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बंगाल में इतने लाख लोग नहीं डाल सकेंगे वोट- SIR प्रक्रिया पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

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नई दिल्ली/कलकत्ता,एजेंसी। उच्चतम न्यायालय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने के खिलाफ 13 लोगों द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जिनका नाम स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू के दौरान वोटर लिस्ट से कट गया था। अदालत को सूचित किया गया था कि 11 अप्रैल तक पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नामों को खारिज किए जाने या हटाए जाने के खिलाफ 34 लाख 35 हजार 174 अपीलें दायर की गई थीं. याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि मतदाताओं को बिना किसी उपाय के नहीं छोड़ा जाना चाहिए, खासकर ये है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका को ”समय पूर्व” करार देते हुए पीड़ित पक्षों को स्थापित अपीलीय न्यायाधिकरणों से संपर्क करने का निर्देश दिया।

 इसने कहा, ”चूंकि याचिकाकर्ता (कुरैशा यास्मीन और अन्य) पहले ही अपीलीय न्यायाधिकरणों से संपर्क कर चुके हैं… हमारी राय में, याचिका में व्यक्त आशंकाएं समय पूर्व हैं।” पीठ ने यह भी कहा कि उसने याचिका के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि निर्वाचन आयोग ने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना मनमाने ढंग से नाम हटाए हैं, और इसके खिलाफ दायर अपील पर समय पर सुनवाई नहीं की जा रही। 

कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ अपील पर निर्णय लेने के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की अध्यक्षता में 19 न्यायाधिकरणों का गठन किया है। निर्वाचन आयोग की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डी एस नायडू ने अदालत को सूचित किया कि वर्तमान में लगभग 30 से 34 लाख अपील लंबित हैं। पीठ ने कहा, ”प्रत्येक न्यायाधिकरण के पास अब निपटाने के लिए एक लाख से अधिक अपील हैं।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि निर्वाचन आयोग संबंधित न्यायिक अधिकारियों के समक्ष आवश्यक आदेश प्रस्तुत करने में विफल रहा है और मतदाता सूची के लिए ”अंतिम तिथि” को बढ़ाया जाना चाहिए। वकील ने कहा, ”अगर मुझे बहस करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो फिर इसका क्या फायदा? क्या इन अपील का फैसला एक निश्चित समयसीमा के भीतर होगा या इन्हें बस आगे बढ़ाया जाता रहेगा?” सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने चुनावी प्रक्रिया की शुचिता का जिक्र करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र का एक ”भावनात्मक” स्तंभ है।

न्यायमूर्ति बागची ने कहा, ”जिस देश में आपका जन्म हुआ है, वहां वोट देने का अधिकार न केवल संवैधानिक है, बल्कि भावनात्मक भी है। यह लोकतंत्र का हिस्सा होने और सरकार चुनने में मदद करने से जुड़ा है।” हालांकि, उन्होंने कहा कि पूर्व न्यायाधीशों वाले न्यायाधिकरणों पर निर्णयों के लिए समयसीमा निर्धारित करके अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जा सकता। उन्होंने कहा, ”हमें उचित प्रक्रिया के अधिकारों की रक्षा करनी होगी। मतदाता को दो संवैधानिक प्राधिकरणों के बीच फंसा हुआ नहीं होना चाहिए।

” उन्होंने यह भी कहा कि इस स्तर पर चुनाव प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। न्यायमूर्ति बागची ने उल्लेख किया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अपील की प्रक्रिया और प्रारूप पहले ही तैयार कर लिया था, जिसकी सोमवार से शुरुआत हो गई। पीठ ने कहा, ”जब तक बड़ी संख्या में मतदाताओं को मतदान से बाहर नहीं कर दिया जाता या इससे चुनाव पर महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ता… तब तक चुनाव रद्द नहीं किया जा सकता।” इसने कहा कि न्यायिक हस्तक्षेप का उद्देश्य ”चुनावों को बढ़ावा देना है, न कि उन्हें रोकना।” प्रधान न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि याचिकाकर्ताओं को अपीलीय न्यायाधिकरणों के समक्ष अपने सभी कानूनी उपायों का उपयोग करना चाहिए। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा तथा मतों की गिनती चार मई को होगी। 

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दिल्ली में 5 मंजिला हॉस्टल गिरा, 1 की मौत:दावा– बेसमेंट में खुदाई जारी थी, मलबे में दबा युवक दोस्त से फोन पर बोला- बचा लो

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें एक स्टूडेंट की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं।

बिल्डिंग में हॉस्टल चलता था। चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त छात्र कमरों में थे और बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। 5 का रेस्क्यू कर लिया गया है। हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि मलबे में कितने बच्चे फंसे हैं।

