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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान: जहां पहले कीचड़ में थम जाते थे कदम, अब पक्की सड़क पर दौड़ती है जिंदगी

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पीएम जनमन सड़क योजना ने मांझीपारा की राह आसान की, अस्पताल से स्कूल तक पहुंच हुई सुगम
कोरबा 17 सितंबर 2026। कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायत मदनपुर के आश्रित ग्राम मांझीपारा में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए गांव तक पहुंचने वाली राह लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थी। मदनपुर से मांझीपारा तक का करीब 2.2 किलोमीटर का रास्ता कच्चा था। गर्मी में धूल और बारिश में कीचड़ इस रास्ते की पहचान बन जाता था। गांव के लोगों के लिए यह केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली कई मुश्किलों की वजह था।

बारिश शुरू होते ही इस कच्चे रास्ते पर चलना मुश्किल हो जाता था। कीचड़ में पैर धंसते थे, कपड़े खराब हो जाते थे और वाहन चलाना भी जोखिम भरा हो जाता था। किसी को अस्पताल जाना हो, बच्चों को स्कूल पहुंचाना हो या जरूरी काम से शहर जाना हो, हर बार इसी रास्ते से गुजरना पड़ता था। कई बार जरूरी काम होने के बावजूद खराब रास्ते के कारण समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता था।

विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की बसाहट वाले ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी गई। इसका सीधा लाभ मदनपुर के मांझीपारा में रहने वाले परिवारों को भी मिला।
अब मांझीपारा की तस्वीर बदल चुकी है
मदनपुर से मांझीपारा तक लगभग 2.2 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। इसके लिए लगभग 129.65 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। सड़क निर्माण का कार्य 20 जनवरी 2025 को प्रारंभ हुआ और लगभग एक वर्ष में पूर्ण कर लिया गया। पक्की सड़क बनने के बाद मांझीपारा सीधे मदनपुर से जुड़ गया है और आगे मुख्य मार्ग के माध्यम से ग्रामीणों के लिए शहर तक पहुंचना भी आसान हो गया है।
इस सड़क ने ग्रामीणों की केवल आवाजाही आसान नहीं की, बल्कि उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जरूरी सेवाओं तक पहुंच के नए रास्ते खोल दिए हैं।
अब स्कूल जाने में नहीं रुकते कदम
मदनपुर निवासी युवक अरूण कुमार राठिया बताते हैं कि पहले इस रास्ते पर आना-जाना बहुत मुश्किल था। बारिश के दिनों में कीचड़ के बीच से होकर स्कूल और दूसरे जरूरी कामों के लिए जाना पड़ता था। अब पक्की सड़क बन जाने से मोटरसाइकिल, साइकिल और दूसरे वाहन आसानी से चल रहे हैं। पहले जिस दूरी को तय करने में परेशानी होती थी, अब वही रास्ता कम समय में पूरा हो जाता है।
कक्षा छठवीं में पढ़ने वाले आदित्य के लिए भी सड़क बनने से स्कूल की राह आसान हुई है। वह बताते हैं कि पहले रास्ते में कीचड़ होने से आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। अब पक्की सड़क बनने के बाद स्कूल जाना आसान और सुविधाजनक हो गया है।

बीमारी में अस्पताल तक पहुंचना हुआ आसान
गांव की वृद्धा नीरो बाई बताती हैं कि पहले सड़क की हालत खराब होने के कारण गांव से बाहर जाना बहुत मुश्किल था। खासकर जब कोई बीमार पड़ता था, तब परिवार की चिंता और बढ़ जाती थी। अब पक्की सड़क बनने से पैदल चलना भी आसान हो गया है और वाहन भी गांव तक आसानी से पहुंच जाते हैं।
वह बताती हैं कि अब किसी मरीज को अस्पताल ले जाना हो तो वाहन और एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में पहले जैसी परेशानी नहीं होती। समय पर इलाज मिलना अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।

गांव तक पहुंची विकास की राह

गांव के टीकाराम भी सड़क बनने के बाद आए बदलाव को महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब आने-जाने में बहुत सुविधा हो गई है। वहीं मांझीपारा निवासी लल्लूराम बताते हैं कि पहले मदनपुर से मांझीपारा तक का रास्ता तय करना मुश्किल होता था, लेकिन अब पक्की सड़क बनने के बाद दूरी आसानी से पूरी हो जाती है। मदनपुर पहुंचने के बाद मुख्य मार्ग से शहर की ओर जाना भी सरल हो गया है।
पक्की सड़क ने मांझीपारा को केवल मदनपुर से नहीं जोड़ा, बल्कि ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, रोजगार और अन्य जरूरी सेवाओं से जोड़ने का काम किया है। अब गांव में बाहर से आने वाले लोगों और वाहनों की आवाजाही भी आसान हुई है। सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं की पहुंच भी पहले की तुलना में अधिक सुगम हुई है।

