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छत्तीसगढ़

सूरजपुर : हाथी प्रभावित वनांचल में प्रधानमंत्री आवास योजना बनी सुरक्षा की ढाल

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सूरजपुर के करमचन्द्र को मिला पक्का घर, हाथियों के भय और असुरक्षा से मिली राहत

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले अनेक परिवारों के लिए सुरक्षित आवास केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों को प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ वन्यजीवों के खतरे का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है।

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंघरा निवासी करमचन्द्र का परिवार वर्षों तक मिट्टी और खपरैल से बने जर्जर कच्चे मकान में रहता था। यह गांव हाथियों के नियमित आवागमन वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां हर वर्ष हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों को भय और असुरक्षा के बीच जीवन यापन करना पड़ता है। कच्चे मकान की कमजोर दीवारें और छत परिवार की चिंता को और बढ़ा देती थीं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता मिलने के बाद करमचन्द्र के जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई। योजना के अंतर्गत प्राप्त शासकीय सहायता तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अभिसरण से उपलब्ध श्रम सहयोग ने आवास निर्माण को गति प्रदान की। स्थानीय पंचायत, जनपद पंचायत और प्रशासनिक अमले के समन्वित प्रयासों से निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा कराया गया।

हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण निर्माण सामग्री को सुरक्षित रूप से निर्माण स्थल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों के सहयोग से सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। हाथियों की मौसमी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आवास का निर्माण समय पर पूर्ण किया गया।

आज श्री करमचन्द्र का परिवार मजबूत पक्के मकान में सुरक्षित जीवन बिता रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के समन्वय से निर्मित शौचालय ने परिवार की सुविधाओं में वृद्धि की है और खुले में जाने की आवश्यकता समाप्त हुई है। इससे वन्यजीवों से संभावित जोखिम भी कम हुआ है।

करमचन्द्र बताते हैं कि पहले हाथियों के गांव के आसपास आने की सूचना मिलते ही पूरा परिवार भयभीत हो जाता था, लेकिन अब पक्के घर के कारण उन्हें सुरक्षा का विश्वास मिला है। उनके अनुसार यह आवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन का आधार है।

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कोरबा

पहाड़ी कोरवा समुदाय के 25 सदस्यों के लिए 125 केज कल्चर एवं 5 बायोफ्लॉक तालाबों की होगी स्थापना

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कलेक्टर सह जिला खनिज न्यास अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने दी राशि की स्वीकृति

कोरबा, 10 अगस्त 2026। कलेक्टर सह जिला खनिज न्यास अध्यक्ष कुणाल दुदावत द्वारा जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण एवं आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अभिसरण से पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
हसदेव बांगो जलाशय में केज कल्चर स्थापना के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास से 2 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत जिले की एकमात्र विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के लालपुर स्थित पंजीकृत मत्स्य सहकारी समिति के 25 सदस्यों के लिए 125 केज स्थापित किए जाएंगे। केज कल्चर के माध्यम से प्रत्येक सदस्य को कम से कम 1 लाख रुपये की शुद्ध वार्षिक आय प्राप्त होने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय एवं फुटकर मछली विक्रेताओं को आजीविका का साधन उपलब्ध होने के साथ जलाशय के मत्स्य उत्पादन में लगभग 250 मीट्रिक टन की वृद्धि होगी।
आधुनिक तकनीक से बायोफ्लॉक तालाबों का निर्माण
इसी क्रम में आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 0.10 हेक्टेयर क्षेत्र में बायोफ्लॉक तालाब निर्माण हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास से 70 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत जिले में 5 इकाई बायोफ्लॉक तालाब निर्मित किए जाएंगे। इससे हितग्राहियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन का अवसर मिलेगा तथा प्रत्येक इकाई से हितग्राही को लगभग 3 से 4 लाख रुपये वार्षिक आय प्राप्त होने की संभावना है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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कोरबा

पीएम श्री विद्यालयों में अंशकालिक योग/खेल एवं संगीत प्रशिक्षकों की होगी नियुक्ति

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17 अगस्त को साक्षात्कार, निर्धारित समय पर उपस्थित होने के निर्देश

कोरबा, 10 अगस्त 2026। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा कोरबा द्वारा जिले में संचालित 16 पीएम श्री विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए अंशकालिक योग/खेल प्रशिक्षक एवं अंशकालिक संगीत प्रशिक्षक की सेवाएं लिए जाने हेतु पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे से 11ः30 बजे तक वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित होगा। अभ्यर्थियों को सेजेस कन्या साडा, कोरबा, टीपी नगर, कोरबा में निर्धारित समय पर उपस्थित होना होगा।
इन पदों के लिए होगी चयन प्रक्रिया
अंशकालिक योग/खेल प्रशिक्षक के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से योग/खेल शिक्षा में स्नातक की डिग्री अथवा समकक्ष डिग्री होना आवश्यक है। वहीं अंशकालिक संगीत प्रशिक्षक के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संगीत में स्नातक की डिग्री अथवा समकक्ष डिग्री निर्धारित की गई है।
साक्षात्कार के समय लाने होंगे ये दस्तावेज

अभ्यर्थियों को विज्ञापन में संलग्न निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता के प्रमाण पत्र, आधार कार्ड/अन्य फोटो पहचान पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र तथा पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो प्रस्तुत करना होगा। सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियों के साथ मूल प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए लाना अनिवार्य होगा।
31 मार्च 2027 तक होगी नियुक्ति
विज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थियों की नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी आधार पर अधिकतम 31 मार्च 2027 तक के लिए होगी। इससे नियमित नियुक्ति का कोई दावा मान्य नहीं होगा। जिला स्तरीय समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होना अनिवार्य है। निर्धारित समय के बाद आने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही पंजीयन के लिए निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होने पर भी अभ्यर्थी को साक्षात्कार हेतु शामिल नहीं किया जाएगा।

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कोरबा

छात्रवृत्ति हेतु बैंक खाता को आधार सीडिंग करने एवं त्रुटिपूर्ण बैंक खाता क्रमांक में सुधार करने संबंधी सूचना

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कोरबा 10 अगस्त 2026। ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) में छात्रवृत्ति भुगतान आधार सीडेड बैंक खाता तें किया जा रहा है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के ऐ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थी जिनका आधार सीडिंग इनएक्टिव होने के कारण अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी जिनका बैंक खाता क्रमांक गलत होन/बैंक खाता बंद होने के कारण छात्रवृत्ति भुगतान असफल हुआ हो, ऐसे विद्यार्थियों को अपने छात्रवृत्ति आईडी से बैंक खाता में त्रुटि सुधार करते हुए सही बैंक खाता की इंट्री 07 दिवस के अंदर करना सुनिष्चित करने निर्देषित किया गया है।
निर्धारित समयावधि में त्रुटि सुधार नहीं किये जाने पर छात्रवृत्ति नहीं मिलने की स्थिति में समस्त जवाबदारी संबंधित विद्यार्थी की होगी किसी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर संबंधित विद्यार्थी अपनी अध्ययनरत संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी अथवा कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा छात्रवृत्ति शाखा से कार्यालयीन समयावधि में संपर्क कर सकते हैं।

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