Connect with us

कोरबा

नवरात्रि का तीसरा दिन:माँ चंद्रघण्टा स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी का दर्शन करने उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

Published

on

कोरबा। चैत्र शुक्ल तृतीया को माँ चंद्रघण्टा देवी की पूजा अर्चना की जाती है। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा में नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला। प्रात: 5.00 बजे माँ सर्वमंगला देवी का श्रृंगार करने के बाद श्रद्धालुओं ने माँ सर्वमंगला देवी मंदिर पहुंचकर माँ चंद्रघण्टा स्वरूप की पूजा-अर्चना कर ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मांगा।
मंदिर से लेकर सड़क तक श्रद्धालुओं की लम्बी लाईन सुबह और शाम देखने को मिली। रात्रि को देर तक लोगों ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
07 बजे महाआरती से गूंजायमान हुआ परिसर

रोज सुबह एवं संध्या 7.00 बजे रोजाना महाआरती में सैकड़ों लोग शामिल होकर माँ सर्वमंगला की आरती गा रहे हैं। करीब 15 से 20 मिनट तक माँ की आरती में घंटा एवं शंख के शंखनाद से परिसर गूंजायमान होता है। महाआरती से जहां मन के सारे विकार दूर होते हैं, वहीं आत्मा पुष्ट होती है। महाआरती के दीए से जहां चारों ओर सत्व का प्रकाश फैलता है, वहीं देवी-देवता माँ सर्वमंगला देवी के सानिध्य में रहते हैं। आदिशक्ति माँ सभी देवी-देवताओं का प्रकाशपुंज होती हैं।
महाआरती से आत्मा पुष्ट होती है-नमन पाण्डेय

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक/पुजारी/राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने बताया कि माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में रोजाना प्रात: एवं संध्या 7.00 बजे महाआरती होती है और माँ की आरती में शामिल होने पर मन प्रसन्न होता है और आत्मा पुष्ट होती है। घर का कलह दूर होता है और परिवार समृद्ध और खुशहाल बनता है।
कल 22 मार्च को माँ कुष्माण्डा की पूजा

नवरात्रि के चतुर्थ दिन माँ कुष्माण्डा की पूजा की जाती है। 22 मार्च को माँ सर्वमंगला देवी का कुष्माण्डा स्वरूप की पूजा-अर्चना श्रद्धालु करेंगे और मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मांगेंगे। माँ कुष्माण्डा देवी की पूजा-अर्चना करने से शत्रु का शमन होता है। माँ कुष्माण्डा देवी को मालपुआ एवं फल अति प्रिय है।

Continue Reading

कोरबा

आंदोलन की चेतावनी से जागा विभाग, 85 करोड़ रुपए से बनने वाली सड़क की मरम्मत शुरू, चक्काजाम खत्म

Published

on

कोरबा। कसनिया कटघोरा-पसान स्टेट हाईवे खराब होने से लोग परेशान हैं। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने विधायक तुलेश्वर मरकाम के नेतृत्व में आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद ही पीडब्ल्यूडी के अफसर जागे और मरम्मत का काम शुरू कराया। इसकी वजह से गुरुवार को आयोजित चक्का जाम आंदोलन को स्थगित कर दिया गया। विधायक मरकाम जटगा में बैठक लेकर वापस लौट गए।

स्टेट हाईवे की लंबाई 50.60 किलोमीटर है। इस सड़क को टू-लेन बनाने के लिए 85 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल चुकी है। इसका टेंडर भी हो चुका है। सड़क का काम सुभाष अग्रवाल खरसिया को मिला है। बारिश की वजह से काम शुरू नहीं हो सका। मरम्मत नहीं होने से करीब 20 किलोमीटर सड़क चलने लायक नहीं है। अमलीकुंडा और लैंगा में रोज वाहन फंस रहे हैं। इसके कारण जाम की स्थिति निर्मित होती है। सड़क पर पहले से गड्ढे थे।बारिश के बाद भारी वाहनों के चलने से कई स्थानों पर सड़क दलदल बन चुकी है। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा था। जिला पंचायत सदस्य और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने सड़क और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर 10 सितंबर को चक्का जाम की चेतावनी दी थी। जिसका विधायक मरकाम नेतृत्व करने वाले थे। इसके बाद ही विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। उन्होंने आंदोलन के पहले ही सड़क के गड्ढों को मलबे से भरकर समतल करा दिया। इसके बाद भी कई स्थानों पर पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। मरम्मत शुरू होने पर गोंगपा ने आंदोलन स्थगित कर दिया और कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी। आंदोलन की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय रहा। पीडब्ल्यूडी कटघोरा के एसडीओ प्रदीप मरकाम सक्रिय रहे। विधायक का कहना था कि क्षेत्र की सड़कों का समय पर सुधार होना चाहिए। कसनिया कटघोरा-पसान स्टेट हाईवे दो जिलों को जोड़ती है। इस मार्ग से मरवाही पेंड्रा और पसान पिपरिया होकर कोरिया जिला भी आवाजाही करते हैं। पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के आधे से अधिक पंचायत के लोग इसी सड़क पर निर्भर हैं। स्टेट हाईवे की लंबाई 50.60 किलोमीटर है। लेकिन इसमें से 29 किलोमीटर हिस्से का ही 17.67 करोड़ रुपए से नवीनीकरण कराया गया था। जटगा के आगे के हिस्से को छोड़ दिया गया था। इसकी सिर्फ मरम्मत कराई जा रही थी। अब पूरे मार्ग को अपग्रेड किया जाएगा। ^कसनिया कटघोरा-पसान मार्ग की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। बारिश के बाद अक्टूबर से नवीनीकरण का काम शुरू हो जाएगा। ठेका कंपनी को मार्च 2027 तक का समय दिया गया है। बाकी सड़कों को भी ठीक करा रहे हैं। जीआर जांगड़े, ईई, पीडब्ल्यूडी पाली तानाखार विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने कहा कि सड़कों की मरम्मत समय पर होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की 47 और पीडब्ल्यूडी की 8 सड़कों के निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। जरूरत पड़ने पर सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।