मौके पर मौजूद एक युवक ने भास्कर रिपोर्टर को बताया कि उसका एक दोस्त मलबे में दबा है। वह बार-बार फोन करके कह रहा है कि मुझे बचा लो।

घटना दोपहर 1:30 बजे की है। स्थानीय लोग हथौड़े से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं। मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गई हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलबे के बगल में एक और बिल्डिंग गिरने की हालत में है। लेकिन लोगों को वहां से निकाल लिया गया है।

एक आदमी मलबे में दबा है। लोग उसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

एक आदमी मलबे में दबा है। लोग उसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानीय तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ हथौड़े से मलबा हटाने लगे।

बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानीय तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ हथौड़े से मलबा हटाने लगे।

जिस गली में यह हादसा हुआ, वह बहुत पतली है। आसपास कई ऊंची बिल्डिंग मौजूद हैं।

जिस गली में यह हादसा हुआ, वह बहुत पतली है। आसपास कई ऊंची बिल्डिंग मौजूद हैं।

बिल्डिंग का पूरा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है।

बिल्डिंग का पूरा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है।

बिल्डिंग गिरने से नीचे खड़ी गाड़ियां भी मलबे की चपेट में आ गईं।

बिल्डिंग गिरने से नीचे खड़ी गाड़ियां भी मलबे की चपेट में आ गईं।

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मोदी बोले-श्रीराम कॉलेज के पूर्व छात्र जेन–जी लैंग्वेज में OG:ये धुरंधर न हों, लेकिन दुनियाभर में इन्होंने धूम मचाई

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नई दिल्ली, एजेंसी। पीएम मोदी 13 साल बाद शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। वे मेट्रो का सफर करके कॉलेज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मेट्रो में बैठे बच्चों और लोगों से भी बातचीत की।

कॉलेज के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है। इसी दौरान पीएम जेन-Z को संबोधित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा- यहां के एलुमिनाई OG हैं, यानी ओरिजनल गैंगस्टर हैं। यहां के एलुमिनाई स्टूडेंट्स ने हर क्षेत्र में धूम मचाई है। वे धुरंधर भले न हों, पर धूम तो मचाई है।

समारोह की शुरुआत में पीएम ने 100 रुपए का सिक्का जारी किया। इसी साल अप्रैल में वे डाक टिकट भी जारी कर चुके हैं।

पीएम इससे पहले 2013 में श्रीराम कॉलेज का दौरा कर चुके हैं। उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

पीएम मोदी 2013 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के समारोह में शामिल हो चुके हैं।

पीएम मोदी 2013 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के समारोह में शामिल हो चुके हैं।

मोदी ने 13 साल पहले दी स्पीच की खास बातें दोहराईं

संबोधन के दौरान पीएम ने 2013 में दी गई अपनी स्पीच की खास बातें दोहराईं। उन्होंने कहा- “उस समय आप सब स्कूल में रहे होंगे। पर आज इंटरनेट पर जाकर उस समय की खबरें पढ़ेंगे तब आपको पता चलेगा उस समय देश में क्या हालत थी। मैं चाहूंगा कि आप इंटरनेट पर पढ़ें। मैं उस वक्त की हेडलाइन की कुछ झलक दिखाना चाहता हूं। LOC पर भारतीय सैनिकों की हत्या। वर्ल्ड बैंक ने GDP का नंबर घटाया। महंगाई दर 10% के करीब। हेलिकॉप्टर में घूसखोरी और हैदराबाद में ब्लास्ट ये उस समय की हेडलाइंस थीं।”

मोदी बोले- देश के लिए जीने का जज्बा मेरे अंदर भावविष्ट

स्पीच के दौरान पीएम ने कहा- “देश के लिए जी जान से जुटना। देश के लिए जीने का जज्बा, जो मेरे अंदर भावविष्ट है। वो 2013 में यहीं से शब्दों की माला में गढ़ता गया। मैं काफी देर बोला था। मैंने उस दिन पानी के ग्लास का एक उदाहरण दिया था। मैंने कहा था कि पानी के आधे भरे ग्लास को देखने के तीन नजरिए क्या होते हैं। एक जिनको ग्लास आधा खाली दिखता है। दूसरा जिन्हें ग्लास आधा भरा दिखता है। और तीसरा जिन्हें ग्लास पूरा भरा दिखता है। आधा हवा से आधा पानी से।”

