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विजय ने नीति आयोग बैठक में NEET का विरोध किया:MBBS-BDS में 12वीं के अंकों पर एडमिशन की मांग, PM समेत सभी राज्यों के CM शामिल हुए

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नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक हुई। इसमें सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। तमिलनाडु CM विजय ने PM के सामने NEET परीक्षा का विरोध किया।

उन्होंने कहा कि NEET शुरू होने के बाद ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों पर असर पड़ा है। विजय ने केंद्र से तमिलनाडु में MBBS-BDS सीटों पर 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर एडमिशन देने की इजाजत मांगी।

विजय ने केंद्र से तमिलनाडु का रुका हुआ ₹3,284 करोड़ का शिक्षा फंड बिना नई शिक्षा नीति और तीन-भाषा नीति की शर्त के जारी करने की मांग की। हालांकि पेपर लीक के मुद्दे पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।

PM ने नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ फोटो खिंचवाई।

PM ने नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ फोटो खिंचवाई।

बैठक में शामिल हुए कर्नाटक CM डीके शिवकुनार, झारखंड CM हेमंत सोरेन और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री।

बैठक में शामिल हुए कर्नाटक CM डीके शिवकुनार, झारखंड CM हेमंत सोरेन और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री।

नीति आयोग की बैठक के बाद यूपी CM योगी आदित्यनाथ PM मोदी से मिले।

नीति आयोग की बैठक के बाद यूपी CM योगी आदित्यनाथ PM मोदी से मिले।

बैठक के बाद विजय ने PM मोदी से मुलाकात की। CM बनने के बाद यह उनकी दूसरी मुलाकात थी।

बैठक के बाद विजय ने PM मोदी से मुलाकात की। CM बनने के बाद यह उनकी दूसरी मुलाकात थी।

कर्नाटक CM शिवकुमार ने PM मोदी को एक प्रतिमा गिफ्ट में दी।

कर्नाटक CM शिवकुमार ने PM मोदी को एक प्रतिमा गिफ्ट में दी।

बैठक में समान अवसर और डिजिटल गवर्नेंस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की बैठक में कहा कि सभी राज्यों के विकसित हुए बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता। उन्होंने निवेशकों का ध्यान राज्यों की तरफ खींचने के लिए कारोबार करने में आसानी (Ease of Doing Business) पर जोर दिया।

चर्चा का मुख्य विषय ‘समावेशी मानव विकास’ रहा। प्रधानमंत्री ने राज्यों से जिला स्तर पर GDP का आकलन करने को भी कहा, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास और प्रगति को बेहतर तरीके से मापा जा सके। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, रूफटॉप सोलर और नियोजित शहरीकरण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

इस बार नीति आयोग की थीम: समावेशी मानव विकास

इस साल नीति आयोग की बैठक की थीम ‘विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ है। इसका मतलब 2047 तक हर उम्र, क्षेत्र, लिंग और सामाजिक-आर्थिक बैकग्राउंड से परे हर भारतीय तक विकास का लाभ पहुंचाना है।

भारत 2047 में आजादी के 100 साल पूरे करेगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य तब तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए GDP बढ़ाने के साथ मानव पूंजी को मजबूत करना, युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना, रोजगार बढ़ाना, महिलाओं और वंचित वर्गों को अवसर देना क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना भी जरूरी है।

इसी वजह से नीति आयोग की बैठक में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पोषण, उद्यमिता, रोजगार और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई, ताकि विकास का लाभ हर भारतीय तक पहुंच सके।

सिद्धारमैया के अलावा 4 CM पिछली बैठक में नहीं पहुंचे थे

नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में कर्नाटक के तत्कालीन CM सिद्धारमैया, पश्चिम बंगाल की तत्कालीन CM ममता बनर्जी, केरल के तत्कालीन CM पिनराई विजयन, बिहार के तत्कालीन CM नीतीश कुमार और पुडुचेरी CM एन. रंगासामी शामिल नहीं हुए थे।

नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम के अनुसार, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 31 ने बैठक में भाग लिया था। उन्होंने इसे गवर्निंग काउंसिल की सबसे अधिक भागीदारी वाली बैठकों में से एक बताया था।

वहीं, तमिलनाडु के तत्कालीन CM एम.के. स्टालिन, तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश CM सुखविंदर सिंह सुक्खू, झारखंड CM हेमंत सोरेन और पंजाब के भगवंत मान जैसे विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में मौजूद रहे थे।

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पूर्व विधान परिषद सदस्य जयप्रकाश चतुर्वेदी का निधन, भाजपा नेताओं में शोक की लहर

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former legislative council member jaiprakash chaturvedi passes away wave of mou

