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कोरबा

कोरबा में SECL खदान क्षेत्र में दो हादसे:100 टन का डंपर पलटा, कैंप में 3 ट्रांसफार्मरों में लगी आग, ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल

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कोरबा। कोरबा में एसईसीएल के खदान क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दो घटनाएं सामने आई हैं। कुसमुंडा क्षेत्र में केएनआरसीएल कंपनी का 100 टन क्षमता वाला डंपर डंपिंग के दौरान अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, मानिकपुर खदान क्षेत्र में संचालित एससीसी कंपनी के कैंप परिसर में बुधवार (28 अक्टूबर ) को तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लग गई। आग के कारण क्रेशर को होने वाली बिजली आपूर्ति बंद हो गई, जिससे कैंप का काम ठप हो गया और कोयला सप्लाई भी प्रभावित हुई।

दोनों घटनाओं के बाद खदान क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों, भारी मशीनों के संचालन और आग से बचाव की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के कारणों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कुसमुंडा में डंपिंग के दौरान पलटा 100 टन का डंपर

कुसमुंडा क्षेत्र में संचालित केएनआरसीएल कंपनी में डंपिंग के दौरान 100 टन क्षमता का भारी डंपर अनियंत्रित होकर पलटते हुए नीचे जा गिरा। हादसे में डंपर ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे खदान से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के दौरान ऑपरेटर ने डंपर से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद खदान परिसर में कुछ देर के लिए काम रोकना पड़ा।

एक सप्ताह में डंपर से जुड़ी दूसरी घटना

बताया जा रहा है कि पिछले रविवार को भी इसी कंपनी का एक डंपर खदान में खड़ी मोटरसाइकिल के ऊपर चढ़ गया था। उस समय मोटरसाइकिल पर कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

एक सप्ताह के भीतर डंपर से जुड़ी दो घटनाएं सामने आने के बाद भारी वाहनों के संचालन, ड्राइवरों के प्रशिक्षण और खदान के भीतर यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खदानों में कोयला उत्पादन के लिए दिन-रात भारी मशीनों और डंपरों का संचालन होता है। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं।

मानिकपुर में तीन ट्रांसफार्मरों में लगी आग

दूसरी घटना एसईसीएल मानिकपुर खदान क्षेत्र में संचालित एससीसी कंपनी के कैंप में हुई। बुधवार को कैंप परिसर में लगे तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें ऊंची उठने लगीं और ट्रांसफार्मर जलने लगे। आग के साथ उठते काले धुएं को देखकर कैंप में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

आग लगने के बाद कर्मचारी और अधिकारी सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। गनीमत रही कि कोई कर्मचारी आग की चपेट में नहीं आया। सूचना मिलने पर नगर सेना और एसईसीएल की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाने और उसे फैलने से रोकने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर एससीसी और एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

बिजली आपूर्ति बंद, क्रेशर का काम ठप

जानकारी के अनुसार, कैंप में लगे इन्हीं ट्रांसफार्मरों से क्रेशर को बिजली की आपूर्ति होती है। क्रेशर के माध्यम से कोयला कटिंग और सप्लाई का काम किया जाता है। आग लगने के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई, जिससे कैंप का काम ठप हो गया और कोयला सप्लाई प्रभावित हुई।

आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती आशंका ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस को भी दी गई।

फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी सवाल

बताया गया कि आग लगने के बाद मौके पर मौजूद फायर सेफ्टी उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारी उस पर काबू नहीं पा सके। इसके बाद दमकल वाहनों की मदद ली गई। घटना के बाद कैंप में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और संभावित लापरवाही को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देने का आरोप

इधर, स्थानीय बेरोजगार युवाओं में भी कंपनी को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और बाहर से आए लोगों को काम पर रखा जा रहा है।

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद खदान क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, भारी वाहनों के संचालन की जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग उठ रही है। फिलहाल डंपर हादसे और ट्रांसफार्मरों में आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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30 एवं 31 को दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी रायगढ़ में: डॉ. गजेंद्र तिवारी आमंत्रित

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कोरबा/पाली। विश्व हिन्दी अधिष्ठान अंतर्गत केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली का पत्र, दिनांक 17.09.2026, सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ का पत्र, दिनांक 30.09.2026 के अनुसार 21वीं सदी का हिन्दी साहित्य:विविध परिदृश्य विषयक सहित नंदकुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़ परिसर में 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय आयोजन प्रात: 10.30 बजे से प्रारंभ होगा।
उक्त संगोष्ठी में वक्ता/सत्र समीक्षक के रूप में कोरबा के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल पाली के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी को आमंत्रित किया गया है।
इस आशय का पत्र अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक मीनकेतन प्रधान ने डॉ. गजेन्द्र तिवारी को पे्रषित किया है और फोन कर भी उन्हें आमंत्रित किया। डॉ. तिवारी इस दो दिवसीय संगोष्ठी में अपना वक्तव्य देंगे।

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प्रतिभा: शिवाली शर्मा ने की बॉटनी में पीएचडी, गुरू घासीदास विश्व विद्यालय से अवार्ड

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नीट, सेट को भी किया क्वालीफाई, 10वीं में 93.33 एवं 12वीं में 93.4 प्रतिशत के साथ परीक्षा पास
ग्रेजुएशन बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) में 81.93 एवं पीजी एमएससी बॉटनी में 88.08 के साथ किया अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
बिलासपुर। कड़ी मेहनत और लगन के साथ जो भी विद्यार्थी आगे बढ़ता है, उसे लक्ष्य जरूर हासिल होता है, भले ही थोड़ा समय लगे। ऐसे ही कड़ी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने वाली होनहार छात्रा शिवाली शर्मा ने कर दिखाया और प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली ने अपनी मेहनत एवं लगन के बल पर सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ के साथ-साथ सीजी सेेट और माइक्रोबॉयोलॉजी में पीएचडी कर जिले को गौरव प्रदान किया।