पीएम बोले- कुछ दिन इस आयोजन की खूब चर्चा है

पीएम मोदी ने कहा- “कुछ दिनों से इस कार्यक्रम की खूब चर्चा है। लोग मेरे 2013 के संबोधन को याद कर रहे हैं। नई पीढ़ी के लोगों ने भी उसे रिविजिट किया है। आज भी 13-14 साल बाद भी उस सभा और संबोधन का प्रभाव बरकरार है। साथियों तब आपकी जगह आपके सीनियर थे। मैं तब सीएम तो था पर मैं विपक्षी पार्टी में था। लोग उम्मीद कर रहे थे कि मैं उस वक्त तब की केंद्र सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दूंगा। पर मैंने इस मंच का वो उपयोग नहीं किया। मैंने एक विजन रखा था। मैंने तब जो कहा था वो मेरा कनविक्शन था।”

पीएम बोले- यहां के एलुमिनाई जेन जी की भाषा में OG और धुरंधर

  • इस कॉलेज की यात्रा दरियागंज के एक छोटे से स्थान से शुरू हुई थी। और वही छोटा कॉलेज एक विशाल वृक्ष बन चुका है। इसने कई लोगों को छांव और शीतलता दी है।
  • आज भी जब कोई पूछता है कि DU में कौन सा कॉलेज, तो SRCC कहना ही अपने आप में फ्लैक्स होता है। आपकी भाषा में कहूं तो यहां के एल्युमनाई OG हैं।
  • जिन्होंने SRCC का नाम पूरी दुनिया में पहुंचाया। हमारे अरुण जेटली जी यहीं पढ़े थे। और मैं कह सकता हूं कि हमारी ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई जहां उन्होंने SRCC की बात न की हो। कभी-कभी तो मैं तंग आ जाता था।
  • लोग मेरे 2013 के संबोधन को याद कर रहे हैं। नई पीढ़ी के लोगों ने भी उसे रिविजिट

पीएम मोदी का संबोधन शुरू, बोले- मैं छठा खिलाड़ी हूं

पीएम मोदी ने संबोधन की शुरुआत में एलुमिनाई स्टूडेंट्स के नाम लिए और फिर बोले- मैं छठा खिलाड़ी हूं। आज का ये अवसर बहुत ऐतिहासिक है। ये देश के शिक्षा जगत के लिए भी अहम है। यहां SRCC का हिस्सा रही अनेक पीढ़ियां जुड़ी हैं।

मोदी ने कहा- मैं कॉलेज के संस्थापक सर श्री राम जी का भी धन्यवाद करता हूं। जब कोई इंसान 100 साल जीता है तो उसके अनुभवों का सागर माना जाता है। और जब कोई संस्थान ऐसा करता है तो वो उपलब्धियों का महासागर हो जाता है।

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पीएम दिल्ली के श्रीराम कॉलेज के शताब्दी समारोह में पहुंचे:मेट्रो में बैठे, बच्चों से बातचीत की

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नई दिल्ली, एजेंसी। पीएम मोदी 13 साल बाद शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। वे मेट्रो का सफर करके कॉलेज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मेट्रो में बैठे बच्चों और लोगों से भी बातचीत की।

कॉलेज के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है। इसी दौरान पीएम जेन-Z को संबोधित करेंगे।

समारोह की शुरुआत में पीएम ने 100 रुपए का सिक्का जारी किया। इसी साल अप्रैल में वे डाक टिकट भी जारी कर चुके हैं।

पीएम इससे पहले 2013 में श्रीराम कॉलेज का दौरा कर चुके हैं। उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

पीएम मोदी 2013 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के समारोह में शामिल हो चुके हैं।

पीएम मोदी 2013 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के समारोह में शामिल हो चुके हैं।

दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान पीएम मोदी की तस्वीरें…

मोदी ने लिखा- SRCC ने लीडर्स की पीढ़ियां तैयार कीं

इवेंट के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने X पर एक पोस्ट में लिखा- इस कॉलेज ने एकेडमिक एक्सीलेंस, संस्थान बनाने और बिजनेस, पब्लिक लाइफ और समाज में लीडर्स की पीढ़ियों को तैयार करने के मामले में सालों में अपनी अलग पहचान बनाई है।

अप्रैल में डाक टिकट जारी किया गया था

इस साल अप्रैल में पीएम ने संस्थान के 100 साल पूरे होने के मौके पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया था।

इस साल अप्रैल में पीएम ने संस्थान के 100 साल पूरे होने के मौके पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया था।

1926 में हुई थी श्रीराम कॉलेज की स्थापना

दिल्ली यूनिवर्सिटी का श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स भारत के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है और कॉमर्स, इकोनॉमिक्स और मैनेजमेंट के क्षेत्रों में सीखने का एक प्रतिष्ठित केंद्र है।

मशहूर उद्योगपति और समाजसेवी सर श्री राम ने 1926 में स्थापित इस कॉलेज ने एक सदी के दौरान विद्वानों, पेशेवरों, प्रशासकों, उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और राष्ट्र-निर्माताओं की पीढ़ियों को तैयार किया है।

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