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छत्तीसगढ़

सड़क पर मवेशी तो न ली जाए टोल-टैक्स-हस्तक्षेप याचिका:हाईकोर्ट ने कहा-आम लोग भी हैं जिम्मेदार, मुख्य सचिव से शपथपत्र के साथ रोड मैप मांगा

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बिलासपुर,एजेंसी। नेशनल हाईवे सहित प्रदेश की सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाले हादसों को लेकर जनहित याचिका के साथ एक हस्तक्षेप याचिका भी दायर की गई है, जिसमें बिलासपुर से लेकर जांजगीर तक नेशनल हाईवे पर मवेशियों के झुंड की तस्वीरें लगाई गई है। इसमें कहा है कि NHAI यदि नागरिकों की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है तो टोल वसूलना गलत है।

हालांकि, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि सड़क पर मवेशियों के बैठने के लिए आम लोग भी बराबर जिम्मेदार हैं। वहीं, राज्य सरकार ने नए मुख्य सचिव की जॉइनिंग का हवाला देते हुए जवाब के लिए समय की मांग की। हाईकोर्ट ने सड़कों पर बढ़ते मवेशियों के खतरे को लेकर मुख्य सचिव को दो हफ्ते में व्यक्तिगत शपथपत्र देने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश हुई नई याचिका

दरअसल, सड़कों पर मवेशियों और बढ़ते हादसों को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाओं की एक साथ सुनवाई हो रही है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच में एक नई हस्तक्षेप याचिका दाखिल की गई।

याचिका में बिलासपुर से जांजगीर तक एनएचएआई की सड़क पर मवेशियों के जमघट की तस्वीरें पेश की गई। साथ ही कहा गया है कि एनएचएआई अपनी सड़कों की सुरक्षा करने में नाकाम है। अगर, ऐसा है तो इसके लिए लोगों से टोल टैक्स वसूलना गलत है।

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने नए मुख्य सचिव की जॉइनिंग का हवाला देते हुए जवाब के लिए समय मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

हाईकोर्ट ने सड़कों से मवेशियों को हटाने का रोडमैप मांगा

हाईकोर्ट ने कहा है कि सड़क पर घूम रहे और बैठे मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए तैयार रोडमैप बताया जाए। वहीं, पिछले आदेश के परिपालन में बिलासपुर के कलेक्टर ने शपथ पत्र पेश किया, आवारा पशुओं के प्रबंधन और सड़क हादसे रोकने के लिए किए गए कदमों की जानकारी दी।

तीन माह में तीन घटनाओं में 39 मवेशियों की मौत

कलेक्टर ने शपथ पत्र के साथ जुलाई से सितंबर तक सड़क हादसों में मवेशियों की मौतों का आंकड़ा भी दिया। बताया कि 14 जुलाई 2025 को कोटा के ग्राम बारीडीह में तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से 13 गायों की मौत और 4 घायल हुईं।

वहीं, 28 जुलाई को बिल्हा ब्लॉक में एक अज्ञात वाहन ने 19 गायों को कुचला, जिनमें से 18 की मौत हो गई। 17 सितंबर को गतौरा के पास एनएच-130 पर 8 मवेशियों को कुचलने की घटना हुई। बताया गया कि इन मामलों में चालकों के साथ ही मवेशी मालिकों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

नेशनल हाईवे पर लगा रहे सोलर लाइट

इसके साथ ही बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर मवेशियों के जमाव वाले स्थानों पर सोलर लाइट लगाई जा रही है। दर्रीघाट और ढेका में इंस्टॉलेशन पूरा हो चुका है। संवेदनशील क्षेत्रों में इंडिकेटर बोर्ड लगाए गए हैं।

ग्राम सभाओं में सड़क पर आवारा पशु प्रबंधन को अनिवार्य एजेंडा बनाया गया है। दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हर महीने मवेशी मालिकों के साथ समीक्षा बैठकें करने के भी निर्देश हैं।

शासन ने कहा- मवेशियों की सुरक्षा के लिए उठाए ये कदम

7 नई जगहों पर गौधाम स्थापित करने का प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को भेजा गया है।

घायल मवेशियों के उपचार के लिए भारत सरकार का टोल-फ्री नंबर 1962 जारी किया गया है।

बिलासपुर जिले में 6 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां सक्रिय हैं।

जोगीपुर गौ-अभयारण्य में 205 एकड़ भूमि पर 600 पशुओं की क्षमता वाले तीन शेड बनाए गए हैं। कुल 1600 वृद्ध मवेशियों को यहां रखने का लक्ष्य है।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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