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कोरबा

वीडियोग्राफर ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान:कोरबा में माता के दर्शन किए, नारियल लेकर ट्रैक पर गया; आर्थिक तंगी से सुसाइड की आशंका

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कोरबा । कोरबा में सर्वमंगला मंदिर के पास रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिला। मृतक की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई, जो दादर में रहते थे। वह वीडियोग्राफी का काम करते थे। मामला सर्वमंगला चौकी क्षेत्र का है।

मनोज 9 जून की शाम बाइक से घर से निकले। उन्होंने पुराने बस स्टैंड पर रहने वाले अपने मित्र विशाल के यहां अपनी बाइक और मोबाइल छोड़ा। इसके बाद वह सर्वमंगला मंदिर गए। माता के दर्शन करने के बाद रेलवे फाटक पर ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। घटनास्थल से एक नारियल भी बरामद हुआ है।

इसी रेल्वे ट्रैक में वीडियोग्राफर की लाश मिली।

इसी रेल्वे ट्रैक में वीडियोग्राफर की लाश मिली।

आर्थिक तंगी से सुसाइड की आशंका

मनोज की दो बेटियां हैं। एक बेटी विदेश में है, जबकि दूसरी दो दिन पहले ही दादर लौटी है। सूत्रों के मुताबिक, आर्थिक तंगी खुदकुशी का कारण हो सकती है। मनोज तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे।

मौत के कारणों की जांच जारी

चौकी प्रभारी विभव तिवारी ने बताया कि घटनास्थल से एक पर्स मिला। इसी से मृतक की पहचान हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। मौत के कारणों की जांच जारी है।

मृतक का शव कुसमुंडा मर्चुरी में रखा गया है। पुलिस परिजनों के आने इंतजार कर रही है। घटना की सूचना पर मृतक के मित्र और परिजन मौके पर पहुंच गए हैं।

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कोरबा

सूरज की ऊर्जा से जगमगाया जामबहार, सोलर हाईमास्ट से सुरक्षित हुआ रात्रिकालीन आवागमन

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डीएमएफ से जामबहार में पहुंची सौर ऊर्जा की रोशनी,  ग्रामीणों ने जताया प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रशासन का आभार
कोरबा 30 सितम्बर 2026। शाम ढलते ही जामबहार के चौक-चौराहे सोलर हाईमास्ट की रोशनी से जगमगा उठते हैं। रोशनी के साथ ग्रामीणों को अब रात में सुरक्षित आवागमन, बाजार तक आसान पहुंच और सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर सुविधा का भरोसा मिला है। कोरबा विकासखंड के ग्राम जामबहार में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत राशि से स्थापित सोलर हाईमास्ट सेवा संकल्प अभियान के तहत दूरस्थ क्षेत्रों तक जनसुविधा पहुंचाने की पहल का प्रभावी स्वरूप बनकर सामने आया है।

जिला प्रशासन द्वारा क्रेडा के माध्यम से स्थापित यह सोलर हाईमास्ट सौर ऊर्जा से संचालित है। सामान्य विद्युत आपूर्ति पर निर्भरता के बिना रात में प्रकाश उपलब्ध कराने वाली इस व्यवस्था से गांव के प्रमुख आवागमन मार्ग और सार्वजनिक स्थल रोशन हो रहे हैं। पर्याप्त बैटरी बैकअप के कारण मौसम खराब होने या बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी रात में प्रकाश बना रहता है।
जामबहार में हाईमास्ट लगने से पहले रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में कठिनाई होती थी। बरसात के मौसम में अंधेरे रास्तों पर सांप-बिच्छू जैसे विषैले जीवों का खतरा भी बना रहता था। अब चौक-चौराहों और आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त उजाला रहने से ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों, राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिल रही है। बाजार और स्थानीय दुकानों में शाम के बाद आवश्यक गतिविधियां भी अधिक सहज हुई हैं।
सोलर हाईमास्ट डस्क-टू-डॉन तकनीक से संचालित होता है। सूर्यास्त के साथ लाइट स्वतः चालू और सूर्याेदय के बाद बंद हो जाती है। सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली की बचत होती है और ग्राम पंचायत पर अतिरिक्त बिजली बिल का भार नहीं पड़ता। स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करते हुए ग्रामीणों के दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जामबहार में सोलर हाईमास्ट की सुविधा से गांव की रातें उजली हुई हैं और ग्रामीणों के लिए आवागमन तथा सार्वजनिक गतिविधियों का दायरा अधिक सुविधाजनक बना है।
ग्रामवासियों ने इस जनहितकारी सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के प्रमुख स्थान पर रोशनी मिलने से रात में आने-जाने में सुविधा बढ़ी है और सार्वजनिक स्थल पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक महसूस होते हैं।

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कोरबा

कृषक उन्नति योजना से मिली सहायता, खेती की जरूरतें पूरी कर पा रहे मनी प्रसाद

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कोरबा 30 सितंबर 2026। जिले के पाली क्षेत्र के ग्राम जोरहाडबरी निवासी किसान मनी प्रसाद यादव के लिए खेती ही परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है। पांच सदस्यों के परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ खेती के खर्च का इंतजाम करना उनके लिए चुनौती थी।
श्री यादव को कृषि विभाग के माध्यम से कृषक उन्नति योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उन्हें लगभग 89 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि इस राशि से खाद, बीज और कीटनाशक जैसी खेती की आवश्यक सामग्री खरीदने में मदद मिली। समय पर संसाधन जुटा पाने से खेती का काम आसान हुआ और परिवार को आर्थिक सहारा मिला।

श्री यादव का कहना है कि योजना का लाभ मिलने से खेती की लागत वहन करने में राहत मिली है। उन्होंने सहायता के लिए राज्य शासन और कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

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कोरबा

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना से बेटी की पढ़ाई को मिला सहारा

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कोरबा 30 सितंबर 2026। ग्राम दोन्दरो निवासी श्रीमती सावित्री यादव निर्माण श्रमिक के रूप में काम करती हैं। उनका पंजीयन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में मजदूर रेजा-कुली के रूप में 11 जुलाई 2019 से है। तलाक के बाद बेटी की परवरिश और उसकी पढ़ाई की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्हें शासन की योजनाओं से आर्थिक सहारा मिला है।
श्रीमती सावित्री यादव ने बताया कि श्रम विभाग से उन्हें मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उनकी पहली बेटी के लिए 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने बेटी की आगे की पढ़ाई में किया। उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है।
सावित्री कहती हैं कि इन योजनाओं से बेटी की शिक्षा जारी रखने में मदद मिली है। उन्होंने सहायता के लिए श्रम विभाग, कोरबा और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

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