लखनऊ, एजेंसी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जयप्रकाश चतुर्वेदी का देर रात निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन भाजपा के वरिष्ट नेता कलराज मिश्र ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, कुशल संगठनकर्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक, पूर्व संगठन मंत्री एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य आदरणीय जयप्रकाश चतुर्वेदी  के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका निधन मेरे लिए एक अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति है।

चतुर्वेदी का संगठन के प्रति समर्पण, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता और राष्ट्रसेवा का उनका संपूर्ण जीवन सदैव स्मरणीय एवं प्रेरणादायी रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य शुभचिंतकों को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसी कड़ी उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

आप को बता दें कि जयप्रकाश चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कोन क्षेत्र के ग्राम चांची, पोस्ट चाची कलां के निवासी थे। वे राजवंशी देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी थे। लंबे समय तक उन्होंने सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर भाजपा नेताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। जयप्रकाश चतुर्वेदी के निधन को क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक जीवन की बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीय: ओडेसा पोर्ट पर इंडियन क्रू वाले जहाज पर हमला, 2 हिंदुस्तानी नागरिक लापता

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odesa port strike hits vessel with four indians two safe and two untraced

कीव, एजेंसी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर क्षेत्र एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। यूक्रेन के प्रमुख ओडेसा बंदरगाह पर एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिक भी सवार थे। यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए है। एमवी एजीएन रैग्नर (MV AGN Ragnar) ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आ गया। ओडेसा काला सागर क्षेत्र में यूक्रेन का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह कई बार हमलों का निशाना बन चुका है।

यूक्रेन में भारतीय दूतावास के अनुसार, घटना के समय जहाज पर चार भारतीय नागरिक मौजूद थे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। दो अन्य भारतीयों के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। उनकी तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय दूतावास ने जारी बयान में कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। दूतावास संबंधित यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है ताकि लापता भारतीयों का जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। जहाज पर कुल कितने चालक दल के सदस्य थे, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अधिकारियों ने अभी तक चारों भारतीयों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। साथ ही जहाज पर उनकी जिम्मेदारियों और पदों के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगातार जोखिम भरी बनी हुई है। हाल के महीनों में कई व्यापारी जहाज मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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IDFC बैंक घोटाला: मामले में गिरफ्तार पूर्व IAS पंकज अग्रवाल ने कहा- न रिश्वत मांगी, न ली, सिर्फ प्रशासनिक मंजूरी दी

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चंडीगढ़, एजेंसी। रू. 657 करोड़ के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सीबीआई की विशेष अदालत में दायर अपनी नियमित जमानत याचिका में सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में न कभी किसी से रिश्वत मांगी और न ही कोई रिश्वत स्वीकार की। उनकी भूमिका केवल अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति देने तक सीमित थी।

पंकज अग्रवाल को सीबीआई ने 22 जून को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दर्ज रू. 657 करोड़ के बैंक घोटाले के मामले में नियमित जमानत याचिका पर पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत 30 जुलाई को सुनवाई करेगी।

जमानत याचिका में अग्रवाल ने कहा है कि जांच एजेंसी अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी है, जिससे यह साबित हो कि उनका कथित बैंक धोखाधड़ी या किसी आपराधिक षड्यंत्र से कोई संबंध था। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद का आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खोलने संबंधी प्रस्ताव विभागीय अधिकारियों की संस्तुति पर स्वीकृत किया गया था और संबंधित खाता खोलने के प्रपत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं।

सीबीआई ने अपनी जांच में आरोप लगाया था कि पंकज अग्रवाल ने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खुलवाने में सहायता की तथा उन्हें लगभग रू. 60.54 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी थी।
हालांकि, अग्रवाल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बैंक खाते खोलने के समय उन्हें किसी प्रकार की अनियमितता या बाद में खातों से कथित धोखाधड़ी के जरिए धन निकासी की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक स्तर पर तय की गई रू. 50 करोड़ की सीमा बाद में हटा दी गई थी, जिससे यह आरोप भी कमजोर पड़ जाता है कि प्रशासनिक निर्णय स्वयं अवैध था।

जमानत अर्जी में यह भी तर्क दिया गया है कि सीबीआई ने एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय को आपराधिक षड्यंत्र का रूप देने का प्रयास किया है। याचिका में कहा गया है कि केवल इस आधार पर किसी अधिकारी को आपराधिक साजिश का आरोपी नहीं ठहराया जा सकता कि उसके प्रशासनिक निर्णय का बाद में किसी तीसरे पक्ष ने कथित रूप से अनुचित लाभ उठा लिया।

अब इस मामले में सभी की निगाहें 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगी।

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