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छत्तीसगढ़

शाह बोले- गुंडाधुर की धरती बनेगी तीर्थस्थल:बस्तर में कहा- 50 सालों में जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई 4-5 साल में करेंगे

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रायपुर/जगदलपुर, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नक्सलवाद खात्मे के बाद पहली बार बस्तर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों का 50 सालों में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई हम 4-5 सालों में करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब तक बस्तर विकसित नहीं होगा, तब तक हमारा संकल्प अधूरा रहेगा।

इससे पहले नेतानार में शाह ने कहा कि, आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि पिछले 6 महीनों के काम के बाद अब यह पूरा क्षेत्र आदिवासियों से भरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी धरा से अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ने का काम अमर शहीद गुंडाधुर ने किया था।

शाह ने कहा कि एक दौर वह भी था जब यहां एक साथ 6 पुलिसवालों की हत्या कर दी जाती थी, स्कूल उजाड़ दिए जाते थे और गरीबों का राशन तक छीन लिया जाता था। नक्सलियों का खौफ ऐसा था कि वे मासूम बच्चों को उनके बचपन में ही जबरन उठा ले जाते थे।

गृह मंत्री ने आगे कहा कि अब सरकार ने कड़े कदम उठाकर बस्तर से इस गनतंत्र को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही अब इस ऐतिहासिक धरती को एक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया जा रहा है।

यहां के आदिवासी बच्चों को अब वे तमाम आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों में ही मिलती थीं। अब हर गरीब परिवार तक पीने का साफ पानी पहुंचाया जा रहा है, उनके राशन कार्ड और आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं और उन्हें 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

शाह ने नेतानार के मंच से आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया।

शाह ने नेतानार के मंच से आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया।

नेतानार के बाद अमित शाह जगदलपुर के आसना में स्थित बादल अकादमी पहुंचे।

नेतानार के बाद अमित शाह जगदलपुर के आसना में स्थित बादल अकादमी पहुंचे।

छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों का सम्मान करते हुए अमित शाह।

छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों का सम्मान करते हुए अमित शाह।

पुलिस अधिकारियों का किया गया सम्मान

नेतानार के बाद अमित शाह जगदलपुर के आसना में स्थित बादल अकादमी पहुंचे। यहां बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनआईए, एसएसबी और एनटीआरओ के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ एडीजी विवेकानंद सिन्हा और बस्तर आईजी सुंदरराज पी का भी सम्मान किया गया।

पहले गांव जाना मुश्किल था, अब हालात बदले- जानकी कश्यप

बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले जवानों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत की। उन्होंने बसवाराजू समेत 38 नक्सलियों के एनकाउंटर के बारे में बताया। इस दौरान नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी अपना दर्द बयां किया।

जगरगुंडा की रहने वाली जानकी कश्यप ने बताया कि उनकी आंखों के सामने नक्सलियों ने उनके देवर समेत 7-8 लोगों की हत्या कर दी थी। पीड़ित परिवारों ने कहा कि पहले गांव जाना मुश्किल था, लेकिन पुलिस की मौजूदगी और सड़कों के निर्माण से हालात बदले हैं।

शहीद जवान की बहन पिंकी सेठिया ने कहा कि, अब बस्तर के जंगल में ड्यूटी कर रहे जवानों के परिवार वालों को डर नहीं रहेगा कि हमारे बेटे जंगलों में ड्यूटी कर रहे हैं।

112 के 400 हाईटैक वाहन को दिखाई हरी झंडी

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTS) में डायल 112 के 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब क्राइम, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी पर एक ही नंबर पर मदद मिलेगी।

रायपुर के इस कार्यक्रम के तुरंत बाद अमित शाह नेतानार से जगदलपुर रवाना हो गए हैं। यहां अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

दौरे के अंतिम चरण में वे जगदलपुर में ही मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होकर विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे।

रायपुर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित था।

रायपुर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित था।

क्राइम, मेडिकल और आगजनी के लिए एक नंबर

‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर शुरू की गई डायल-112 सेवा में पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी को एक प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।

इसके लिए 400 हाईटेक वाहन उतारे गए हैं, जिनमें GPS, डैश कैम, PTZ कैमरा, वायरलेस रेडियो और सोलर बैकअप जैसी सुविधाएं हैं। इससे घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग और तेजी से रिस्पॉन्स संभव होगा।

112 के 400 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

112 के 400 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

डायल-112 सेवा का पूरे प्रदेश में विस्तार

डायल 112 सेवा का विस्तार राज्य सरकार की उन बड़ी योजनाओं में शामिल है, जिसके जरिए पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा के मुताबिक, अभी तक सिर्फ 16 जिलों तक सीमित रहने वाली इस सेवा को अब पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है।

इस नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी थानों को डायल-112 से जोड़ा जाएगा, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में आम जनता तक पुलिस सहायता पहले की तुलना में ज्यादा तेज और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में 'डायल 112' के लोगो वाला मोमेंटो लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में ‘डायल 112’ के लोगो वाला मोमेंटो लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