सड़क बनी तो बदली गांव की रफ्तार

कभी बारिश में जिस रास्ते पर कुछ कदम चलना भी चुनौती था, आज उसी रास्ते पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहन आसानी से दौड़ रहे हैं। बच्चों के स्कूल जाने की राह आसान हुई है, बुजुर्गों को आने-जाने में सहूलियत मिली है और बीमार व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाने की चिंता कम हुई है।
मांझीपारा की यह पक्की सड़क केवल सीमेंट और डामर से बनी सड़क नहीं है। यह दूरस्थ आदिवासी अंचल को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाली राह है। इसने गांव के लोगों के लिए सुविधाओं तक पहुंच आसान की है और उनके भीतर आगे बढ़ने का विश्वास पैदा किया है।
जहां कभी बारिश के दिनों में कीचड़ रास्ता रोक देता था, आज वहीं पक्की सड़क गांव के विकास की नई राह खोल रही है। पीएम जनमन के माध्यम से मांझीपारा तक पहुंची यह सड़क विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए सुविधा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में बढ़ता हुआ एक महत्वपूर्ण कदम है।

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06 नवम्बर को भगवान धनवंतरी जयंती पर प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय पाली में चिकित्सा शिविर का होगा आयोजन

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कोरबा/पाली। प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय पाली के संचालक एवं पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ वैद्यराज रामफल पटेल आरोग्य के देवता भगवान श्री धनवंतरी के अनंत उपासक हैं और उनकी कृपा से ही वैद्यराज रामफल पटेल क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा के माध्यम से हजारों लोगों को गंभीर बीमारियों से निजात दिलाई।
इस वर्ष भी वैद्यराज रामफल पटेल 06 नवम्बर 2026 को आरोग्य के देवता भगवान श्री धनवंतरी जयंती पर पाली बस स्टैण्ड स्थित स्वयं की संस्थान प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय प्रांगण में विशाल आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन करने जा रहे हैं।
वैद्यराज श्री पटेल ने बताया कि भगवान श्री धनवंतरी विश्व के प्रथम चिकित्सक हैं और सनातन काल में वे देवताओं का ईलाज दुर्लभ जड़ी बुटियों से करते थे। कलयुग में कई गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने के लिए ही उन्होंने आयुर्वेद का निर्माण किया, जिसमें सभी रोगों का ईलाज बताया गया है। वैद्यराज रामफल पटेल ने बताया कि आरोग्य के देवता होने के कारण उनकी पूजा मात्र से ही लोगों को आरोग्य की प्राप्ति होती है।
शिविर के मुख्य अतिथि होंगे डॉ. पवन सिंह
06 नवम्बर को धनवंतरी जयंती पर पाली बस स्टैण्ड स्थित प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय परिसर में विशाल आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नाड़ी परीक्षण के साथ आवश्यक आयुर्वेद दवाईयों का वितरण किया जाएगा और विभिन्न बीमारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी और उनके निदान का उपाय भी वैद्यराज रामफल पटेल द्वारा बताया जाएगा।
इस चिकित्सा शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत कोरबा अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह करेंगे।
वैद्यराज रामफल पटेल की अपील
वैद्यराज रामफल पटेल ने क्षेत्र के समस्त लोगों से अपील करते हुए चिकित्सा शिविर में शामिल होने का आग्रह किया है और चिकित्सा शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। वैद्यराज रामफल पटेल ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से पुरानी से पुरानी बीमारी ठीक हो जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि कैंसर जैसी लाईलाज बीमारी का ईलाज पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में संभव है।

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परियोजना पसान अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका पद पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित

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कोरबा 04 नवंबर 2026। एकीकृत बाल विकास परियोजना पसान अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र 11 नवंबर से 26 नवंबर 2026 तक आमंत्रित किये गये हैं।
एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय पसान से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पसान के आंगनबाड़ी केन्द्र बोकमुड़ी एवं ग्राम तनेरा के आंगनबाड़ी केन्द्र बिलासपुर मोहल्ला में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र मंगाये गये हैं।
इच्छुक आवेदिका पोर्टल https://aww.e-bharti.in/  में पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय पसान से संपर्क किया जा सकता है।

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बुधवारी मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने के विवाद में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, सीएसईबी चौकी पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दोनों पक्षों के 10 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

