रायपुर,एजेंसी। सरकारी कॉलेज में MBBS में एडमिशन दिलाने के बहाने 7 साल में 35 लाख की ठगी की गई है। छत्तीसगढ़ में धमतरी के एक युवक को दिल्ली तक नेटवर्क बिछाकर फंसाया गया। उसके पिता ने ब्याज पर कर्ज लेकर पैसे दिए। अब कर्ज में डूब गए हैं।
लेकिन बेटे को मेडिकल में एडमिशन नहीं मिला। जिससे परेशान होकर युवक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है। वहीं, रायपुर के देवेंद्र नगर थाने में FIR दर्ज कराई है।
MBBS के सरकारी कॉलेज में एडमिशन दिलाने के बहाने 7 साल में 35 लाख की ठगी की गई है।
अब जानिए क्या है पूरा मामला
पीड़ित सूर्यकांत प्रजापति ने पुलिस को 4 पन्नों की शिकायत लिखकर दी है। जिसमें उसने बताया कि, 2016 में वो नीट कोचिंग के लिए भिलाई के सचदेवा कोचिंग सेंटर गया था। उसकी मुलाकात जांजगीर निवासी सलामुद्दीन शेख से हुई।
सलामुद्दीन ने 2017 में सूर्यकांत को बताया कि, वो उसका एडमिशन सरकारी मेडिकल कॉलेज में करवा देगा। सूर्यकांत ने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। 2018 में सलामुद्दीन फिर से उसे एडमिशन के लिए उकसाने लगा।
4 स्टूडेंट्स को लेकर दिल्ली गया
सलामुद्दीन ने सूर्यकांत, सिद्धार्थ चौधरी, शेखर श्रीवास्तव समेत 4 स्टूडेंट को एडमिशन दिलवाने के लिए किसी परिचित से मिलाने दिल्ली लेकर गया। उसने नई दिल्ली में भिलाई निवासी राघवेंद्र कुमार गुप्ता से मुलाकात करवाई। राघवेंद्र ने दिल्ली के रहने वाले दो मुकुल जैन और अनीश जैन से मुलाकात कराई।
उन्होंने चारों स्टूडेंट का 30 लाख रुपए में एडमिशन करवा देने की बात कही। रकम ज्यादा होने की वजह से सभी युवक वापस आ गए।
2020 में मांगा 5 लाख
2020 में सलामुद्दीन ने सूर्यकांत को कहा कि 5 लाख रुपए में उसका एडमिशन करवा देगा। सूर्यकांत ने 75 हजार फोन-पे के जरिए उसके खाते में भेज दिए। सलामुद्दीन ने कहा कि, लखनऊ में बैठा एक व्यक्ति एडमिशन का प्रोसेस कराएगा। परीक्षा करीब आते ही तुम्हारी जगह कोई और व्यक्ति एग्जाम दिलाएगा। उसके बाद उसने कुछ डॉक्यूमेंट ले लिए, जो परीक्षा में उपयोग होते हैं।
ठग ने कहा- 560 रैंक आई है
पीड़ित के मुताबिक, साल 2020-21 में नीट का रिजल्ट घोषित होते ही सलामुद्दीन ने कहा कि, 560 रैंक आया है। लेकिन उसने रिजल्ट नहीं दिखाया। कुछ दिन बाद सलामुद्दीन ने कहा कि, पुलिस को इसकी भनक लग गई है। एडमिशन कराने वाला व्यक्ति अंडरग्राउंड है। उसने पैसे वापस नहीं लौटाए। 2022 में सलामुद्दीन ने फिर सूर्यकांत को फोन कर पैसे वापस देने के बहाने भिलाई मिलने बुलाया।
पुराने पैसे देने के लालच में फिर नए पैसे वसूले
भिलाई में सलामुद्दीन ने राघवेंद्र कुमार गुप्ता से फिर मिलाया और कहा कि, तुम्हारा पैसा वापस हो जाएगा। इस साल तुम्हारा काम भी हो जाएगा। इसके बाद सलामुद्दीन और राघवेंद्र उसे फोन कर लगातार परेशान करने लगे। उन्होंने कुछ लोगों से फोन पर बात कर यह विश्वास दिलाया कि, इन स्टूडेंट का एडमिशन उन्होंने कराया है।
सूर्यकांत को दोबारा लेकर दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने मुकुल जैन और अनीश जैन से फिर मिलवाया। उन्होंने कहा कि, 35 लाख रुपए एडमिशन के लिए लगेंगे। इसके बाद सूर्यकांत वापस आ गया। उसने अपने पिता को ये बात बताई। सूर्यकांत के पिता ने उसे साफ मना कर दिया। लेकिन आरोपी उसे लगातार फोन पर उकसाते रहे। जिसके बाद घर वालों ने एडवांस के 5 लाख दे दिए।
फ्लाइट में ठग के साथ बैठकर दिल्ली गया
ठगों ने 5 लाख रुपए लेकर 3 मई 2023 को नीट परीक्षा दिलवाने और आगे की प्रक्रिया बताने के लिए तीसरी बार सूर्यकांत को दिल्ली ले गए। इस ट्रिप के पूरे खर्च को वापस देने की बात की गई। जिस वजह से सूर्यकांत ने फ्लाइट की 23 हजार की टिकट से लेकर दिल्ली में होटल बुकिंग तक सभी जगह पर पैसे पेमेंट किए।
ये खर्च करीब चार लाख हुए। आरोपियों ने दिल्ली पहुंचकर फिर 5 लाख की मांग की। इसके बाद युवक को आरोपी ग्वालियर भी लेकर गए और इस बीच अलग-अलग बहानों से पैसे वसूल करते गए।
पिता ने ब्याज पर पैसे लेकर ठगों को दिए
