आ गए। दादर नाला किनारे कई घरों में पानी घुस गया।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 दिन प्रदेश में मानसून एक्टिव रहेगा। आज कई इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। इसके बाद बारिश की एक्टिविटी में कमी आने की संभावना है।

धमतरी में बन रहा चेकडैम बारिश के कारण बह गया।

धमतरी में बन रहा चेकडैम बारिश के कारण बह गया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से टापू में फंसे तीनों दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से टापू में फंसे तीनों दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

कोरबा के देवपहरी जलप्रपात में तीनों युवक टापू पर फंसे थे।

कोरबा के देवपहरी जलप्रपात में तीनों युवक टापू पर फंसे थे।

कोरबा में सोमवार को लगातार बारिश से घरों में पानी घुस गया।

कोरबा में सोमवार को लगातार बारिश से घरों में पानी घुस गया।

केलो डैम से छोड़ा गया पानी, निचले इलाकों में अलर्ट

रायगढ़ के केलो डैम में लगातार ज्यादा पानी आ रहा है। इसे देखते हुए जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे केलो नदी का जलस्तर करीब 3 फीट तक बढ़ने की संभावना है।

जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी, जलभराव वाले क्षेत्रों और संभावित बाढ़ प्रभावित जगहों पर जाने से बचने को कहा गया है। प्रशासन जलस्तर पर नजर रख रहा है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।

केलो नदी का बढ़ेगा जलस्तर, निचले इलाकों में अलर्ट।

केलो नदी का बढ़ेगा जलस्तर, निचले इलाकों में अलर्ट।

रायपुर में 120 मिमी बारिश

रायपुर सिटी में पिछले 24 घंटे में 4.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। रायपुर में 2 इंच बारिश भी दर्ज की गई है। रायपुर में आज (25 अगस्त) गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रह सकता है।

बस्तर के छोटेडोंगर में 180 मिमी बारिश

पिछले 24 घंटे में बारिश का सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखने को मिला। छोटेडोंगर में 180 मिमी (7.1 इंच), अंतागढ़ और बास्तानार में 160-160 मिमी (6.3-6.3 इंच), बड़े बचेली में 130 मिमी (5.1 इंच), उसूर में 110 मिमी (4.3 इंच), जगरगुंडा में 110 मिमी (4.3 इंच) और दरभा में 100 मिमी (3.9 इंच) बारिश हुई।

जगदलपुर में भी 50 मिमी (2 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं बीजापुर में 100 मिमी (3.9 इंच) और सुकमा में 90 मिमी (3.5 इंच) बारिश हुई।

प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में बारिश अब-तक सामान्य से 4% कम है। हालांकि इसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है। अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ।

छत्तीसगढ़ में बारिश का पूरा हिसाब: 4 जिले एक्सेस, 4 में कमी

छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान अब तक 832.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 866.4 मिमी है। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश 4% कम है, लेकिन इसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।

जिलेवार आंकड़ों में बारिश का अंतर काफी ज्यादा है। बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, महासमुंद, मुंगेली, नारायणपुर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि बेमेतरा, जशपुर, कांकेर और सूरजपुर में बारिश सामान्य से काफी कम है।

सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में, 1220 मिमी रिकॉर्ड

प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में 48.0 इंच दर्ज हुई है। यहां सामान्य बारिश 36.7 इंच है। यानी सामान्य से 31% ज्यादा बारिश हुई है। इसके बाद बलरामपुर में 43.0 इंच, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 41.9 इंच, बीजापुर में 41.8 इंच और महासमुंद में 38.4 इंच बारिश दर्ज हुई है।

बेमेतरा में सबसे कम बारिश

बारिश की कमी के मामले में बेमेतरा सबसे आगे है। यहां अब तक 18.8 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 31.1 इंच है। यानी बारिश 40% कम है। इसके बाद सूरजपुर में 20.8 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 41% कम है। जशपुर में 26.7 इंच यानी 33% और कांकेर में 25.4 इंच यानी 37% कम बारिश हुई है।

इन जिलों में भी बारिश कम

प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। कबीरधाम में 16%, कोंडागांव में 16%, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 17%, कोरिया में 19%, कोरबा में 10%, रायगढ़ में 4% और सक्ती में 2% कमी है।

हालांकि इन जिलों में बारिश को मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।

रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश

रायपुर में अब तक 34.3 इंच बारिश हुई है। सामान्य बारिश 29.8 इंच है। यानी रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। वहीं गरियाबंद में 36.0 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 16% ज्यादा है। धमतरी में 31.6 इंच यानी 2% ज्यादा बारिश हुई है।

