पिकअप में 40-40 लोगों को ठूंस-ठूंस कर लाया गया दावा: 700 लोगों के लिए बनाया गया था खाना-आदिवासी विकास विभाग, हकीकत:700 लोग कार्यक्रम में आए ही नहीं थे कोरबा। पूरे देशभर में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले जनजातीय क्रांतिवीर, आदिवासियों के गौरव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई गई। कोरबा में भी आदिवासी विकास विभाग द्वारा राजीव गांधी आडिटोरियम टी पी नगर कोरबा में दोपहर 2.00 बजे से आयोजित था। कार्यक्रम में अधिकतर अतिथि एवं दर्शक दीर्घा में भाजपा नेता, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
जनजाति के लोग कुछ गिनेचुने ही लोग आए थे। नर्तक दलों को भी बुलाया गया था, जिसमें दूरदराज से नाबालिक बच्चे भी पहुंचे थे। एक-एक पिकअप में 40-40 लोगों को ठूंस-ठूंस कर लाया गया था। मालवाहक वाहन में यात्रियों को लाना-ले जाना प्रतिबंधित है, लेकिन पुलिस अधिकारियों-जिला प्रशासन के अधिकारियों की नजरों के सामने ठूंस-ठूंस कर आदिवासियों, नर्तक दलों को लाया-ले जाया गया। सूखे चावल से भूख मिटाई आदिवासियों ने
एक तरफ प्रदेश का मुखिया आदिवासी हैं और आज उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश में आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार ने कई योजना चला कर उन्हें मुख्य धारा में लाने की कोशिश कर रही है। गुजरात में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के वृहद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के जनजातियों को सम्बोधित करते हुए कहा-स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण से जनजातीय समुदाय के लोग आगे बढ़ रहे हैं। दूसरी ओर कोरबा में आदिवासी विकास विभाग ने जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन राजीव गांधी आडिटोरियम में किया था, जहां जनजातीय वर्ग के लोग गिनेचुने ही आए थे। आडिटोरियम में प्रयास स्कूल के बच्चे, नर्तक दल के सदस्य कुछ 100-150 की संख्या में मौजूद थे, जबकि अतिथि के रूप में मंत्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, निगम महापौर संजूदेवी राजपूत, निगम अध्यक्ष नूतन ठाकुर, कलेक्टर अजीत बसंत मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम के आयोजक आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत केसर व्यवस्था में लगे दिखे। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, एडीएम, एसडीएम सहित कई बड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। जब दिव्य आकाश प्रतिनिधि को किसी ने बताया कि नर्तक दलों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है, वहां का निरीक्षण करें। निरीक्षण करने के दौरान जनजातीय गौरव का ऐसा दृश्य देखकर मन में अचानक प्रश्न उठा? वाह! रे अधिकारी, एक ओर आदिवासियों का गौरव मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी भूख मिटाने के लिए सूखा चावल परोस दिया, न चटनी, न सब्जी और न ही दाल। आदिवासी विकास विभाग का यह बड़ा कार्यक्रम आदिवासियों के बीच ही चर्चा का विषय बना रहा। आदिवासियों के लिए इस तरह का व्यवहार क्या वाकई में उनका गौरव बढ़ाएगा? सहायक आयुक्त को आयोजन के लिए सरकारी फंड भी मिला होगा, लेकिन आदिवासियों को भूखा वापस भेजना, क्या यही है जनजातीय गौरव दिवस? आदिवासी विधायक पहुंचे ही नहीं जिले में दो आदिवासी विधायक भी हैं। रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया और पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम, लेकिन दोनों ही जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में पहुंचे ही नहीं थे। लोगों के बीच यह भी चर्चा रही कि यह सरकारी कार्यक्रम था, या फिर भाजपा का। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह (जनजाति) को भी आदिवासियों का किस तरह भूखा रखकर गौरव बढ़ाया गया, से अवगत कराया गया, किन्तु वे भाजपा के सिपाही होने के कारण किसी भी तरह से प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। दावा : 700 लोगों के लिए बनाया गया था भोजन हकीकत : 700 लोग मौजूद ही नहीं थे, फिर भी आदिवासी भूखे लौट गए
जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में 700 आदिवासी मौजूद ही नहीं थे। दूर-दराज से नर्तक दल आए थे, उन्हें भी पिकअप में ठूंस-ठूंस कर लाया गया था, उसमें भी आधे लोग भूखे चले गए और कुछ लोग सिर्फ सूखा चावल खा कर भूख मिटाई। आदिवासी विकास विभाग का बाबू तंबोली ने बताया कि 700 लोगों के लिए खाना बनाया गया था, 700 आदिवासी पहुंचे ही नहीं, फिर भी नर्तक दल के कई सदस्य भूखे ही लौट गए और कुछ लोग सूखा चावल खा कर अपनी भूख मिटाई। सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने कहा कि 1.00 बजे तक भोजन की व्यवस्था थी, कार्यक्रम खत्म होने के बाद भोजन ही खत्म हो गया होगा। प्रयास के बच्चों को आने से पहले ही विद्यालय में भोजन कराकर लाया गया था। यहां सिर्फ नर्तक दलों के लिए भोजन की व्यवस्था थी।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।