प्रारंभ से ही प्रतिभावान शिवाली शर्मा ने अपना लक्ष्य तय कर आगे बढ़ रही हैं। शासकीय सेवक आर के शर्मा एवं हाऊस वाईफ श्रीमती इंदिरा शर्मा की होनहार पुत्री शिवाली शर्मा ने 2013 में हाई स्कूल सर्टिफिकेट में 93.33 प्रतिशत, हायर सेकेण्डरी सर्टिफिकेट 2015 में 93.4 प्रतिशत अंक हासिल किया। 12वीं में बायोलॉजी विषय लेकर हायर सेकेण्डरी पास की। बीएससी ऑनर्स (बॉटनी) 2018 में 81.93 अंक अर्जित किया, वहीं एमएससी बॉटनी 2020 में 88.08 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी सफलता का लोहा मनवाया, उन्होंने एमएससी गुरूघासीदास विश्वविद्यालय (सेन्ट्रल युनिवर्सिटी) बिलासपुर से पास किया।
2020 में सीएसआईआर एनईटी जेआरएफ क्वालिफाईट किया। 2025 में सीजी एसईटी क्वालिफाईट किया वहीं उन्होंने पीएचडी-डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, रिसर्च फिल्ड-माईक्रोबॉयोलॉजी में किया।

Research Topic- Study of Qurum Sensing Regulated Siderophore Production From Soil Rhizosphere Bactria Isolated From Rice Filed of Chhattisgarh.
PHD Suparvisor- Dr. Vibhaynath Tripathi, Assistant Professor-Guru Ghasidas University Bilaspur

पूरा परिवार उच्च शिक्षित
शिवाली शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा नवजागृति उच्चतर माध्यमिक शाला तखतपुर से प्रारंभ की और प्रारंभ से ही लगन और कड़ी मेहनत तथा माता-पिता की प्रेरणा को उज्ज्वल भविष्य के लिए हथियार बनाया। आज वो पीएचडी की उपाधि से शिक्षा और उन्नत कृषि क्षेत्र में काम करने को अपने कैरियर का लक्ष्य बनाया है।
शिवाली शर्मा के पिता लोकनिर्माण विभाग में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं और एक कर्त्तव्यनिष्ठ लोक सेवक हैं। बड़े भाई डॉ. शशांक शर्मा भी फिजिक्स में पीएचडी हैं और उनकी भाभी अल्का शर्मा एमएससी (केमिस्ट्री) बीएएड हैं।
शिवाली शर्मा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति संजीदा हैं और माता-पिता पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते रहें।
बच्चों को आगे बढ़ने प्रोत्साहित करें अभिभावक-डॉ. गजेन्द्र तिवारी

प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं पाली स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल के डायरेक्टर एवं प्राचार्य डॉ. गजेन्द्र तिवारी ने शिवाली शर्मा की सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों का बेहतर कैरियर सिर्फ शिक्षा के माध्यम से बन सकता है और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर अभिभावक को प्रेरित करना चाहिए। शिवाली शर्मा युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जिन्होंने लगातार कई उपलब्धियां हासिल कर यह बता दिया कि अभिभावकों की प्रेरणा, गुरूजनों का मार्गदर्शन एवं लक्ष्य हासिल करने की ललक और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है।
मेरे पापा मेरे प्रेरणाश्रोत-शिवाली

अपनी उपलब्धि पर शिवाली शर्मा ने कहा कि पापा हमेशा कहा करते हैं कि बेटियां ज्यादा प्रतिभावान होती हैं और तुम असंभव को भी संभव करने की ताकत रखती हो। अपना लक्ष्य तय करो और उसे जुनून बना लो, कड़ी मेहनत करो और अनुशासन के साथ सभी काम समय पर करो। पापा की हर बात को मैंने गांठ बांध ली और कड़ी मेहनत के साथ अपना लक्ष्य पाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और भाई के प्रोत्साहन के साथ एक-एक कदम आगे बढ़ती गई और सफलता मिलती गई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि प्रयास कभी न छोड़ें, मंजिल जरूर मिलेगी।
हर काम को संभव कर दिखाती है शिवाली- आर के शर्मा

शिवाली शर्मा की सफलता पर पिता भावुक हुए और कहा कि बेटियां घर की शान और मान दोनों होती हैं, वे असंभव को संभव करने की माद्दा रखती हैं। बेटियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, फिर वे अपने स्वर्णिम भविष्य का रास्ता खुद तय कर लेती हैं। शिवाली, हर काम को संभव कर दिखाती है और बचपन से ही पढ़ाई के प्रति ऐसी रूचि रखती थी, लक्ष्य लेकर आगे बढ़ती रही और अपना लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत के साथ यह सफलता अर्जित की और हमें शिवाली पर गर्व ही नहीं अभिमान भी है। उसकी सफलता से पूरा परिवार आल्हादित है।

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कौशिल्या देवी साय कोरबा पहुंची: छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने किया अभिनंदन

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कोरबा। आज 28 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी, आदिवासी कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाज सेविका श्रीमती कौशिल्या देवी साय कोरबा के अल्प प्रवास पर पहुंची। वे एक शो रूम के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुईं। कोरबा पहुंचने पर छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू के नेतृत्व में श्रीमती कौशिल्या देवी साय का अभिनंदन किया और बुके देकर उनका हृदय से स्वागत किया। इस अवसर पर संघ के जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू सहित जिला सचिव जयकुमार नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, मीडिया प्रभारी रामायण सिंह, अनिल गिरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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