मरवाही-कोरिया को जोड़ती है सड़क।

मार्च 2027 तक बनेगी सड़क।

5 साल पहले 29 किमी का नवीनीकरण।

Continue Reading

कोरबा

फर्जी कॉल व डराने वाले मैसेज की सत्यता जांच लें

Published

on

कोरबा। कोरबी चौकी पुलिस ने प्रभारी सुरेश कुमार जोगी के नेतृत्व में कोरबी हाट बाजार में साइबर जागृति अभियान चलाया। इसके तहत पुलिस की टीम ने ग्रामीणों को डिजिटल अरेस्ट व ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के लिए फर्जी कॉल और डराने वाले मैसेज की सत्यता जांचने की अपील की। पोस्टर के माध्यम से बाजार पहुंचे ग्रामीणों ने मोबाइल फोन समेत दूसरे डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की जानकारी पाई।

एंड्राइड मोबाइल फोन के इस्तेमाल से अब बैंकिंग सेवाओं की सुविधाएं मिलने से लोग आसानी से लेन-देन कर पाते हैं। ठगबाज गिरोह लालच दिखाकर या फिर अन्य तरीके से झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी का शिकार लोगों को बनाते हैं। इससे बचने कोरबा चौकी पुलिस ने ग्राम पंचायतों के साप्ताहिक हाट बाजार में पहुंचे ग्रामीणों को जागरूक रही है। ठगबाजों के पैंतरे को बताकर सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने बताया कि ठग कई बार खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी, सरकारी अधिकारी बताकर डराते हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी संदेश भेजते हैं। फर्जी APK लिंक, संदिग्ध वेबसाइट, अज्ञात लिंक को डाउनलोड व क्लिक नहीं करने और फॉरवर्ड नहीं करने जागरूक किया। ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड व बैंक की गोपनीय जानकारी अंजान नंबरों से कॉल आने पर साझा नहीं करने और किसी तरह की ठगी की शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने, cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट कराने की सलाह दी है। अभियान में आरक्षक संजय साहू, परमानंद दिवाकर का भी योगदान रहा।

Continue Reading

कोरबा

किसान संस्कृति से जुड़े पोला पर्व पर बैलों की हुई पूजा, मिट्टी के बैल और खिलौनों की बिक्री घटी

Published

on

कोरबा/छुरीकला। भादो कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि पर गुरुवार को नगर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में पोला का तिहार मनाया गया। किसान संस्कृति से जुड़े पर्व पर लोगों ने बैलों की पूजा की। छत्तीसगढ़ी व्यंजन-पकवान बैलों को खिलाए। बाजार में मिट्टी से बने बैल और खिलौना चुकिया की दुकानें भी सजीं। यहां खरीददारों की भीड़ दिखी।

खेती-किसानी कार्य में सहयोग के प्रति बैलों की पूजा कर आभार जताया गया। यह पर्व पशुओं की सुरक्षा व संरक्षण का संदेश भी देती है। मिट्टी के बर्तन और खिलौने बनाने वाले ओम लाल कुम्हार ने बताया पहले मिट्टी के बैल और खिलौनों की भारी बिक्री होती थी। बदलते दौर में लोग लकड़ी के बने बैल की पूजा करने लगे हैं। इससे मिट्टी के बैल और खिलौनों की मांग घटी है। नगर से सटे गांवों में पहले बैल दौड़, कबड्डी और कुश्ती प्रतियोगिता होती थी। मगर अब यह देखने को नहीं मिलता है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677