आंकड़ों में कम, लेकिन कैटगरी में बारिश सामन्य

बारिश के आंकड़ों में सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं होता कि कितने मिलीमीटर पानी गिरा। किसी जिले में बारिश सामान्य है या कम-ज्यादा, यह उसके लंबे समय के औसत यानी सामान्य आंकड़े से तुलना करके तय किया जाता है।

आमतौर पर सामान्य से 19% तक का अंतर सामान्य, 20% से 59% ज्यादा बारिश एक्सेस और 20% या उससे ज्यादा कमी डेफिशिएंट मानी जाती है।

इसलिए किसी जिले में 31.5 इंच बारिश होने के बावजूद वह सामान्य से कम हो सकती है, जबकि दूसरे जिले में यही बारिश सामान्य से ज्यादा हो सकती है। इसका कारण दोनों जिलों की सामान्य बारिश अलग-अलग होना है।

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कोरबा

कोरबा की जर्जर सड़कों को लेकर जिला कांग्रेस ने कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग की

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बलगी से बरबसपुर तक कई प्रमुख मार्ग बदहाल, बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुलों की स्थिति पर भी चिंता- औद्योगिक परिवहन वाले मार्गों के लिए बालको की वित्तीय सहभागिता की मांग
कोरबा। कोरबा नगर की लगातार बिगड़ती सड़क व्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर की जर्जर एवं दुर्घटनाजनक सड़कों के तत्काल पुनर्निर्माण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच तथा औद्योगिक परिवहन से प्रभावित मार्गों में बालको प्रबंधन की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक नगर एवं ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा में आज अनेक प्रमुख सड़कें गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण अत्यंत खराब स्थिति में हैं। बारिश के दौरान कई मार्गों पर आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है और आम नागरिकों के साथ स्कूली बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में आर.पी. नगर में एसईसीएल की परित्यक्त रेलवे लाइन के समीप हाल ही में बनी सी.सी. सड़क के पहली ही वर्षा ऋतु में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख करते हुए इसकी स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की गई है। वहीं सुभाष चौक–आर.पी. नगर मार्ग पर नाली निर्माण के बाद सड़क किनारे डाली गई मिट्टी का समतलीकरण नहीं किए जाने से उत्पन्न कीचड़ और फिसलन की समस्या को भी उठाया गया है।
कांग्रेस ने चेक पोस्ट–लालघाट–रिंग रोड, रिंग रोड–गायत्री मंदिर–बालको नगर बस स्टैंड, ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–झगरहा चौक, अगारखार चौक–बलगी, पुष्पलता कॉलोनी–लाटा–एनटीपीसी मुख्य मार्ग, साडा कॉलोनी, राताखार मुख्य मार्ग, घंटाघर चौक से हेलीपैड पहुँच मार्ग तथा सीतामणी – गौ माता चौक – बरबसपुर मार्ग की बदहाल स्थिति को तत्काल सुधारने की मांग की है।
ज्ञापन में विशेष रूप से कहा गया है कि लगातार बारिश के कारण अगारखार चौक से बलगी तक का लगभग 5 किलोमीटर मार्ग कई स्थानों पर तालाब में तब्दील हो गया है। इसी तरह साडा कॉलोनी की सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए पैदल चलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है। सीतामणी – गौ माता चौक से बरबसपुर मार्ग भी पूरी तरह जर्जर होने के कारण चारपहिया वाहनों तक के लिए जोखिमपूर्ण हो गया है।
बेलगिरी नाला एवं ढेंगुरनाला पुलों की जर्जर स्थिति पर भी चिंता जताते हुए दोनों पुलों का तकनीकी एवं संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की गई है, क्योंकि इन मार्गों से भारी औद्योगिक वाहनों का लगातार आवागमन होता है।
मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–ढेंगुरनाला पुल मार्ग पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन संचालित होते हैं। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के प्रयासों के बाद बजरंग चौक से रिसदा ढेंगुरनाला पुल तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए बालको प्रबंधन द्वारा ₹30 करोड़ की राशि जिला प्रशासन के पास जमा की गई है। ऐसे में इस औद्योगिक परिवहन से प्रभावित शेष मार्गों के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण में भी बालको की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम एवं संबंधित विभागों द्वारा इन सड़कों के सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला कांग्रेस एवं स्थानीय नागरिक जनहित में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, धरना एवं निगम कार्यालय का घेराव जैसे लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी कोरबा निगम के अधिकारियों की होगी।

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