आरोपियों ने रायपुर एम्स में चयन कराने के लिए 28 लाख रुपए जमा करने को कहा। इसके बाद सूर्यकांत के पिता ने 1 प्रतिशत ब्याज में 15 लाख रुपए व्यवस्था कर ठगों को दे दिए। राघवेंद्र कुमार गुप्ता ने रायपुर में अपना ऑफिस बताया और 15 लाख रुपए जमा करने को कहा। आरोपी यहीं रुके उन्होंने फिर से 13 लाख रुपए की मांग कर दी। पिता ने फिर 5% ब्याज में 13 लाख रुपए लेकर ठगों को दे दिए।
ठगों ने कहा- घर वालों को बोलो, आत्महत्या कर लूंगा
साल 2023 जून में नीट का रिजल्ट आया तो क्वालिफाइड नहीं हुआ। इसके बाद राघवेंद्र कुमार गुप्ता, सलामुद्दीन के साथ अनीश जैन और मुकुल जैन ने कहा कि, उनके स्वयं का विदेश में मेडिकल कॉलेज है, वहां एडमिशन मिल जाएगा।
इसके बाद जब सूर्यकांत ने उन्हें मना किया तो ठाकुर ने कहा कि तुम घर से कुछ दिन के लिए भाग जाओ। अगर तुमको घर वाले विदेश में पढ़ने की अनुमति नहीं देंगे या रोकेंगे, तो घरवालों को ब्लैकमेल करते हुए कहना कि मैं आत्महत्या कर लूंगा और उन्हें धमकी दो।
पुलिस करेगी मामले की जांच
इस पूरे मामले की शिकायत मिलते ही देवेंद्र नगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सूर्यकांत का कहना है कि, उनके परिवार वालों को मानसिक और आर्थिक पीड़ा से गुजरना पड़ा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही रुपए वापस दिलाने की बात कही है।
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 30.09.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त हुए 09 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।
मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन एवं निदेशक (तकनीकी)–संचालन रमेश चंद्र महापात्र के मुख्य आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में कैलाश चंद्र साहू , महाप्रबंधक (खनन), ओएसडी सीएमडी सचिवालय , अजय तिवारी, महाप्रबंधक (खनन), भूमिगत खदान विभाग, विश्वजीत मोइत्रा, उप महाप्रबंधक (उत्खनन) आंतरिक अंकेक्षण विभाग, राजेंद्र कुमार गुजर, सीनियर डीईओ, ए-1 वन विभाग, मुनिराम सतनामी, कार्यालय अधीक्षक निदेशक (मा. सं.) सचिवालय, शुभेंदु चटर्जी, वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक ए-1 गुणवत्ता नियंत्रण विभाग, मिनीश्वर प्रसाद जांगड़े, वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक सुरक्षा विभाग, वृन्दावन, सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक सुरक्षा विभाग तथा तपोधन मिश्रा, फोरमेन इंचार्ज, ग्रेड–ए-1 इंदिरा विहार सब-स्टेशन को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी। इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के योगदान एवं कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्ज्वल भविष्य की ईश्वर से कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहाँ के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।
गाँव स्थानीय जरूरत और संसाधनों के आधार पर बनेगा प्लान
युक्तधारा से परिसंपत्तियों की मैपिंग और वाटर बजट से तय होंगी जल संरक्षण की प्राथमिकताएं
कोरबा, 30 सितम्बर 2026। गांव में क्या चाहिए और विकास की सबसे पहली जरूरत क्या है, अब इसका निर्धारण गांव के लोग, स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर करेंगे। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए बुधवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्यगण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामों के समग्र एवं सतत विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी के तहत विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि योजनाओं में हुए बदलावों और नई व्यवस्थाओं से ग्राम विकास को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग की जाएगी, जबकि वाटर बजट के आधार पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होगी। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रोजगार, जल सुरक्षा, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियों से जुड़े कार्यों को एकीकृत योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिले और गांव में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।