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  • रेत से भरे ट्रैक्टर को रोककर रेत खाली कराने की बात पर आधी रात को भिड़े थे दोनों गुट
  • ईंट-पत्थर, डंडे, बेल्ट एवं कड़े से एक-दूसरे पर किया गया था प्राणघातक हमला
  • दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर हत्या के प्रयास, बलवा सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

रेत खाली कराने की बात पर शुरू हुआ विवाद, दोनों पक्षों में हुई हिंसक झड़प

कोरबा। दिनांक 02 एवं 03 नवंबर 2026 की दरम्यानी रात बुधवारी दशहरा मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने एवं रेत खाली कराने की बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर, डंडे, चमड़े के बेल्ट एवं अन्य वस्तुओं से हमला कर दिया, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं।

दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर काउंटर मामला दर्ज

प्रथम पक्ष के प्रार्थी राजेन दास निवासी ढोढीपारा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके ट्रैक्टर चालक को यशवंत कश्यप उर्फ लक्की, संतोष चंद्रा एवं विक्रम कश्यप ने अपने साथियों के साथ रोककर रेत खाली करने की बात पर विवाद एवं गाली-गलौज की। चालक की सूचना पर जब राजेन दास अपने साथियों के साथ बुधवारी मैदान के पास पहुंचा, तो आरोपियों द्वारा एकजुट होकर ईंट-पत्थर, डंडा, चूड़ा एवं पंच से प्राणघातक हमला किया गया, जिससे राजेन दास सहित अन्य लोगों को चोटें आईं।

वहीं, द्वितीय पक्ष के प्रार्थी विक्रम कश्यप निवासी काशीनगर द्वारा भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि ट्रैक्टर से रेत खाली कराने की बात पर हुए विवाद के दौरान दीपक सिंह, सोहेब अहमद, गौरीलाल चौहान, पुरनदास महंत, आदित्य सिंघानिया, राजेन उर्फ राजेन्द्र दास एवं यश पाटले द्वारा एक राय होकर गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्का, चमड़े के बेल्ट एवं ईंट के टुकड़ों से हमला किया गया।

सीएसईबी चौकी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों पक्षों के 10 आरोपी गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता केंद्र (चौकी) सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

प्रथम पक्ष की रिपोर्ट पर धारा 109(1), 296, 115(2), 351(3), 126(2), 3(5) बीएनएस तथा द्वितीय पक्ष की रिपोर्ट पर धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1), 191(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।

पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 10 आरोपियों को दिनांक 03.11.2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा एवं चमड़े का बेल्ट जप्त किया गया। सभी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी – प्रथम प्रकरण (03)

  1. यशवंत कश्यप उर्फ लक्की पिता संतोष कश्यप, उम्र 26 वर्ष, निवासी काशीनगर नीलगिरी के पास, थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा।
  2. विक्रम कश्यप पिता संतोष कश्यप, उम्र 23 वर्ष, निवासी काशीनगर नीलगिरी के पास, थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा।
  3. संतोष चंद्रा पिता हेमलाल चंद्रा, उम्र 29 वर्ष, निवासी बुधवारी बाजार बजरंग चौक, चौकी सीएसईबी, कोरबा।

गिरफ्तार आरोपी – द्वितीय प्रकरण (07)

  1. दीपक सिंह पिता स्व. अनिल सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी 15 ब्लॉक, चौकी सीएसईबी, कोरबा।
  2. सोहेब अहमद पिता अंसार अली, उम्र 30 वर्ष, निवासी शारदा विहार मानिकपुर, थाना कोतवाली, कोरबा।
  3. गौरीलाल चौहान पिता बड़कू चौहान, उम्र 44 वर्ष, निवासी तुलसीनगर, थाना कोतवाली, कोरबा।
  4. पुरनदास महंत पिता स्व. महेशदास महंत, उम्र 44 वर्ष, निवासी पम्प हाउस, चौकी सीएसईबी, कोरबा।
  5. आदित्य सिंघानिया पिता संतोष सिंघानिया, उम्र 31 वर्ष, निवासी सर्वमंगला रोड पटेलपारा, थाना कोतवाली, कोरबा।
  6. राजेन उर्फ राजेन्द्र दास पिता स्व. खीकदास, उम्र 30 वर्ष, निवासी ढोढीपारा, चौकी सीएसईबी, कोरबा।
  7. यश पाटले पिता अनिकेत पाटले, उम्र 19 वर्ष, निवासी तुलसीनगर, थाना कोतवाली, कोरबा।

सजग कोरबा – सतर्क कोरबा

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