हर जिले को फॉरेंसिक जांच की सुविधा

राज्य सरकार ने इस दौरे के दौरान अपराध जांच सिस्टम को तकनीकी रूप से मजबूत किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स रवाना की गईं।

इन विशेष वाहनों में लगे आधुनिक उपकरणों की मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती जांच हो सकेगी।

नेतानामर में गुंडाधुर के परिजनों से शाह ने मुलाकात की।

नेतानामर में गुंडाधुर के परिजनों से शाह ने मुलाकात की।

बस्तर के नेतानार में अमित शाह के कार्यक्रम स्थल को 'सेवा डेरा' नाम दिया गया था।

बस्तर के नेतानार में अमित शाह के कार्यक्रम स्थल को ‘सेवा डेरा’ नाम दिया गया था।

कल मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक

दौरे के तीसरे दिन यानी 19 मई मंगलवार को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे।

इस बैठक में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय, क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति और प्रशासनिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें राज्यों के बीच समन्वय से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

सुरक्षा-विकास पर रहेगा फोकस

दौरे के दौरान उनका मुख्य फोकस सुरक्षा व्यवस्था, बस्तर में विकास कार्यों की समीक्षा, जनसुविधाओं के विस्तार और मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर रहेगा। इस दौरे में सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश नजर आएगी।

डायल-112 सेवा के विस्तार से लेकर बस्तर में जन सुविधा केंद्र के उद्घाटन, फॉरेंसिक यूनिट्स, और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि तक, कार्यक्रमों की पूरी श्रृंखला इसी दिशा में तैयार की गई है।

बस्तर के कैंप बनेंगे सुविधा केंद्र

अमित शाह के बस्तर दौरे को लेकर छ्त्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, बस्तर पूर्ण रूप से नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। जिसके बाद अब कल (19 मई) को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी बैठक होने वाली है। साल 2025 में ये बैठक उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुई थी।

विजय शर्मा ने कहा कि नेतानार में सुरक्षा कैंप अब सुविधा केंद्र में बदल रहा है। इसकी शुरुआत अमित शाह करेंगे। भविष्य में बस्तर के सारे कैंपों को सुविधा केंद्र के रूप में ही डेवलप किया जाएगा।

वर्चुअल हो सकती थी बैठक, लाखों रुपए क्यों फूंके जा रहे- बैज

अमित शाह के बस्तर दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश से आह्वान कर रहे है कि वर्कफ्रॉम होम करें, पेट्रोल-डीजल बचाएं। अब उनके ही गृहमंत्री, मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं मान रहे।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक वर्चुअल क्यों नहीं की गई, जबकि सभी मुख्यमंत्री सचिवालय और गृह मंत्रालय के पास वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, चार राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि बस्तर आएंगे। सब अलग-अलग विशेष विमान से आएंगे, लाखों रुपए खर्च होगा, डीजल-पेट्रोल तथा विमान का ईंधन खर्च होगा। यह बैठक तो वर्चुअल हो सकती थी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दिल्ली रवाना होंगे

बैठक के बाद दोपहर भोजन का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद अमित शाह दोपहर 2:50 बजे से 3:30 बजे तक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वे सुरक्षा, विकास और परिषद बैठक से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा कर सकते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वे जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और शाम 3:45 बजे विशेष विमान से दिल्ली लौट जाएंगे। उनका विमान शाम 6 बजे पालम स्थित एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेगा, जहां से वे सड़क मार्ग से अपने आवास रवाना होंगे।

अमित शाह के इस दौरे को छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा और विकास के एजेंडे के साथ हो रहे इस दौरे पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।

नेतानार में गुंडाधुर की प्रतिमा स्थापित की गई है।

नेतानार में गुंडाधुर की प्रतिमा स्थापित की गई है।

नेतानार पहुंचने पर शाह ने लोगों का अभिवादन किया।

नेतानार पहुंचने पर शाह ने लोगों का अभिवादन किया।

नेतानार में अमित शाह को सुनने ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

नेतानार में अमित शाह को सुनने ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

बस्तर के नेतानार में स्थानीय आदिवासियों से मुलाकात करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

बस्तर के नेतानार में स्थानीय आदिवासियों से मुलाकात करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

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छत्तीसगढ़

सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र:छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख नए पीएम आवास मंजूर, 2 लाख परिवारों का एकसाथ गृह प्रवेश

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सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।

इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।

चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।

चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।

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छत्तीसगढ़

CGPSC केस, भूपेश के OSD रहे एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार:दावा- उत्कर्ष चंद्राकर के साथ वॉट्सऐप चैट मिली, ED को 6 दिन की रिमांड

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।

ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।

बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।

इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।

अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल

जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।

जानिए क्या है CGPSC घोटाला

यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।

एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेताओं को दिल्ली बुलाया गया:राष्ट्रीय सचिव की रेस में कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा, तीनों का हुआ इंटरव्यू

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।

दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।

छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी

तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।

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