युक्तधारा बताएगा कहां है जरूरत और कहां बन सकता है काम
प्रशिक्षण में सहायक परियोजना अधिकारी संदीप डिक्सेना ने मैदानी अमले को विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग, स्थानीय आवश्यकताओं की प्रविष्टि, विकासात्मक अंतराल की पहचान तथा संभावित कार्यस्थलों के चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि उपलब्ध संसाधनों और मौजूदा परिसंपत्तियों का आकलन कर विकास कार्यों की आवश्यकता एवं प्राथमिकता का बेहतर निर्धारण किया जा सकेगा। इससे ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्यों का चयन किया जाएगा।
वाटर बजट से तय होगी गांव की जल जरूरत और संरक्षण की प्राथमिकता
प्रशिक्षण में वाटर बजट पर विशेष जोर दिया गया। ग्राम पंचायत में उपलब्ध जल संसाधनों तथा पानी की आवश्यकता का आकलन कर जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इससे गांव की वर्तमान एवं भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन और ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों की जरूरतों एवं सुझावों को विकसित ग्राम पंचायत प्लान में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार ग्रामीणों की भागीदारी, स्थानीय संसाधनों का आकलन और वैज्ञानिक तरीके से तैयार वाटर बजट ग्राम पंचायतों की विकास योजना का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से रोजगार सृजन, जल सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना एवं स्थायी परिसंपत्तियों को आपस में जोड़ते हुए कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों में जरूरत आधारित और परिणाममूलक विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं श्रीमती सुष्मिता अनंत, कार्यपालन अभियंता आरईएस श्रीमती यामिनी, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर में गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने छापेमारी की है। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद अधिकारियों की टीम 3 गाड़ियों में कारोबारी के ठिकाने पर पहुंची। टीम ने यहां दस्तावेजों और गुटखा के स्टॉक की जांच शुरू की है।
जानकारी के मुताबिक शदाणी दरबार माार्केट में स्थित एक गोदाम में बड़ी मात्रा में सितार गुटखा रखे होने की जानकारी मिली थी। अफसरों ने रेड मारी तो गोदाम में 50 बोरे से ज्यादा सितार गुटखा मिले। गोदाम में रखा गुटखा किसका है? इसका पता लगाने में अफसर जुटे हुए हैं।
गोदाम में सितार गुटखा के बोरे अफसरों को जांच के दौरान मिले है।
3 गाड़ियों में पहुंची थी टीम
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद DGGI के अधिकारी रायपुर पहुंचे। इसके बाद 3 गाड़ियों में टीम कारोबारी के ठिकाने पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर गोदाम मालिक और कुछ लोगों को भी बुलाया गया और पूछताछ की गई। पूरी कार्रवाई की DGGI की टीम ने वीडियो रिकार्डिंग भी की है।
गुटखा किंग बंटी से जुड़ रहे तार
DGGI सूत्रों के अनुसार जिस गोदाम में मंगलवार की दोपहर को दबिश देकर गुटखा जब्त किया गया। वो गुटखा कारोबारी बंटी का बताया जा रहा है। कारोबारी बंटी का दुर्ग में पाटर्नर है, जहां पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।
कारोबारी बंटी महाराष्ट्र से ऑपरेट कर रहा है। महाराष्ट्र में कल्याण के पास फैक्ट्री डाली है। वहीं से गुटखा बनवाकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मुंबई और उत्तर प्रदेश के कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।
सेंट्रल GST ने 9 दिन पहले दुर्ग में मारा था छापा।
9 दिन पहले सेंट्रल GST ने दुर्ग में मारा था छापा
9 दिन पहले दुर्ग जिले में सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम ने छापा मारा था। कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में एक फैक्ट्री के अंदर सितार कंपनी का गुटखा बनाया जा रहा था। इस दौरान गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली 2 मशीनें और करीब 30 बोरा गुटखा जब्त किया गया था। इसके बाद रायपुर में कार्रवाई हुई है।