दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। दुर्ग जिले के भिलाई में अंडा ठेला लगाने वाले जिन 2 भाइयों का अपहरण हुआ था, उनकी ये कहानी झूठी निकली। दरअसल दुर्ग पुलिस ने पहले तो अपहरण का मामला दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू कर दी थी लेकिन अब पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
शुभम शाह (27) और विष्णु कुमार शाह (31) दोनों सुभाष चौक के पास अंडा रोल का ठेला लगाते हैं।
ये है पूरा घटनाक्रम
गुरुवार (11 सितंबर) की रात कैंप-1 सुभाष चौक से अचानक एक कार से उतरे चार से ज्यादा लोग अंडा दुकान लगाने वाले 2 भाइयों को उठाकर ले जाते हैं। परिजन तत्काल थाने में सूचना देते हैं। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए अपहरण का मामला दर्ज करती है।
लेकिन अगले ही दिन अपहरण का मामला दर्ज करने वाली पुलिस इस पूरे मामले को झूठा बताती है। उनके मुताबिक उन्हें यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसकी सूचना दुर्ग पुलिस को दे दी गई है। मौके पर परिजनों को भी इसकी जानकारी दी गई थी।
पुलिस ने सूचना दी है कि यूपी पुलिस ने इन दोनों युवकों को उत्तर प्रदेश के जिला अंबेडकर नगर थाना सुल्तानपुर राजे सुल्तानपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 184-25 और 185-25 में गिरफ्तार किया है।
जिन मामलों में इन दोनों युवकों के गिरफ्तार की बात कही जा रही है उस एफआईआर में इन दोनों ही युवकों का नाम नहीं है। बताया जा रहा है कि धोखाधड़ी के मामले में अज्ञात आरोपियों में इन दोनों भाइयों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने CCTV के आधार पर जांच भी शुरू कर दी थी।
पहली FIR: 184-25: 3 सितंबर 2025 को दर्ज
पीड़ित विजय कुमार निषाद ने इजराइयल भेजने के नाम पर अरेबियन इंटरप्राइजेज कंपनी पर 95 हजार ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी की ब्रांच अंबेडकर नगर में संचालित थी।
पीड़ित के अनुसार, कंपनी के संचालक अजय साहनी (निवासी गोरखपुर) और उनके सहयोगी सीमा तिवारी खरे (मुंबई), जितेंद्र यादव, साहिल हरेश्वर मेहता, धनंजय कुमार, शशिकांत सेठ समेत अन्य ने इज़राइल भेजने का झांसा देकर 90 हजार ऑनलाइन और 5 हजार कैश ले लिए।
कंपनी की ओर से विजय को वीज़ा (नंबर: 045-0362157) और 20 अगस्त 2025 की फ्लाइट का टिकट (पीएनआर: QZBVNF) दिया गया था। फ्लाइट से एक दिन पहले जब पीड़ित ने संबंधित लोगों से संपर्क करना चाहा, तो सभी के मोबाइल बंद मिले।
जब वह कंपनी के दफ्तर पहुंचा, तो पता चला कि ब्रांच एक सप्ताह पहले ही बंद हो चुकी है और सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अजय साहनी और अन्य के खिलाफ धारा 316(2), 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) आईपीसी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये वहीं जगह है जहां से दोनों भाइयों को पुलिस उठा ले गई थी।
दूसरी FIR: 185-25, 3 सितंबर 2025 को दर्ज
इसमें पीड़ित रामवृक्ष सहित ने भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए ठग लिए। रामवृक्ष ने बताया कि उन्होंने 28 जुलाई 2025 को 1 लाख 90 हजार रुपए कैश और 13 अगस्त 2025 को 10 हजार रुपए ऑनलाइन भुगतान किया। उन्हें वीजा नंबर 045-033-9254-20 दिया गया और 18 अगस्त को टिकट लेने के लिए बुलाया गया, लेकिन बाद में पता चला कि वीजा और टिकट फर्जी थे।
इसी एफआईआर में अन्य पीड़ितों के भी नाम शामिल हैं। नरसिंह से 8 अगस्त 2025 को 1 लाख 75 हजार रुपए लेकर फर्जी वीजा नंबर दिया गया। बाबू राम से 7 अगस्त को 1 लाख 10 हजार रुपए लेकर फर्जी वीजा और टिकट मिले। वहीं, नजीम अली ने 1 अगस्त को 99,600 रुपए देकर फर्जी दस्तावेज प्राप्त किए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कंपनी पर पहले भी धोखाधड़ी के आरोप लग चुके हैं।
पुलिस बोली- दोनों भाइयों के खिलाफ यूपी में मामला दर्ज
दुर्ग एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि यूपी पुलिस ने गुरुवार (11 सितंबर) को इस मामले में एक एसडीओपी को टेलीफोनिक सूचना दी थी। लेकिन एसडीओपी ने यूपी पुलिस को फोन पर ही जानकारी दी कि यह थाना क्षेत्र किसी और का है।
एसडीओपी ने यूपी पुलिस को नंबर भी दिया था। लेकिन नंबर लिखने के दौरान अंक गलत टाइप होने की वजह से यूपी पुलिस सही समय पर सूचना नहीं दे सकी।
परिजन बोले- हमें किसी तरह की नहीं दी जानकारी
परिजनों ने बताया कि यूपी पुलिस की ओर किसी को भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। गिरफ्तारी के संबंध में थाने में भी जानकारी नहीं मिली। एक दिन के बाद शुक्रवार की रात को पुलिस ने बताया कि दोनों भाइयों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
यूपी पुलिस ने कहा- दोनों को विधिवत गिरफ्तार किया
वहीं इस मामले में यूपी पुलिस के एसएचओ ने बताया कि हमने दोनों भाइयों को नियम के अनुसार गिरफ्तार किया है। परिजनों को भी इसकी सूचना दे दी थी। स्थानीय पुलिस को हम सही समय पर सूचना नहीं दे सके। परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज करवा दिया।
परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल
कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।
समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।
जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।
गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित
कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट
दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।
आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।